आज के इस article में हम steno typing records की पूरी और सही जानकारी देंगे (Steno Typing Record: World and India’s Fastest Shorthand Writers), दुनिया के स्तर पर भी और भारत, खासकर Hindi shorthand, के स्तर पर भी। साथ ही, हम यह भी समझेंगे कि सरकारी परीक्षाओं में कितनी shorthand speed ज़रूरी होती है, और अपनी speed कैसे बढ़ाई जा सकती है। Steno typing, यानी stenography, typing की दुनिया का शायद सबसे तेज़ और सबसे कठिन कौशल माना जाता है, क्योंकि इसमें बोले जा रहे शब्दों को उसी रफ़्तार से लिखना या टाइप करना होता है, जिस रफ़्तार से कोई इंसान सामान्य रूप से बोलता है।
Steno Typing असल में क्या है?
Steno typing यानी stenography दो मुख्य तरीकों से की जाती है। पहला तरीका पेन या पेंसिल आधारित shorthand है, जिसमें Pitman, Kailash या Modi जैसी shorthand प्रणालियों का इस्तेमाल करके छोटे छोटे चिन्हों (symbols) के ज़रिए तेज़ी से लिखा जाता है, और भारत में सरकारी परीक्षाओं में यही तरीका सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होता है। दूसरा तरीका stenotype machine है, जो एक खास तरह का chorded keyboard होता है, जिसमें एक साथ कई keys दबाकर पूरे शब्द या syllable टाइप किए जाते हैं। यह तरीका मुख्य रूप से अमेरिका और कुछ अन्य पश्चिमी देशों में court reporting के लिए इस्तेमाल होता है।
Stenotype machine के बारे में तकनीकी जानकारी Wikipedia पर देखें.
दुनिया का Fastest Steno Typing Record
Stenotype machine typing की दुनिया में सबसे मशहूर नाम अमेरिका के Mark Kislingbury का है। उन्होंने 30 जुलाई 2004 को National Court Reporters Association के summer convention में सिर्फ 360 words per minute की speed से, 97.23% accuracy के साथ, यह record बनाया, जिसे Guinness World Records ने आधिकारिक तौर पर मान्यता दी। यह record आज भी Guinness की official website पर ‘Fastest realtime court reporter (stenotype writing)’ के तौर पर दर्ज है।
दिलचस्प बात यह है कि 2022 में, Mark Kislingbury ने एक कार्यक्रम के दौरान 370 words per minute की speed से 95.4% accuracy के साथ typing करके अपना ही record तोड़ने का दावा किया। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार, इस attempt के लिए ज़रूरी कागज़ी कार्यवाही समय पर Guinness World Records को नहीं भेजी जा सकी, जिसकी वजह से यह नया record officially कभी मान्यता प्राप्त नहीं कर सका। इसलिए आज भी official रिकॉर्ड 360 WPM ही माना जाता है, भले ही 370 WPM की उपलब्धि व्यापक रूप से चर्चित रही हो।
Mark Kislingbury के official record की जानकारी Guinness World Records की website पर देखें.
भारत का Fastest Hindi Shorthand Record
भारत में Hindi shorthand की दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे सम्मानित नाम Dr. Gopal Dutt Bisht का है, जिन्हें ‘Father of Indian Steno’ भी कहा जाता है। Almora, Uttarakhand में जन्मे Dr. Bisht स्टेनोग्राफी में दुनिया के पहले Ph.D. धारक थे, और उन्होंने 1993 में सिर्फ 250 words per minute की speed से Hindi shorthand लिखकर Guinness Book of World Records में अपना नाम दर्ज कराया। उन्होंने shorthand की एक नई ‘Easy System’ भी विकसित की और इस विषय पर कई किताबें भी लिखीं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, Dr. Bisht के इस record को बाद में उन्हीं के बेटे, Harish Chandra Bisht ने आगे बढ़ाया, जिन्होंने रिपोर्ट्स के मुताबिक 260 words per minute की speed हासिल की। हालांकि इस दूसरे record के बारे में उतनी व्यापक और official पुष्टि उपलब्ध नहीं है, जितनी Dr. Gopal Dutt Bisht के मूल Guinness-प्रमाणित record के बारे में है, इसलिए इसे सावधानी के साथ एक व्यापक रूप से रिपोर्ट किया गया दावा माना जाना चाहिए।
Dr. Gopal Dutt Bisht और उनके शोध के बारे में विस्तार से यहाँ पढ़ें.
Fact Table, Steno Typing Records एक नज़र में
| Record Holder | उपलब्धि | Certifying Body / Year |
| Mark Kislingbury (USA) | 360 WPM, Stenotype Machine, 97.23% Accuracy | Guinness World Records, 2004 |
| Mark Kislingbury (USA) | 370 WPM (Unratified, आधिकारिक मान्यता नहीं) | 2022, कागज़ी प्रक्रिया अधूरी |
| Dr. Gopal Dutt Bisht (भारत) | 250 WPM, Hindi Pen Shorthand | Guinness Book of World Records, 1993 |
| Harish Chandra Bisht (भारत) | 260 WPM, Hindi Shorthand (व्यापक रूप से रिपोर्ट किया गया) | Official पुष्टि सीमित |
सरकारी परीक्षाओं में ज़रूरी Shorthand Speed
Records की बात के अलावा, यह जानना भी ज़रूरी है कि असल सरकारी नौकरियों में उम्मीदवारों से कितनी shorthand speed अपेक्षित होती है, ताकि आप realistic लक्ष्य तय कर सकें।
| Exam / Post | Shorthand Speed Requirement |
| SSC Stenographer Grade C | Hindi 80 WPM, English 100 WPM |
| SSC Stenographer Grade D | Hindi 65 WPM, English 80 WPM |
| High Court / Court Stenographer (राज्य अनुसार अलग) | आमतौर पर 80 से 100 WPM |
| सामान्य राज्य सरकार Steno पद | 60 से 80 WPM |
Shorthand Speed बढ़ाने की Step by Step Practice
| Step | क्या करना है |
| Step 1 | अपनी shorthand प्रणाली (Pitman, Kailash या Modi) को अच्छी तरह सीखें, बुनियादी strokes और rules पर पकड़ बनाएं |
| Step 2 | Common short forms और phrases याद करें, इससे लिखने में समय बचता है |
| Step 3 | धीमी speed dictation से शुरुआत करें, जैसे 40 से 50 WPM, और धीरे धीरे speed बढ़ाएं |
| Step 4 | हर हफ्ते अपनी speed 5 से 10 WPM बढ़ाने का लक्ष्य तय करें |
| Step 5 | Transcription की practice भी उतनी ही ज़रूरी है, dictation के बाद तय समय में उसे सही तरीके से टाइप करें |
| Step 6 | नियमित mock tests लें और अपनी accuracy व speed दोनों को track करें |

Real Life Example, Machine Shorthand बनाम Pen Shorthand
| Point | Stenotype Machine (जैसे Mark Kislingbury) | Pen/Pencil Shorthand (जैसे Dr. Bisht) |
| इस्तेमाल का क्षेत्र | मुख्यतः अमेरिका और पश्चिमी देशों में court reporting | भारत सहित कई देशों में सरकारी परीक्षाएं और दफ्तर |
| Device | विशेष chorded keyboard machine | साधारण पेन या पेंसिल और कागज़ |
| Speed Range | 300 से 375 WPM तक संभव | आमतौर पर 60 से 250+ WPM तक |
| सीखने का तरीका | Machine-specific strokes और chords याद करना | Symbols और उनके संयोजन याद करना |
Steno Typing में Speed बढ़ाने के Tips
- रोज़ाना निश्चित समय पर dictation practice करें, चाहे speed धीमी ही क्यों न हो।
- Common words और phrases के लिए अपने shorthand system के short forms अच्छी तरह याद करें।
- Transcription की speed पर भी उतना ही ध्यान दें जितना dictation लेने पर, क्योंकि exams में दोनों मायने रखते हैं।
- अपनी गलतियों को दोबारा पढ़कर समझें कि वे बार बार किन शब्दों या patterns में हो रही हैं।
- Mark Kislingbury और Dr. Gopal Dutt Bisht जैसे legends के अनुभव और interviews से प्रेरणा लें, धैर्य और निरंतरता ही उनकी सफलता की कुंजी रही है।
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(FAQs)
दुनिया का सबसे तेज़ stenotype record किसके नाम है?
यह record अमेरिका के Mark Kislingbury के नाम दर्ज है, उन्होंने 2004 में 360 WPM की speed से 97.23% accuracy के साथ यह उपलब्धि हासिल की, जिसे Guinness World Records ने प्रमाणित किया।
भारत का Hindi shorthand record किसके नाम है?
यह record Dr. Gopal Dutt Bisht के नाम दर्ज है, जिन्होंने 1993 में 250 WPM की speed से Hindi shorthand लिखकर Guinness Book of World Records में अपना नाम दर्ज कराया था।
क्या Mark Kislingbury का 370 WPM record आधिकारिक है?
नहीं, उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार, ज़रूरी कागज़ी प्रक्रिया समय पर पूरी न होने के कारण यह attempt कभी officially Guinness World Records द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं कर सका, इसलिए आधिकारिक record अब भी 360 WPM ही है।
सरकारी नौकरी के लिए कितनी shorthand speed काफी है?
यह पद के अनुसार अलग अलग होती है, लेकिन ज़्यादातर मामलों में Hindi shorthand के लिए 65 से 80 WPM और English shorthand के लिए 80 से 100 WPM काफी मानी जाती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
Steno typing records यह साबित करते हैं कि इंसान का दिमाग और हाथ मिलकर बोले जा रहे शब्दों को लगभग उसी रफ़्तार से दर्ज कर सकते हैं। एक तरफ Mark Kislingbury जैसे stenotype masters हैं, जिन्होंने machine पर 360 WPM की असाधारण speed हासिल की, तो दूसरी तरफ Dr. Gopal Dutt Bisht जैसे भारतीय legends हैं, जिन्होंने पेन और शब्दों के सहारे Hindi shorthand में 250 WPM का world record बनाया। अगर आप भी stenography सीख रहे हैं, तो इन दोनों legends से प्रेरणा लें, धैर्य के साथ नियमित अभ्यास करें, और याद रखें कि हर बड़ा record भी कभी छोटे छोटे कदमों से ही शुरू हुआ था।


