Hindi Stenography Course Day 76 – 80, अब तक की हमारी यात्रा अत्यंत प्रेरणादायक रही है, जहाँ हमने “निबंधों” के माध्यम से अपनी लेखन गति को एक आधार प्रदान किया है। लेकिन आज से हम अपनी ट्रेनिंग के सबसे चुनौतीपूर्ण और रोमांचक चरण में प्रवेश कर रहे हैं, संपादकीय लेखन (Editorial Writing)।
आज हम “संपादकीय नंबर 1” का अभ्यास करेंगे। किसी भी सरकारी स्टेनोग्राफी परीक्षा (जैसे SSC, विधानसभा, या हाई कोर्ट) में संपादकीय लेखों का विशेष महत्व होता है। इसका कारण यह है कि संपादकीय में न केवल भाषा क्लिष्ट होती है, बल्कि इसमें समसामयिक और कानूनी शब्दावली का मिश्रण होता है जो एक स्टेनोग्राफर की वास्तविक परीक्षा लेता है। आज की कक्षा का मुख्य उद्देश्य आपकी गति को 80-100 शब्द प्रति मिनट (WPM) तक ले जाना और जटिल वाक्यांशों को बिना हाथ उठाए लिखने की दक्षता विकसित करना है।
मुख्य विषय: न्यायिक विलंब और न्यायाधीशों की नियुक्ति का संकट
आज के संपादकीय का विषय भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ, न्यायपालिका से जुड़ा है। हम चर्चा कर रहे हैं, न्यायिक विलंब और रिक्त पदों का संकट।
संपादकीय का केंद्रीय तर्क यह है कि भारत के उच्च न्यायालयों (High Courts) में लाखों मामले लंबित हैं, फिर भी वे सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) द्वारा दी गई रियायतों का लाभ नहीं उठा रहे हैं। लगभग एक महीने पहले, सर्वोच्च न्यायालय ने अस्थाई (Ad-hoc) न्यायाधीशों की नियुक्ति की शर्तों में ढील दी थी, ताकि न्याय की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। इसके बावजूद, उच्च न्यायालयों की उदासीनता चिंताजनक है। एक स्टेनोग्राफर के रूप में, आपको इन कानूनी बारीकियों को समझना होगा क्योंकि ‘कॉलेजियम’, ‘अस्थाई न्यायाधीश’, और ‘लंबित मामले’ जैसे शब्द आपकी डिक्टेशन का स्थायी हिस्सा होंगे।
न्यायिक डेटा: एक नजर में (Statistics for Stenographers)
डिक्टेशन के दौरान आंकड़ों को सटीकता से लिखना बहुत जरूरी है। नीचे दी गई तालिका को ध्यान से देखें, जिसमें संपादकीय और राज्यसभा की हालिया रिपोर्ट के महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं:
| विवरण | सांख्यिकीय डेटा / समयावधि |
| उच्च न्यायालयों में कुल लंबित मामले | लगभग 62 लाख |
| लंबित आपराधिक (Criminal) मामले | लगभग 18 लाख |
| विभिन्न उच्च न्यायालयों में रिक्त पदों की संख्या | लगभग 350 |
| इलाहाबाद उच्च न्यायालय: स्वीकृत बनाम रिक्त पद | 160 में से 70 से अधिक पद रिक्त |
| अस्थाई न्यायाधीशों की नियुक्ति का मानक | जब रिक्तियां स्वीकृत संख्या के 20% से अधिक हों |
| राज्यसभा में दी गई रिपोर्ट की अवधि | डिक्टेशन से 2 माह पूर्व की जानकारी |
| सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शर्तों में छूट | 1 माह पूर्व |
विशेषज्ञ शॉर्टहैंड वाक्यांश विश्लेषण (Technical Outline Breakdown)
इस खंड में, मैं आपको उन ‘स्पीड-ब्रेकर’ शब्दों का विश्लेषण दूंगा जो आज की डिक्टेशन में आए हैं। याद रखें, स्टेनोग्राफी में गति शब्दों को छोटा करने से नहीं, बल्कि हाथ के प्रवाह (Flow) को बनाए रखने से आती है।
1. यह निराशा जनक है कि
यह एक संयुक्त वाक्यांश (Phraseography) है। इसे लिखने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करें:
- Active Command: सबसे पहले लाइन पर ‘यह’ का शब्द चिह्न बनाएं। बिना पेन उठाए, इसके साथ ‘निराशाजनक’ के लिए ‘न-र-श’ और ‘जनक’ का प्रत्यय (Suffix) जोड़ें। अंत में ऊपर की ओर एक छोटा सा टिक लगाएं जो ‘कि’ को दर्शाता है।
- Pedagogical Tip: इसे कम से कम 50 बार लिखें। ध्यान रहे कि ‘न’ और ‘र’ का कोण इतना सटीक हो कि वह ‘निराशा’ ही पढ़ा जाए।
2. लंबित अपराधिक मामले
- Active Command: ‘लंबित’ के लिए ‘लंबा-लंबित’ का मानक शब्द चिह्न (Line के ऊपर ल-म-ब) प्रयोग करें। इसके तुरंत बाद ‘अपराधिक’ लिखने के लिए ‘प-र’ के हुक के साथ ‘ध’ बनाएं और शुरू में ‘अ’ का डैश लगाएं। ‘मामले’ के लिए अंत में एक बिंदु (Dot) लगाकर इसे बहुवचन बनाएं।
- Logic: ‘अपराधिक’ में ‘ध’ से काटना एक संकेत है जो ‘अपराध’ और ‘अपराधिक’ के बीच अंतर स्पष्ट करता है।
3. सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय
इन दोनों में अंतर करना सीखें:
- सर्वोच्च न्यायालय: ‘स’ का छोटा वृत्त, फिर ‘च’ और इसे ‘न’ व्यंजन से काट दें।
- उच्च न्यायालय: ‘च’ व्यंजन बनाएं और इसे ‘न’ से काटें।
- Expert Instruction: यदि डिक्टेशन में ‘न्यायालय’ शब्द बार-बार आता है, तो ‘न’ से काटना सबसे तेज तरीका है। ‘उच्च न्यायालयों’ (बहुवचन) के लिए ‘न’ के अंत में ओ की मात्रा का संकेत दें।
4. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)
- Active Command: ‘स’ का आंकड़ा उल्टा लगाने से उसमें ‘र’ का स्वर भी जुड़ जाता है। अतः ‘स-प-र’ का एक संयुक्त हुक बनाएं और ‘क’ से काटकर उसे ‘कोर्ट’ का रूप दें। यह आउटलाइन आपको अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद (Transcription) में बहुत समय बचाएगी।
5. अस्थाई न्यायाधीश
- Active Command: पहले ‘अ’ का स्वर डैश निकालें, फिर ‘स-थाई’ का चाप (Loop) लगाएं। इसके बाद ‘न-य-ध’ लिखकर इसे काट दें।
- Logic: ‘न्यायाधीश’ के लिए ‘ध’ का प्रयोग इसे ‘न्यायालय’ (न) से अलग करता है।
6. विसंगतियों
- Active Command: ‘व’ का आंकड़ा, ‘स’ का वृत्त, ‘न’ का हुक और ‘ग-त’ का मेल। अंत में बहुवचन की बिंदी।
- Practice Note: यह एक कठिन शब्द है। इसके ‘व’ और ‘स’ के घुमाव को इतना स्मूथ रखें कि हाथ रुके नहीं।
7. जनप्रतिनिधि
- Active Command: ‘जन’ के लिए ‘ज’ का आंकड़ा और ‘न’ का प्रयोग करें, फिर इसे ‘प-र-त-न-ध’ (प्रतिनिधि की आउटलाइन) के साथ जोड़ दें। यह एक ‘Jhut’ (Joint) आउटलाइन है।
अभ्यास हेतु संपादकीय: “न्यायिक सक्रियता और लंबित मामले”
इस डिक्टेशन को तीन अलग-अलग स्तरों पर अभ्यास करें। प्रत्येक खंड के बाद ‘स्पीड-ब्रेकर’ शब्दों का विश्लेषण दिया गया है।
खंड 1: धीमी गति (60-70 WPM Focus)
“यह निराशा जनक है कि लंबित अपराधिक मामलों को निपटाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालयों को अस्थाई न्यायाधीशों को नियुक्त करने की जो अनुमति दी थी, उसके अनुरूप किसी उच्च न्यायालय ने आगे बढ़ने की आवश्यकता नहीं समझी। वैसे तो सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालयों को अस्थाई न्यायाधीश नियुक्त करने की सुविधा करीब चार वर्ष पहले प्रदान की थी, लेकिन कोई प्रगति होते न देख उसने लगभग एक महीने पहले अस्थाई न्यायाधीशों की नियुक्ति संबंधी शर्तों में छूट भी प्रदान कर दी थी।”
- स्पीड-ब्रेकर विश्लेषण:
- अनुरूप: ‘न-र-प’ का प्रयोग करें।
- आवश्यकता: ‘व-श-क’ का शब्द चिह्न लाइन के ऊपर।
- सुविधा: ‘स-व-ध’ की आउटलाइन का अभ्यास करें।
खंड 2: मध्यम गति (80-85 WPM Focus)
“यह आश्चर्य जनक है कि इसके बावजूद किसी उच्च न्यायालय ने अस्थाई न्यायाधीशों की नियुक्ति करने में कोई रुचि नहीं ली। क्या इसका आशय यह है कि उच्च न्यायालयों को लाखों लंबित मामलों का निपटारा करने की कहीं कोई चिंता नहीं? वस्तु स्थिति जो भी हो, यह ठीक नहीं कि लोगों को समय पर न्याय देने के मामले में कहीं कोई उत्साह नहीं दिखाया जा रहा है। इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती कि देश के सभी उच्च न्यायालयों में करीब 62 लाख मामले लंबित हैं, इनमें से 18 लाख मामले अपराधिक हैं।”
- स्पीड-ब्रेकर विश्लेषण:
- वस्तु स्थिति: ‘व-स-त’ और ‘स-थ-त’ को जोड़कर लिखें।
- दिखाया जा रहा है: ‘दिखाया’ के बाद ‘जा रहा है’ के लिए क्रिया को दोगुना करें या ‘रहा’ का हुक जोड़ें।
- अनदेखी नहीं की जा सकती की: इसे एक ही प्रवाह में लिखें (न-द-ख-न-क-ज-स-क-त-क)।
खंड 3: परीक्षा गति (100+ WPM Focus)
“उच्च न्यायालयों में रिक्त पदों की संख्या यदि स्वीकृत संख्या के 20 प्रतिशत से अधिक हो, तो अस्थाई न्यायाधीशों की नियुक्ति की जा सकती है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय में कुल 160 में से 70 से अधिक न्यायाधीशों के पद रिक्त थे। यही स्थिति अन्य अनेक उच्च न्यायालयों की भी थी। उचित यह होगा कि सुप्रीम कोर्ट और साथ ही केंद्र सरकार यह देखे कि उच्च न्यायालयों से जो कुछ अपेक्षित है, वह क्यों नहीं हो रहा है। इसके साथ ही कॉलेजियम व्यवस्था में भी सुधार आवश्यक है।”
- स्पीड-ब्रेकर विश्लेषण:
- इलाहाबाद: ‘ल-ह-ब’ और ‘बाद’ का प्रत्यय।
- कॉलेजियम: ‘क-ल-ज-म’ की सरल आउटलाइन।
- अपेक्षित: ‘प-क-ष-त’ का प्रयोग।
उन्नत स्टेनोग्राफी टिप्स (Day 76 Special)
- ‘रहा/रही/रहे’ का भौतिक विज्ञान: स्टेनोग्राफी में जब हम किसी शब्द को दोगुना (Double length) करते हैं, तो उसमें ‘तर/दर/रहा’ जुड़ जाता है। ‘हो रहा है’ या ‘दिखाया जा रहा है’ में इसी नियम का पालन करें। इससे आपको पेन उठाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे प्रति मिनट 5-10 शब्दों की गति तुरंत बढ़ जाती है।
- स्थानों और नामों का संक्षेपण: ‘इलाहाबाद’ जैसे बड़े शब्दों के लिए हमेशा ‘बाद’ प्रत्यय का एक निश्चित संकेत रखें। इसी तरह ‘न्यायालय’ के लिए सिर्फ ‘न’ से काटने की आदत डालें, लेकिन ध्यान रहे कि अनुवाद करते समय उसे वाक्य के संदर्भ में ही पढ़ें।
- लाइन ऑफ राइटिंग (Line of Writing): संपादकीय लिखते समय अक्सर हाथ लाइन से ऊपर या नीचे चला जाता है। हमेशा याद रखें कि ‘प्रथम स्थान’ के स्वर वाले शब्द लाइन के ऊपर ही रहें, अन्यथा ‘निराशा’ को ‘नरेश’ पढ़ने की गलती हो सकती है।
- सामान्य त्रुटियाँ: छात्र अक्सर ‘नियुक्ति’ (Appointment) और ‘नियुक्त’ (Appointed) में भ्रमित हो जाते हैं। ‘नियुक्ति’ के लिए अंत में ‘इ’ की मात्रा का संकेत अवश्य दें।
कॉलेजियम व्यवस्था और न्यायिक नियुक्तियां
एक पेशेवर स्टेनोग्राफर बनने के लिए आपको उस विषय का ज्ञान होना चाहिए जिसे आप लिख रहे हैं। कॉलेजियम व्यवस्था (Collegium System) भारतीय न्यायपालिका की वह प्रणाली है जिसके माध्यम से न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थानांतरण किया जाता है। यह विषय Indian Judiciary का एक अभिन्न अंग है।
संपादकीय में चर्चा की गई “विसंगतियों” (Anomalies) का अर्थ उन त्रुटियों या कमियों से है जो नियुक्ति प्रक्रिया को धीमा बनाती हैं। यदि आप इन तकनीकी शब्दों की गहराई को समझना चाहते हैं, तो हमारे Hindi Shorthand Course Day 75 के लेख को दोबारा पढ़ें, जहाँ हमने प्रशासनिक शब्दावली पर विस्तार से चर्चा की है। अपनी नींव मजबूत करना ही संपादकीय में सफलता की कुंजी है।
MP-MLA अदालतों की भूमिका और निगरानी
आज की डिक्टेशन में MP-MLA अदालतों का विशेष उल्लेख है। ये वे विशेष अदालतें हैं जो पूर्व और वर्तमान जनप्रतिनिधियों (Jan-Pratinidhi) के खिलाफ आपराधिक मामलों की सुनवाई करती हैं। संपादकीय इस बात पर क्षोभ प्रकट करता है कि उच्च न्यायालय इन अदालतों की “निगरानी” (Monitoring) ठीक से नहीं कर रहे हैं।
- शॉर्टहैंड टिप: ‘MP-MLA’ को हिंदी में लिखने के बजाय अंग्रेजी के संक्षिप्त अक्षरों ‘M-P-M-L-A’ की तरह तेजी से लिखने का अभ्यास करें। ‘निगरानी’ के लिए ‘न-ग-र-न’ की आउटलाइन का प्रयोग करें।
शब्दावली निर्माण (Vocabulary Building)
- Ad-hoc (अस्थाई/तदर्थ): विशेष उद्देश्य के लिए नियुक्त।
- Suo Moto (स्वतः संज्ञान): जब अदालत खुद किसी मामले पर कार्यवाही करे।
- Anomaly (विसंगति): नियम से हटकर या अजीब स्थिति।
- Interim (अंतरिम): कुछ समय के लिए किया गया इंतजाम।
Day 77 – संपादकीय डिक्टेशन और कठिन शब्द-चिह्न विश्लेषण
एक स्टेनोग्राफर के लिए ‘संपादकीय’ (Editorial) का अभ्यास करना केवल एक डिक्टेशन लिखना नहीं है, बल्कि यह भाषा के प्रवाह, जटिल वाक्य विन्यास और उच्च-स्तरीय शब्दावली के साथ तालमेल बिठाने की परीक्षा है। सामान्य डिक्टेशन के विपरीत, संपादकीय लेखों में विचारों की सघनता होती है। यहाँ आपको ‘नई शिक्षा नीति’, ‘त्रिभाषा फॉर्मूला’ और ‘परिसीमन’ जैसे तकनीकी और राजनीतिक विषयों से रूबरू होना पड़ता है। आज के सत्र का मुख्य उद्देश्य आपकी गति को 80 से 100 शब्द प्रति मिनट (wpm) के बीच स्थिर करना और आपके शब्द-भंडार में उन कठिन शब्दों को जोड़ना है जो अक्सर कोर्ट (Court), विधानसभा और एसएससी (SSC) जैसी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
वरिष्ठ विशेषज्ञ के रूप में मेरा सुझाव है कि आज के डिक्टेशन को आप केवल सुनने और लिखने तक सीमित न रखें। इसमें प्रयुक्त होने वाले प्रत्येक ‘जुट’ (Phrasing) और शब्द-चिह्न के पीछे के तर्क को समझें। जब आप संपादकीय डिक्टेशन लेते हैं, तो आपका मस्तिष्क और हाथ के बीच का सामंजस्य (Coordination) इतना सटीक होना चाहिए कि आप वक्ता के शब्दों के साथ-साथ उनके भावों को भी पकड़ सकें। आज का विषय राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील और प्रासंगिक है, जिसमें तमिलनाडु की राजनीति और केंद्र सरकार की नीतियों का विश्लेषण किया गया है। यह संदर्भ-बोध (Contextual Understanding) आपको तब मदद करेगा जब आप किसी तीव्र गति वाले मोड में शब्द के पहले अक्षर से ही पूरे वाक्य का अनुमान लगा पाएंगे।
1. महत्वपूर्ण शब्द और उनकी उन्नत आउटलाइन (Key Vocabulary & Advanced Outlines)
संपादकीय लेखन में शब्दों की बनावट सामान्य से भिन्न और अधिक सूक्ष्म होती है। नीचे दी गई तालिका में आज के डिक्टेशन के सबसे महत्वपूर्ण शब्दों का तकनीकी विश्लेषण किया गया है। यहाँ ‘स्थान’ (Position) का विशेष ध्यान रखें: प्रथम स्थान (लाइन के ऊपर), द्वितीय स्थान (लाइन पर), और तृतीय स्थान (लाइन काटकर)।
| शब्द | स्थान (Position) | तकनीकी विवरण और निर्माण के नियम |
| अंदेशा | प्रथम स्थान (लाइन के ऊपर) | ‘न’ का आंकड़ा लगाते हुए ‘द’ की अग्रगामी रेखा और अंत में ‘श’ का वृत्त। ‘आ’ का स्वर पहले स्थान पर स्पष्टता के लिए लगाएं। |
| संसद | द्वितीय स्थान (लाइन पर) | ‘स’ का वृत्त, ‘न’ की रेखा, पुनः ‘स’ का वृत्त और ‘द’ की अधोगामी रेखा। यह एक मानक शब्द-चिह्न है। |
| बजट | द्वितीय स्थान (लाइन पर) | ‘ब’ का प्रारंभिक आंकड़ा, ‘ज’ की रेखा को ‘ट’ व्यंजन से काटकर ‘बजट’ का निर्माण करें। यह गति बढ़ाने के लिए अनिवार्य है। |
| नई शिक्षा नीति | संयुक्त वाक्यांश | ‘नई’ का शब्द-चिह्न + ‘शिक्षा’ (श-क-श) + ‘नीति’ (न-त)। ‘नीति’ को ‘शिक्षा’ के पास काटकर या जोड़कर लिखें। |
| दुर्भाग्यपूर्ण | तृतीय स्थान (लाइन काटकर) | ‘दर’ (द+र हुक) और ‘प’ की रेखा। ‘पूर्ण’ के लिए अंत में ‘प-र’ हुक के साथ ‘ण’ का आंकड़ा (प्रत्यय नियम) जोड़ें। |
| दलगत | द्वितीय स्थान (लाइन पर) | ‘द’ में ‘ल’ का आंकड़ा और ‘ग’ को ‘त’ के आंकड़े के साथ छोटा करके जोड़ें। |
| परिसीमन | तृतीय स्थान (लाइन काटकर) | ‘प’ में ‘र’ का आंकड़ा (परि) + ‘स’ का वृत्त, ‘म’ और ‘न’ का आंकड़ा। यह शब्द स्पष्टता के लिए लाइन काटकर लिखें। |
| कस्तूरी रंगन | विशिष्ट संज्ञा | ‘क’ के साथ ‘स’ का वृत्त, ‘त’ में ‘र’ का हुक (कस्तूरी), फिर ‘र’ के साथ ‘न’, ‘ग’, ‘न’ का आंकड़ा। अंत में स्वर चिन्ह अवश्य लगाएं। |
| नुकसान | द्वितीय स्थान (लाइन पर) | ‘न’ व्यंजन, ‘क’ की अग्रगामी रेखा, ‘स’ का वृत्त और अंत में ‘न’ का आंकड़ा। (N-K-S-N क्रम)। |
| त्रिभाषा | प्रथम स्थान (लाइन के ऊपर) | ‘त’ में ‘र’ का आंकड़ा (त्रि) + ‘भ’ की रेखा और ‘स’ का बड़ा वृत्त। ‘भ’ को बीच से काटें। |
| हंगामे | प्रथम स्थान (लाइन के ऊपर) | ‘ह’ का ऊपर जाने वाला वृत्त, ‘न-ग’ का गहरा संकेत और ‘म’ की रेखा पर बहुवचन की बिंदी। |
| बरगलाना | द्वितीय स्थान (लाइन पर) | ‘ब’ में ‘र’ का आंकड़ा, ‘ग’, ‘ल’ और ‘न’ का आंकड़ा। (B-R-G-L-N)। |
| जनगणना | द्वितीय स्थान (लाइन पर) | ‘ज’ का आंकड़ा, ‘न’ की रेखा, पुनः ‘ग’ और ‘न’ का आंकड़ा। इसे ‘न’ से काटकर भी बनाया जा सकता है। |
| लोकसभा | द्वितीय स्थान (लाइन पर) | ‘ल’ की लंबी रेखा और ‘स-भ’ का समूह। ‘स’ का वृत्त ‘भ’ की रेखा के साथ। |
2. संयुक्त शब्द और वाक्यांश निर्माण (Compound Words and Phrasing Techniques)
स्टेनोग्राफी में ‘जुट’ (Phrasing) का अर्थ है दो या दो से अधिक शब्दों को बिना कलम उठाए एक साथ लिखना। यह तकनीक आपकी गति को 10-20 शब्द प्रति मिनट तक बढ़ा सकती है। आज के संपादकीय में प्रयुक्त कुछ महत्वपूर्ण वाक्यांशों के नियम निम्नलिखित हैं:
- “जैसा अंदेशा था वैसा ही हुआ”: इस लंबे वाक्यांश को लिखने के लिए ‘जैसा’ के शब्द-चिह्न (लाइन के ऊपर) के साथ ‘अंदेशा’ की आउटलाइन जोड़ें। ‘था’ के लिए एक छोटा टिक नीचे की ओर लगाएं और ‘वैसा ही हुआ’ के लिए ‘व’ के साथ ‘ह’ का बड़ा वृत्त जोड़ दें। यह एक ‘मास्टर फ्रेज’ है जो अक्सर संपादकीय में आता है।
- दोगुना करने का नियम (Dwigun Siddhant): ‘रहा है/रहे हैं’ के लिए क्रिया की रेखा को दोगुना (Double Length) करने का निर्देश दिया है।
- “देखा जा रहा है”: ‘देखा’ (द+ख) की रेखा को उसकी सामान्य लंबाई से दोगुना कर दें, जिससे ‘रहा है’ स्वतः उसमें समाहित हो जाए। इसे लाइन पर (Position 2) लिखें।
- “किया जा रहा है”: ‘किया’ के शब्द-चिह्न के बाद रेखा को लंबा खींचें। यदि ‘किया जा रहा था’ होता, तो अंत में छोटा टिक लगा देते।
- “की ओर से” और “के रूप में”: ये ऐसे वाक्यांश हैं जो डिक्टेशन में “टपक” (अचानक प्रकट होना) जाते हैं।
- “की ओर से”: इसके लिए ‘र’ की रेखा और ‘स’ का वृत्त एक साथ उपयोग करें। इसे संबंधित शब्द के ठीक नीचे या पास लिखें।
- “के रूप में”: इसके लिए ‘र’ और ‘म’ के संक्षिप्त संकेतों का प्रयोग करें। जैसे ‘तीसरी भाषा के रूप में’ में ‘भाषा’ के नीचे ‘र-म’ का संकेत दें।
- नंबरों का सरलीकरण (वर्ष 1968): डिक्टेशन के दौरान वर्ष ‘1968’ जैसे शब्दों को पूरा लिखने की आवश्यकता नहीं है। विशेषज्ञ सलाह के अनुसार, केवल अंतिम दो अंक ’68’ लिखें और उसके नीचे दो छोटी समानांतर रेखाएं खींच दें ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह एक वर्ष (Year) है।
- “होने दिया जाएगा” और “लगे हुए हैं”: ‘होने’ के लिए ‘ह’ का वृत्त, ‘दिया’ का शब्द-चिह्न (लाइन काटकर) और ‘जाएगा’ के लिए ‘ज’ और ‘ग’ का संकेत एक साथ जोड़ें। ‘लगे हुए हैं’ के लिए ‘ल-ग’ और ‘ह’ का बड़ा वृत्त इस्तेमाल करें।
3. संपादकीय विश्लेषण: नई शिक्षा नीति और राजनीतिक शब्दावली (Editorial Analysis: NEP & Political Context)
डिक्टेशन के दौरान सटीकता केवल हाथ की गति पर नहीं, बल्कि विषय की समझ पर भी निर्भर करती है। आज के डिक्टेशन का वैचारिक आधार नई शिक्षा नीति (National Education Policy 2020) और उस पर आधारित राजनीतिक विवाद है।
मुख्य संदर्भ: यह संपादकीय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के विरोध प्रदर्शनों पर केंद्रित है। विरोध का मुख्य बिंदु ‘त्रिभाषा फॉर्मूला’ (Three-language Formula) है। ऐतिहासिक रूप से, तमिलनाडु में 1968 से ही भाषाई स्वायत्तता को लेकर आंदोलन होते रहे हैं। मुख्यमंत्री का तर्क है कि नई नीति के माध्यम से केंद्र सरकार हिंदी थोपने का प्रयास कर रही है, जबकि नीति स्पष्ट करती है कि किसी भी राज्य पर कोई भाषा अनिवार्य नहीं की जाएगी।
स्टेनोग्राफर के लिए महत्वपूर्ण बिंदु: जब आप ‘परिसीमन’ (Delimitation) या ‘जनगणना’ (Census) जैसे शब्द सुनते हैं, तो आपको समझना चाहिए कि यह दक्षिण भारत के राज्यों की उस आशंका से जुड़ा है कि जनसंख्या के आधार पर उनकी लोकसभा सीटें कम हो सकती हैं। ‘कस्तूरी रंगन’ का नाम यहाँ इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वे इस नीति को तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष थे। जब आप इन पृष्ठभूमियों को समझते हैं, तो ‘संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ’ या ‘भाषाई उन्माद’ जैसे कठिन वाक्यांशों को आप बिना सोचे, केवल प्रवाह में लिख पाते हैं। डिक्टेशन के दौरान जब ‘स्टालिन’ शब्द आए, तो तुरंत ‘स-ट-ल-न’ का खाका आपके दिमाग में बन जाना चाहिए।
4. विशेष व्याकरणिक नियम और प्रत्यय (Special Grammatical Rules & Suffixes)
हिंदी स्टेनोग्राफी में प्रत्यय (Suffixes) और व्याकरणिक बारीकियां अनुवाद के समय होने वाली गलतियों को कम करती हैं।
- ‘पूर्ण’ प्रत्यय का उन्नत प्रयोग: ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ या ‘महत्वपूर्ण’ जैसे शब्दों में ‘पूर्ण’ को जोड़ने के लिए शब्द के अंत में ‘प’ व्यंजन में ‘र’ का आंकड़ा लगाते हुए उसे मुख्य शब्द की रेखा से काट दें या उसके ठीक नीचे लिखें। यह तकनीकी रूप से ‘पूर्ण’ के लिए एक मानक कोड है।
- ‘चुकना’ प्रत्यय का नियम: “कर चुके हैं”, “देख चुके हैं” या “स्पष्ट कर चुके हैं” जैसे वाक्यांशों में ‘चुका/चुके/चुकी’ के लिए मुख्य क्रिया के नीचे ‘च’ की रेखा का प्रयोग करें। यह ‘च’ रेखा यह संकेत देती है कि कार्य पूर्ण हो चुका है।
- बहुवचन बिंदी (Anuswar) का महत्व: डिक्टेशन में ‘मुद्दा’ और ‘मुद्दों’ के बीच अंतर करना आवश्यक है। ‘मुद्दों’, ‘स्वार्थों’, ‘भावनाओं’ जैसे शब्दों के अंत में एक छोटी गहरी बिंदी अवश्य लगाएं। इसके बिना आप ‘स्वार्थों’ को ‘स्वार्थ’ पढ़ सकते हैं, जिससे वाक्य का व्याकरणिक ढांचा बिगड़ सकता है।
- ‘वाला/वाली’ के संकेत: “शिक्षा नीति तैयार करने वाली समिति” में ‘करने’ के बाद ‘वाली’ के लिए ‘व’ का एक छोटा संकेत ऊपर की ओर जोड़ें। यह विशेष रूप से तब उपयोगी होता है जब वाक्य में लिंग (Gender) निर्धारण करना हो।
- स्थान (Spatial logic): ध्यान दें कि ‘इसका’ लाइन के ऊपर (Position 1) लिखा जाता है, जबकि ‘इन’ लाइन पर (Position 2) लिखा जाता है। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान न रखने पर अनुवाद के समय अर्थ का अनर्थ हो सकता है।
5. अभ्यास रणनीति और डिक्टेशन टिप्स (Practice Strategy & Dictation Tips)
एक वरिष्ठ विशेषज्ञ के रूप में, मैं आपको सुझाव देता हूँ कि संपादकीय नंबर 2 का अभ्यास निम्नलिखित चरणों में करें:
- विभेदीकरण (Differentiation): डिक्टेशन में ‘जता रहे हैं’ (Jata rahe hain) और ‘मचा रहे हैं’ (Macha rahe hain) जैसे शब्द एक जैसे लग सकते हैं। ‘ज’ के आंकड़े और ‘म’ की रेखा के अंतर को स्पष्ट रखें। ‘मचा रहे हैं’ में ‘म’ की रेखा को दोगुना करें और ‘जता रहे हैं’ में ‘ज’ के आंकड़े के साथ ‘त’ की रेखा को दोगुना करें।
- 1968 का विशेष अभ्यास: किसी भी वर्ष को लिखते समय गति न खोएं। ‘1968’ आए तो ’68’ लिखकर आगे बढ़ें।
- कठिन शब्द चेकलिस्ट:
- ‘आशंकित’ (A-S-N-K-T): इसे लाइन के ऊपर लिखें।
- ‘क्षति’ (Ksh-T): ‘क्ष’ को शुरू में काटकर ‘त’ के साथ ई की मात्रा निकालें।
- ‘संस्कृत’: ‘स’ का वृत्त, ‘न’, ‘स’ का वृत्त, ‘क-र’ हुक और ‘त’।
- स्व-सुधार: डिक्टेशन लिखने के बाद उसका कम से कम एक बार ‘लिप्यंतरण’ (Transcription) जरूर करें। अपनी गलतियों को लाल पेन से चिह्नित करें और उन शब्दों की 5 लाइन अभ्यास करें जो आपसे छूट गए थे।
Day 78: संपादकीय शब्दावली और जटिल वाक्यांशों का अभ्यास (LEC 78)
1. 78वें दिन की प्रस्तावना और संपादकीय अभ्यास का महत्व
आज का हमारा व्याख्यान ‘संपादकीय लेखन’ (Editorial Writing) की उन पेचीदगियों पर केंद्रित है, जो अक्सर उच्च गति (High Speed) की परीक्षाओं में विद्यार्थियों के पसीने छुड़ा देती हैं। संपादकीय का अभ्यास केवल गति बढ़ाने का साधन नहीं है, बल्कि यह आपकी मानसिक सजगता और शब्दावली के विस्तार का सबसे सशक्त माध्यम है। जब आप 100 या 120 शब्द प्रति मिनट की गति से डिक्टेशन लिखते हैं, तो वहां केवल हाथ नहीं चलता, बल्कि आपका मस्तिष्क शब्दों के आने से पहले ही उनकी आउटलाइन तैयार कर चुका होता है। आज हम राजनीतिक और प्रशासनिक शब्दावली, विशेष रूप से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े उन जटिल वाक्यांशों को डिकोड करेंगे जो वर्तमान में किसी भी डिक्टेशन के लिए अत्यंत संभावित हैं।
2. लेक्चर 78 के मुख्य विषय: विषयगत विश्लेषण
आज के सत्र में हमने एक ऐसे लेख को चुना है जो समसामयिक राजनीति और लोकतांत्रिक तंत्र की विश्वसनीयता पर आधारित है। इस डिक्टेशन के मुख्य विषय निम्नलिखित हैं:
- मतदाता सूची (Voter Lists) की शुद्धता और अखंडता: चुनाव से पहले मतदाता सूचियों में होने वाली गड़बड़ियों, नामों के दोहराव और प्रशासन की जिम्मेदारी पर विस्तृत चर्चा।
- चुनाव आयोग (Election Commission) की निष्पक्षता: आयोग की कार्यप्रणाली, उस पर लगाए जाने वाले राजनीतिक आक्षेप और उसकी संवैधानिक स्वायत्तता।
- राजनैतिक आरोप बनाम साक्ष्य: चुनावी हार-जीत के बाद लगने वाले आरोपों की प्रकृति और उनके पीछे के ठोस प्रमाणों की कमी का विश्लेषण।
- मतदान तकनीक का विकास: EVM (Electronic Voting Machine) की सुरक्षा बनाम पुराने मतपत्र (Ballot Papers) के दौर में होने वाली ऐतिहासिक धांधली और बूथ कैप्चरिंग का तुलनात्मक अध्ययन।
- प्रशासनिक मशीनरी और नियंत्रण: चुनाव के दौरान राज्य और केंद्र सरकारों के तंत्र की भूमिका और उनके बीच का तालमेल।
3. विस्तृत शॉर्टहैंड आउटलाइन विवरण (शब्द-चिन्ह और वाक्यांश)
नीचे दी गई तालिका में आज के लेक्चर के सबसे महत्वपूर्ण शब्दों का तकनीकी विश्लेषण किया गया है। इसे ध्यानपूर्वक देखें और दी गई व्याख्या को अपनी नोटबुक में नोट करें।
| हिंदी वाक्यांश | संदर्भ और अर्थ | शॉर्टहैंड तर्क और स्ट्रोक विवरण (Detailed Logic) |
| इन मुद्दों पर हंगामा करने के बजाय | राजनैतिक बहस में मुख्य विषय से भटकाव। | ‘इन’ का शब्द-चिन्ह लाइन पर लिखें। ‘मुद्दों’ के लिए ‘म-द’ लिखें और अंत में बहुवचन की बिंदी लगाएं। ‘पर’ को एक छोटे टिक के रूप में जोड़ें। ‘हंगामा’ के लिए ‘ह-न-ग-म’ का संयुक्त स्ट्रोक लें और ‘करने के बजाय’ के लिए ‘ब-ज-य’ का एक ही प्रवाह में चाप लगाएं। |
| गंभीरता के साथ विचार विमर्श | किसी विषय पर गहन और सार्थक चर्चा। | ‘ग’ व्यंजन को लाइन के ऊपर रखें। इसके तुरंत बाद ‘म’ व्यंजन को गहरा (Thick) करें, जिससे ‘मर/भर/दर’ का नियम लागू हो जाए। अंत में ‘ता’ का आकड़ा जोड़ें। ‘के साथ’ के लिए ‘स’ का वृत्त और ‘थ’ का स्ट्रोक एक साथ जोड़ा जाएगा। |
| मतदाता सूचियों की कथित गड़बड़ी | प्रशासनिक त्रुटियों पर राजनैतिक आक्षेप। | ‘म-त-दाता’ (द को बड़ा करके) लिखें। ‘सूची’ के लिए ‘स’ वृत्त के साथ ‘च’ और बहुवचन हेतु बिंदी लगाएं। ‘गड़बड़ी’ के लिए ‘ग-ड़’ को दोगुना करें ताकि ‘ब’ की ध्वनि स्वतः समाहित हो जाए। |
| चुनाव आयोग | भारत का सर्वोच्च चुनावी निकाय। | ‘चुनाव’ (च-न-व) लिखें और इसे पेंसिल उठाए बिना ‘ग’ व्यंजन से तिरछा काट दें। ‘ग’ को गहरा रखें, यह ‘आयोग’ का मानक संकेत है। |
| भाजपा और उसके सहयोगी दल | सत्ताधारी गठबंधन का संदर्भ। | ‘भ-ज-प’ की संक्षिप्त आउटलाइन बनाएं। ‘सहयोगी’ के लिए ‘स-ह’ का बड़ा लूप और ‘ग’ लगाएं। ‘दल’ के लिए ‘द’ के साथ ‘ल’ का हुक नीचे की ओर जोड़ें। |
| क्षुद्र राजनीतिक स्वार्थ | निम्न स्तर के व्यक्तिगत लाभ हेतु राजनीति। | ‘क्ष’ (क+ष) का प्रयोग करें और ‘दर’ के लिए स्ट्रोक को दोगुना करें। ‘राजनीतिक’ के लिए ‘र-ज-न’ लिखकर ‘क’ से काटें। ‘स्वार्थ’ में ‘स्व’ का बड़ा वृत्त और ‘र-थ’ जोड़ें। |
आउटलाइन बनाने हेतु विस्तृत तकनीकी निर्देश (Teacher’s Guide)
- गंभीरता (Detailed Stroke): छात्रों, ध्यान दें! ‘ग’ को लाइन के ऊपर (Above the line) रखने का अर्थ है कि इसमें ‘अ’ या ‘आ’ का स्वर है। ‘म’ को गहरा (Thickening) करते समय दबाव समान रखें। यदि आप ‘म’ को पतला रखेंगे, तो यह केवल ‘ग-म’ पढ़ा जाएगा, लेकिन गहरा करने पर यह ‘ग-म-भर’ हो जाता है। अंत में ‘ता’ के लिए एक हल्का ऊपर की ओर जाने वाला स्ट्रोक 60 डिग्री के कोण पर बनाएं।
- गड़बड़ी (The Doubling Secret): यहाँ ‘ग’ व्यंजन के साथ ‘र’ का हुक लगाकर उसे उसकी सामान्य लंबाई से दोगुना (Double length) कर दें। हिंदी स्टेनोग्राफी के मानक नियमानुसार, किसी व्यंजन को बड़ा करने पर उसमें ‘तर/दर/चर/बर’ जुड़ जाता है। ‘ग-ड़’ को दोगुना करने से ‘ब’ स्वतः जुड़ गया, अब बस अंत में ‘ई’ की मात्रा का टिक बाहर निकाल दें।
- चुनाव आयोग (The Cutting Rule): जब दो शब्द बार-बार एक साथ आते हैं, तो हम पहले शब्द को लिखकर दूसरे शब्द के प्रथम व्यंजन से काट देते हैं। ‘चुनाव’ लिखकर ‘ग’ (आयोग के लिए) से काटना सबसे प्रभावी तकनीक है। ध्यान रहे, ‘ग’ हमेशा गहरा होना चाहिए ताकि वह ‘क’ न समझ लिया जाए।
- मतदाता सूचियों: ‘मतदाता’ लिखते समय ‘द’ को बड़ा करें। ‘सूचियों’ में ‘स’ का वृत्त दाहिनी ओर से बाईं ओर (Clockwise) बनाएं और ‘च’ को नीचे ले आएं। बहुवचन की बिंदी स्ट्रोक के बिल्कुल अंत में लगाएं, अन्यथा यह ‘सूची’ पढ़ा जाएगा।
4. जटिल संयुक्त वाक्यांश (Complex Compound Outlines) – “वन-स्ट्रोक” तकनीक
उच्च गति के डिक्टेशन में सफलता का राज हाथ की गति नहीं, बल्कि पेंसिल को कम से कम उठाना है। यहाँ कुछ ऐसे वाक्यांश हैं जिन्हें एक ही प्रवाह में लिखना चाहिए:
साबित करने की कोशिश कर रहे हैं
इस वाक्यांश में पाँच शब्द हैं, लेकिन इसे एक ही आउटलाइन में पिरोया जा सकता है। सबसे पहले ‘स’ का वृत्त और ‘ब’ व्यंजन लिखकर ‘त’ का हुक लगाएं (साबित)। पेंसिल उठाए बिना ‘क’ और ‘ष’ का वृत्त बनाएं (कोशिश)। अब ‘कर रहे हैं’ के लिए ‘क’ को दोगुना (Double) कर दें। जब हम ‘कर’ को दोगुना करते हैं, तो उसमें ‘रहे हैं’ जुड़ जाता है। अंत में ‘हैं’ के लिए एक छोटा टिक ऊपर की ओर लगाएं।
- सामान्य गलती: छात्र अक्सर ‘साबित’ और ‘कोशिश’ के बीच पेंसिल उठा देते हैं, जिससे 0.5 सेकंड का समय बर्बाद होता है। इसे एक ही लय में लिखने का अभ्यास करें।
केंद्र सरकार के दबाव में
‘केंद्र’ के लिए ‘क’ व्यंजन को दोगुना करें (न-दर नियम)। ‘सरकार’ के लिए ‘स’ वृत्त और ‘र-क-र’ का मानक चाप जोड़ें। ‘दबाव’ के लिए ‘द-ब’ लिखें और ‘में’ के लिए एक छोटा टिक नीचे की ओर लगा दें।
- बारीकी: ‘दबाव’ में ‘व’ का हुक स्पष्ट होना चाहिए, अन्यथा यह ‘दबा’ पढ़ा जा सकता है।
राज्य सरकारों का नियंत्रण होता है
‘राज्य’ (र-ज-य) लिखकर ‘सरकार’ का बहुवचन ‘सरकारों’ (स-र-क-र + बिंदी) जोड़ें। ‘नियंत्रण’ के लिए ‘न’ व्यंजन को दोगुना करें जिससे ‘तर/दर/त्र’ का नियम लागू हो जाए। ‘होता है’ के लिए ‘ह’ का वृत्त और ‘त’ का टिक एक साथ जोड़ें।
- लय: इस वाक्यांश को लिखते समय आपकी कलाई एक लहर की तरह चलनी चाहिए, झटके के साथ नहीं।
यकीन नहीं किया जा सकता
‘यकीन’ (य-क-न) लिखें, इसके तुरंत बाद ‘नहीं’ का शब्द-चिन्ह जोड़ें। ‘किया’ के लिए छोटा ‘क’ और ‘जा सकता’ के लिए ‘ज-स-क’ का संयुक्त रूप प्रयोग करें। यह एक ‘नकारात्मक वाक्यांश’ है, जिसे एक साथ लिखने से आपकी गति 10-15 शब्द प्रति मिनट बढ़ सकती है।
5. तुलनात्मक विश्लेषण: राजनैतिक शब्दावली
शॉर्टहैंड में ध्वन्यात्मक समानता (Phonetic Similarity) के कारण होने वाली गलतियों को ‘ओमीशन’ (Omission) कहा जाता है। इनसे बचने के लिए सूक्ष्म अंतरों को समझना आवश्यक है।
| शब्द | आउटलाइन का सूक्ष्म अंतर | लेखन की दिशा और दबाव |
| पक्ष | ‘प’ और ‘क्ष’ का संयुक्त रूप। | ‘प’ हल्का और ‘क्ष’ का चाप स्पष्ट। |
| विपक्ष | ‘व’ का हुक + ‘प’ और ‘क्ष’। | ‘व’ का हुक शुरुआत में बाईं ओर खुलता है। |
| मतदाता | अंत में ‘द’ को दोगुना किया जाता है। | स्ट्रोक की लंबाई सामान्य से दोगुनी। |
| मतदान | अंत में ‘न’ का हुक लगाया जाता है। | स्ट्रोक सामान्य लंबाई का, अंत में हुक। |
| मतपत्रों | ‘मत’ लिखकर ‘प’ के साथ ‘त्र’ का चाप। | ‘त्र’ का चाप बड़ा और अंडाकार होता है। |
| धांधली | ‘ध-न-ध’ और ‘ल’ का प्रयोग। | ‘ध’ को काटकर स्पष्ट करें, ‘ल’ ऊपर की ओर। |
| आचरण | ‘आ’ का डैश + ‘च-र-ण’ का हुक। | ‘च’ को ऊपर से नीचे 60 डिग्री पर लाएं। |
विशेष परामर्श: ‘मतदाता’ और ‘मतदान’ में अक्सर भ्रम होता है। याद रखें, ‘दाता’ देने वाला है (बड़ा व्यक्तित्व – इसलिए स्ट्रोक बड़ा), और ‘दान’ एक क्रिया है (छोटा – इसलिए सामान्य स्ट्रोक)। इस तरह के मानसिक संकेतों (Mnemonics) का उपयोग करें।
6. अभ्यास अनुच्छेद: मॉक डिक्टेशन की तैयारी (ऐतिहासिक संदर्भ सहित)
नीचे दिया गया अनुच्छेद आज के लेक्चर का सार है।
अभ्यास गद्यांश (गति: 80-100 WPM): “विपक्षी दल अक्सर चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए यह आरोप लगाते हैं कि सरकारी मशीनरी के दबाव में चुनाव आयोग निष्पक्ष कार्य नहीं कर रहा है। वे हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनावी नतीजों पर तो शोर मचाते हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर और झारखंड के नतीजों पर मौन साध लेते हैं। क्या यह उनके क्षुद्र राजनीतिक स्वार्थों को नहीं दर्शाता? हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि मतपत्रों के दौर में किस प्रकार बड़े पैमाने पर धांधली होती थी, जहाँ बूथ कैप्चरिंग और मतपेटियां लूट लेना आम बात थी। आज ईवीएम (EVM) के युग में तकनीक ने पारदर्शिता बढ़ाई है। मतदाता पहचान पत्रों के क्रमांक में दोहराव की बातें करना केवल लोगों के मन में संदेह पैदा करने का एक प्रयास है। तथ्य यह है कि कोई भी व्यक्ति केवल अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर ही मतदान कर सकता है। मनगढ़ंत आरोपों के सहारे लोकतंत्र की नींव को कमजोर करना एक अलोकतांत्रिक आचरण ही कहा जाएगा।”
राज्यों के नाम लिखने के विशेष टिप्स:
- हरियाणा: ‘ह-र-य-ण’ को एक साथ लिखें, ‘न’ का हुक अंत में लगाएं।
- महाराष्ट्र: ‘म-ह-र’ लिखकर ‘ष-ट्र’ का बड़ा चाप (Loop) लगाएं। यह चाप व्यंजन की लंबाई का आधा होना चाहिए।
- जम्मू-कश्मीर: ‘ज-म’ लिखकर उसे ‘क’ से काट दें और ‘श’ का वृत्त लगा दें।
- झारखंड: ‘झ-र’ (लाइन काटकर) लिखें और अंत में ‘ख-ड’ (Khand Rule) का प्रयोग करें। ‘ख’ को छोटा करने से ‘ड’ स्वतः जुड़ जाता है।
7. उन्नत स्टेनोग्राफी नियम: सैद्धांतिक स्पष्टीकरण
आज के व्याख्यान में प्रयुक्त दो सबसे महत्वपूर्ण नियमों का अकादमिक विवरण यहाँ दिया गया है:
1. द्विगुणीकरण का नियम (The Law of Doubling – Rishi Pranali)
इस नियम के अनुसार, जब किसी व्यंजन को उसकी सामान्य लंबाई से दोगुना (Double) कर दिया जाता है, तो उसमें ‘तर’, ‘दर’, ‘चर’, ‘टर’ या ‘बर’ जैसी ध्वनियाँ स्वतः जुड़ जाती हैं।
- अनुप्रयोग: ‘नियंत्रण’ शब्द में ‘न’ व्यंजन को दोगुना करने से ‘त्र’ जुड़ गया। ‘गड़बड़ी’ में ‘ग-ड़’ को दोगुना करने से ‘ब’ जुड़ गया।
- सावधानी: द्विगुणीकरण करते समय दिशा वही रहनी चाहिए जो मूल व्यंजन की है। दबाव (Light/Dark) भी मूल व्यंजन के अनुसार ही होना चाहिए।
2. टिक और हुक का प्रयोग (Usage of Ticks for Speed)
‘की’, ‘के’ और ‘में’ जैसे कारकों के लिए पेंसिल उठाना गति का सबसे बड़ा दुश्मन है।
- की/के टिक: किसी शब्द के अंत में 45 डिग्री के कोण पर एक छोटा सा टिक (लगभग 2mm) लगाएं। यदि टिक ऊपर की ओर है, तो वह ‘की’ है, और यदि वह प्रवाह के साथ है, तो वह ‘के’ को दर्शाता है।
- में टिक: शब्द के अंत में नीचे की ओर सीधा टिक ‘में’ को इंगित करता है। उदाहरण के लिए, ‘दबाव में’ लिखते समय ‘ब’ के अंत से ही टिक को नीचे की ओर खींच दें।
8. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: ‘EVM’ को शॉर्टहैंड में कैसे लिखना सबसे बेहतर है? उत्तर: इसे दो तरीकों से लिखा जा सकता है। या तो आप अंग्रेजी के ‘E-V-M’ अक्षरों को तेजी से बनाएं, या हिंदी में ‘इ-व-म’ की एक संयुक्त आउटलाइन बनाकर उसे एक घेरे में बंद कर दें ताकि वह अलग से चमकता रहे।
प्रश्न 2: ‘की’ और ‘के’ के टिक में अक्सर भ्रम हो जाता है, इसे कैसे सुधारें? उत्तर: अभ्यास के दौरान ‘की’ के टिक को हमेशा स्ट्रोक के अंत में हल्का सा ‘हुक’ जैसा मोड़ दें, जबकि ‘के’ को एक सीधी छोटी लकीर की तरह रखें। यह सूक्ष्म अंतर ट्रांसक्रिप्शन के समय बहुत काम आता है।
प्रश्न 3: भौगोलिक नामों (जैसे महाराष्ट्र) के लिए क्या कोई फिक्स्ड आउटलाइन है? उत्तर: हाँ, मानक प्रणाली में बड़े राज्यों के लिए निर्धारित संकेत हैं। जैसे ‘म-ह’ के साथ ‘र’ और ‘ष-ट्र’ का चाप। इन्हें ‘विशिष्ट संज्ञा’ (Proper Nouns) की श्रेणी में रखें और इनके नीचे दो छोटी रेखाएं खींच दें ताकि टाइप करते समय आपको पता रहे कि यह किसी स्थान का नाम है।
प्रश्न 4: जब डिक्टेटर अचानक गति बढ़ा दे, तो बड़े शब्दों को कैसे संभालें? उत्तर: ऐसे समय में ‘वाक्यांशों को काटने’ (Word Cutting) की तकनीक का प्रयोग करें। शब्द का पहला हिस्सा लिखें और दूसरे के लिए उसका पहला अक्षर पास में लिख दें। शुद्धता से ज्यादा महत्वपूर्ण उस समय ‘छूटने’ से बचना है।
प्रश्न 5: ‘निर्धारित’ और ‘आधारित’ की आउटलाइन में अंतर कैसे करें? उत्तर: ‘निर्धारित’ में ‘न’ का प्रयोग शुरुआत में करें, जबकि ‘आधारित’ में ‘ध’ को लाइन के ऊपर रखें और ‘त’ का हुक अंत में लगाएं।

Day 79 – संपादकीय डिक्टेशन और कठिन शब्द व्याख्या
पिछले अध्यायों में हमने ‘संपादकीय संख्या 3’ के माध्यम से सरकारी कामकाज और सामाजिक सरोकारों के शब्दों का अभ्यास किया था। आज का हमारा मुख्य विषय ‘संपादकीय नंबर 4’ है, जो ‘नदी प्रदूषण और सरकारी तंत्र’ पर आधारित है। यह लेख केवल एक डिक्टेशन मात्र नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक शब्दावली, पर्यावरणीय तकनीकी शब्दों और जटिल वाक्यांशों (Phraseography) का एक उत्कृष्ट सम्मिश्रण है।
आज के सत्र का उद्देश्य केवल डिक्टेशन लिखना नहीं है, बल्कि यह समझना है कि जब डिक्टेशन में ‘सीवेज शोधन संयंत्र’ या ‘केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड’ जैसे लंबे शब्द आते हैं, तो उन्हें बिना घबराए ‘जुट’ (Jute), ‘आंकड़ों’ (Hooks) और ‘लोप’ (Omission) के सिद्धांतों का उपयोग करके कैसे संक्षिप्त किया जाता है। आज हम ‘सुविधा के सिद्धांत’ (Principle of Facility) पर गहराई से चर्चा करेंगे ताकि आपकी गति 80 शब्द प्रति मिनट से बढ़कर 100+ की ओर अग्रसर हो सके।
1. महत्वपूर्ण शब्दावली और आउटलाइन विश्लेषण (Key Vocabulary & Outline Analysis)
संपादकीय डिक्टेशन में सफलता प्राप्त करने के लिए शब्दों की ‘ज्यामितीय संरचना’ (Geometric Structure) को समझना अनिवार्य है। नीचे दी गई तालिका में न केवल शब्द दिए गए हैं, बल्कि उनके निर्माण के पीछे के ‘शॉर्टहैंड तर्क’ को भी विस्तार से समझाया गया है।
| शब्द/वाक्यांश | शॉर्टहैंड बनाने की विधि और तर्क (Stenographic Logic) | आशुलिपि सिद्धांत (Principle Applied) |
| जल शक्ति मंत्रालय | ‘ज-ल’ की सरल रेखा लिखें, ‘श-क-त’ का संयुक्त व्यंजन जोड़ें और अंत में ‘म’ को दोगुना करके ‘तर-लय’ का आभास दें। इसे एक ही प्रवाह में बिना हाथ उठाए लिखना चाहिए। | द्विगुणन और संयुक्त व्यंजन (Doubling & Compound Consonants): ‘म’ को बड़ा करने से ‘तर’ जुड़ जाता है। |
| सीवेज सिस्टम | ‘स’ का वृत्त, ‘व’ का आंकड़ा और ‘ज’ की रेखा लिखें। इसके तुरंत बाद ‘स-ट’ का चाप (Loop) लगाकर ‘म’ की रेखा जोड़ें। यह शब्द तकनीकी है, इसलिए ‘ज’ और ‘स’ को आपस में मिलाकर ‘एस-लूप’ की तरह भी प्रयोग किया जा सकता है। | वृत्त और चाप (Circles & Loops): ‘स’ वृत्त और ‘ST’ चाप का प्रभावी उपयोग। |
| नदियों का प्रदूषण | ‘न-द’ लिखकर ‘यो’ का स्वर चिन्ह (बहुवचन बिंदु) लगाएं। ‘प्रदूषण’ के लिए ‘प’ में ‘र’ का आंकड़ा लगाकर ‘द’ और ‘श-न’ का आंकड़ा जोड़ें। | बहुवचन और आंकड़ा (Plurality & R-Hook): शब्दों को पास रखने से ‘का’ स्वतः स्पष्ट हो जाता है। |
| वांछित सफलता | ‘व-छ-त’ (वांछित) की आउटलाइन को ‘सफलता’ के पूर्व-निर्धारित शब्द-चिन्ह (स-फ-ल) के साथ स्पर्श कराकर लिखें। इससे ‘वांछित’ के बाद ‘सफलता’ पढ़ने में सुगमता होती है। | निकटता का सिद्धांत (Principle of Proximity): दो शब्दों को जोड़ना। |
| विषाक्त कर रहा है | ‘व-ष-क-त’ लिखें। यहाँ ‘कर रहा है’ के लिए ‘र’ आंकड़े का लोप (Lopa) कर दिया जाता है और ‘रहा है’ के लिए रेखा को दोगुना करके ‘है’ का टिक लगा दिया जाता है। | लोप और द्विगुणन (Omission of ‘R’ & Doubling): ‘कर’ शब्द को लिखने की आवश्यकता नहीं पड़ती। |
| सीवेज शोधन संयंत्र | ‘सीवेज’ के बाद ‘श-ध-न’ (शोधन) और ‘संयंत्र’ के लिए ‘स-न-य’ लिखकर ‘त्र’ का बड़ा चाप (Loop) अंत में लगाएं। | बड़ा चाप (Large Loop): ‘त्र’ के लिए विशेष चाप का प्रयोग। |
| राज्य सरकारों | ‘राज्य’ का शब्द-चिन्ह लिखें और ‘सरकार’ की आउटलाइन के अंत में एक गहरी बिंदी लगाएं। यह बिंदी इंगित करती है कि यह एकवचन नहीं बल्कि बहुवचन है। | बहुवचन संकेत (Plural Marker): अनुवाद के समय ‘सरकार’ और ‘सरकारों’ में अंतर करने हेतु। |
| स्थानीय निकायों | ‘स-थ’ का चाप लगाकर ‘न-य’ लिखें। ‘निकायों’ के लिए ‘न-क-य’ के अंत में बहुवचन की बिंदी का प्रयोग करें। | प्रारंभिक चाप (Initial Loop): ‘स्थ’ के लिए स्थिर चाप। |
| राजनीतिक इच्छाशक्ति | ‘राजनीतिक’ का संकेत लिखकर ‘इच्छा’ के लिए ‘छ’ रेखा और ‘शक्ति’ के लिए ‘श-क-त’ का संक्षिप्त रूप जोड़ें। | प्रत्यय और उपसर्ग (Suffix/Prefix Logic): ‘शक्ति’ को एक प्रत्यय की तरह जोड़ना। |
| नकारापन | ‘न-क-र-प-न’ को एक सरल प्रवाह में लिखें। ‘प-न’ का उपयोग यहाँ भाववाचक संज्ञा बनाने के लिए किया गया है। | सरल रेखा प्रवाह (Straight Stroke Flow): बिना कोण बदले लेखन। |
| औद्योगिक कचरा | ‘द-य-ग-क’ (औद्योगिक) लिखकर उसके ठीक नीचे या काटते हुए ‘क-च-र’ की रेखा लिखें। | विच्छेदन (Intersection): एक शब्द से दूसरे को काटना। |
| केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड | ‘केंद्रीय’ के लिए ‘क’ को दोगुना करें, ‘नियंत्रण’ के लिए ‘न-य-न’ और अंत में ‘ब’ अक्षर से काट दें जो ‘बोर्ड’ का प्रतीक है। | प्रतीकात्मक विच्छेदन (Symbolic Intersection): ‘ब’ से ‘बोर्ड’ को दर्शाना। |
| उलना (Ulan-na) | यह एक विशिष्ट शब्द है। ‘ल’ की रेखा में ‘न’ का आंकड़ा लगाकर शुरुआत में ‘उ’ का स्वर दें। | स्वर और आंकड़ा (Vowel & Hook): विशिष्ट क्रिया शब्दों का निर्माण। |
| अपशिष्ट जल | ‘अ’ का डैश, ‘प-श-ष’ का चाप और ‘ट’ की रेखा। ‘जल’ को इसके पास लिखें या ‘ज-ल’ के शब्द-चिन्ह से जोड़ें। | विशिष्ट चाप (Special Loops): ‘ष्ट’ के लिए छोटा चाप। |
| निष्कर्ष | ‘न-स-क-र-ष’ की संयुक्त आउटलाइन। इसमें ‘र’ को ‘क’ के साथ आंकड़े के रूप में जोड़ा जाता है। | आंकड़ा प्रयोग (Hook Usage): ‘र’ और ‘ष’ का संयोजन। |
2. उन्नत वाक्यांश (Advanced Phraseography – Jute/Ticks)
आशुलिपि में गति बढ़ाने का सबसे प्रभावी तरीका ‘वाक्यांशों’ (Phrases) को छोटा करना है। जब हम कई शब्दों को एक ही आउटलाइन में पिरोते हैं, तो पेन उठाने का समय बचता है।
“की ओर से” (The ‘Jute’ Technique)
“की ओर से” एक अत्यंत प्रचलित वाक्यांश है। इसे लिखने के लिए शब्द के अंत में एक छोटा सा ‘झुट’ (Jute) या टिक लगाया जाता है।
- विधि: मुख्य शब्द की अंतिम रेखा के साथ एक तिरछा डैश (Slanted Tick) नीचे की ओर लगाएं।
- उदाहरण: “जल शक्ति मंत्रालय की ओर से” या “उद्योगों की ओर से”।
- महत्व: यह टिक “रूप से” और “की ओर से” में अंतर करने के लिए संदर्भ (Context) पर निर्भर करता है। “की ओर से” का टिक हमेशा शब्द के अंत में प्रवाह के साथ जुड़ता है।
“कर रहा है / कर रहे हैं” (Omission of ‘Ra’ and Flow)
जब भी किसी क्रिया के अंत में “कर रहा है” आता है, तो हम ‘कर’ के ‘र’ का लोप कर देते हैं।
- विधि: “विषाक्त” लिखने के तुरंत बाद, ‘र’ को छोड़कर सीधे ‘रहा है’ का दोगुना आकार वाला चाप जोड़ें।
- तर्क: आशुलिपि में हाथ की गति बनाए रखने के लिए ‘र’ को हटाना “सुविधा के सिद्धांत” के अंतर्गत आता है। इससे आउटलाइन छोटी और अधिक पठनीय बनती है।
“यह निराशाजनक है कि” (Step-by-Step Construction)
यह एक जटिल वाक्यांश है जिसे विद्यार्थी अक्सर तोड़-तोड़ कर लिखते हैं। इसे एक साथ लिखने की विधि इस प्रकार है:
- प्रथम चरण: ‘यह’ का शब्द चिन्ह (य) बनाएं।
- द्वितीय चरण: बिना हाथ उठाए ‘न-र-श’ (निराशा) को जोड़ें।
- तृतीय चरण: ‘जनक’ के लिए ‘ज’ के प्रत्यय का प्रयोग करें।
- चतुर्थ चरण: अंत में ‘है कि’ के लिए एक छोटा टिक ऊपर की ओर लगाएं।
- विशेष: यदि वाक्य में “यह निराशाजनक भी है कि” आए, तो ‘जनक’ और ‘है’ के बीच में एक छोटा वृत्त (Circle) बना दें जो ‘भी’ को प्रदर्शित करता है।
“समय सीमा” और “नितांत खोखले”
- समय सीमा: ‘स-म’ (समय) लिखकर उसी के साथ ‘स-म’ को दोबारा जोड़ें या ‘स’ वृत्त के साथ ‘म’ की रेखा खींचें। यह एक मानक प्रशासनिक वाक्यांश है।
- नितांत खोखले: ‘नितांत’ के लिए ‘न-त-न-त’ का संक्षिप्तीकरण करें। ‘खोखले’ लिखने के लिए पहले ‘ख’ को काटें (Cross mark) और फिर ‘ख-ल’ जोड़ें। ‘खोखले’ को ‘नितांत’ के ठीक नीचे लिखने से ‘नितांत खोखले’ का एक इकाई के रूप में बोध होता है।
3. संपादकीय का विषयगत सारांश (Thematic Summary of Editorial No. 4)
आज के डिक्टेशन का विषय भारत की जीवनदायिनी नदियों की वर्तमान दुर्दशा और प्रशासनिक नकारापन पर एक कड़ा प्रहार है। जल शक्ति मंत्रालय की हालिया जानकारियों से यह स्पष्ट होता है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी नदियों के प्रदूषण स्तर में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ है।
लेख का केंद्र बिंदु सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की विफलता है। शहरों के किनारे स्थापित ये संयंत्र अपनी पूर्ण क्षमता से कार्य नहीं कर रहे हैं। कई स्थानों पर तो ये तकनीकी खराबी या बिजली की कमी के कारण बंद पड़े रहते हैं, जिसके परिणामस्वरूप शहरों का विषाक्त सीवर जल सीधे पवित्र नदियों में उड़ेल दिया जाता है। यहाँ “उलना” शब्द का प्रयोग नदियों के प्रति हमारी संवेदनहीनता को दर्शाता है।
प्रशासनिक स्तर पर राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों की यह नैतिक और वैधानिक जिम्मेदारी (Moral and Statutory Responsibility) है कि वे जल शोधन सुनिश्चित करें। ‘केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड’ की रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 73 उद्योगों को बंद करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन वास्तविकता यह है कि आज भी औद्योगिक अपशिष्ट बिना किसी उपचार के नदियों में समाहित हो रहा है।
लेख का निष्कर्ष यह है कि जब तक राजनीतिक इच्छाशक्ति (Political Willpower) का अभाव रहेगा, तब तक नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के संकल्प “नितांत खोखले” ही सिद्ध होंगे। डिक्टेशन लिखते समय इन तथ्यों को समझने से आपको शब्दों का पूर्वानुमान (Anticipation) लगाने में मदद मिलेगी।
आशुलिपि का अभ्यास करने वाले विद्यार्थियों को यह समझना चाहिए कि Stenography केवल हाथ का खेल नहीं, बल्कि बुद्धि का भी प्रयोग है। इसके साथ ही, अपनी टाइपिंग गति को बेहतर बनाने के लिए “Typing Master Pro” जैसे उपकरणों का उपयोग लिप्यंतरण की शुद्धता बढ़ा सकता है।
4. डिक्टेशन अभ्यास हेतु निर्देश (Instructions for Dictation Practice)
एक पेशेवर आशुलिपिक की तरह अभ्यास करने के लिए नीचे दी गई चेकलिस्ट का सख्ती से पालन करें:
- आउटलाइन का पुनरावृत्ति अभ्यास: ऊपर दी गई तालिका के प्रत्येक कठिन शब्द और वाक्यांश की आउटलाइन को अपनी प्रैक्टिस नोटबुक में कम से कम 10-10 बार लिखें। हाथ में एक ‘मसल मेमोरी’ (Muscle Memory) विकसित होनी चाहिए।
- बहुवचन बिन्दुओं का महत्व: हिन्दी आशुलिपि में ‘निकायों’, ‘सरकारों’ और ‘उद्योगों’ जैसे शब्दों के अंत में ‘बिंदी’ (Plural Dot) लगाना न भूलें। यदि आप इसे छोड़ देते हैं, तो अनुवाद के समय व्याकरण की अशुद्धि मानी जाएगी।
- पूर्ण विराम और पैरा: डिक्टेशन के दौरान जब पाठक रुकता है, तो ‘पूर्ण विराम’ के लिए एक छोटा ‘क्रॉस’ (x) लगाएं और पैरा बदलने के लिए दो समानांतर रेखाएं खींचें।
5. उच्च गति लेखन के लिए विशेष टिप्स (Expert Tips for High-Speed Writing)
मैं आपको गति बढ़ाने के कुछ गोपनीय सूत्र (Success Secrets) बता रहा हूँ:
- ज्यामितीय संक्षिप्तीकरण: जैसे ‘सीवेज सिस्टम’ को लिखते समय ‘स-व-ज’ और ‘स-ट’ को एक ही ज्यामितीय प्रवाह में इस तरह जोड़ें कि वे एक इकाई की तरह दिखें। रेखाओं के बीच का कोण जितना कम होगा, गति उतनी ही अधिक होगी।
- संयुक्त क्रियाओं का प्रबंधन: “नहीं किया जा सकता है कि” जैसे लंबे वाक्यांशों को एक ही रेखा में बांधना सीखें। इसमें ‘किया’ (क), ‘जा’ (ज), ‘सकता’ (स-क-त), ‘है’ (ह) और ‘कि’ (टिक) को मिलाकर एक लहरदार लेकिन सुस्पष्ट आउटलाइन बनती है।
- विभ्रम से बचाव: ‘शोधन संयंत्र’ और ‘साधन संयंत्र’ की आउटलाइन लगभग समान हो सकती है। ‘शोधन’ में ‘ओ’ की मात्रा का स्पष्ट संकेत दें ताकि अनुवाद के समय “साधन” पढ़ने की गलती न हो।
- विशिष्ट क्रिया “उलना”: “उलना” शब्द में ‘L’ हुक का प्रयोग करके इसे छोटा करें। यह शब्द डिक्टेशन में बार-बार नहीं आता, इसलिए इसकी आउटलाइन को विशिष्ट रखें ताकि पहचान में आसानी हो।
- पेन न उठाएं: उच्च गति लेखन का मूल मंत्र है, पेन को कागज से कम से कम उठाना। जितना अधिक आप वाक्यांशों को जोड़ेंगे (Phrasing), उतनी ही आपकी ‘पेन-लिफ्टिंग’ कम होगी और गति बढ़ेगी।
Day 80 – संपादकीय अभ्यास (बांग्लादेश राजनीतिक संकट) और महत्वपूर्ण शब्द-चिह्न
आज से ठीक 80 दिन पहले जब हमने इस यात्रा की शुरुआत की थी, तब आप में से कई लोगों के मन में यह संशय रहा होगा कि क्या 85 दिनों में स्टेनो जैसी जटिल कला पर अधिकार पाया जा सकता है? आज जब हम अंतिम पड़ाव पर खड़े हैं, तो मैं गर्व के साथ कह सकता हूँ कि आपकी निरंतरता (Consistency) ने आपको एक नौसिखिए से एक कुशल आशुलिपिक बनने की दहलीज पर ला खड़ा किया है।
1. स्टेनोग्राफी की 80 दिनों की साधना और संपादकीय का महत्व
पिछले 79 दिनों में आपने वर्णमाला, व्यंजनों के मेल, आंकड़े, वृत्त, चाप और संक्षिप्त शब्द-चिह्नों की एक लंबी श्रृंखला सीखी है। लेकिन याद रखिए, स्टेनो सीखना केवल नियमों को रटना नहीं है, बल्कि उन नियमों को व्यवहार में उतारकर तीव्र गति से लिखना है। आज का अध्याय ‘संपादकीय अभ्यास’ (Editorial Practice) पर केंद्रित है। स्टेनो की दुनिया में ‘संपादकीय’ को “गोल्ड स्टैंडर्ड” माना जाता है। यदि आप किसी सरकारी परीक्षा जैसे SSC Stenographer Grade C & D, विधानसभा/लोकसभा रिपोर्टर, या कोर्ट स्टेनोग्राफर की तैयारी कर रहे हैं, तो संपादकीय अभ्यास आपकी सफलता की कुंजी है।
संपादकीय लेखों की शब्दावली अत्यंत समृद्ध, दार्शनिक और अक्सर अप्रत्याशित होती है। सामान्य लीगल मैटर या सरल कहानियों में शब्द सीमित होते हैं, लेकिन संपादकीय में अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, समाजशास्त्र और दर्शन के शब्द आते हैं जो आपकी गति (Speed) की परीक्षा लेते हैं। आज का हमारा विषय, ‘बांग्लादेश का राजनीतिक संकट’, न केवल वर्तमान समय में चर्चा का विषय है, बल्कि इसमें आने वाले शब्द जैसे ‘पंथ-निरपेक्षता’, ‘अनुदार’ और ‘हिज्ब-उत-तहरीर’ आपके लिए “स्पीड-ब्रेकर” साबित हो सकते हैं यदि आपने इनका पहले से अभ्यास नहीं किया है।
2. संपादकीय का विषय: बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव और भू-राजनीतिक संदर्भ
आज के संपादकीय अभ्यास का केंद्र बिंदु हमारा पड़ोसी देश बांग्लादेश है। जैसा कि हम जानते हैं, हाल ही में बांग्लादेश में छात्रों के एक व्यापक आंदोलन ने दशकों से सत्ता पर काबिज शेख हसीना सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया। इस तख्तापलट के बाद वहां एक ‘अंतरिम सरकार’ का गठन हुआ।
इस सरकार का नेतृत्व विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के हाथों में है। मोहम्मद यूनुस को पूरी दुनिया में ‘माइक्रोफाइनेंस’ का जनक और ‘गरीबों का बैंकर’ माना जाता है। हालांकि, आज के संपादकीय का स्वर थोड़ा आलोचनात्मक और विश्लेषणात्मक है। लेखक यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या एक शांति पुरस्कार विजेता के नेतृत्व में चलने वाली सरकार वास्तव में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा कर रही है? लेख में चर्चा की गई है कि किस प्रकार ‘अवामी लीग’ (शेख हसीना की पार्टी) के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है और कैसे कट्टरपंथी ताकतें जैसे ‘जमाते-इस्लामी’ और ‘हिज्ब-उत-तहरीर’ नेपथ्य (Background) से सक्रिय हो गई हैं।
एक स्टेनोग्राफर के लिए इस प्रकार के लेखों का अभ्यास करना इसलिए अनिवार्य है क्योंकि इनमें ‘पाकिस्तान-परस्त’, ‘भारत विद्वेष’ और ‘ऑपरेशन डेविल हंट’ जैसे विशिष्ट वाक्यांश आते हैं। जब आप ऐसे जटिल विषयों को लिखते हैं, तो आपका मस्तिष्क केवल शब्दों को नहीं पकड़ता, बल्कि संदर्भ के अनुसार अगले शब्द का अनुमान लगाने की क्षमता भी विकसित करता है। यह “Contextual Guessing” परीक्षा हॉल में तब काम आती है जब डिक्टेटर की आवाज स्पष्ट न हो या आप कोई शब्द चूक जाएं।
3. महत्वपूर्ण शब्द और तकनीकी आशुलिपि नियम
स्टेनोग्राफी में केवल शब्द लिखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे ‘नियम’ के अनुसार छोटा और स्पष्ट बनाना आवश्यक है। नीचे दी गई तालिका में आज के लेख के सबसे चुनौतीपूर्ण शब्दों और उनकी बनावट के पीछे के तर्क को समझाया गया है:
| शब्द | अर्थ/संदर्भ | शॉर्टहैंड बनाने की विधि (तकनीकी विवरण) |
| बांग्लादेश | पड़ोसी देश | ‘व’ का आंकड़ा ‘ग’ व्यंजन में लगाएँ, फिर ‘ल’ को ऊपर ले जाएँ और ‘द’ के साथ ‘श’ का वृत्त जोड़ें। |
| राजनीतिक | शासन संबंधी | ‘र-ज-न’ के साथ ‘त’ का आंकड़ा और छोटा ‘क’ लगाएँ। (राज-नीति + क)। |
| अंतरिम सरकार | अस्थायी प्रशासन | ‘न’ को दोगुना करके ‘अंतर’ का शब्द-चिह्न बनाएँ, फिर अंत में ‘म’ जोड़ें (न को काटकर)। ‘सरकार’ के लिए पास में ‘स-र-क-र’ लिखें। |
| मोहम्मद यूनुस | मुख्य पात्र | ‘म’ के साथ ‘ह’ का बड़ा वृत्त और ‘द’ व्यंजन। पास में ‘य-न-स’ (यूनुस) को एक प्रवाह में लिखें। |
| चुनाव | निर्वाचन | ‘च’ व्यंजन, ‘न’ का आंकड़ा और ‘व’ का हुक लगाकर ‘चुनाव’ लिखें। इसे वाक्यांशों में ‘च’ से काट भी सकते हैं। |
| अनुभवी राजनेता | वरिष्ठ नेता | ‘न-भ-व’ में ई की बिंदी (अनुभवी)। ‘राजनेता’ के लिए ‘र-ज-न-त’ का प्रयोग करें। |
| प्रत्यक्ष/परोक्ष | सामने/पीछे | ‘प-र-त-क्ष’ लिखें। ‘परोक्ष’ के लिए इसे शब्द के पास केवल ‘प’ लिखकर काट दें। |
| भ्रम | गलतफहमी | ‘भ’ में ‘र’ का आंकड़ा और ‘म’। ‘टूटेगा’ के लिए ‘ट’ और ‘ग’ को जोड़ें। |
| नोबेल पुरस्कार | विशिष्ट सम्मान | ‘न-व-ल’ (नबेल) लिखकर उसे ‘प’ (पुरस्कार के लिए प्रतीक) से बीच में काट दें। |
| संविधान | देश का कानून | ‘स’ का वृत्त, ‘व’, ‘ध’ और ‘न’ का आंकड़ा। बिंदी लगाकर स्पष्ट करें। |
| पंथ-निरपेक्षता | सेकुलरिज्म | ‘प-न-थ’ (पंथ) लिखें और ‘निरपेक्षता’ के लिए ‘न-र-प’ के चाप को छोटा (Halving) कर दें। |
| कट्टरवादी | रूढ़िवादी | ‘क’ व्यंजन को दोगुना (टर-डर के नियम से) करें और अंत में ‘व-द’ के साथ ई की मात्रा जोड़ें। |
| जमाते-इस्लामी | संगठन | ‘ज-म-त’ लिखकर पास में ‘स-ल-म’ (इस्लाम) का संयुक्त रूप बनाएँ। |
| नेपथ्य | पर्दे के पीछे | ‘न’ व्यंजन, ‘प’ और ‘थ’ के साथ ‘य’ का हुक एक निरंतर गति में लिखें। |
| प्रगतिशील | आधुनिक | ‘प-र’ आंकड़ा, ‘ग’, ‘त’ और ‘श-ल’ का बड़ा वृत्त एक साथ जोड़ें। |
| हिज्ब-उत-तहरीर | आतंकी संगठन | ‘ह-ज’ का वृत्त, ‘व’ और ‘त’ (हिज्ब-उत)। पास में ‘त-ह-र-र’ का प्रवाह बनाएँ। |
| मुक्ति युद्ध | 1971 का युद्ध | ‘म-क-त’ (मुक्ति) लिखकर ‘य-ध’ (युद्ध) से काट दें। |
| पाकिस्तान-परस्त | पाक समर्थक | ‘प-क-स-त-न’ (पाकिस्तान) के पास ‘प-र-स-त’ का चाप (ST loop) लगाएँ। |
| भारत विद्वेष | भारत से घृणा | ‘भारत’ का शब्द-चिह्न बनाएँ और पास में ‘व-द-व-ष’ लिखें। |
| आवामी लीग | राजनीतिक दल | ‘आ-व-म’ (आवामी) और ‘ल-ग’ (लीग) को पास-पास या जोड़कर लिखें। |
| ऑपरेशन डेविल हंट | विशेष अभियान | ‘प-र-शन’ का हुक (ऑपरेशन), ‘ड-व-ल’ (डेविल) और ‘ह-न-ट’ (हंट)। |
| आत्मसमर्पण | सरेंडर | ‘त-म’ (आत्म) के साथ ‘स-म-र-प-न’ को संयुक्त रूप में जोड़ दें। |
4. विशेष वाक्यांश और संयोजी शब्द: गति बढ़ाने के सूत्र
स्टेनोग्राफी में आपकी गति इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आप हाथ कितना तेज चलाते हैं, बल्कि इस पर निर्भर करती है कि आप पेन को कागज से कितनी कम बार उठाते हैं। इसे ‘वाक्यांश’ (Phrasing) कहते हैं।
- चुका है/चुके हैं का नियम: जब भी किसी क्रिया के अंत में “चुका है”, “चुके हैं” या “चुका हो” आए, तो पिछले शब्द को ‘च’ व्यंजन से काट दें (Cut-joint)। जैसे “मिल चुका हो” में ‘मिल’ लिखकर ‘च’ से काट दें। यह नियम आपकी गति को तुरंत 10-15 शब्द प्रति मिनट बढ़ा देता है।
- दिखते हो / हो सकते हैं: ‘दिखते’ (द-ख-त) लिखकर उसी प्रवाह में ‘हो’ का वृत्त जोड़ें। “हो सकते हैं” के लिए ‘ह’ के वृत्त को ‘स’, ‘क’, ‘त’ और ‘हैं’ के साथ एक ही झटके में लिखें। हाथ उठाने का अर्थ है 1 सेकंड की बर्बादी, जो 100 wpm की गति पर 2 शब्दों का नुकसान है।
- बना रहे हैं / बना दिया है: ‘ब-न’ के साथ ‘रहा/रहे’ के लिए व्यंजन को दोगुना (Doubling) करें। “बना दिया है” में ‘द-य’ का हुक जोड़कर उसे छोटा कर दें।
- हटाने का प्रस्ताव है: “हटाने” लिखकर उसके ठीक नीचे ‘प-र-स’ का चाप बनाएँ। ‘प्रस्ताव’ के लिए पूरा शब्द लिखने की आवश्यकता नहीं है, केवल ‘प-र-स’ पर्याप्त है।
- खारिज करने के साथ: ‘खारिज’ (ख-र-ज) लिखकर ‘करने के साथ’ के लिए एक विशेष ‘क-स’ का हुक जोड़ें।
- आयोजित कराने के बारे में: “आयोजित” लिखकर “कराने” (क-र-न) और “के बारे में” का प्रचलित शब्द-चिह्न (एक छोटा वृत्त और तिरछी रेखा) जोड़ें।
- मिटा दिया जाएगा: ‘मिटा’ लिखकर ‘द’ (दिया) और ‘ज-ग’ (जाएगा) को जोड़ दें। यहाँ ‘जाएगा’ के लिए केवल ‘ज-ग’ का प्रयोग पर्याप्त है।
5. उन्नत तकनीक: कठिन शब्दों और अंकों को सरल बनाना
Day 80 पर पहुँचकर आपको उन “शॉर्टकट्स” का मास्टर बनना चाहिए जो केवल अनुभवी स्टेनोग्राफर जानते हैं:
- अंकों का लेखन (वर्ष): डिक्टेशन में जब ‘1971’ जैसा वर्ष आए, तो कभी भी पूरा ‘1-9-7-1’ न लिखें। स्टेनो का नियम है कि अंतिम दो अंक (71) लिखें और उसके नीचे एक छोटी टिक लगा दें। संदर्भ से स्पष्ट हो जाता है कि यह 1971 है। 84 साल की उम्र के लिए केवल ’84’ लिखें।
- ‘राजनीति’ परिवार का समूहीकरण:
- राजनीति: र-ज-न-त।
- राजनीतिक: र-ज-न-त को ‘क’ से काटें।
- राजनीतिकरण: र-ज-न-त के अंत में ‘करण’ का हुक (बड़ा हुक) लगाएँ। इन तीनों में अंतर स्पष्ट होना चाहिए, अन्यथा अनुवाद (Transcription) के समय आप गलती कर बैठेंगे।
- ध्वन्यात्मक लेखन (Phonetic Writing): ‘हिज्ब-उत-तहरीर’ जैसे विदेशी या कठिन नाम आने पर उनकी शुद्ध आउटलाइन के पीछे न भागें। जो सुनाई दे, उसे जल्दी से ध्वन्यात्मक रूप में लिख लें। ऐसे शब्द “स्पीड-ब्रेकर” होते हैं, इन्हें ‘फ्लो’ में लिखना ही समझदारी है।
6. संपादकीय विश्लेषण: “अनुदार” सत्ता और स्टेनोग्राफर के लिए चुनौतियां
आज का यह संपादकीय लेख केवल एक डिक्टेशन मात्र नहीं है, बल्कि यह बांग्लादेश की राजनीति के स्याह पहलुओं का विश्लेषण है। लेखक का मुख्य तर्क यह है कि शेख हसीना की सरकार को हटाने के बाद जो सरकार सत्ता में आई है, वह अपनी प्रकृति में “अनुदार” (Illiberal) है।
छात्रों, ध्यान दें! यहाँ “अनुदार” शब्द पर गौर करें। स्टेनो में ‘अनुदार’ के लिए ‘न’ के साथ ‘दार’ का चाप लगाया जाता है। यह शब्द इस पूरे लेख की जान है। लेखक का मानना है कि मोहम्मद यूनुस जैसा व्यक्ति, जो दुनिया भर में उदारवाद और शांति का चेहरा है, वह एक ऐसी व्यवस्था का नेतृत्व कर रहा है जहाँ ‘आवामी लीग’ के कार्यकर्ताओं का दमन किया जा रहा है।
लेख में ‘ऑपरेशन डेविल हंट’ का उल्लेख है। यह एक विशेष अभियान है जिसका उद्देश्य पिछली सरकार के समर्थकों को खत्म करना है। एक स्टेनोग्राफर के लिए ‘डेविल हंट’ जैसे शब्द चुनौतीपूर्ण होते हैं क्योंकि ये हिंदी मैटर के बीच में अंग्रेजी शब्द हैं। डिक्टेशन के दौरान अक्सर छात्र ऐसे शब्दों पर अटक जाते हैं और अगले 5-10 शब्द छोड़ देते हैं। मैंने अक्सर देखा है कि जो छात्र सफल होते हैं, वे ऐसे शब्दों को अधूरा लिखकर आगे बढ़ जाते हैं और बाद में संदर्भ (Context) से उसे पूरा करते हैं।
इस लेख में ‘हिज्ब-उत-तहरीर’ और ‘जमाते-इस्लामी’ जैसे संगठनों का जिक्र यह दर्शाता है कि बांग्लादेश में पंथ-निरपेक्षता (Secularism) खतरे में है। डिक्टेशन में जब ‘पंथ-निरपेक्षता’ आए, तो ‘प-न-थ’ लिखकर ‘न-र-प’ से काटना सबसे तेज तरीका है।
छात्रों, यदि आप अपनी टाइपिंग की गति और सटीकता को लेकर चिंतित हैं, तो याद रखें कि स्टेनो के साथ-साथ टाइपिंग भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अपनी स्किल को निखारने के लिए आप स्टेनोग्राफी के मुख्य पोर्टल पर जाकर विभिन्न टाइपिंग टेस्ट और शॉर्टहैंड संसाधनों का लाभ ले सकते हैं।
Teacher’s Wisdom: “परीक्षा में कठिन शब्द आपकी परीक्षा नहीं लेते, बल्कि उन कठिन शब्दों के बाद आने वाले सरल शब्द आपकी परीक्षा लेते हैं। यदि आप एक कठिन शब्द के चक्कर में रुक गए, तो आप आगे के 5 सरल शब्द भी खो देंगे। प्रवाह (Flow) बनाए रखना ही स्टेनोग्राफी की असली जीत है।”
7. अभ्यास निर्देश: सफलता का मार्ग
इस 80वें दिन के अभ्यास को सिद्ध करने के लिए इन चरणों का सख्ती से पालन करें:
- पाठ का वाचन: डिक्टेशन लिखने से पहले मूल हिंदी पाठ को कम से कम 3 बार ऊँची आवाज में पढ़ें। इससे शब्द आपके अवचेतन मन में बैठ जाएंगे।
- आउटलाइन की ड्रिल: तालिका में दिए गए 26 कठिन शब्दों की आउटलाइन को एक-एक पेज भर कर लिखें। जब तक हाथ बिना सोचे न चलने लगे, तब तक अभ्यास करें।
- रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन: अपनी लिखी हुई शॉर्टहैंड को वापस हिंदी में अनुवाद करें। इसे कंप्यूटर पर टाइप करें और देखें कि आपने ‘संविधान’ को ‘सावधान’ या ‘राजनीतिक’ को ‘राजनीति’ तो नहीं पढ़ लिया।
- त्रुटि विश्लेषण: अपनी गलतियों को लाल पेन से मार्क करें और उन विशिष्ट शब्दों का दोबारा अभ्यास करें।
8. शब्दावली तालिका: त्वरित पुनरीक्षण (Quick Revision)
| शब्द | शॉर्टहैंड लॉजिक |
| प्रमाणित | प-र-म-ण + त का आंकड़ा (न के आंकड़े को काटें) |
| असंख्य | ‘अ’ का डैश + स-ख-य का हुक |
| विगत | व-ग-त (छोटा व्यंजन – Halving) |
| नेपथ्य | न-प-थ + य का बड़ा हुक |
| खारिज | ख-र-ज (ज का वृत्त अंत में) |
| प्रतिबंध | प-र-त-ब-ध + न का हुक (स्पष्ट काटें) |
| पंथ-निरपेक्षता | प-न-थ + न-र-प (छोटा रूप) |
| संविधान | स-व-ध-न (स्टैंडर्ड शब्द-चिह्न) |
| हिज्ब-उत | ह-ज-व-त (संयुक्त इकाई) |
| तहरीर | त-ह-र-र (डबल ‘र’ का प्रवाह) |
| मुक्ति युद्ध | म-क-त + य-ध (काटकर लिखें) |
| भारत विद्वेष | भारत + व-द-व-ष (पास में लिखें) |
| अनुदार | न + दार का बड़ा चाप |
| आयोजित | आ-य-ज-त (ज का वृत्त बीच में) |
| मनसा | म-न-स + आ की मात्रा (स्पष्ट संकेत) |
| अभियान | अ-भ-य-न (संयुक्त रूप) |
| अवामी लीग | अ-व-म + ल-ग (पास-पास) |
| कार्यकर्ताओं | क-र-य-क-र-त + ओ की बिंदी (बहुवचन) |
| आत्मसमर्पण | आत्म (त-म) + स-म-र-प-न |
| मिटा दिया जाएगा | मिटा + द + ज-ग (तीन शब्दों का एक वाक्यांश) |
9. निष्कर्ष और भविष्य की रणनीति
मेरे प्यारे छात्रों, Day 80 का सफलतापूर्वक समापन इस बात का प्रमाण है कि आप अब एक पेशेवर स्टेनोग्राफर बनने के बेहद करीब हैं। आज आपने न केवल बांग्लादेश के राजनीतिक संकट को समझा, बल्कि यह भी सीखा कि कैसे कठिन अंतर्राष्ट्रीय शब्दावली को सरल आउटलाइन्स में पिरोया जाता है।
आगामी 5 दिन हमारे इस कोर्स के सबसे महत्वपूर्ण दिन होंगे। हम अपनी गति को 100+ wpm तक ले जाने के लिए विशेष ‘स्पीड बूस्टर’ सत्र आयोजित करेंगे। याद रखें, स्टेनोग्राफी एक निरंतर अभ्यास की मांग करती है। एक दिन का भी विश्राम आपकी उंगलियों की गति को धीमा कर सकता है। अपनी मेहनत पर विश्वास रखें और अभ्यास जारी रखें। स्टेनोग्राफी और टाइपिंग से जुड़ी किसी भी सहायता या नए अपडेट के लिए हमारी वेबसाइट typingmasterpro.com पर प्रतिदिन विजिट करें। यहाँ आपको अभ्यास के लिए नए-नए संपादकीय मैटर और परीक्षा उपयोगी डिक्टेशन मिलते रहेंगे। कल मिलते हैं Day 81+ में, एक नई ऊर्जा और नए विषय के साथ। तब तक के लिए – खूब लिखें, खूब पढ़ें।


