सरकारी या प्राइवेट ऑफिस जॉइन करने से पहले टाइपिंग/स्टेनो की ट्रेनिंग कितने समय तक चलती है? Typing Training Days Government vs Private Office Before Joining ISTM फ़ाउंडेशन ट्रेनिंग, ITI कोर्स और एक तुलनात्मक गाइड। SSC Stenographer या किसी अन्य सरकारी typing पद में selection हो जाने के बाद, असली office work शुरू करने से पहले candidates को एक औपचारिक training से गुज़रना होता है, जो private companies के सामान्य onboarding से काफी अलग और कहीं ज़्यादा संरचित (structured) होती है। इस article में हम government और private office, दोनों में typing/stenography से जुड़े training days को विस्तार से समझेंगे।
सरकारी दफ्तरों में आमतौर पर टाइपिंग ट्रेनिंग का एक व्यवस्थित शेड्यूल होता है। डेटा एंट्री ऑपरेटर, LDC या जूनियर असिस्टेंट जैसे पदों के लिए यह ट्रेनिंग कई हफ़्तों से लेकर कुछ महीनों तक चल सकती है। इसमें रोज़ाना प्रैक्टिस के लिए तय घंटे, स्टैंडर्ड सिलेबस और फ़ाइनल टाइपिंग एग्ज़ाम से पहले प्रोग्रेस ट्रैक करने के लिए समय-समय पर स्पीड टेस्ट शामिल होते हैं। ट्रेनिंग आमतौर पर बैच में दी जाती है – कभी-कभी सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थानों या इन-हाउस कंप्यूटर सेल के ज़रिए – और इसमें भर्ती परीक्षा के लिए ज़रूरी खास WPM बेंचमार्क (जैसे इंग्लिश के लिए 35 WPM या हिंदी के लिए 30 WPM) हासिल करने पर ज़ोर दिया जाता है। दूसरी ओर, प्राइवेट दफ्तरों में टाइपिंग ट्रेनिंग के लिए शायद ही कभी अलग से दिन तय किए जाते हैं; नए कर्मचारियों से उम्मीद की जाती है कि उनकी टाइपिंग स्पीड पहले से ही अच्छी हो। अगर स्पीड में कोई सुधार होता भी है, तो वह काम के दौरान रोज़ाना डेटा एंट्री, ड्राफ़्टिंग या डॉक्यूमेंटेशन के काम से अनौपचारिक रूप से होता है, न कि व्यवस्थित लेसन या औपचारिक असेसमेंट के ज़रिए। इसका मतलब है कि प्राइवेट सेक्टर के जो कर्मचारी अपनी स्पीड बढ़ाना चाहते हैं, उन्हें आमतौर पर काम के घंटों के बाद खुद से प्रैक्टिस करनी पड़ती है। जो लोग सरकारी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं या खुद से नौकरी के लायक टाइपिंग स्पीड बनाना चाहते हैं, वे अपनी गति से सीखने वाले प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे किसी सरकारी बैच या संस्थान का इंतज़ार किए बिना सरकारी ट्रेनिंग प्रोग्राम जैसी व्यवस्थित प्रैक्टिस की जा सकती है।
Government Office में Training, ISTM और Foundation Training Programme
केंद्र सरकार में selected होने वाले Stenographers को Institute of Secretariat Training and Management (ISTM) में एक अनिवार्य Foundation Training Programme से गुज़रना होता है। ISTM की स्थापना 1948 में हुई थी, और यह Department of Personnel and Training (DoPT) के अंतर्गत काम करता है, Central Secretariat Service (CSS), Central Secretariat Stenographers’ Service (CSSS) और अन्य केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के लिए। Stenographer Grade D के लिए इस programme को ‘SDR Foundation Training Programme’ (Stenographer Direct Recruit) कहा जाता है।
यहां एक बेहद ज़रूरी बात समझनी चाहिए, यह training सिर्फ वैकल्पिक (optional) नहीं है। DoPT के official निर्देशों के अनुसार, जो candidates इस induction training में शामिल नहीं होते या इसे qualify नहीं करते, उनकी probation अवधि पूरी नहीं मानी जाती। यानी सिर्फ selection हो जाना काफी नहीं, नौकरी को स्थायी दर्जा पाने के लिए यह training पूरी करना अनिवार्य शर्त है।
Stenographer Grade D के Cadre Training Plan की official जानकारी यहाँ देखें.
Training में क्या क्या सिखाया जाता है
यह ज़रूरी है कि इसे सही तरीके से समझा जाए, ISTM की यह training दोबारा typing या shorthand सिखाने के लिए नहीं होती, क्योंकि यह skill candidates पहले ही अपने selection exam में साबित कर चुके होते हैं। इसके बजाय, यह training governance, office procedures, service rules, e-Office और record management के hands-on इस्तेमाल, professionalism, ethics और communication skills पर केंद्रित होती है। यानी यह training candidate को एक कुशल typist से एक जानकार सरकारी अधिकारी बनने में मदद करती है।
Stenographers की Induction Training Programme के बारे में विस्तृत जानकारी यहाँ देखें.
एक अनोखा हिस्सा, Bharat Darshan-cum-NGO Visit
ISTM की training में एक बेहद दिलचस्प और अनोखा हिस्सा भी शामिल होता है, जिसे ‘Bharat Darshan-cum-NGO Visit’ कहा जाता है। इसमें प्रशिक्षणार्थियों को Delhi से बाहर, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर वाले स्थानों की यात्रा पर ले जाया जाता है, ताकि वे देश के अलग अलग हिस्सों में सरकारी योजनाओं और संस्थानों के कामकाज को समझ सकें। उदाहरण के लिए, 2019 के एक batch को Delhi-Bhopal-Jhansi-Orchha-Agra-Nainital-Jim Corbett Park के दौरे पर भेजा गया था। यह दिखाता है कि सरकारी training सिर्फ classroom तक सीमित नहीं, बल्कि एक व्यापक, अनुभव-आधारित प्रक्रिया है।
Training की अवधि
Training की अवधि विभाग और cadre के अनुसार अलग अलग होती है। कुछ विभागों, जैसे Department of Telecommunications (DoT), का Induction Training Programme लगभग दो हफ्तों का, focused programme होता है। वहीं, ISTM का मुख्य SDR Foundation Training Programme आमतौर पर इससे थोड़ा लंबा, लगभग एक महीने तक चलता है। यह private sector के सामान्य, कुछ दिनों के onboarding से कहीं ज़्यादा विस्तृत और संरचित है।
ISTM के मौजूदा Training Programmes और schedule की जानकारी यहाँ देखें.
Pre-Employment Training, ITI Stenographer Course
यह ऊपर बताई गई post-selection training से अलग है, लेकिन उतनी ही ज़रूरी है। बहुत से candidates सरकारी या private नौकरी पाने से पहले ही ITI (Industrial Training Institute) से Stenographer Secretarial Assistant जैसा course करते हैं, जो Directorate General of Training (DGT) के अंतर्गत आता है। यह course आमतौर पर 1 से 2 साल का होता है (दो 6-महीने के semesters में), और इसमें typing, shorthand और office assistance से जुड़ी बुनियादी skills सिखाई जाती हैं, ताकि candidates आगे चलकर सरकारी परीक्षा या private नौकरी, दोनों के लिए तैयार हो सकें।
Private Office में Typing/Secretarial Training कैसे अलग है
Private companies में typing या secretarial भूमिकाओं के लिए, selection के बाद ऐसी कोई हफ्तों लंबी, किसी बाहरी सरकारी संस्थान में होने वाली अनिवार्य training आमतौर पर नहीं होती। ज़्यादातर private offices में onboarding कुछ दिनों के भीतर पूरा हो जाता है, जिसमें company की खुद की software, formats और प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाती है, अक्सर किसी senior सहकर्मी के साथ काम करके सीखने (shadowing) के तरीके से। Private sector में probation period ज़रूर होता है (आमतौर पर 3 से 6 महीने), लेकिन यह किसी formal, बाहरी training संस्थान में उपस्थिति और qualification से बंधा नहीं होता, जैसा कि सरकारी Stenographers के मामले में होता है।
Fact Table, Government बनाम Private Training
| Point | Government Office | Private Office |
| Training संस्थान | ISTM जैसा dedicated, सरकारी संस्थान | आमतौर पर कोई बाहरी संस्थान नहीं, in-house onboarding |
| Training की अनिवार्यता | अनिवार्य, Probation clearance से जुड़ी हुई | आमतौर पर औपचारिक रूप से अनिवार्य नहीं |
| Training की अवधि | लगभग 2 हफ्ते से 1 महीने तक | आमतौर पर कुछ दिन |
| Training का Content | Governance, Service Rules, e-Office, Ethics, Communication | Company-specific software, format, प्रक्रियाएं |
| अतिरिक्त Components | Bharat Darshan-cum-NGO Visit जैसे अनुभव-आधारित हिस्से | आमतौर पर सिर्फ job-specific training |
| Pre-Employment Training विकल्प | ITI Stenographer Course (1-2 वर्ष) | कोई मानकीकृत pre-employment training अनिवार्यता नहीं |

Example, Typing Career के अलग अलग पड़ाव
| पड़ाव | Government Path | Private Path |
| शुरुआती Skill सीखना | ITI Stenographer Course या self-study/institute | Self-study, online courses या institute |
| Selection | SSC/राज्य परीक्षा के ज़रिए | Interview और typing test के ज़रिए |
| Post-Selection Training | ISTM में अनिवार्य Foundation Training | कुछ दिनों की in-house onboarding |
| स्थायीकरण (Confirmation) | Training पूरी करने के बाद ही Probation clear | आमतौर पर सिर्फ performance-based |
Candidates के लिए Tips
- अगर आप सरकारी typing/steno पद के लिए selected हुए हैं, तो ISTM या अपने cadre की training programme को गंभीरता से लें, क्योंकि इसका सीधा असर आपकी confirmation पर पड़ता है।
- Training के दौरान सिर्फ typing नहीं, बल्कि office procedures, service rules और e-Office जैसे विषयों पर भी पूरा ध्यान दें, यह आपके रोज़ाना के काम में मदद करेंगे।
- अगर आप private sector में जाना चाहते हैं, तो ITI या किसी अच्छे institute से पहले ही ज़रूरी typing/shorthand skills मज़बूत कर लें, क्योंकि वहां post-selection training उतनी विस्तृत नहीं होती।
- दोनों ही sectors में, training के दौरान मिलने वाले हर मौके, चाहे वह classroom हो या field visit, का पूरा फायदा उठाएं।
- Training पूरी होने के बाद भी, अपनी typing speed और accuracy को नियमित अभ्यास से बनाए रखें।
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(FAQs)
क्या SSC Stenographer में select होने के बाद training अनिवार्य है?
हां, ISTM का Foundation Training Programme अनिवार्य है, और DoPT के निर्देशों के अनुसार, इसे qualify किए बिना probation clear नहीं माना जाता।
ISTM की training में कितने दिन लगते हैं?
यह विभाग और cadre के अनुसार अलग अलग होता है, कुछ programme लगभग दो हफ्तों के होते हैं, जबकि मुख्य Foundation Training Programme लगभग एक महीने तक चल सकता है।
क्या private companies में भी इतनी लंबी training होती है?
आमतौर पर नहीं, private sector में onboarding आमतौर पर कुछ ही दिनों में पूरा हो जाता है, और यह किसी बाहरी सरकारी संस्थान से जुड़ा नहीं होता।
ITI Stenographer Course और ISTM की training में क्या फर्क है?
ITI Stenographer Course एक pre-employment, बुनियादी skill training है, जो नौकरी पाने से पहले की जाती है, जबकि ISTM की training post-selection, यानी सरकारी नौकरी मिलने के बाद दी जाने वाली induction training है।
निष्कर्ष (Conclusion)
Government और Private office में typing training के दिन एक जैसे नहीं होते। सरकारी क्षेत्र में, खासकर Stenographers के लिए, ISTM जैसा dedicated संस्थान, हफ्तों लंबी, अनिवार्य Foundation Training देता है, जो सीधे नौकरी के स्थायीकरण से जुड़ी होती है। वहीं private sector में training आमतौर पर छोटी, कंपनी-विशिष्ट और अपेक्षाकृत अनौपचारिक होती है। दोनों रास्तों के अपने अपने फायदे हैं, और सही तैयारी के साथ, दोनों ही एक सफल और संतोषजनक typing career की तरफ ले जा सकते हैं।


