हिंदी आशुलिपि (Stenography) सीखने की आपकी इस निरंतर साधना का आज 41वां दिन है। Hindi Shorthand Stenography Course (Day 41 – 45) आज का अध्याय आपकी गति (Speed) और शुद्धता (Accuracy) के बीच के सेतु को मजबूत करने वाला है।
आशुलिपि में जब हम एक-एक शब्द को अलग-अलग लिखते हैं, तो पेंसिल को बार-बार उठाना पड़ता है, जिससे समय की बर्बादी होती है। इस समस्या का समाधान ‘वाक्यांश’ (Vakyansh) में निहित है। वाक्यांश का अर्थ है दो या दो से अधिक शब्दों को बिना पेंसिल उठाए एक ही प्रवाह में लिखना। Shorthand में वाक्यांशों का सही उपयोग आपको 80 से 120 शब्द प्रति मिनट की गति तक ले जा सकता है। आज हम ‘किया’, ‘होता’, ‘बनता’, ‘होगा’, ‘नहीं’ जैसी क्रियाओं के साथ बनने वाले उन जटिल वाक्यांशों को सीखेंगे जो डिक्टेशन में बार-बार आते हैं। याद रखें, स्टेनोग्राफी केवल रेखाओं का खेल नहीं, बल्कि प्रतीकों की एक भाषा है।
1. ‘किया’ (Kiya) शब्द से बनने वाले वाक्यांशों का विस्तृत विश्लेषण
‘किया’ एक ऐसी क्रिया है जो लगभग हर दूसरे वाक्य में प्रयुक्त होती है। इसके वाक्यांश बनाते समय हम ‘त’ व्यंजन का लोप (Omission) करने और ‘ग’ व्यंजन से काटने के नियमों का पालन करते हैं।
निर्माण विधि और तकनीक:
- किया है: ‘किया’ के शब्द-चिह्न (जो लाइन पर बनता है) के साथ ‘है’ का छोटा वृत्त या टिक ऊपर की ओर जोड़ें।
- किया जाता: यहाँ ‘जाता’ के लिए ‘ज’ व्यंजन और ‘त’ का आंकड़ा लगाया जाता है, लेकिन गति में ‘त’ का लोप कर केवल ‘ज’ को लंबा खींचकर पढ़ा जाता है।
- किया जाएगा (विशिष्ट नियम): जब ‘किया’ के साथ ‘जाएगा’ जोड़ना हो, तो ‘किया’ लिखने के बाद पेंसिल न उठाएं, बल्कि उसे ‘ग’ व्यंजन से काट दें। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि ‘किया’ के बाद ‘ज’ और फिर ‘ग’ को एक साथ जोड़ना हाथ के प्रवाह को रोकता है। ‘ग’ से काटना ‘जाएगा’ का स्पष्ट संकेत है।
- लिंग और वचन का अंतर (बिंदियों का प्रयोग):
- किया जाता है: साधारण आउटलाइन।
- किए जाते हैं: आउटलाइन के अंत में ‘है’ के पास एक बिंदी लगाएं (बहुवचन का संकेत)।
- की जाती है: आउटलाइन के अंत में ई-स्वर की बिंदी लगाएं (स्त्रीलिंग का संकेत)।
‘किया’ वाक्यांश तालिका:
| वाक्यांश | निर्माण विधि (GPS for Hand) | विशेष निर्देश |
| किया है | किया + ऊपर की ओर ‘है’ की टिक। | प्रवाह बनाए रखें। |
| किया जाता | किया + ज व्यंजन रेखा। | ‘त’ का लोप करें। |
| किया जाए | किया + ज और य का छोटा हुक। | हाथ न उठाएं। |
| किया जाएगा | किया की रेखा को ‘ग’ व्यंजन से बीच से काटें। | सबसे तीव्र विधि। |
| किया जाता है कि | किया + जाता + है + नीचे की ओर ‘कि’ की छोटी टिक। | एक ही झटके में लिखें। |
| किया जा सकता है | किया + ज + स-क का आंकड़ा + है। | ‘सकता’ के लिए स-क का प्रयोग। |
| किया जा रहा है | ‘जा’ की रेखा को दोगुना लंबा (Double length) करें। | द्विगुणन सिद्धांत लागू। |
2. ‘होता’ (Hota) और ‘बनता’ (Banta) क्रियाओं का संयोजन
‘होता’ और ‘बनता’ में ‘त’ का लोप करना सबसे महत्वपूर्ण कौशल है। यहाँ ‘ह’ और ‘ब’ के आंकड़ों का खेल समझना आवश्यक है।
‘होता’ (Hota) के नियम:
‘होता’ के लिए ‘ह’ का बड़ा आंकड़ा ‘त’ के साथ जुड़ता है। वाक्यांशों में:
- होता है कि: ‘ह’ का आंकड़ा, फिर ‘है’ का वृत्त और अंत में ‘कि’ की टिक। यह अंग्रेजी के ‘S’ आकार जैसा महसूस होगा लेकिन दिशा नीचे की ओर होगी।
- होता जा रहा है कि: यहाँ ‘जा’ क्रिया आने पर हम द्विगुणन सिद्धांत (Doubling Principle) का उपयोग करते हैं। ‘जा’ की रेखा को सामान्य से दोगुना लंबा करने पर उसमें ‘रहा/रहे/रही’ स्वतः जुड़ जाता है।
‘बनता’ (Banta) के नियम:
‘बनता’ में ‘ब’ का आंकड़ा ‘न’ व्यंजन के साथ जोड़ें।
- बन सकता है कि: ‘ब’ का आंकड़ा + ‘न’ रेखा + ‘स-क’ का संयुक्त आंकड़ा + ‘है’ + ‘कि’ की टिक। इसमें ‘त’ लिखने की आवश्यकता नहीं है, संदर्भ से इसे ‘बनता/बन सकता’ पढ़ा जाता है।
- बन रहा था कि: ‘बन’ लिखने के बाद रेखा को लंबा करें (रहा के लिए) और अंत में ‘था’ का शब्द-चिह्न जोड़कर ‘कि’ की टिक निकालें।
3. ‘होगा’ (Hoga) और ‘बढ़ता/पड़ता’ (Badhta/Padta) का प्रयोग
‘होगा’ शब्द को क्रियाओं के साथ जोड़ते समय छात्र अक्सर गलती करते हैं। वरिष्ठ प्रशिक्षक के नाते मेरी सलाह है कि ‘ह’ को ऊपर से नीचे लाते हुए ‘ग’ को तिरछा जोड़ें।
- करना होगा: ‘कर’ (क-र आंकड़ा) + ‘होगा’ (ह और ग का संयुक्त रूप)।
- देखना होगा कि: ‘देख’ (द-ख) + ‘न’ का आंकड़ा + ‘होगा’ + ‘कि’ की टिक। ‘ख’ को बीच से काटने की चिंता न करें यदि गति तेज हो, संदर्भ ही मुख्य है।
तुलनात्मक बॉक्स: बढ़ता बनाम पड़ता
| शब्द | मुख्य अंतर (Strokes) | वाक्यांश उदाहरण |
| बढ़ता | ‘ब’ का आंकड़ा (बड़ा हुक) + ‘ढ़’ रेखा। | बढ़ रहा है: ‘ब-ढ़’ को दोगुना लंबा करें। |
| पड़ता | ‘प’ का आंकड़ा (छोटा हुक) + ‘ड़’ रेखा। | पड़ता है कि: ‘प-ड़’ + ‘है’ + ‘कि’। |
शिक्षक की टिप: ‘बढ़ता’ और ‘पड़ता’ में केवल आंकड़े के आकार का अंतर है। ‘ब’ का आंकड़ा हमेशा ‘प’ के आंकड़े से बड़ा और अधिक घुमावदार होना चाहिए ताकि अनुवाद के समय भ्रम न हो।
4. क्रिया-आधारित वाक्यांश: ‘जानना’, ‘रखना’ और ‘रोकना’
इन तीन क्रियाओं में सूक्ष्म अंतर है जिसे समझना अनिवार्य है।
- जानना (Janna): इसमें ‘ज’ का आंकड़ा और ‘न’ की पूरी रेखा, फिर एक और ‘न’ का हुक लगाया जाता है।
- जानता है कि: ‘ज-न’ + ‘है’ + ‘कि’। यहाँ ‘त’ का लोप होता है।
- जान रहे हैं: ‘ज-न’ की रेखा को दोगुना लंबा करें। बहुवचन के लिए अंत में बिंदी लगाएं।
- जाना जा सकता था: ‘जाना’ + ‘जा’ + ‘स-क’ + ‘था’ (लाइन काटकर)।
- रखना (Rakhna): ‘र’ (ऊपर जाने वाला) + ‘ख’ + ‘न’ का आंकड़ा।
- रखा जाता है: ‘र-ख’ + ‘ज’ + ‘है’।
- रखा जा रहा है कि: ‘र-ख’ के बाद ‘ज’ को दोगुना लंबा करें और ‘कि’ की टिक जोड़ें।
- रोकना (Rokna) – सावधानी: ‘रोकना’ और ‘रखना’ की आउटलाइन एक जैसी दिख सकती है। अनिवार्य नियम: ‘रोकना’ लिखते समय ‘र’ पर ‘ओ’ की मात्रा का स्वर (डैश) अवश्य लगाएं। बिना स्वर के यह ‘रखना’ पढ़ा जाएगा, जिससे वाक्य का अर्थ बदल सकता है।
- रोका जा सकता है: ‘र (ओ स्वर के साथ) – क’ + ‘जा’ + ‘सकता है’।
5. ‘माना’, ‘आशा’ और ‘कोशिश’ के वाक्यांश
ये शब्द औपचारिक और संपादकीय डिक्टेशन की जान हैं।
- माना: ‘म-न’ के शब्द-चिह्न का प्रयोग करें। “माना जाता है कि” के लिए ‘म-न’ + ‘ज’ + ‘है’ + ‘कि’।
- आशा: ‘श’ व्यंजन को लाइन के ऊपर (First position) लिखने से ‘आशा’ बनता है।
- मुझे आशा है कि: ‘मुझे’ का शब्द-चिह्न + ‘आशा’ + ‘है’ + ‘कि’। इसे एक ही लय में लिखें, पेंसिल न उठाएं।
- आशा कर रहा हूँ: ‘आशा’ + ‘कर’ की रेखा को लंबा करें + ‘हूँ’ का हुक।
- कोशिश: ‘क’ व्यंजन के साथ ‘स-स’ का बड़ा वृत्त। “कोशिश की जा रही है” में ‘क-स’ के बाद रेखा को द्विगुणन सिद्धांत के अनुसार लंबा कर दें।
6. भावनात्मक एवं औपचारिक क्रियाएं: उन्नत तकनीकें
यहाँ हम कुछ विशिष्ट शब्दों के लिए ‘शॉर्टकट’ विधियाँ अपनाते हैं:
- महसूस: ‘म-ह-स’ का संयोजन। “महसूस करता हूँ” में ‘म’ को ‘ह’ के वृत्त के साथ जोड़ते हुए ‘स’ का वृत्त बनाएं और ‘करता हूँ’ जोड़ें।
- प्रयत्न: इसे पूरा ‘प-र-य-त-न’ लिखने के बजाय ‘प-र-त-न’ (परतन) लिखें। संदर्भ इसे ‘प्रयत्न’ पढ़ेगा। “प्रयत्न करना चाहिए” एक अत्यंत उपयोगी वाक्यांश है।
- निवेदन: इसकी तीन गतियां हैं:
- सामान्य: न-व-द-न (पूरा रूप)।
- तेज: न-द-न (नदन तकनीक)।
- अति तीव्र: केवल ‘न-द’ लिखकर उसे ‘निवेदन’ मानना।
- निवेदन करना चाहता हूँ कि: ‘न-द’ + ‘कर’ + ‘चाहता’ (बड़ा चाप) + ‘हूँ’ + ‘कि’।
- निंदा: ‘न-द’ के साथ ‘अंक’ की बिंदी (छोटा सर्कल) लगाएं। “निंदा करता हूँ” में ‘न’ के ऊपर बिंदी स्पष्ट होनी चाहिए।
7. ‘नहीं’ (Nahi) के साथ नकारात्मक वाक्यांश
‘नहीं’ का शब्द-चिह्न लाइन के ऊपर होता है। इसके साथ क्रियाओं को जोड़ना आपकी गति में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
- नहीं है कि: ‘नहीं’ + ‘है’ का वृत्त + ‘कि’ की टिक।
- नहीं होता है: ‘नहीं’ + ‘ह’ का आंकड़ा + ‘है’। (त का लोप)।
- नहीं हो सकता: यहाँ ‘हो’ के लिए रेखा को थोड़ा ऊपर ले जाएं और ‘स-क’ का आंकड़ा जोड़ें।
- नहीं किया गया है कि: यहाँ ‘गया’ प्रत्यय का प्रयोग होता है। ‘गया’ के लिए एक छोटी झुकी हुई रेखा (Slant line) का उपयोग किया जाता है। ‘नहीं’ + ‘किया’ + ‘गया’ की रेखा + ‘है’ + ‘कि’।
- नहीं हो पाता: ‘नहीं’ + ‘हो’ + ‘प-त’ (पाता)। इसमें ‘है’ का आंकड़ा थोड़ा मोटा करके लगाया जाता है।
- नहीं कर रहा है: ‘नहीं’ के साथ ‘कर’ को दोगुना लंबा करें और ‘है’ जोड़ें।
8. अभ्यास हेतु महत्वपूर्ण चार्ट (20 Master Phrases)
इन वाक्यांशों की ज्यामिति (Geometry) को समझें और प्रत्येक को कम से कम 10 बार लिखें। आपकी पेंसिल का दबाव एक समान होना चाहिए।
- किया जाता है कि: (किया + ज + है + कि)
- किया जा सकता था: (किया + ज + स-क + था का शब्द-चिह्न)
- किया जा रहा है कि: (किया + ज की लंबी रेखा + है + कि)
- होता जाता है कि: (ह आंकड़ा + ज + है + कि)
- होता जा रहा था: (ह आंकड़ा + ज की लंबी रेखा + था)
- बन सकता है कि: (ब आंकड़ा + न + स-क + है + कि)
- बन रहा था कि: (ब आंकड़ा + न की लंबी रेखा + था + कि)
- करना होगा कि: (कर + ह-ग + कि)
- देखना होगा: (द-ख + न आंकड़ा + ह-ग)
- बढ़ता जाता है: (ब आंकड़ा + ढ़ + ज + है)
- पड़ता जा रहा है: (प आंकड़ा + ड़ की लंबी रेखा + है)
- जानता है कि: (ज-न + है + कि)
- जाना जा सकता है: (ज-न + ज + स-क + है)
- रखा जा रहा है कि: (र-ख + ज की लंबी रेखा + है + कि)
- रोकना होगा: (र (ओ स्वर) – क + न आंकड़ा + ह-ग)
- माना जा सकता है: (म-न + ज + स-क + है)
- मुझे आशा है कि: (मुझे + आशा + है + कि)
- कोशिश की जा रही है: (क-स वृत्त + ज की लंबी रेखा + है)
- निवेदन करना चाहता हूँ कि: (न-द + कर + चाहता चाप + हूँ + कि)
- नहीं हो सकता है कि: (नहीं + हो + स-क + है + कि)
Day 42: एडवांस वाक्यांश (Advanced Phrases) और स्पीड बढ़ाने के गुप्त तरीके
आज हम ‘यह’ से शुरू होने वाले महत्वपूर्ण वाक्यांशों, और ‘होगा’, ‘चाहिए’, ‘चाहता हूँ’, ‘चुका’, ‘गया’ तथा ‘जनक’ जैसे प्रत्ययों (Suffixes) को क्रियाओं के साथ जोड़ने के एडवांस नियम सीखेंगे। यह हमारी 5-दिवसीय वाक्यांश सीरीज की चौथी और अत्यंत महत्वपूर्ण क्लास है।
1. ‘यह’ (Yeh) से शुरू होने वाले महत्वपूर्ण वाक्यांश
सरकारी डिक्टेशन और संपादकीय लेखों में ‘यह’ शब्द का प्रयोग अत्यधिक होता है। यदि आप ‘यह’ के बाद आने वाले सहायक शब्दों को इसके साथ जोड़ना सीख लेते हैं, तो आपकी गति में कम से कम 10-15 WPM का इजाफा तुरंत हो जाएगा।
‘यह’ संयोजन के मुख्य नियम:
- ‘यह’ के शब्दाक्षर (Word-sign) के साथ क्रिया को मिलाते समय हाथ का प्रवाह (Flow) नहीं टूटना चाहिए।
- लिंग और वचन के अनुसार ‘है’, ‘हैं’, ‘होता है’, ‘होती है’ में सूक्ष्म अंतर करना सीखें।
| वाक्यांश (Phrase) | आशुलिपि संरचना (Shorthand Description) | विभागीय प्रयोग का नियम |
| यह है | रेखा के ऊपर ‘य’ का संकेत और अंत में ‘है’ का छोटा वृत्त। | सामान्य कथनों के लिए। |
| यह है कि | ‘य’ + ‘है’ का वृत्त + अंत में ‘की’ के लिए एक छोटी टिक। | जब अगला उपवाक्य जोड़ना हो। |
| यह होता है कि | ‘य’ के साथ ‘त’ का हुक, फिर ‘है’ का वृत्त और ‘की’ की टिक। | सार्वभौमिक सत्य या आदतन क्रिया के लिए। |
| यह होती है कि | ‘य’ + ‘त’ हुक + ‘है’ + ‘ई’ स्वर की सूक्ष्म टिक। | स्त्रीलिंग वाक्यों के संदर्भ में। |
| यह आवश्यक है कि | ‘य’ का संकेत + ‘स-क’ (आवश्यक का शब्द-चिह्न) + ‘है कि’। | नोटिंग और ड्राफ्टिंग में सर्वाधिक प्रयुक्त। |
| यह आवश्यक होता है कि | ‘य’ + ‘स-क’ + ‘होता है कि’ का पूरा संयोजन। | नियम या अधिनियम समझाते समय। |
| यह आवश्यक हो जाता है कि | ‘य’ + ‘स-क’ + ‘हो’ का वृत्त + ‘जाता है कि’। | परिस्थिति की गंभीरता दर्शाने हेतु। |
| यह किया जाता है कि | ‘य’ + ‘क’ (किया) + ‘जाता है कि’ (ज-त-है-कि)। | प्रक्रियात्मक विवरण देते समय। |
| यह किया जा सकता है कि | ‘य’ + ‘क’ + ‘जा’ + ‘स’ का वृत्त + ‘है कि’ (त का लोप)। | संभावना या सुझाव व्यक्त करने हेतु। |
| यह कहा जा सकता है कि | ‘य’ + ‘क-ह’ (कहा) + ‘जा सकता है कि’। | तार्किक बहस या भाषणों में अत्यंत उपयोगी। |
| यह ठीक है कि | ‘य’ + ‘ठ’ (रेखा काटकर) + ‘है कि’। | किसी तर्क से आंशिक सहमति हेतु। |
| यह ठीक नहीं है कि | ‘य’ + ‘ठ’ + ‘नहीं’ का संकेत + ‘है कि’। | आधिकारिक असहमति व्यक्त करने हेतु। |
| यह जरूरी है कि | ‘य’ + लाइन काटकर ‘ज’ (जरूरी का शब्द-चिह्न) + ‘है कि’। | अनिवार्यता का बोध कराने के लिए। |
| यह शुभ संकेत है कि | ‘य’ + ‘स’ + ‘भ’ (काटकर) + ‘स-क’ + ‘है कि’। | सकारात्मक समाचारों के डिक्टेशन में। |
| यह कठिन है कि | ‘य’ + ‘क-ठ-न’ (कठिन) + ‘है कि’ (न के हुक में ही ‘है’)। | चुनौती का वर्णन करने हेतु। |
| यह स्वाभाविक है कि | ‘य’ + ‘स्व’ का बड़ा वृत्त + ‘भ’ + ‘है कि’। | सहजता व्यक्त करने के लिए। |
अभ्यास हेतु वाक्य (Practice Drill):
- यह आवश्यक है कि इस फाइल को तुरंत संबंधित अधिकारी के पास भेजा जाए।
- यह कहा जा सकता है कि देश की अर्थव्यवस्था सही दिशा में बढ़ रही है।
- यह ठीक नहीं है कि आप बार-बार निर्देशों का उल्लंघन करें।
- यह शुभ संकेत है कि इस वर्ष मानसून समय पर आया है।
2. ‘होगा’ (Hoga) प्रत्यय के साथ वाक्यांश निर्माण
‘होगा’ का प्रयोग भविष्य काल की क्रियाओं में होता है। इसे क्रिया के साथ मिलाकर लिखने से पेंसिल उठाने की जरूरत नहीं पड़ती।
तकनीक और नियम:
- करना होगा / किया होगा: ‘कर’ की रेखा के साथ ‘होगा’ का वृत्त जोड़ें। यहाँ ‘ना’ के हुक का लोप (Omission) करना गति के लिए श्रेष्ठ है। “करना होगा कि” के लिए अंत में टिक लगाएँ।
- देखना होगा बनाम देखा होगा: ‘देखना होगा’ में ‘न’ का हुक स्पष्ट रखें। ‘देखा होगा’ में ‘खा’ के लिए प्रथम स्थान का स्वर (Vowel) लगाएँ ताकि अनुवाद (Transcription) में गलती न हो।
- जाना होगा / बनाना होगा / रखना होगा:
- बनाना होगा: ‘ब’ का आंकड़ा + ‘न’ + ‘होगा’।
- रखना होगा: ऊपर जाने वाला ‘र’ + ‘ख’ + ‘होगा’।
- बेहतर होगा कि: ‘बेहतर’ (तर-दर का नियम) के शब्द-चिह्न में सीधे ‘होगा कि’ जोड़ें।
- कर रहा होगा कि: ‘कर’ की रेखा को दोगुना (Double) कर दें, इससे ‘रहा’ जुड़ जाएगा, फिर ‘होगा कि’ जोड़ें।
3. ‘चाहिए’ (Chahiye) के नियम और चाप (Arc) का प्रयोग
आशुलिपि में ‘चाहिए’ को एक विशिष्ट चाप (Arc) द्वारा दर्शाया जाता है। इसे क्रिया के अंत में जोड़ने की कला ही आपकी स्पीड बढ़ाएगी।
संयोजन की विधियाँ:
- स्वतंत्र: जब ‘चाहिए’ अकेला आए (जैसे: मुझे पेन चाहिए)।
- क्रिया के साथ (चाप पद्धति): यह सबसे तेज तरीका है।
महत्वपूर्ण विभागीय वाक्यांश:
- करना चाहिए: ‘कर’ + ‘ना’ का लोप + ‘चाहिए’ का चाप।
- होना चाहिए: ‘हो’ + ‘न’ का हुक + ‘चाहिए’ का चाप। यह बहुत पठनीय (Readable) होता है।
- किया जाना चाहिए: ‘किया’ (शब्दाक्षर) + ‘जाना’ + ‘चाहिए’ का चाप।
- लिया जाना चाहिए: ‘लिया’ (शब्दाक्षर) + ‘जाना’ + ‘चाहिए’ का चाप।
- मान लिया जाना चाहिए: ‘म-न’ + ‘लिया’ + ‘जाना’ + ‘चाहिए’ का चाप।
- प्रयास करना चाहिए: ‘प-र-य-स’ + ‘करना’ + ‘चाहिए’। (र का लोप करके स का आंकड़ा क में जोड़ें)।
- प्रयत्न करना चाहिए: ‘प-र-य-त-न’ + ‘करना’ + ‘चाहिए’। यदि समय कम हो तो ‘पर’ + ‘करना’ + ‘चाहिए’ भी पढ़ा जाता है।
- समर्थन करना चाहिए: ‘स-म-र-थ-न’ + ‘करना’ + ‘चाहिए’। यहाँ ‘न’ का हुक खोलकर ‘चाहिए’ जोड़ें ताकि स्पष्टता बनी रहे।
- करना ही चाहिए: ‘करना’ + ‘ही’ का छोटा वृत्त + ‘चाहिए’ का चाप।
4. ‘चाहता हूँ’ (Chahta Hoon) का संयोजन
जब किसी क्रिया के अंत में ‘चाहता हूँ’, ‘चाहते हैं’ या ‘चाहती हूँ’ आए, तो ‘न-लोप’ (N-omission) तकनीक का उपयोग करें।
उदाहरण और संरचना:
- करना चाहता हूँ: ‘कर’ + ‘चाहता हूँ’ का संकेत। (‘ना’ लिखने की जरूरत नहीं)।
- रोकना चाहता हूँ: ‘र-क’ + ‘चाहता हूँ’।
- निवेदन करना चाहता हूँ: ‘न-द’ (निवेदन का संक्षिप्त रूप) + ‘कर’ + ‘चाहता हूँ’।
- बोलना चाहता हूँ: ‘ब-ल’ + ‘चाहता हूँ’।
- देखना चाहता हूँ: यदि गति सामान्य है तो ‘न’ का हुक खोलें (देखना + चाहता हूँ), अन्यथा लोप कर दें।
विशेष निर्देश: अनुवाद करते समय यदि आप ‘चाहता हूँ’ पढ़ रहे हैं, तो क्रिया में ‘ना’ स्वतः जुड़ जाएगा (जैसे ‘करना’ चाहता हूँ, न कि ‘कर’ चाहता हूँ)। यह व्याकरणिक सूझ-बूझ स्टेनोग्राफर के लिए अनिवार्य है।
5. ‘चुका’ और ‘गया’ (Perfect & Past Tense) वाक्यांश
ये दो प्रत्यय डिक्टेशन का लगभग 20% हिस्सा कवर करते हैं। इन्हें लिखने के मेरे विशेष तरीके नोट करें:
‘चुका’ का नियम (Chuka Rule)
किसी भी शब्द के अंत में ‘चुका/चुके/चुकी’ आए, तो शब्द के ठीक नीचे या उसे काटते हुए ‘क’ (Ka) का संकेत बना दें।
- पढ़ चुका है: ‘पढ़’ लिखकर नीचे ‘क-है’।
- रख चुका है: ‘रख’ लिखकर नीचे ‘क-है’।
- हो चुका था: ‘हो’ के नीचे ‘क-था’।
- बता चुके हैं: ‘बता’ लिखकर नीचे ‘क-हैं’ (बिंदी लगाएँ)।
‘गया’ का नियम (Gaya Rule)
‘गया’ के लिए दो विधियाँ हैं:
- काटकर: ‘हो गया’ को ‘हो’ लिखकर ‘ग’ से काटें।
- प्रतीक (Symbol): एक “लेटा हुआ यू (Horizontal U)” जैसा सिंबल क्रिया के अंत में जोड़ें। यह लंबे वाक्यांशों के लिए बेहतरीन है।
- किया गया है: ‘किया’ + ‘Horizontal U’ + ‘है’।
- हो गया है कि: ‘हो’ + ‘Horizontal U’ + ‘है’ + ‘की’ टिक।
- माना गया है कि: ‘माना’ + ‘Horizontal U’ + ‘है’ + ‘की’ टिक।
- कर दिया गया है कि: ‘कर’ + ‘द’ (दिया) + ‘Horizontal U’ + ‘है’ + ‘की’ टिक। (इसे ‘द’ से काटकर भी लिखा जा सकता है)।
6. ‘जनक’ (Janak) प्रत्यय का उपयोग
‘जनक’ शब्द का प्रयोग अक्सर चुनौतीपूर्ण विशेषणों के साथ होता है। इसके लिए ‘न’ (Na) के आंकड़े का प्रयोग प्रत्यय के रूप में किया जाता है।
एडवांस आउटलाइन:
- आश्चर्यजनक: ‘आश्चर्य’ लिखकर अंत में ‘न’ से काटें।
- निराशाजनक: ‘निराशा’ के साथ ‘न’ को अंत में ही जोड़ दें।
- संतोषजनक: ‘संतोष’ का शब्द-चिह्न + ‘न’ (जनक)।
- चिंताजनक: ‘चिंता’ + ‘न’ (जनक)।
एडवांस संयोजन (जलेबी स्टाइल ट्विस्ट): जब “निराशाजनक है कि” जैसा वाक्यांश आए, तो ‘न’ के आंकड़े को एक “जलेबी की तरह गोल मोड़” (Circular Twist) देते हुए ‘है कि’ के साथ जोड़ दें।
- यह निराशाजनक है कि: ‘यह’ + ‘निराशा’ + ‘जनक’ (ट्विस्ट) + ‘है कि’।
- यह आश्चर्यजनक है कि: ‘यह’ + ‘आश्चर्य’ + ‘जनक’ (ट्विस्ट) + ‘है कि’।
- यह संतोषजनक है कि: ‘यह’ + ‘संतोष’ + ‘जनक’ (ट्विस्ट) + ‘है कि’।
7. स्पीड बढ़ाने के मास्टर टिप्स (Speed Building Masterclass)
मेरे 10 साल के विभागीय अनुभव के आधार पर ये टिप्स आपकी पेंसिल की गति बदल देंगे:
- मांसपेशियों की स्मृति (Muscle Memory): इन वाक्यांशों को केवल समझें नहीं, बल्कि प्रत्येक वाक्यांश को 5-5 पृष्ठ (Pages) तक अभ्यास करें। आपकी पेंसिल को सोचने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए।
- प्रवाह पर ध्यान दें: स्टेनोग्राफी पेंसिल को कागज पर रगड़ने का नाम नहीं, बल्कि बहाने (Flow) का नाम है। ‘यह है कि’ लिखते समय हाथ रुकना नहीं चाहिए।
- संदर्भ का महत्व: ‘न-लोप’ या ‘त-लोप’ करते समय डिक्टेशन के संदर्भ को याद रखें। अनुवाद करते समय आपका दिमाग स्वतः अशुद्ध ‘कर चाहता हूँ’ को शुद्ध ‘करना चाहता हूँ’ में बदल देना चाहिए।
- नियमित डिक्टेशन: वाक्यांशों का अभ्यास करने के बाद, इन्हीं वाक्यांशों से युक्त डिक्टेशन लें। आप हमारे पोर्टल Hindi Shorthand Course पर जाकर अभ्यास सामग्री प्राप्त कर सकते हैं।
(FAQ)
प्रश्न 1: ‘न’ का लोप करने से क्या अनुवाद में गलती होने की संभावना रहती है? उत्तर: शुरुआत में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन हिंदी में ‘कर चाहता हूँ’ जैसा कोई वाक्य नहीं होता। संदर्भ से स्पष्ट हो जाता है कि यह ‘करना चाहता हूँ’ ही है। गति बढ़ाने के लिए यह जोखिम उठाना जरूरी है।
प्रश्न 2: ‘हो गया’ को ‘ग’ से काटना ज्यादा सही है या ‘U’ सिंबल लगाना? उत्तर: ‘हो गया’ छोटा है, इसे काटकर लिखना तेज पड़ता है। लेकिन ‘किया गया है कि’ जैसे बड़े वाक्यांशों के लिए ‘U’ सिंबल हाथ के प्रवाह को बेहतर बनाए रखता है।
प्रश्न 3: ‘जनक’ के लिए ‘न’ से काटना कब चाहिए? उत्तर: जब शब्द के साथ ‘न’ जोड़ना कठिन हो (जैसे आश्चर्यजनक), तब काट देना बेहतर है। जहाँ आसानी से जुड़ सके (जैसे निराशाजनक), वहाँ जोड़कर लिखना चाहिए।
Day 43 – एडवांस वाक्यांश ‘जुट’ की संपूर्ण मार्गदर्शिका
आज हम ‘एडवांस वाक्यांश’ के उस विशेष खंड पर चर्चा करेंगे जिसे स्टेनोग्राफी की तकनीकी शब्दावली में ‘जुट’ (Jut) कहा जाता है। यह ट्यूटोरियल टाइपिंग मास्टर प्रो के उन सभी गंभीर अभ्यर्थियों के लिए तैयार किया गया है जो अपनी पेंसिल की गति में बिजली जैसी रफ़्तार और सटीकता चाहते हैं। एक वरिष्ठ प्रशिक्षक के रूप में, मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि आज की कक्षा में सीखे गए नियम आपकी डिक्टेशन लेने की क्षमता को पूरी तरह बदल देंगे। चलिए, अपनी नोटबुक और पेंसिल तैयार करें और ‘जुट’ की गहराइयों को समझना शुरू करें।
‘जुट’ (Jut) क्या है? परिभाषा और महत्व
आशुलिपि (या आशुलिपि) के क्षेत्र में ‘जुट’ उन विशेष संकेतों को कहा जाता है जो शब्दों के ऐसे समूह को दर्शाते हैं जो सामान्यतः वाक्यों में एक साथ प्रयोग किए जाते हैं। स्रोत संदर्भ के अनुसार, “दो या तीन शब्दों का वह समूह जो हमेशा साथ चलते हैं, जुट कहलाते हैं।”
स्टेनोग्राफी में ‘जुट’ का महत्व और लाभ:
- गति में अभूतपूर्व वृद्धि (Speed Enhancement): जब आप ‘शिक्षा के बारे में’ लिखने के लिए चार अलग-अलग आउटलाइन बनाने के बजाय एक सरल संकेत का उपयोग करते हैं, तो आपकी लेखन गति स्वतः ही बढ़ जाती है।
- हाथ का प्रवाह (Flow and Rhythm): जुट का अभ्यास करने से हाथ को बार-बार पेंसिल उठाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इससे लिखने का एक लयबद्ध प्रवाह बना रहता है।
- संज्ञानात्मक बोझ में कमी (Reduced Mental Effort): बार-बार आने वाले वाक्यांशों के लिए आपको सोचना नहीं पड़ता। आपका मस्तिष्क केवल मुख्य शब्दों पर ध्यान केंद्रित करता है, जबकि ‘जुट’ आपकी उंगलियों की ‘मसल मेमोरी’ से स्वतः ही निकल आते हैं।
- सटीकता (Precision): चूंकि जुट के नियम निश्चित और विशिष्ट होते हैं, इसलिए प्रतिलेखन (Transcription) के समय अनुवाद करने में कोई भ्रम नहीं होता।
एक कुशल स्टेनोग्राफर वही है जो शब्दों को नहीं, बल्कि वाक्यांशों को पकड़ना सीख जाता है। ‘जुट’ इसी कला का सबसे उन्नत हिस्सा है।
प्रमुख ‘जुट’ और उनके संकेत (Advanced Phrases & Their Symbols)
एडवांस स्टेनोग्राफी में ‘जुट’ लगाने के कुछ मूलभूत नियम हैं। कभी हम मुख्य शब्द के ऊपर (सिर पर), कभी नीचे (चरणों में), और कभी शब्द के बिल्कुल पास कोई विशेष अक्षर या आंकड़ा बनाकर पूरे वाक्यांश को अभिव्यक्त करते हैं।
1. ‘के’ से शुरू होने वाले महत्वपूर्ण जुट
हिंदी डिक्टेशन में ‘के’ से शुरू होने वाले वाक्यांश 40% से अधिक स्थान घेरते हैं। इसलिए इनका अभ्यास सबसे पहले और सबसे गहन होना चाहिए।
‘के रूप में’
नियम: इसे लिखने के लिए ‘के’ की एक छोटी टिक लगाई जाती है और उसके तुरंत बाद ‘र’ के साथ ‘मे’ की टिक जोड़ दी जाती है। यह मुख्य शब्द के अंतिम सिरे के बिल्कुल पास बनाया जाता है। पेंसिल का दबाव हल्का रखें।
- उदाहरण प्रयोग:
- हमें इसे एक शिक्षा के रूप में देखना चाहिए।
- सरकार ने इसे नई योजना के रूप में स्वीकार किया है।
- वह एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य कर रहा है।
- सत्य को सत्य के रूप में स्वीकार करें।
- उसे उपहार के रूप में सम्मान मिला।
‘के बारे में’ (Very Important – Star Marker)
नियम: यह सबसे अधिक उपयोग होने वाला जुट है। जिस शब्द के बाद ‘के बारे में’ आता है, उस शब्द की आउटलाइन के ठीक ऊपर (सिर पर) एक छोटा ‘म’ व्यंजन बना दिया जाता है। यहाँ ‘म’ ‘मामले’ या ‘बारे’ का प्रतिनिधित्व करता है।
- शिक्षक की टिप: ध्यान रहे, ‘म’ की स्थिति शब्द के ऊपर हवा में होनी चाहिए, न कि शब्द से चिपकी हुई।
- उदाहरण प्रयोग:
- शिक्षा के बारे में कोई संदेह नहीं है।
- हम भारत के बारे में चर्चा कर रहे हैं।
- पाकिस्तान के बारे में समाचार प्राप्त हुआ।
- संसद के बारे में नया विधेयक आया है।
- आज के समाचार के बारे में आपकी क्या राय है?
‘के नाम से’ और ‘के नाम पर’
नियम (अंतर स्पष्ट करें):
- ‘के नाम से’: शब्द के ऊपर ‘न’ व्यंजन बनाएँ और उसमें ‘स’ का छोटा वृत्त (Circle) जोड़ दें।
- ‘के नाम पर’: शब्द के ऊपर केवल ‘न’ व्यंजन बनाएँ। यहाँ ‘पर’ लोप हो जाता है।
- उदाहरण प्रयोग (के नाम से):
- यह संस्था शिक्षा के नाम से प्रसिद्ध है।
- उसने योजना के नाम से धन जुटाया।
- उदाहरण प्रयोग (के नाम पर):
- भारत के नाम पर गौरव महसूस करें।
- धर्म के नाम पर राजनीति गलत है।
- योजना के नाम पर भ्रष्टाचार नहीं चलेगा।
‘के संदर्भ में’
नियम: शब्द के बिल्कुल बगल में एक छोटा कोष्ठक (Bracket) जैसा वक्र चिह्न बनाया जाता है। यह चिह्न देखने में ‘प’ या ‘फ’ के एक छोटे हिस्से जैसा प्रतीत होता है लेकिन इसकी स्थिति संदर्भ स्पष्ट कर देती है।
- उदाहरण प्रयोग:
- भारत के संदर्भ में यह बात सही है।
- शिक्षा के संदर्भ में नई चुनौतियाँ हैं।
- संसद के संदर्भ में नियमों का पालन करें।
- वर्तमान योजना के संदर्भ में विवरण दें।
- इतिहास के संदर्भ में अध्ययन करें।
‘के विषय में’
नियम: जिस शब्द के साथ यह आता है, उस शब्द के ठीक नीचे ‘स’ व्यंजन बनाने से इसे ‘के विषय में’ पढ़ा जाता है। यहाँ ‘स’ का अर्थ ‘विषय’ की ध्वनि से लिया गया है।
- उदाहरण प्रयोग:
- शिक्षा के विषय में विचार करना आवश्यक है।
- योजना के विषय में जानकारी उपलब्ध है।
- भारत के विषय में बहुत कुछ लिखना शेष है।
- धर्म के विषय में तर्क न करें।
- इस नियम के विषय में स्पष्टता चाहिए।
‘के आधार पर’ (Important)
नियम: यह एक विशिष्ट जुट है। इसके लिए पूरी लाइन में एक गहरा और कटा हुआ ‘ध’ व्यंजन बनाया जाता है। इसे शब्द के पास या नीचे स्थान दिया जा सकता है।
- उदाहरण प्रयोग:
- हमें नियम के आधार पर निर्णय लेना होगा।
- शिक्षा के आधार पर समाज का निर्माण होता है।
- योजना के आधार पर बजट आवंटित हुआ।
- तथ्यों के आधार पर बात करें।
- योग्यता के आधार पर चयन हुआ।
‘के तौर पर’
नियम: मुख्य शब्द के पास ‘त’ व्यंजन बनाकर छोड़ दिया जाता है। ‘त’ का कटा हुआ रूप यहाँ ‘तौर’ को इंगित करता है।
- उदाहरण प्रयोग:
- उसे एक उपहार के तौर पर देखा गया।
- शिक्षा के तौर पर सुधार की आवश्यकता है।
- मुख्य अतिथि के तौर पर वे आए।
- नियम के तौर पर यह अनिवार्य है।
- भारत के तौर पर हमारी पहचान है।
‘के मामले में’
नियम: शब्द के ठीक नीचे ‘म’ और ‘ल’ (मल) के व्यंजनों को जोड़कर एक संयुक्त आकृति बनाई जाती है।
- उदाहरण प्रयोग:
- शिक्षा के मामले में हम आगे हैं।
- योजना के मामले में देरी हुई।
- आर्थिक मामले में सावधानी बरतें।
- अदालती मामले में वकील से मिलें।
- विकास के मामले में कोई समझौता नहीं।
2. स्थिति और दिशा सूचक जुट
ये जुट अक्सर विशेषणों या संज्ञाओं के बाद आकर उनकी दिशा या स्थिति को स्पष्ट करते हैं।
‘रूप से’
नियम: शब्द के अंत में या उसके नीचे से ‘र’ व्यंजन में ‘स’ का वृत्त जोड़कर तिरछा ऊपर या नीचे की ओर ले जाया जाता है। यह क्रिया विशेषण बनाने के लिए बहुत कारगर है।
- उदाहरण प्रयोग:
- हमें विशेष रूप से ध्यान देना होगा।
- प्रक्रिया स्वाभाविक रूप से चलनी चाहिए।
- काम सुचारू रूप से हो रहा है।
- निश्चित रूप से आप सफल होंगे।
- मानसिक रूप से तैयार रहें।
‘की ओर से’
नियम: यह ‘रूप से’ के समान ही संकेत देता है (र-स), लेकिन वाक्य के संदर्भ से इसे ‘की ओर से’ पढ़ा जाता है। प्रशिक्षक का सुझाव है कि ‘की ओर’ के लिए ‘र’ को थोड़ा और बड़ा कर सकते हैं।
- उदाहरण प्रयोग:
- भारत की ओर से कड़ा संदेश दिया गया।
- पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी हुई।
- जनता की ओर से मांग बढ़ी।
- विभाग की ओर से नोटिस जारी हुआ।
- हमारी ओर से शुभकामनाएं।
‘के क्षेत्र में’ (Important)
नियम: जिस शब्द के बाद यह वाक्यांश आए, उसके नीचे क्षत्रिय वाला ‘छ’ (कटा हुआ ‘च’) बनाकर छोड़ दें। यह ‘छ’ पूरे वाक्यांश ‘के क्षेत्र में’ का बोध कराता है।
- उदाहरण प्रयोग:
- भारत कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर है।
- शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं।
- विज्ञान के क्षेत्र में प्रगति हुई।
- खेल के क्षेत्र में स्वर्ण पदक मिला।
- रक्षा के क्षेत्र में नया अनुसंधान हुआ।
‘के तहत’
नियम: शब्द के नीचे केवल एक छोटा ‘त’ व्यंजन बनाने से ‘के तहत’ पढ़ा जाता है। यह ‘के तौर पर’ से अलग है क्योंकि इसकी स्थिति शब्द के बिल्कुल नीचे चरणों में होती है।
- उदाहरण प्रयोग:
- इस योजना के तहत ऋण मिलेगा।
- शिक्षा के तहत कई कार्यक्रम चल रहे हैं।
- संविधान के तहत अधिकार प्राप्त हैं।
- धारा 144 के तहत कार्रवाई हुई।
- अनुबंध के तहत कार्य पूरा करें।
‘की दिशा में’
नियम: शब्द के नीचे ‘द’ व्यंजन बनाकर उसमें ‘स’ का वृत्त जोड़ दें (द-स)।
- उदाहरण प्रयोग:
- हमें शिक्षा की दिशा में और निवेश करना होगा।
- प्रगति की दिशा में बढ़ते कदम।
- शांति की दिशा में वार्ता शुरू हुई।
- सुधार की दिशा में यह बड़ा फैसला है।
- भविष्य की दिशा में सोचें।
3. संबंध और कारण सूचक जुट
इन वाक्यांशों का प्रयोग वैचारिक डिक्टेशन में बहुत अधिक होता है।
‘के संबंध में’ (Super Star)
नियम: स्टेनोग्राफी में ‘संबंध’ का एक विशिष्ट शब्द-चिह्न होता है (दो छोटे वृत्त या एक विशिष्ट वक्र)। ‘के संबंध में’ लिखने के लिए उस शब्द-चिह्न को मुख्य शब्द के नीचे लगा दिया जाता है। यह संसदीय डिक्टेशन का सबसे पसंदीदा वाक्यांश है।
- उदाहरण प्रयोग:
- शिक्षा के संबंध में रिपोर्ट पेश की गई।
- भारत के संबंध में विदेशी नीति स्पष्ट है।
- योजना के संबंध में स्पष्टीकरण दें।
- विधेयक के संबंध में चर्चा जारी है।
- परियोजना के संबंध में अनुमति मिल गई।
‘के माध्यम से’
नियम: शब्द के ठीक पास ‘माध्यम’ का जो संकेत (म-ध-म) होता है, उसे छोटा करके जोड़ दें।
- उदाहरण प्रयोग:
- सूचना शिक्षा के माध्यम से फैलाएँ।
- योजना के माध्यम से लाभ पहुँचा।
- इंटरनेट के माध्यम से पढ़ाई करें।
- वार्ता के माध्यम से समाधान निकालें।
- पत्राचार के माध्यम से संपर्क करें।
‘के बावजूद’ और ‘की वजह से’
नियम:
- ‘के बावजूद’: शब्द के पास ‘ब’ और ‘ज’ का संयुक्त आंकड़ा बनाएँ।
- ‘की वजह से’: शब्द के पास ‘ब’, ‘ज’ और ‘ह’ का बड़ा वृत्त वाला आंकड़ा बनाएँ।
- उदाहरण प्रयोग:
- कठिनाइयों के बावजूद वह जीता।
- शिक्षा के बावजूद बेरोजगारी है।
- भारी बारिश की वजह से देरी हुई।
- भारत की वजह से क्षेत्रीय शांति बनी रही।
- नियमों की वजह से रुकना पड़ा।
‘के कारण’ (Extremely Important)
नियम: यह नियम बहुत सरल और प्रभावी है। शब्द के ऊपर एक छोटा ‘क’ व्यंजन बनाकर छोड़ दें। यह हवा में तैरता ‘क’ पूरे ‘के कारण’ वाक्यांश को समाहित कर लेता है।
- उदाहरण प्रयोग:
- बीमारी के कारण अवकाश लिया।
- शिक्षा के कारण चेतना आई।
- भारत के कारण वैश्विक मंच पर प्रभाव बढ़ा।
- खराब मौसम के कारण मैच रुका।
- तकनीकी कारण से विलंब हुआ।
‘के विरोध में’
नियम: मुख्य शब्द के पास या उसके नीचे ‘ब’ व्यंजन बनाने से यह ‘विरोध’ का संकेत देता है।
- उदाहरण प्रयोग:
- विपक्षी पार्टी के विरोध में खड़े हैं।
- शिक्षा के विरोध में बयान न दें।
- नियम के विरोध में प्रदर्शन हुआ।
- नीति के विरोध में वोट दिया।
- प्रस्ताव के विरोध में सदस्य बोले।
4. समय और तुलनात्मक जुट
‘तरीके से’ और ‘ढंग से’
नियम: ये सामान्यतः ‘सही’ शब्द के बाद प्रयुक्त होते हैं।
- ‘तरीके से’ के लिए ‘त-र-क’ का पूर्ण रूप मुख्य शब्द से जोड़ दें।
- ‘ढंग से’ के लिए ‘ढ-ग-स’ का प्रयोग करें।
- उदाहरण प्रयोग:
- काम सही तरीके से करें।
- सही ढंग से अभ्यास करना जरूरी है।
- व्यवस्थित तरीके से फाइल रखें।
- उचित ढंग से व्यवहार करें।
- सटीक तरीके से आउटलाइन बनाएँ।
‘के सवाल पर’ और ‘के सामने’
नियम:
- ‘के सवाल पर’: शब्द के नीचे ‘स-व’ का छोटा संकेत बनाएँ।
- ‘के सामने’: शब्द के नीचे ‘म-न’ बनाएँ, या अधिक स्पष्टता के लिए ‘स-म-न’ (समन) का प्रयोग करें।
- उदाहरण प्रयोग:
- शिक्षा के सवाल पर बहस हुई।
- भारत के सामने कई चुनौतियाँ हैं।
- पाकिस्तान के सामने आर्थिक संकट है।
- भविष्य के सामने प्रश्नचिह्न है।
- न्यायालय के सामने पेश हों।
‘के उपरांत’ और ‘के दौरान’
नियम (तुलना):
- ‘के उपरांत’: शब्द के नीचे से ‘र’ निकालते हुए उसमें ‘त’ का आंकड़ा जोड़ें (र-त)।
- ‘के दौरान’: शब्द के नीचे से ‘र’ निकालकर उसमें ‘न’ का आंकड़ा जोड़ें (र-न)।
- उदाहरण प्रयोग:
- परीक्षा के उपरांत परिणाम आएगा।
- योजना के दौरान सावधान रहें।
- युद्ध के दौरान नुकसान हुआ।
- भाषण के उपरांत तालियाँ बजीं।
- यात्रा के दौरान मित्रों से मिले।
‘के खिलाफ’ (Pro-Tip)
नियम: शब्द के पास ‘फ’ व्यंजन बनाएँ जिसे बीच में से काटा गया हो। ध्यान दें, इसे शुरू में नहीं काटना है, बल्कि बिल्कुल बीच से काटना है ताकि यह ‘के खिलाफ’ स्पष्ट रूप से पढ़ा जाए।
- उदाहरण प्रयोग:
- भारत के खिलाफ साजिश नाकाम हुई।
- विधेयक के खिलाफ विपक्ष ने प्रदर्शन किया।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी है।
- उसने योजना के खिलाफ तर्क दिए।
- अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं।
‘के अंतर्गत’
नियम: शब्द के ठीक नीचे ‘ग-त’ (गत) व्यंजन समूह बनाएँ। यह प्रायः योजनाओं और संवैधानिक धाराओं के साथ आता है।
- उदाहरण प्रयोग:
- इस योजना के अंतर्गत आवास मिलेंगे।
- शिक्षा के अंतर्गत नए पाठ्यक्रम आए।
- संविधान की धारा 370 के अंतर्गत।
- कार्यक्षेत्र के अंतर्गत कार्य करें।
- नियम 10 के अंतर्गत शिकायत करें।
‘के अनुसार’ और ‘के अनुरूप’
नियम:
- ‘के अनुसार’: शब्द के नीचे ‘स-र’ (सर) का संकेत बनाएँ।
- ‘के अनुरूप’: शब्द के नीचे ‘र-न-र’ का प्रयोग करें।
- उदाहरण प्रयोग:
- संविधान के अनुसार कार्य करें।
- शिक्षा के अनुरूप व्यवहार हो।
- योग्यता के अनुसार पद मिलेगा।
- समय के अनुरूप बदलें।
- नियम के अनुसार चलें।
त्वरित संदर्भ तालिका (Quick Reference Table)
- वाक्यांश (Phrase) संकेत/नियम (Spatial Placement & Rule) अभ्यास हेतु उदाहरण (Key Examples) उपयोग की आवृत्ति
- के रूप में के टिक + र-मे टिक (पास में) शिक्षा के रूप में, योजना के रूप में High
- के बारे में शब्द के ऊपर ‘म’ (हवा में) भारत के बारे में, संसद के बारे में Very High
- के नाम से शब्द के ऊपर ‘न’ + ‘स’ वृत्त शिक्षा के नाम से, योजना के नाम से Medium
- के नाम पर शब्द के ऊपर केवल ‘न’ भारत के नाम पर, धर्म के नाम पर Medium
- के संदर्भ में शब्द के पास कोष्ठक (Bracket) योजना के संदर्भ में, भारत के संदर्भ में High
- के विषय में शब्द के नीचे ‘स’ शिक्षा के विषय में, भारत के विषय में High
- के आधार पर लाइन में गहरा ‘ध’ नियम के आधार पर, योग्यता के आधार पर Very High
- के तौर पर शब्द के पास कटा हुआ ‘त’ शिक्षा के तौर पर, अतिथि के तौर पर Medium
- के मामले में शब्द के नीचे ‘म-ल’ शिक्षा के मामले में, योजना के मामले में High
- रूप से शब्द के नीचे ‘र-स’ विशेष रूप से, स्वाभाविक रूप से Very High
- की ओर से शब्द के नीचे ‘र-स’ (संदर्भ अनुसार) भारत की ओर से, विभाग की ओर से High
- के क्षेत्र में शब्द के नीचे ‘छ’ (कटा हुआ ‘च’) कृषि के क्षेत्र में, शिक्षा के क्षेत्र में High
- के तहत शब्द के नीचे ‘त’ योजना के तहत, संविधान के तहत High
- की दिशा में शब्द के नीचे ‘द-स’ शिक्षा की दिशा में, प्रगति की दिशा में Medium
- के संबंध में शब्द के नीचे संबंध शब्द चिह्न भारत के संबंध में, विधेयक के संबंध में Very High
- के माध्यम से शब्द के पास ‘माध्यम’ चिह्न शिक्षा के माध्यम से, इंटरनेट के माध्यम से High
- के बावजूद शब्द के पास ‘ब-ज’ शिक्षा के बावजूद, बाधाओं के बावजूद High
- की वजह से शब्द के पास ‘ब-ज-ह’ भारत की वजह से, बारिश की वजह से High
- के कारण शब्द के ऊपर ‘क’ (हवा में) बीमारी के कारण, भारत के कारण Very High
- के विरोध में शब्द के पास/नीचे ‘ब’ पार्टी के विरोध में, नीति के विरोध में High
- तरीके से शब्द के साथ ‘त-र-क’ सही तरीके से, उचित तरीके से Medium
- ढंग से शब्द के साथ ‘ढ-ग-स’ सही ढंग से, व्यवस्थित ढंग से Medium
- के सवाल पर शब्द के नीचे ‘स-व’ शिक्षा के सवाल पर, बेरोजगारी के सवाल पर Medium
- के सामने शब्द के नीचे ‘स-म-न’ भारत के सामने, न्यायालय के सामने High
- के उपरांत शब्द के नीचे ‘र-त’ नियम के उपरांत, भोजन के उपरांत Medium
- के दौरान शब्द के नीचे ‘र-न’ योजना के दौरान, युद्ध के दौरान High
- के अनुसार शब्द के नीचे ‘स-र’ संविधान के अनुसार, नियम के अनुसार Very High
- के बल पर शब्द के नीचे ‘ब-ल’ शिक्षा के बल पर, मेहनत के बल पर Medium
- के खिलाफ शब्द के पास बीच से कटा ‘फ’ भारत के खिलाफ, भ्रष्टाचार के खिलाफ High
- के अंतर्गत शब्द के नीचे ‘ग-त’ योजना के अंतर्गत, धारा के अंतर्गत High
- के अनुरूप शब्द के नीचे ‘र-न-र’ शिक्षा के अनुरूप, समय के अनुरूप Low
- के स्थान पर शब्द के नीचे ‘स-न’ भारत के स्थान पर, राम के स्थान पर Medium
विशेष अभ्यास निर्देश (Practice Guidelines)
केवल इन नियमों को पढ़ लेना आपको स्टेनोग्राफर नहीं बनाएगा। स्टेनोग्राफी एक कला है जिसमें हाथ और दिमाग का अद्भुत समन्वय चाहिए। अनुभवों के आधार पर यहाँ अभ्यास के कुछ वैज्ञानिक तरीके दिए गए हैं:
- स्टार मार्किंग और रटंत अभ्यास: जिन जुट के आगे मैंने ‘Very High’ या ‘Star’ लगाया है, उन्हें अपनी अभ्यास पुस्तिका में लाल पेन से चिन्हित करें। प्रत्येक वाक्यांश (जैसे: के बारे में, के कारण, के संबंध में) की कम से कम 15-15 पृष्ठों तक केवल आउटलाइन बनाएँ।
- दबाव का नियंत्रण (Pressure Control): ध्यान दें कि ‘के आधार पर’ में ‘ध’ गहरा बनाना है, जबकि ‘के कारण’ में ‘क’ हल्का। पेंसिल पर दबाव का यह सूक्ष्म अंतर ही आपकी स्पीड में स्पष्टता लाएगा।
- विजुअलाइजेशन (Visualization): रात को सोने से पहले अपनी आँखें बंद करें और मानसिक रूप से वाक्यांशों की आउटलाइन बनाएँ। उदाहरण के लिए, सोचें कि ‘भारत के बारे में’ लिखना है और कल्पना करें कि आपकी पेंसिल भारत लिखकर उसके ऊपर एक छोटा ‘म’ बना रही है।
- सामान्य गलतियों से बचें: अक्सर छात्र ‘के क्षेत्र में’ (छ) और ‘के तहत’ (त) में भ्रमित हो जाते हैं। ‘छ’ को हमेशा कटा हुआ बनाएँ और ‘त’ को साफ-सुथरा रखें।
- वाक्य निर्माण: केवल एकल वाक्यांश न लिखें। ऊपर दिए गए 5-10 उदाहरण वाक्यों को बार-बार डिक्टेशन के रूप में लें।
- बाहरी संसाधन और इंटरलिंकिंग
स्टेनोग्राफी की दुनिया में थ्योरी के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी आवश्यक है। यदि आप हिंदी टाइपिंग में भी अपनी गति बढ़ाना चाहते हैं, तो नियमित रूप से टाइपिंग मास्टर प्रो के अभ्यासों का उपयोग करें क्योंकि स्टेनो लिखने के बाद उसका सही अनुवाद टाइप करना ही अंतिम सफलता है। इसके अलावा, यदि आप आशुलिपि की विभिन्न प्रणालियों और इसके गौरवशाली इतिहास के बारे में अधिक विस्तार से पढ़ना चाहते हैं, तो आप विकिपीडिया के आशुलिपि पेज पर जा सकते हैं।

Day 44 – एडवांस वाक्यांश और स्पीड बढ़ाने के अचूक मंत्र (LEC 44)
आशुलिपि (Shorthand) की कला केवल प्रतीकों को लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समय और ध्वनि के बीच एक सूक्ष्म संतुलन बनाने का कौशल है। आज हम ‘एडवांस वाक्यांश’ (Advanced Phrases) की उन तकनीकों को सीखेंगे जो आपकी गति को 80 wpm के ‘प्लेटो’ (ठहराव) से निकालकर सीधे 100-120 wpm की ऊंचाइयों तक पहुँचा देंगी।
छात्रों के लिए विशेष चेतावनी (Disclaimer): यदि आपका बुनियादी ज्ञान (Basic Rules) अभी भी कच्चा है या आपको शब्द-चिह्नों को पहचानने में दुविधा होती है, तो यह क्लास आपके लिए नहीं है। इस पाठ में हम अत्यधिक संक्षिप्तिकरण (Abbreviation) और लोप (Omission) के नियमों का उपयोग करेंगे। इसलिए, बेहतर होगा कि आप इस क्लास को अभी पेंडिंग रखें और पहले पिछले 43 दिनों के अभ्यासों को पूर्ण करें। जब आपका ‘सेंस लेवल’ विकसित हो जाए, तब इस ‘एडवांस’ स्तर पर लौटें।
वाक्यांशों का महत्व और अभ्यास के नियम
एडवांस वाक्यांशों का उपयोग केवल हाथ की गति बढ़ाना नहीं है, बल्कि आपके ‘सेंस लेवल’ (Sense Level) का विकास करना है। जब एक नौसिखिया छात्र ‘करने के लिए’ सुनता है, तो उसका मस्तिष्क तीन अलग-अलग शब्दों ‘करने’, ‘के’ और ‘लिए’ को प्रोसेस करता है। इसके विपरीत, एक अनुभवी आशुलिपिक इसे एक ‘क्लस्टर’ (Cluster) या ध्वनि समूह के रूप में सुनता है।
सेंस लेवल और क्लस्टरिंग का विकास
स्टेनो में सफलता की कुंजी यह है कि आप शब्दों को अलग-अलग सुनने के बजाय उन्हें विचारों के रूप में ग्रहण करें। डिक्टेशन लिखते समय जब आप वाक्यांशों का प्रयोग करते हैं, तो आपका हाथ बिना रुके धाराप्रवाह चलता है, क्योंकि आप एक ही स्ट्रोक में पूरे विचार को कागज़ पर उतार देते हैं। यही वह मानसिक स्थिति है जहाँ ‘हियरिंग’ (सुनना) और ‘राइटिंग’ (लिखना) के बीच का अंतराल (Lag) समाप्त हो जाता है।
शब्दों का लोप (Omission Logic)
एडवांस वाक्यांशों का मुख्य मंत्र ‘लोप’ है। हम उन ध्वनियों को हटा देते हैं जिन्हें संदर्भ (Context) के आधार पर आसानी से समझा जा सकता है। उदाहरण के लिए, ‘के’ या ‘ने’ जैसे परसर्गों को अक्सर हटा दिया जाता है या केवल एक छोटे से ‘जुट’ (Joiner) से दर्शाया जाता है। जो छात्र स्टेनो टाइपिंग का अभ्यास कर रहे हैं, उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि आउटलाइन भले ही छोटी हो, लेकिन प्रतिलेखन (Transcription) करते समय उन्हें पूर्ण व्याकरणिक शुद्धता बनाए रखनी है।
श्रेणी 1: ‘के लिए’ और ‘के बाद’ के एडवांस वाक्यांश
इन वाक्यांशों में हम स्ट्रोक की दिशा बदलकर या अक्षरों को आपस में सटाकर समय बचाते हैं। यहाँ ‘के’ का लोप सामान्य है और ‘लिए’ या ‘बाद’ को एक प्रत्यय की तरह जोड़ा जाता है।
| वाक्यांश का नाम | लेखन विधि और विस्तृत तकनीकी तर्क |
| करने के लिए | इसमें ‘न’ और ‘के’ दोनों का लोप होता है। ‘कर’ का स्ट्रोक बनाकर सीधे नीचे की ओर ‘लिए’ का हुक जोड़ा जाता है। इससे हाथ को उठाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। |
| रखने के लिए | ‘र’ और ‘ख’ के स्ट्रोक के बाद हाथ को बिना उठाए ‘लिए’ का संकेत दें। यहाँ ‘ख’ को स्पष्ट रूप से काटना अनिवार्य है ताकि यह ‘र’ न पढ़ा जाए। |
| रोकने के लिए | ‘र’ व्यंजन के साथ ‘ओ’ की मात्रा लगाना महत्वपूर्ण है, ताकि इसे ‘रखने के लिए’ न समझ लिया जाए। इसके बाद ‘लिए’ को सुचारू रूप से जोड़ें। |
| होने के लिए | लाइन पर ‘होने’ की आउटलाइन बनाकर ‘के’ के सूक्ष्म जुड़ाव के साथ ‘लिए’ लिखें। यह एक ऊर्ध्वगामी (Upward) प्रवाह में बनता है। |
| उदाहरण के लिए | यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। ‘उदाहरण’ के शब्द-चिह्न को लाइन काटकर लिखें और ‘लिए’ का टिक ऐसे मारें कि यह ‘उड़ती हुई चील’ (Flying Eagle) जैसा दिखे। यह दृश्य स्मृति अभ्यास में बहुत सहायक होती है। |
| विचार के लिए | ‘विचार’ की आउटलाइन (व-च-र) के अंत में ‘लिए’ का चिन्ह जोड़ें। इसकी ज्यामिति ऐसी रखें कि गति में भी ‘व’ का लूप स्पष्ट रहे। |
| समर्थन के लिए | ‘स’ का वृत्त, ‘म’, ‘र’ और ‘थ’ के बाद ‘लिए’ को जोड़ें। चूँकि इसमें अधिक व्यंजन हैं, इसलिए प्रवाह बनाए रखना जरूरी है। |
| इसके लिए | ‘इसके’ के शब्द-चिह्न के साथ ‘लिए’ को एक सतत स्ट्रोक में जोड़ें। हाथ की कोणीय गति (Angular movement) का ध्यान रखें। |
| इसके बाद | ‘इसके’ के शब्द-चिह्न के साथ ‘बाद’ के लिए ‘ब’ व्यंजन का एक छोटा और तीव्र जुड़ाव करें। |
| होने के बाद | ‘होने’ लिखकर उसके तुरंत बाद ‘ब’ (बाद का प्रतीक) सटाकर लिखें। |
| करने के बाद | ‘कर’ लिखकर सीधे ‘ब’ जोड़ें। यहाँ ‘करने’ का ‘न’ पूरी तरह लुप्त हो जाता है। |
विशेष टिप: ‘करने के लिए’ और ‘करने के बाद’ में अक्सर छात्र भ्रमित होते हैं। याद रखें, ‘लिए’ के लिए हम स्ट्रोक को नीचे की ओर एक विशेष झुकाव देते हैं, जबकि ‘बाद’ के लिए हम ‘ब’ व्यंजन के अर्ध-रूप या छोटे स्ट्रोक का उपयोग करते हैं।
श्रेणी 2: ‘मात्रा में’ वाक्यांश और ‘तर-धर’ नियम
स्टेनोग्राफी में ‘तर-धर-डर’ नियम (Double Length Rule) हाथ की गति को दोगुना करने का गणितीय शॉर्टकट है। जब हम किसी व्यंजन की लंबाई को उसकी सामान्य लंबाई से दोगुना कर देते हैं, तो उसमें ‘तर’, ‘दर’, ‘धर’ या ‘त्र’ की ध्वनि स्वतः समाहित हो जाती है।
‘मात्रा’ शब्द के लिए हम ‘म’ व्यंजन को दोगुना करते हैं। जब ‘म’ को 5mm के बजाय 10mm लंबा लिखा जाता है, तो वह ‘मात्र’ या ‘मात्रा’ बन जाता है।
वाक्यांशों का विस्तृत लेखन तर्क:
- अधिक मात्रा में: ‘ध’ व्यंजन के स्ट्रोक के साथ दोगुने किए गए ‘म’ (मात्र) को जोड़ें और अंत में ‘में’ की छोटी टिक लगाएं। यह स्ट्रोक एक ही झटके में बनना चाहिए।
- थोड़ी मात्रा में: ‘थ’ व्यंजन के साथ ‘ओ’ की मात्रा लगाएं ताकि स्पष्टता रहे, फिर दोगुना ‘म’ जोड़कर ‘में’ की टिक मारें।
- प्रचुर मात्रा में: यहाँ ‘प्र’ और ‘च’ (चर) का उपयोग होता है। ‘च’ के बाद सीधे दोगुना ‘म’ जोड़ें। यह एक जटिल आउटलाइन है, इसे बार-बार अभ्यास करें।
- पर्याप्त मात्रा में: ‘प-र-य’ की संक्षिप्त आकृति (पर्याप्त का शब्द-चिह्न) के साथ ‘मात्रा में’ का प्रत्यय जोड़ें।
- कम मात्रा में: ‘क’ व्यंजन के साथ दोगुना ‘म’ और ‘में’ की टिक का संयोजन करें।
- बड़ी मात्रा में: ‘ब’ व्यंजन को आधार बनाकर ‘मात्रा में’ का पूरा समूह जोड़ें। यहाँ ‘ब’ का अर्थ ‘बड़ी’ से लिया जाता है।
- भारी मात्रा में: ‘भ’ के साथ ‘र’ का आंकड़ा और दोगुना ‘म’ व्यंजन। ‘भ’ को काटना न भूलें।
श्रेणी 3: ‘तौर पर’ और ‘तौर से’ वाक्यांश
‘के तौर पर’ वाक्यांशों के लिए ‘जुट’ (Joiner) नियम सबसे प्रभावी होता है। इसमें हम पहले शब्द के बाद दूसरे शब्द के प्रतीक को सटाकर या काटकर लिखते हैं ताकि पढ़ने में आसानी हो।
- मोटे तौर पर: ‘म’ को ‘ओ’ की मात्रा के साथ दोगुना (मो+तर) करें, जिससे ‘मोटे तौर’ बनेगा, फिर ‘पर’ के लिए एक छोटा स्ट्रोक जोड़ें।
- आमतौर पर: ‘आम’ की आउटलाइन को दोगुना करके ‘पर’ जोड़ें। यह शब्द नीतिगत डिक्टेशन में बहुत आता है।
- आम तौर से: ‘आमतौर’ की आउटलाइन के अंत में एक छोटा ‘स’ का वृत्त लगा दें, जो ‘से’ को दर्शाता है।
- खुले तौर पर: ‘ख’ (काटकर) और ‘ल’ के स्ट्रोक को दोगुना करें और ‘पर’ जोड़ें।
- मामूली तौर पर: ‘म’ और ‘ल’ के संयोजन को दोगुना (Double Length) करके ‘पर’ का हुक या स्ट्रोक लगाएं।
- खास तौर से: ‘खास’ (ख+स वृत्त) के ‘ख’ को दोगुना (खतर) करके अंत में एक और ‘स’ का वृत्त लगा दें। यह ‘खास तौर से’ के लिए सबसे तीव्र आउटलाइन है।
- साफ तौर पर/से: यहाँ ‘स’ वृत्त और ‘फ’ को दोगुना किया जाता है। साफ तौर से लिखने के लिए ‘फ’ को लंबा खींचकर अंत में एक ‘स’ वृत्त जोड़ दिया जाता है। इसकी ज्यामिति ऐसी है कि यह पेन को कागज़ पर फिसलने जैसा अनुभव कराती है।
श्रेणी 4: ‘संख्या में’ और ‘में’ की विशेष टिक
यह आज की क्लास का सबसे तकनीकी हिस्सा है। ‘में’ शब्द को अलग से लिखने में लगने वाले समय को बचाने के लिए हम एक छोटी ‘टिक’ का उपयोग करते हैं।
तकनीकी नियम: “में की टिक हमेशा शब्द काटने या स्ट्रोक समाप्त होने की विपरीत दिशा (Opposite Direction) में लगाई जाती है।”
यदि आप किसी स्ट्रोक को ऊपर से नीचे (Downward) ला रहे हैं, तो टिक उसके विपरीत कोण पर होगी। यह विपरीत दिशा ही उस टिक को ‘इ’ की मात्रा या अन्य हुक से अलग पहचान देती है। विशेषकर वक्राकार (Curved) रेखाओं में, जैसे ‘भारत’ में ‘त’ का आंकड़ा ही ‘में’ का सूचक बन जाता है यदि उसे हल्का सा काट दिया जाए।
तालिका: संख्या में और अन्य महत्वपूर्ण वाक्यांश
| वाक्यांश | लेखन तकनीक और सूक्ष्म तर्क |
| बड़ी संख्या में | ‘बड़ी’ के साथ ‘सख्या’ का संक्षिप्त रूप और विपरीत दिशा में ‘में’ की टिक। |
| अधिक संख्या में | ‘अधिक’ की आउटलाइन के साथ ‘सख्या’ जोड़कर अंत में झटके से विपरीत टिक मारें। |
| कम संख्या में | ‘कम’ लिखकर ‘सख्या’ और ‘में’ की टिक का संयोजन। |
| काफी संख्या में | ‘काफी’ (क-फ) के बाद ‘सख्या’ लिखकर टिक लगाएं। हाथ की दिशा का विशेष ध्यान रखें। |
| वास्तव में | ‘वास्तव’ के शब्द-चिह्न के अंत में, जहाँ स्ट्रोक खत्म होता है, उसके ठीक विपरीत दिशा में टिक मारें। |
| करने में | ‘करने’ के स्ट्रोक के बाद बिना पेन उठाए विपरीत दिशा में टिक का जुड़ाव करें। |
| भारत में | ‘भारत’ में ‘त’ का आंकड़ा वक्राकार होता है। इस आंकड़े के अंत में टिक का जुड़ाव ‘में’ को दर्शाता है। |
| क्षेत्र में | ‘क्षेत्र’ की विशिष्ट आउटलाइन के साथ ‘में’ की टिक का समन्वय। |
| स्थिति में | यहाँ ‘डबल टिक’ का प्रयोग होता है, एक टिक ‘स्थिति’ की ‘इ’ ध्वनि के लिए और दूसरी ‘में’ के लिए। |
| आर्थिक स्थिति में | ‘आर्थिक’ (र-थ-क) के बाद ‘स्थिति में’ का पूरा जोड़ (Combination) बनाएं। |
श्रेणी 5: ‘में’ का पूर्ण प्रयोग एवं अन्य महत्वपूर्ण वाक्यांश
कुछ शब्दों में, आउटलाइन की स्पष्टता (Clarity) बनाए रखने के लिए ‘में की टिक’ के बजाय ‘में’ को पूरा लिखना अधिक सुरक्षित होता है। इसे ‘सेफ राइटिंग’ कहते हैं ताकि लिप्यंतरण के समय कोई गलती न हो।
- बारे में: यहाँ ‘ब’ और ‘र’ के बाद ‘में’ को पूरा लिखा जाता है। टिक लगाने से यह ‘बार’ या ‘बहार’ जैसा भ्रम पैदा कर सकता है।
- इतिहास में: ‘त-ह-स’ के बड़े वृत्त के बाद ‘में’ को पूरा जोड़ना पढ़ने में आसान होता है।
- अंत में: ‘न-त’ के आंकड़े के साथ ‘में’ का पूर्ण प्रयोग करें।
- संदर्भ में: यह एक एडवांस आउटलाइन है। ‘स-न’ के बाद ‘द’ को दोगुना (दर) करके अंत में ‘में’ जोड़ें।
- इस संदर्भ में (Step-by-Step):
- पहले ‘इस’ का शब्द-चिह्न बनाएं।
- उसी के प्रवाह में ‘स-न’ का वृत्त/हुक जोड़ें।
- ‘द’ व्यंजन को दोगुना (Double length) करें ताकि ‘दर’ की ध्वनि जुड़ जाए।
- अंत में ‘में’ की टिक या छोटा ‘में’ जोड़ें। यह एक सतत प्रक्रिया है जिसमें पेन कागज़ से नहीं उठता।
- तुलना में: ‘त-ल’ की आउटलाइन के साथ ‘में’ का सुचारू जुड़ाव।
- इस बात में: ‘इस’ और ‘बात’ के शब्द-चिह्न के बाद ‘में’ पूरा लिखें। ‘बात’ और ‘बारे’ के बीच का अंतर ‘सेंस लेवल’ से ही स्पष्ट होता है।
श्रेणी 6: ‘तरह’ और ‘प्रकार’ के विभिन्न रूप
‘प्रकार’ शब्द को छोटा करने की दो विधियाँ हैं। पहली, ‘प’ और ‘र’ को अलग लिखना, और दूसरी, ‘प’ व्यंजन को ‘तर’ नियम के साथ दोगुना करना। उच्च गति के लिए दोगुना करने वाली विधि (P + Double Length) ही सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है।
चेकलिस्ट (लेखन तर्क के साथ):
- किस तरह: ‘किस’ लिखकर ‘तरह’ को नीचे की ओर जोड़ें।
- इसी तरह: ‘इसी’ के टिक के साथ ‘तरह’ का संयोजन।
- किस प्रकार: ‘किस’ के बाद ‘प’ को दोगुना (Double length) कर दें, जिससे ‘प्र’ और ‘तर/कार’ दोनों ध्वनियाँ जुड़ जाती हैं।
- किसी प्रकार: ‘किसी’ के साथ ‘प’ को दोगुना करें।
- इस प्रकार: ‘इस’ के साथ दोगुना ‘प’। यह सबसे अधिक उपयोग होने वाला वाक्यांश है।
- जिस प्रकार: ‘जिस’ के साथ दोगुना ‘प’ का स्ट्रोक।
- उस प्रकार: ‘उस’ के साथ दोगुना ‘प’।
- हर प्रकार: ‘हर’ के स्ट्रोक को थोड़ा बड़ा करके ‘प्रकार’ समाहित करें।
- एक प्रकार: ‘एक’ के लिए ‘क’ लिखकर ‘प’ को दोगुना करें।
- विभिन्न प्रकार: ‘व-भ-न’ (विभिन्न) के साथ ‘प्रकार’ को जोड़ें।
- भली प्रकार: ‘भ’ और ‘ल’ के साथ ‘प्रकार’ का प्रवाहपूर्ण संयोजन।
विभक्ति नियम (Dot Rules): यदि इन वाक्यांशों के बाद ‘के’, ‘की’ या ‘से’ आता है, तो निम्न नियम अपनाएं:
- ‘से’ के लिए: आउटलाइन के अंत में एक छोटा ‘स’ वृत्त जोड़ें।
- ‘के’ के लिए: आउटलाइन के अंत के ऊपर एक बिंदी (Dot) लगाएं।
- ‘की’ के लिए: आउटलाइन के अंत के नीचे एक बिंदी (Dot) लगाएं। ये बिंदियाँ प्रतिलेखन के समय ‘लाइफ सेवर’ का काम करती हैं।
स्पीड बढ़ाने के लिए अभ्यास गाइड: 80 से 120 wpm का सफर
80 शब्द प्रति मिनट की गति पर लिखना एक ‘कौशल’ है, लेकिन 120 wpm पर लिखना एक ‘मानसिक अवस्था’ है। जब आप 120 की गति पर होते हैं, तो आपके पास प्रत्येक शब्द को व्यक्तिगत रूप से सोचने का समय नहीं होता। उस समय आप केवल ध्वनियों को नहीं पकड़ते, बल्कि आप ‘विचारों को कैद’ (Capturing Ideas) कर रहे होते हैं।
इन एडवांस वाक्यांशों का अभ्यास आपको इसी अवस्था में ले जाने के लिए तैयार किया गया है। जब आप ‘प्रचुर मात्रा में’ या ‘आर्थिक स्थिति में’ जैसे वाक्यांशों को एक ही स्ट्रोक में लिखना सीख जाते हैं, तो आपका मस्तिष्क अगले वाक्य को सुनने के लिए खाली हो जाता है।
अभ्यास की विशिष्ट विधि:
- ज्यामितीय शुद्धता: प्रत्येक वाक्यांश को कम से कम 100 बार लिखें। स्ट्रोक की लंबाई और कोण पर ध्यान दें। यदि ‘मात्रा’ के लिए ‘म’ पर्याप्त लंबा नहीं हुआ, तो आप उसे ‘म’ ही पढ़ेंगे।
- आउटलाइन ड्रिल: एक ऑडियो डिक्टेशन चलाएं और केवल वाक्यांशों को लिखने का प्रयास करें। बाकी शब्दों को छोड़ दें। इससे आपकी ‘वाक्यांश पहचानने की शक्ति’ बढ़ेगी।
- मनोवैज्ञानिक तैयारी: डिक्टेशन के दौरान यदि कोई शब्द छूट जाए, तो उसे भूलकर अगले शब्द पर ध्यान दें। एडवांस वाक्यांश आपको वह ‘बफर टाइम’ देते हैं जिससे आप छूटे हुए शब्दों की भरपाई कर सकते हैं।
- ट्रांसक्रिप्शन का महत्व: केवल शॉर्टहैंड लिखना पर्याप्त नहीं है। अपनी लिखी हुई आउटलाइन को हिंदी में टाइप करें। इससे आपको पता चलेगा कि आपकी कौन सी आउटलाइन अस्पष्ट है।
इस पाठ की अभ्यास फाइल और पीडीएफ हमारे टेलीग्राम चैनल पर उपलब्ध है। याद रखें, एक सीनियर स्टेनोग्राफर वही है जिसके हाथ और कान के बीच कोई बाधा नहीं होती।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: ‘में की टिक’ को ‘विपरीत दिशा’ में ही क्यों लगाया जाता है? उत्तर: स्टेनोग्राफी की ज्यामिति में विपरीत दिशा का उपयोग स्पष्टता के लिए किया जाता है। यदि टिक उसी दिशा में लगाई जाए जहाँ स्ट्रोक खत्म हो रहा है, तो वह किसी हुक (जैसे ‘न’ या ‘व’ का हुक) जैसा लग सकता है। विपरीत दिशा यह सुनिश्चित करती है कि यह एक बाह्य संकेत (Extra Tick) है जो केवल ‘में’ के लिए है।
प्रश्न 2: ‘तर-धर’ नियम (Double Length) में ‘मात्र’ और ‘मठ’ के बीच कैसे अंतर करें? उत्तर: यह पूरी तरह ‘सेंस लेवल’ और अभ्यास पर निर्भर है। सामान्यतः, वाक्यांशों के संदर्भ में (जैसे ‘कम मात्रा में’) यह नियम हमेशा ‘मात्रा’ के लिए ही प्रयुक्त होता है। शब्दों की लंबाई का सटीक अनुपात बनाए रखना इसका एकमात्र समाधान है।
प्रश्न 3: ‘मोटे तौर पर’ (Taur Par) और ‘मोटे तौर से’ (Taur Se) लिखने के नियमों में क्या मुख्य अंतर है? उत्तर: ‘मोटे तौर पर’ लिखने के लिए हम ‘जुट’ नियम के तहत ‘पर’ का स्ट्रोक जोड़ते हैं, जो एक सीधी रेखा जैसा होता है। इसके विपरीत, ‘मोटे तौर से’ लिखने के लिए हम स्ट्रोक के अंत में एक छोटा ‘स’ का वृत्त (Circle) लगाते हैं। वृत्त हमेशा ‘से’ का प्रतीक होता है, जबकि स्ट्रोक ‘पर’ का।
Day 45: Advanced Vakyansh (Advanced Phrases) Guide
हिंदी आशुलिपि (Shorthand) की इस 85 दिवसीय गहन प्रशिक्षण यात्रा में आज हम 45वें दिन के उस महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुँच चुके हैं, जिसे ‘एडवांस वाक्यांश’ (Advanced Vakyansh) का शिखर कहा जा सकता है। आज की यह कक्षा न केवल इस विषय की अंतिम क्लास है, बल्कि यह आपकी गति को 80 शब्द प्रति मिनट (WPM) से ऊपर ले जाकर 120+ WPM तक पहुँचाने की आधारशिला भी है।
1. उन्नत वाक्यांशों का शिखर और आपकी सफलता का मार्ग
यह समझना आवश्यक है कि 45वां दिन एक मनोवैज्ञानिक बदलाव का भी प्रतीक है। अब आप एक विद्यार्थी से एक पेशेवर की ओर बढ़ रहे हैं। इस चरण में, आपको अपनी मांसपेशियों की स्मृति (Muscle Memory) को इस तरह प्रशिक्षित करना होगा कि दिमाग को सोचना न पड़े और हाथ स्वतः ही वाक्यांश बना दे। आज की क्लास का मुख्य उद्देश्य आपकी पेंसिल के “लिफ्ट टाइम” (पेंसिल उठाने का समय) को न्यूनतम करना और “फ्लो टाइम” (प्रवाह का समय) को अधिकतम करना है।
अनिवार्य सूचना एवं दिशा-निर्देश: यह कक्षा “एडवांस वाक्यांश” (Advanced Vakyansh) का सर्वोच्च स्तर है। यदि आपका ‘बेसिक शॉर्टहैंड’ (Basic Shorthand), शब्द-चिन्ह (Logograms) और प्रारंभिक वाक्यांशों का आधार कमजोर है, तो आपको इस अध्याय में कठिनाई महसूस हो सकती है। हमारा सुझाव है कि इस क्लास को तभी शुरू करें जब आपका ‘सेंस लेवल’ और बेसिक स्ट्रक्चर पूरी तरह से स्पष्ट हो। यदि आप अभी भी रेखाओं की लंबाई और दिशा में भ्रमित होते हैं, तो कृपया पहले डे 1 से 44 तक का पुनरीक्षण करें। एक मजबूत नींव ही आपको 120 WPM के शिखर तक ले जा सकती है।
2. एडवांस वाक्यांशों (Phrases) का तर्क और उनका वैज्ञानिक महत्व
आशुलिपि में वाक्यांशों के निर्माण का एक विशिष्ट तर्क होता है। इसे केवल रटना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके पीछे के ‘शॉर्टहैंड लॉजिक’ को समझना आवश्यक है। जब हम एडवांस वाक्यांश बनाते हैं, तो हम निम्नलिखित सिद्धांतों का पालन करते हैं:
- कलम की गति में निरंतरता (Economy of Motion): प्रत्येक शब्द के बाद पेंसिल उठाने में लगभग 0.2 सेकंड का समय नष्ट होता है। यदि एक डिक्टेशन में आप 500 शब्द लिखते हैं और उनमें वाक्यांशों का प्रयोग नहीं करते, तो आप लगभग 100 सेकंड केवल पेंसिल उठाने और रखने में गँवा देते हैं। एडवांस वाक्यांश इसी समय की बचत करते हैं।
- अर्धीकरण और दुगुनीकरण के नियमों का प्रयोग (Halving and Doubling Principles): वाक्यांशों में हम अक्सर व्यंजनों को छोटा या बड़ा करके उनमें ‘त’, ‘द’, ‘तर’, ‘दर’ या ‘रूप’ जैसे शब्दों को जोड़ देते हैं। यह तकनीक डिक्टेशन के समय मानसिक दबाव को कम करती है।
- संयोजकों का विलोपन (Omission of Connectors): एडवांस वाक्यांशों में ‘का’, ‘के’, ‘की’, ‘में’ जैसे शब्दों को स्वतंत्र रूप से लिखने के बजाय मुख्य शब्द के साथ एक छोटे ‘टिक’ या ‘हुक’ के रूप में जोड़ दिया जाता है।
- उच्च गति और स्पष्टता का संतुलन (Speed and Legibility): ये वाक्यांश “गेम-चेंजर” इसलिए हैं क्योंकि ये आपको कम श्रम में अधिक लिखने की शक्ति देते हैं। एक पेशेवर स्टेनोग्राफर के लिए यह आवश्यक है कि उसका लिखा हुआ वह स्वयं स्पष्ट रूप से पढ़ सके।
3. “इस” (Is) से शुरू होने वाले वाक्यांशों का सूक्ष्म विश्लेषण
“इस” शब्द हिंदी भाषा का एक अत्यंत सामान्य शब्द है, जो डिक्टेशन में बार-बार आता है। इसके साथ जुड़ने वाले वाक्यांशों की आउटलाइन अत्यंत सरल लेकिन प्रभावी होनी चाहिए।
इस अवसर पर (Is Avsar Par)
इस वाक्यांश को लिखने के लिए ‘इस’ का शब्द-चिन्ह लाइन से ऊपर बनाया जाता है। इसमें ‘ब’ व्यंजन के आंकड़े का प्रयोग करते हुए ‘सर’ और ‘पर’ को एक ही प्रवाह में जोड़ा जाता है। यहाँ ‘ब’ का प्रयोग ‘अवसर’ के संक्षिप्त रूप को दर्शाता है।
- उदाहरण वाक्य 1: इस अवसर पर मैं मुख्य अतिथि महोदय का हृदय से स्वागत करता हूँ।
- उदाहरण वाक्य 2: हमें इस अवसर पर अपनी पिछली गलतियों से सीख लेनी चाहिए।
- उदाहरण वाक्य 3: इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने अपनी सहमति प्रदान की।
- अनुदेशक की सलाह: पेंसिल को ‘ब’ से ‘सर’ की ओर ले जाते समय घुमाव (Curve) को बहुत लचीला रखें ताकि गति न टूटे।
इस संबंध में (Is Sambandh Mein)
यहाँ ‘इस’ के शब्द-चिन्ह के ठीक बाद ‘संबंध’ का मानक संकेत जोड़ा जाता है और अंत में ‘में’ के लिए एक छोटा सा अंदरुनी ‘टिक’ लगाया जाता है।
- उदाहरण वाक्य 1: इस संबंध में अभी तक मंत्रालय से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
- उदाहरण वाक्य 2: क्या आप इस संबंध में अपनी कोई राय देना चाहेंगे?
- उदाहरण वाक्य 3: इस संबंध में उचित जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
इस विषय पर/में (Is Vishay Par/Mein)
‘इस’ लिखकर ‘विषय’ के लिए ‘स’ का वृत्त और ‘य’ का आंकड़ा प्रयोग किया जाता है। यदि ‘पर’ जोड़ना हो तो स्ट्रोक को नीचे ले जाएं, और यदि ‘में’ जोड़ना हो तो छोटा टिक लगाएं।
- उदाहरण वाक्य 1: इस विषय पर संसद में कल विस्तार से चर्चा की जाएगी।
- उदाहरण वाक्य 2: हमें इस विषय में अधिक गहराई से सोचने की जरूरत है।
- उदाहरण वाक्य 3: इस विषय पर विचार करना हमारे लिए अनिवार्य हो गया है।
इस आधार पर (Is Aadhar Par)
इसमें ‘इस’ के बाद ‘आधार’ को दर्शाने के लिए ‘ध’ व्यंजन को दुगुनीकरण नियम (Doubling Principle) के तहत लंबा कर दिया जाता है और अंत में ‘पर’ जोड़ दिया जाता है। ‘ध’ को काटना अनिवार्य है ताकि इसे ‘द’ या ‘त’ न पढ़ा जाए।
- उदाहरण वाक्य 1: इस आधार पर हम इस निष्कर्ष पर पहुँच सकते हैं कि योजना सफल रही।
- उदाहरण वाक्य 2: अदालत ने इस आधार पर याचिका को खारिज कर दिया।
- उदाहरण वाक्य 3: इस आधार पर विश्लेषण करने से स्थिति स्पष्ट हो जाती है।
इस दृष्टि से (Is Drishti Se)
‘इस’ के शब्द-चिन्ह के साथ ‘दृष्टि’ के लिए ‘स-ट’ का चाप (Loop) बनाया जाता है और अंत में ‘से’ के लिए एक छोटा वृत्त जोड़ा जाता है।
- उदाहरण वाक्य 1: इस दृष्टि से देखा जाए तो यह परियोजना काफी लाभदायक है।
- उदाहरण वाक्य 2: आर्थिक सुधारों की इस दृष्टि से यह कदम ऐतिहासिक है।
- उदाहरण वाक्य 3: इस दृष्टि से आपका सुझाव काफी तर्कसंगत प्रतीत होता है।
| वाक्यांश (Hindi) | तर्क/स्ट्रोक विवरण | उपयोग का स्तर |
| इस अवसर पर | ‘इस’ + ‘ब’ का आंकड़ा + ‘सर पर’ | उच्च (High) |
| इस संबंध में | ‘इस’ + ‘संबंध’ + ‘में’ का टिक | उच्च (High) |
| इस विषय पर | ‘इस’ + ‘स-वृत्त’ + ‘पर’ | मध्यम (Medium) |
| इस आधार पर | ‘इस’ + ‘ध’ (लंबा और कटा हुआ) + ‘पर’ | उच्च (High) |
| इस दृष्टि से | ‘इस’ + ‘दृष्टि चाप’ + ‘से’ वृत्त | उच्च (High) |
4. “बात” (Baat) और “आप” (Aap) सीरीज: सूक्ष्म अंतर और मास्टर क्लास
“बात” शब्द के वाक्यांश स्टेनोग्राफी के ‘प्राण’ हैं। “बात” को दर्शाने के लिए संदर्भ के अनुसार ‘ब’ या छोटा ‘त’ व्यंजन प्रयोग किया जाता है।
अपने आप में और अपने आप को
इसमें ‘अपने’ का शब्द-चिन्ह बनाकर ‘आप’ के लिए ‘प’ व्यंजन को जोड़ा जाता है और फिर आवश्यकतानुसार ‘में’ या ‘को’ जोड़ा जाता है।
- उदाहरण 1: यह अपने आप में एक अनोखी घटना है।
- उदाहरण 2: उसने अपने आप को इस कार्य के लिए समर्पित कर दिया।
- उदाहरण 3: समाज को अपने आप में बदलाव लाने की आवश्यकता है।
इस बात पर / इस बात में
यहाँ ‘इस’ के बाद ‘बात’ के लिए ‘ब’ व्यंजन का प्रयोग किया जाता है।
- उदाहरण 1: इस बात पर बहुत अधिक बहस करने की आवश्यकता नहीं है।
- उदाहरण 2: इस बात में कोई सच्चाई नहीं है कि वह वहां मौजूद था।
- उदाहरण 3: मंत्री जी ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा सर्वोपरि है।
इस बात का/के/की (अत्यंत महत्वपूर्ण)
यह वाक्यांश अदालती और संसदीय डिक्टेशन में सबसे अधिक आता है। यहाँ ‘इस’ के साथ ‘बात’ के लिए छोटा ‘त’ व्यंजन (Ardhikaran) प्रयोग किया जाता है और अंत में ‘का/के/की’ की दिशा के अनुसार टिक लगाई जाती है।
- उदाहरण 1: इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि समय कम है।
- उदाहरण 2: हमें इस बात की जानकारी नहीं थी।
- उदाहरण 3: इस बात के प्रमाण मौजूद हैं कि कार्य संपन्न हुआ।
- त्रुटि चेतावनी: छात्र अक्सर यहाँ ‘ब’ बना देते हैं, जिससे ‘इस बात’ और ‘इस बाबत’ में भ्रम हो जाता है। हमेशा ‘छोटे त’ का प्रयोग करें।
इस बात के लिए
‘इस बात’ (छोटे त के साथ) लिखकर ‘के लिए’ का मानक सिंबल (नीचे की ओर ल) जोड़ दिया जाता है।
- उदाहरण 1: मैं इस बात के लिए आपका आभारी रहूँगा।
- उदाहरण 2: इस बात के लिए कड़ी मेहनत की आवश्यकता है।
- उदाहरण 3: सरकार इस बात के लिए वचनबद्ध है।
5. “रूप से” (Roop Se) और “स्थिति” (Sthiti) की रूपरेखा: दुगुनीकरण का जादू
“रूप से” वाक्यांशों को लिखने के लिए पिछले व्यंजन को सामान्य से दोगुना लंबा (Lengthening) करना सबसे प्रभावी तकनीक है। यह तकनीक Hindi Shorthand (शॉर्टहैंड) के ‘दुगुनीकरण नियम’ का उन्नत अनुप्रयोग है।
- स्वाभाविक रूप से (Swabhavik Roop Se): इसमें ‘स्व’ का बड़ा वृत्त और ‘ब’ व्यंजन बनाकर उसे दोगुना लंबा कर दिया जाता है और अंत में ‘से’ का वृत्त जोड़ते हैं।
- अभ्यास वाक्य: यह प्रक्रिया स्वाभाविक रूप से चलती रहनी चाहिए।
- विशेष रूप से (Vishesh Roop Se):‘विशेष’ की आउटलाइन (व+श) को नीचे की ओर खींचकर दोगुना लंबा कर दें। यह ‘रूप से’ का बोध कराता है।
- अभ्यास वाक्य: आज की बैठक विशेष रूप से किसानों के मुद्दों पर है।
- निश्चित रूप से (Nishchit Roop Se):‘न’ और ‘च-त’ (निश्चित) लिखकर ‘च’ को लंबा कर दिया जाता है।
- अभ्यास वाक्य: हम निश्चित रूप से इस लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।
- सुचारु रूप से (Sucharu Roop Se):‘स-चार’ लिखकर ‘र’ को नीचे की ओर लंबा करके ‘से’ जोड़ें।
- अभ्यास वाक्य: कार्य को सुचारु रूप से चलाने के लिए फंड की कमी नहीं होगी।
6. तुलनात्मक वाक्यांश और उच्च-आवृत्ति वाले कनेक्टर्स
डिक्टेशन के दौरान जब तुलनात्मक शब्द आते हैं, तो गति अक्सर कम हो जाती है।‘ध’ व्यंजन को काटकर जोड़ना “अधिक” की सबसे अच्छी पहचान है।
- सबसे अधिक:‘सबसे’ का शब्द-चिन्ह + ‘ध’ (काटकर)।
- वाक्य: यह इस वर्ष का सबसे अधिक बिकने वाला उत्पाद है।
- आवश्यकता से अधिक:‘आवश्यकता’ का शब्द-चिन्ह + ‘से’ + ‘ध’।
- वाक्य: हमें आवश्यकता से अधिक खर्च नहीं करना चाहिए।
- कहीं अधिक:‘क’ और ‘ह’ का मोटा वृत्त (बिंदी के साथ) बनाकर ‘ध’ जोड़ें।
- वाक्य: आज की स्थिति पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है।
- बहुत अधिक:‘बहुत’ का शब्द-चिन्ह और ‘ध’।
- वाक्य: इस कार्य में बहुत अधिक समय लग सकता है।
- इतना ही नहीं:‘इतना’, ‘ही’ और ‘नहीं’ तीनों के शब्द-चिन्हों को बिना पेंसिल उठाए एक साथ जोड़ें।
- वाक्य: इतना ही नहीं, उसने मेरी मदद करने से भी मना कर दिया।
- विभिन्न स्तर पर:‘व’ का आंकड़ा ‘भ’ में और ‘स्तर पर’ के लिए एक बड़ा चाप (Loop) जो शब्द के अंत में ‘स्तर पर’ का बोध कराए।
- वाक्य: इस योजना की निगरानी विभिन्न स्तर पर की जा रही है।
7. “हुए” (Hue) और “रहते” (Rahate) के रूपांतर: हुक और टिक का खेल
जब किसी क्रिया के अंत में “हुए” या “रहते” आता है, तो एक विशेष 45-डिग्री की ऊर्ध्वगामी (Upward) टिक का प्रयोग किया जाता है।
- देखते हुए:‘देखते’ लिखकर पेंसिल को ऊपर की ओर मोड़कर टिक लगाएं।
- वाक्य: वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला सही है।
- करते हुए:‘करते’ + ‘हुए’ की ऊपर जाने वाली टिक।
- वाक्य: उन्होंने अपना भाषण समाप्त करते हुए सबको धन्यवाद दिया।
- रखते हुए:‘रखते’ के अंत में ‘हुए’ टिक।
- वाक्य: अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए ही बाहर निकलें।
- रहते हुए:‘र’ और ‘ह’ का आंकड़ा, ‘त’ और ‘हुए’ का हुक।
- वाक्य: इस शहर में रहते हुए मुझे कई वर्ष बीत गए।
- कहते हुए:‘कहते’ के अंत में टिक का समावेश।
- वाक्य: उन्होंने यह कहते हुए पद से इस्तीफा दे दिया कि वे अस्वस्थ हैं।
अनुदेशक की टिप: इन वाक्यांशों का अभ्यास आपकी Hindi Typing की गति और मानसिक शब्द-कोश को भी विकसित करता है। (अधिक पेशेवर Steno Tips के लिए हमारी वेबसाइट देखें)।
8. जटिल वाक्य एकीकृतकर्ता (The “Pro” Level)
यह खंड उन स्टेनोग्राफर्स के लिए है जो ‘पार्लियामेंट्री रिपोर्टर’ बनने का सपना देखते हैं। यहाँ हम पूरे वाक्य के ढांचे को एक ही स्ट्रोक में समेटना सीखेंगे।
“इस बात की खुशी है कि”
इसे लिखने के लिए ‘इस बात’ (छोटे त वाला) लिखकर ‘खुशी’ के लिए ‘ख’ और ‘श’ का प्रयोग करते हुए अंत में ‘है कि’ की संयुक्त टिक जोड़ दी जाती है।
- अभ्यास वाक्य 1: मुझे इस बात की खुशी है कि आप सब यहाँ उपस्थित हैं।
- अभ्यास वाक्य 2: प्रधान मंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि देश प्रगति कर रहा है।
- अभ्यास वाक्य 3: इस बात की खुशी है कि परीक्षा परिणाम अच्छे रहे।
“आवश्यकता इस बात की है कि”
यह एक “सुपर-स्ट्रोक” है। ‘आवश्यकता’ का शब्द-चिन्ह बनाएं, फिर ‘इस’ का अंश जोड़ें, फिर ‘बात’ के लिए ‘त’ और अंत में ‘है कि’। इसे एक इकाई की तरह रटना आवश्यक है।
- अभ्यास वाक्य 1: आज आवश्यकता इस बात की है कि हम एकजुट हों।
- अभ्यास वाक्य 2: आवश्यकता इस बात की है कि शिक्षा में सुधार किया जाए।
- अभ्यास वाक्य 3: आवश्यकता इस बात की है कि हम तकनीक को अपनाएं।
“आवश्यक है कि” बनाम “आवश्यक यह है कि”
‘आवश्यक है कि’ में ‘आवश्यक’ के साथ ‘है कि’ सीधे जुड़ता है। लेकिन ‘आवश्यक यह है कि’ में ‘यह’ का छोटा वृत्त बीच में डाला जाता है ताकि दोनों के बीच स्पष्ट अंतर रहे।
- वाक्य 1: यह आवश्यक है कि आप समय पर आएं।
- वाक्य 2: अब आवश्यक यह है कि हम कार्रवाई शुरू करें।
- वाक्य 3: आवश्यक यह है कि आप अपनी एकाग्रता बनाए रखें।
“के अलावा” और “इसके अलावा” (अत्यंत महत्वपूर्ण अंतर)
- अलावा: अकेले ‘अलावा’ के लिए ‘ल’ और ‘व’ का प्रयोग करें।
- के अलावा: ‘के लिए’ वाले स्ट्रोक में एक ‘आ’ का स्वर (Dash) जोड़कर इसे ‘के अलावा’ बनाया जाता है।
- इसके अलावा: ‘इसके’ लिखकर उसमें ‘अलावा’ का संकेत (ल+व) जोड़ दिया जाता है।
- वाक्य 1: इसके अलावा हमारे पास कोई और विकल्प नहीं है।
- वाक्य 2: फल के अलावा आपको दूध भी पीना चाहिए।
- वाक्य 3: इसके अलावा अन्य अनेक कारण भी उत्तरदायी हैं।
प्रैक्टिस चैलेंज: इन “प्रो लेवल” वाक्यांशों को अपनी अभ्यास पुस्तिका में कम से कम 50-50 बार लिखें। स्टेनोग्राफी में सफलता का गुप्त मंत्र यही है कि जब आप शब्द सुनें, तो हाथ खुद-ब-खुद चले, दिमाग को आदेश न देना पड़े।
9. अन्य महत्वपूर्ण वाक्यांश (सोर्स ट्रांस्क्रिप्ट के अनुसार)
सोर्स ट्रांस्क्रिप्ट में दिए गए कुछ अन्य महत्वपूर्ण वाक्यांश जिन्हें छोड़ना गति के साथ समझौता करना होगा:
- अन्य अनेक (Anya Anek): इसमें ‘न’ के बाद ‘न’ और ‘क’ को जोड़ा जाता है। यह बहुत ही संक्षिप्त स्ट्रोक है।
- वाक्य: बाजार में अन्य अनेक विकल्प मौजूद हैं।
- एक बार (Ek Baar):‘क’ व्यंजन के साथ ‘बार’ (ब+र) को जोड़कर बनाया जाता है।
- वाक्य: कृपया एक बार मेरी बात ध्यान से सुनें।
- इसके साथ / इसके साथ ही / इसके साथ ही साथ:‘इसके’ लिखकर ‘साथ’ का चिन्ह जोड़ें। ‘ही’ के लिए छोटा वृत्त और ‘साथ ही साथ’ के लिए उसे दोहरा दें या ‘स’ का बड़ा वृत्त लगाएं।
- वाक्य: इसके साथ ही साथ हमें बजट का भी ध्यान रखना है।
- वाद विवाद (Baad Vivaad):‘बाद’ का शब्द-चिन्ह बनाकर उसे ‘व’ से काट दें या दो बार ‘ब’ लिखें।
- वाक्य: संसद में आज भारी वाद-विवाद हुआ।
- यहाँ तक की (Yahan Tak Ki): यह एक फिक्स्ड आउटलाइन है। ‘य’ में ‘ह’ का वृत्त और ‘की’ की टिक।
- वाक्य: यहाँ तक की उसने अपनी गलती भी नहीं मानी।
- तौर तरीका / तरीके / तरीकों (Tor Tarika):‘त-र’ लिखकर ‘त-र’ से काटें या साथ में लिखें। बहुवचन के लिए अंत में बिंदी लगाएं।
- वाक्य: काम करने का आपका तौर-तरीका सही नहीं है।
- समय-समय पर (Samay-Samay Par): ‘समय’ का शब्द-चिन्ह बनाकर उसके बगल में ‘S’ का सिंबल बनाएं या शब्द को दोहराकर ‘पर’ जोड़ें।
- वाक्य: सरकार समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी करती है।
- भली-भांति (Bhali-Bhanti):‘भ-ल’ लिखकर ‘भ-त’ से काटना।
- वाक्य: मैं आपकी समस्याओं से भली-भांति परिचित हूँ।
10. डे 45 वाक्यांशों की व्यापक सारांश तालिका
| क्रम | हिंदी वाक्यांश | शॉर्टहैंड थ्योरी/लॉजिक | सफलता का सूत्र (Shortcut Tip) |
| 1 | इस अवसर पर | ‘ब’ + ‘सर-पर’ का जोड़ | प्रवाह में लिखें, पेंसिल न उठाएं |
| 2 | अन्य अनेक | ‘न’ + ‘न’ + ‘क’ | सबसे छोटा संभव स्ट्रोक |
| 3 | अपने आप में | ‘अपने’ + ‘प’ + ‘में’ | ‘प’ को संक्षिप्त रखें |
| 4 | इस बात का | छोटा ‘त’ (Ardhikaran) | ‘का’ की टिक दिशा के अनुसार |
| 5 | इसके साथ ही साथ | ‘इसके’ + ‘साथ’ + बड़ा वृत्त | लय बनाए रखें |
| 6 | विशेष रूप से | ‘श’ को दोगुना करना | लंबाई सामान्य से ठीक दोगुनी |
| 7 | आवश्यकता से अधिक | ‘ध’ को काटकर जोड़ना | ‘ध’ हमेशा ‘अधिक’ को दर्शाता है |
| 8 | यहाँ तक की | ‘य-ह’ + ‘की’ टिक | इसे एक संकेत की तरह रटें |
| 9 | देखते हुए | ऊर्ध्वगामी ‘हुए’ टिक | 45-डिग्री का कोण रखें |
| 10 | भली-भांति | काटकर जोड़ना (Intersection) | ‘भ’ और ‘त’ का सटीक मिलन |
11. 5-दिवसीय अभ्यास पद्धति और पीडीएफ (PDF) गाइड
एडवांस वाक्यांशों में महारत हासिल करना एक कला है। इसके लिए निम्नलिखित वैज्ञानिक अभ्यास पद्धति अपनाएं:
- प्रथम दिन (आधार): “इस” और “बात” सीरीज के सभी 12 वाक्यांशों को उठाएं। प्रत्येक वाक्यांश को 20-20 पेज लिखें। लिखते समय शब्द को जोर से बोलें।
- द्वितीय दिन (विस्तार): “रूप से”, “अधिक” और “तुलनात्मक वाक्यांशों” का अभ्यास करें। ‘ध’ काटकर जोड़ने और व्यंजनों को दोगुना करने की शुद्धता सुनिश्चित करें।
- तृतीय दिन (क्रिया): “हुए” और “रहते” वाले क्रिया वाक्यांशों पर ध्यान दें। डिक्टेशन में क्रियाएँ ही गति बढ़ाती हैं। 500 शब्दों का एक साधारण डिक्टेशन लें और इनमें इन वाक्यांशों को फिट करें।
- चतुर्थ दिन (प्रो लेवल): “आवश्यकता इस बात की है कि” जैसे लंबे वाक्यांशों को 100-100 बार लिखें। आपका हाथ बिना सोचे ये आकृतियाँ बनाने लगना चाहिए।
- पंचम दिन (परीक्षण): किसी भी हिंदी समाचार पत्र का संपादकीय (Editorial) लें। उसमें आज सिखाए गए वाक्यांशों को रेखांकित करें और फिर उस पूरे लेख को आशुलिपि में लिखने का प्रयास करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: “इस बात का” और “इस बात पर” के बीच के अंतर को कैसे याद रखें? उत्तर: यह सबसे आम समस्या है। याद रखें, “पर” के लिए हम हमेशा ‘ब’ व्यंजन के साथ ‘पर’ जोड़ते हैं, लेकिन “का/के/की” के लिए हम छोटा ‘त’ प्रयोग करते हैं। ‘त’ का मतलब है कि आगे कोई संबंधक (Connector) आने वाला है।
प्रश्न 2: “रूप से” के लिए व्यंजन को कितना लंबा करना चाहिए? उत्तर: मानक लंबाई से ठीक दोगुना। यदि आपका सामान्य ‘व’ 5 मिलीमीटर का है, तो ‘विशेष रूप से’ में वह 10 मिलीमीटर का होना चाहिए। यदि आप इसे बहुत छोटा रखेंगे, तो पढ़ते समय आप इसे ‘विशेष’ ही पढ़ेंगे, ‘विशेष रूप से’ नहीं।
प्रश्न 3: क्या ये वाक्यांश सभी प्रणालियों (Rishi, Vishisht, Standard) के लिए उपयोगी हैं? उत्तर: जी हाँ, ये वाक्यांश आशुलिपि के सार्वभौमिक सिद्धांतों (Universal Principles) पर आधारित हैं। आप किसी भी प्रणाली के छात्र हों, ये आपके लेखन की गति बढ़ाने में 100% कारगर हैं।
प्रश्न 4: “हुए” की टिक ऊपर की ओर क्यों जाती है? उत्तर: क्योंकि हिंदी में अधिकांश क्रियाएँ (‘देखते’, ‘करते’) लाइन पर खत्म होती हैं। ऊपर की ओर टिक लगाने से पेंसिल की अगली स्थिति (Next Position) के लिए हाथ तैयार रहता है।
12. अगले चरण की ओर प्रस्थान
इस क्लास के बाद, वाक्यांशों का सैद्धांतिक अध्याय समाप्त होता है। अब से हमारा पूरा ध्यान ‘स्पीड बिल्डिंग’ (Speed Building), अदालती शब्दावली और संसदीय डिक्टेशन के वास्तविक अभ्यासों पर होगा। याद रखें, एक कुशल स्टेनोग्राफर वह नहीं है जो बहुत तेज लिखता है, बल्कि वह है जो बहुत ‘स्मार्ट’ लिखता है। अपनी गति में आए सुधार और आज की क्लास से संबंधित किसी भी संशय को नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें। निरंतर अभ्यास ही आपको सफलता के शिखर तक ले जाएगा। अभ्यास करते रहें, आपकी सफलता निश्चित है।


