हम अपनी 85 दिवसीय “शून्य से शिखर तक” स्टेनोग्राफी प्रशिक्षण श्रृंखला के 26वें पड़ाव (Day 26) पर पहुँच चुके हैं। (Hindi Ashulipi Stenography Course in Hindi) यह दिन आपके सीखने की प्रक्रिया में एक मील का पत्थर है, क्योंकि आज हम उन रहस्यों को खोलेंगे जो एक साधारण छात्र और एक पेशेवर आशुलिपिक के बीच अंतर पैदा करते हैं।
पिछले 25 दिनों में आपने वर्णमाला के घुमाव, मात्राओं का संतुलन और बुनियादी व्यंजनों के मेल को समझा है। लेकिन, स्टेनोग्राफी का वास्तविक जादू ‘शब्द चिन्हों’ (Word Symbols) में छिपा है। शब्द चिन्ह वे सूक्ष्म संकेत हैं जो लंबे और कठिन शब्दों को एक क्षण में कागज़ पर उतारने की शक्ति देते हैं। जब हम स्टेनोग्राफी के वैश्विक मानकों की बात करते हैं, तो गति ही सर्वोपरि है। बिना शब्द चिन्हों के अभ्यास के, 80 से 100 शब्द प्रति मिनट (WPM) की गति प्राप्त करना असंभव है।
आज के इस 26वें व्याख्यान (LEC 26) में, मैं आपको उन विशिष्ट संकेतों के बारे में विस्तार से बताऊंगा जो आपकी लेखन गति को नाटकीय रूप से बढ़ा देंगे। यह अध्याय न केवल आपको संकेत बनाना सिखाएगा, बल्कि उनके पीछे के तर्क और ‘बनावट’ (Structure) की बारीकियों को भी स्पष्ट करेगा। याद रखें, एक कुशल स्टेनोग्राफर वही है जिसकी पेंसिल डिक्टेशन की आवाज़ के साथ तालमेल बिठा सके। आइए, आज के इस महत्वपूर्ण सफर की शुरुआत करें।
Day 26: शब्द चिन्हों का महत्व (Importance of Word Symbols)
स्टेनोग्राफी सीखने के सफर में Day 26 को एक ‘निर्णायक मोड़’ (Turning Point) माना जाता है। अब तक आपने जो सीखा वह नींव थी, लेकिन शब्द चिन्ह उस पर खड़ी होने वाली इमारत के स्तंभ हैं। डिक्टेशन के दौरान अक्सर हमारे पास इतना समय नहीं होता कि हम प्रत्येक व्यंजन और मात्रा को पूरा लिखें। यहीं पर शब्द चिन्ह हमारे काम आते हैं।
शब्द चिन्हों के निम्नलिखित लाभ आपकी विशेषज्ञता को बढ़ाते हैं:
- शारीरिक श्रम में कमी: शब्द चिन्हों के प्रयोग से हाथ का मूवमेंट (Movement) न्यूनतम हो जाता है। जहाँ पूरा शब्द लिखने में पेंसिल को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं शब्द चिन्ह उसे एक छोटे से बिंदु या चाप में समेट देता है।
- WPM (Words Per Minute) में क्रांतिकारी सुधार: जब आप शब्दों को छोटा करना सीख जाते हैं, तो आपकी लिखने की गति स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। यह आपको कठिन से कठिन डिक्टेशन को आसानी से पकड़ने में मदद करता है।
- मानसिक स्पष्टता: मानक शब्द चिन्हों का निरंतर अभ्यास आपके अवचेतन मन में बैठ जाता है। डिक्टेशन सुनते ही आपकी उंगलियां स्वतः चलने लगती हैं, जिससे मस्तिष्क पर दबाव कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है।
- सटीक अनुवाद: जब आपके पास विशिष्ट शब्दों के लिए निर्धारित संकेत होते हैं, तो अनुवाद (Transcription) करते समय भ्रम की स्थिति पैदा नहीं होती। आप जानते हैं कि लाइन पर बना ‘र’ केवल ‘अतिरिक्त’ ही पढ़ा जाएगा।
विस्तृत शब्द चिन्ह विश्लेषण (Detailed Analysis: Banawat & Logic)
1. ‘र’ रेखा का त्रिकोणीय नियम (The Positional Rule of ‘R’)
स्टेनोग्राफी में केवल रेखा बनाना महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उसकी स्थिति (Position) शब्द का अर्थ निर्धारित करती है। नीचे दी गई तालिका को ध्यान से देखें:
| शब्द | रेखा की स्थिति | बनावट का विवरण (Technical Banawat) |
| अर्थात | लाइन के ऊपर (First Position) | पेंसिल को बिना लाइन छुए हवा में ऊपर की ओर ‘र’ की एक छोटी तिरछी रेखा खींचें। यह ‘अ’ स्वर की प्रधानता दर्शाता है। |
| अतिरिक्त | लाइन पर (Second Position) | ‘र’ की रेखा को इस तरह बनाएं कि उसका निचला सिरा बिल्कुल लाइन को स्पर्श करे। इसे माध्यम गति से नीचे की ओर लाएं। |
| उदाहरण | लाइन काटकर (Third Position) | ‘र’ की रेखा को लाइन के बीच से काटते हुए नीचे की ओर ले जाएं। यह ‘उ’ या ‘इ’ जैसी मात्राओं के संकेत के लिए उपयोग होता है। |
2. क्रिया और भविष्य के वाक्यांश (Verbs and Hooks for Future-Proofing)
यहाँ हम ‘खाना’ और ‘देखना’ जैसी क्रियाओं की बनावट सीखेंगे। ध्यान रहे, यहाँ हम कुछ नियमों को लचीला रख रहे हैं ताकि भविष्य में इनमें ‘है’, ‘था’, ‘होगी’ जैसे सहायक क्रियाओं को जोड़ा जा सके।
- खाना: ‘ख’ रेखा को शुरू में एक छोटे कट के साथ बनाएं और अंत में ‘न’ का आंकड़ा पूरा खोलकर लिखें। ‘न’ के आंकड़े को यहाँ बंद नहीं करना है, ताकि आप बाद में इसमें ‘हैं’ की टिक आसानी से लगा सकें।
- खाते: ‘ख’ की रेखा को आधा (Shortening rule) करें और अंत में ‘त’ का छोटा हुक जोड़ें। इसे लाइन पर रखें।
- देखना: ‘द’ की रेखा को गहरा (Dark) बनाएं, फिर ‘ख’ जोड़ें और अंत में ‘न’ का आंकड़ा स्पष्ट रूप से खोलें।
- देखते: ‘द’ और ‘ख’ के साथ ‘त’ का आंकड़ा जोड़ें। आप इसे पूरा भी लिख सकते हैं: ‘द’ की रेखा, ‘ख’ का कट और ‘त’ का हुक। अभ्यास के लिए दोनों स्थितियों को 5-5 बार दोहराएं।
3. ‘न’ और ‘म’ का रूपांतरण: मदद और मुद्दे
स्टेनोग्राफी में ‘न’ की रेखा को अंत में काटकर ‘म’ पढ़ने का नियम बहुत उपयोगी है।
- मदद / मुद्दा / मुद्दे: इन तीनों शब्दों के लिए एक ही मूल संकेत है। ‘न’ की एक सीधी रेखा बनाएं और उसके अंत में एक छोटा सा कट (Tick) लगा दें। जब ‘न’ कट जाता है, तो वह ‘म’ बन जाता है।
- विभेदीकरण की तकनीक:
- मदद: बिना किसी मात्रा के केवल संकेत बनाएं।
- मुद्दा: संकेत के अंत में ‘आ’ की मात्रा का आभास दें।
- मुद्दे (बहुवचन): संकेत के मध्य में एक स्पष्ट बिंदी (Dot) लगाएं। यह बिंदी ‘ए’ की मात्रा को दर्शाती है और डिक्टेशन के दौरान आपको यह समझने में मदद करती है कि शब्द बहुवचन है।
महत्वपूर्ण सूचना: इन संकेतों को ‘वाक्यांश निर्माण’ के लिए छोटा रखा गया है। जब “मदद करनी चाहिए” जैसा वाक्यांश आएगा, तो यह कटा हुआ ‘न’ बिजली की गति से ‘करना’ के साथ जुड़ जाएगा।
प्रशासनिक और जटिल शब्द चिन्ह (Advanced Vocabulary)
4. अपेक्षा, पछताना और कहना समूह
- पछताना: ‘प’ का हल्का आंकड़ा, उसके बाद ‘छ’ की रेखा, फिर ‘त’ का हुक और अंत में ‘न’ का आंकड़ा। इसे एक ही प्रवाह में बिना पेंसिल उठाए बनाएं।
- अपेक्षा: ‘प’ की हल्की रेखा खींचें और अंत में ‘छ’ का संकेत जोड़कर उसे बीच से काट दें। इसे लाइन पर रखें।
- पूछना: ‘प’ की रेखा को लाइन काटकर (Third position) लिखें और अंत में ‘छ’ के साथ ‘न’ का आंकड़ा जोड़ें।
- कहना: ‘क’ की रेखा के साथ ‘ह’ का एक बड़ा वृत्त (Circle) बनाएं जो ‘न’ की दिशा में मुड़ा हो। वृत्त का आकार सामान्य से बड़ा रखें।
- कहते हुए: ‘क’ और ‘ह’ के बड़े वृत्त के साथ ‘त’ का आंकड़ा जोड़ें, और अंत में ‘हुए’ के लिए ‘ह’ का एक छोटा विपरीत हुक नीचे लटका दें।
- कहते हैं: ‘कहते’ के संकेत के साथ ही पेंसिल को ऊपर की ओर एक छोटी टिक (Tick) के रूप में मोड़ दें।
5. मापन और स्थिति संकेत (Measurement & Logic)
- चौड़ाई: ‘च’ की रेखा को लाइन के ऊपर (First position) लिखें और अंत में ‘आई’ (i) स्वर के लिए एक छोटा ‘v’ जैसा संकेत जोड़ें।
- ऊंचाई: इसी संकेत को लाइन से काफी ऊपर ले जाएं। ऊँचाई शब्द में ‘ऊ’ की प्रधानता के कारण इसकी स्थिति सबसे ऊपर रहती है।
- चूँकि: ‘च’ की रेखा को लाइन काटकर (Third position) लिखें। यह ‘उ’ स्वर की स्थिति का पालन करता है।
- जनरल: ‘ज’ की गहरी रेखा में ‘न’ का आंकड़ा लगाएं और इसे लाइन काटकर लिखें।
6. ट्रिपल सिंबल नियम: खूब, खुद, अखबार
स्टेनोग्राफी में कुछ संकेत बहुउद्देशीय होते हैं। खूब, खुद, और अखबार के लिए एक ही संकेत निर्धारित है:
- बनावट: ‘ख’ की रेखा बनाएं और उसके अंत में ‘ब’ का आंकड़ा (Hook) लगाएं। सामान्यतः ‘ब’ का आंकड़ा शुरू में लगता है, लेकिन इस विशिष्ट शब्द चिन्ह के लिए इसे अंत में लगाया जाता है।
- पहचान कैसे करें? वाक्य का संदर्भ (Context) आपको बताएगा। उदाहरण के लिए, “उसने खुद काम किया” और “आज का अखबार लाओ” में संकेतों के समान होने पर भी अर्थ स्पष्ट रहता है।
शब्दावली विस्तार: ‘प’ और ‘त’ वर्ग के विशेष प्रयोग
7. तमाम, ताज्जुब, तुरंत, तले (The Memorization Cluster)
इन चारों शब्दों के लिए एक ही सर्वमान्य संकेत है। इसे “रटना” अनिवार्य है क्योंकि ये शब्द डिक्टेशन में अत्यंत आवृत्ति (Frequency) के साथ आते हैं।
- बनावट: लाइन पर ‘त’ की एक छोटी रेखा बनाएं और उसमें एक बहुत छोटी सी घुंडी (Loop/Hook) लगा दें।
- अभ्यास मंत्र: इसे लिखते समय “तमाम-ताज्जुब-तुरंत-तले” एक साथ बोलें ताकि मस्तिष्क इन्हें एक इकाई के रूप में स्वीकार करे।
8. ‘तरफ’ और ‘पर’ के विविध रूप
| शब्द | बनावट और स्थिति |
| परंतु | ‘प-र’ (पर) का संयुक्त संकेत लाइन के ऊपर। |
| प्रायः | ‘पर’ के संकेत के आगे दो छोटी बिंदियाँ (विसर्ग का आभास) लगाएं। |
| प्रत्येक | ‘पर’ के संकेत के साथ ‘क’ की एक छोटी हल्की टिक जोड़ें। |
| प्रतिकूल | ‘प्रति’ के लिए ‘प-र’ लाइन काटकर लिखें और ‘क-ल’ का मेल करें। |
| पूर्वक | यह एक प्रत्यय है। ‘प’, ‘व’ और ‘क’ को एक साथ जोड़कर शब्द के अंत में लिखें। |
| तरह/तरफ | ‘त-र’ की संयुक्त रेखा को लाइन पर (Second position) रखें। |
| तरसों | ‘तरह’ के संकेत में अंत में ‘ओ’ की मात्रा का डैश लगाएं। |
| भीतर | ‘त-र’ की रेखा को लाइन काटकर (Third position) लिखें। |
यदि आप अपनी गति को और अधिक बढ़ाना चाहते हैं, तो स्टेनोग्राफी के साथ-साथ हिंदी टाइपिंग का नियमित अभ्यास भी करें। टाइपिंग की सटीकता आपके स्टेनोग्राफी अनुवाद को और भी निखारेगी।
नए शब्द चिन्ह: द्वितीय चरण (Expanded Vocabulary from Transcript)
आमतौर पर छात्र यहीं तक अभ्यास करते हैं, लेकिन एक पेशेवर बनने के लिए हमें लेक्चर के अंतिम हिस्से के इन शब्दों को भी आत्मसात करना होगा:
- प्रारंभ: ‘प-र’ का आंकड़ा लगाएं और अंत में ‘भ’ की गहरी रेखा बनाकर उसे बीच से काट दें। स्पष्टता के लिए अंत में एक छोटा हुक भी लगा सकते हैं।
- मजबूत: ‘न’ को शुरू में काटकर ‘म’ बनाएं, फिर ‘ज’ का आंकड़ा और ‘ब’ की रेखा को आधा (Half) करके छोड़ दें। यह ‘त’ का आभास देगा (म-ज-ब-त)।
- अटकल: ‘अ’ का डैश, फिर ‘ट’, ‘क’ और ‘ल’ को पूरा-पूरा बिना पेंसिल उठाए लिखें। इसमें कोई शॉर्टकट नहीं है।
- मोटा: ‘म’ की रेखा और ‘ट’ को पूरा लिखें। यह एक सरल शब्द है जिसे पूरा लिखना ही श्रेयस्कर है।
- उल्टा: ‘ल’ की रेखा और ‘ट’ को पूरा लिखें। ‘उ’ के लिए इसे लाइन काटकर शुरू करें।
- दुगना/तिगुना: ‘2’ लिखकर ‘न’ का आंकड़ा लगाएं (दुगना) और ‘3’ लिखकर ‘न’ का आंकड़ा लगाएं (तिगुना)। यह गणितीय तकनीक सबसे तीव्र है।
- कतई / तनिक: इन दोनों के लिए ‘त’, ‘न’ और ‘क’ का मेल करें। ‘तनिक’ के लिए इसे लाइन काटकर लिखें।
- तरकीब: ‘त-र’ का आंकड़ा, फिर ‘क’ और ‘ब’ की रेखा को ऊपर की ओर ले जाएं।
- कर / करके / करना:
- कर: ‘क’ और ‘र’ का मेल।
- ** करके:** ‘कर’ के संकेत के अंत में एक छोटी टिक तिरछी दिशा में लगाएं।
- करना: ‘क’, ‘र’ और ‘न’ का पूरा आंकड़ा खोलकर लिखें।
- करीब / किनारे / कारण:
- करीब: ‘क’, ‘र’ और ‘ब’ का हुक।
- किनारे: ‘क’ और ‘न’ के साथ ‘र’ का आंकड़ा।
- कारण: ‘क’, ‘र’ और ‘न’ का मेल (करना के समान, संदर्भ से पहचानें)।
- पास / पेश / पेशतर:
- पास: ‘प’ की रेखा और ‘स’ का वृत्त। ‘आ’ की मात्रा के लिए लाइन के ऊपर।
- पेश: ‘प’ और ‘स’ का वृत्त लाइन पर (Second position)।
- पेशतर: ‘पेश’ के संकेत में ‘तर’ का नियम लगाएं (रेखा की लंबाई दोगुनी कर दें)।
- बाहर / खराब: ‘र’ की रेखा के अंत में एक बड़ी घुंडी या वृत्त लगाएं। यह ‘बाहर’ और ‘खराब’ दोनों के लिए उपयोग होता है।
- देर / दूर / धीरे:
- देर: ‘र’ रेखा लाइन पर ‘ए’ की मात्रा के साथ।
- दूर: ‘र’ रेखा लाइन पर ‘उ’ की मात्रा के साथ।
- धीरे: ‘र’ रेखा लाइन काटकर और अंत में एक छोटी टिक।
- काला / कल / केवल:
- काला: ‘क’ और ‘ल’ लाइन के ऊपर।
- कल: ‘क’ और ‘ल’ लाइन पर।
- केवल: ‘क’ और ‘ल’ के बीच में ‘ए’ की मात्रा की बिंदी।
- मुश्किल: ‘म’, ‘स’ का वृत्त, फिर ‘क’ और ‘ल’ को एक साथ जोड़ें। यह एक प्रवाहमयी संकेत है।
- काबिल / बल्कि / बिल्कुल:
- काबिल: ‘ब’ और ‘ल’ का संयुक्त संकेत (बल) लाइन के ऊपर।
- बिल्कुल: ‘बल’ का संकेत लाइन पर।
- बल्कि: ‘बल’ के संकेत के पास एक छोटी बिंदी लगाएं।
- हि हिस्सा / हफ्ता: ‘ह’ का वृत्त लाइन पर बड़ा करके बनाएं। यह संदर्भ के अनुसार ‘हिस्सा’ या ‘हफ्ता’ पढ़ा जाएगा।
तुलनात्मक और दिशात्मक शब्द चिन्ह (Comparative & Directional)
| शब्द | बनावट का रहस्य | कट की स्थिति |
| इधर | ध + र | शुरू में (क्योंकि ‘इ’ स्वर पहले आता है) |
| उधर | ध + र | अंत में (क्योंकि ‘उ’ स्वर बाद में आता है) |
| किधर | क + ध + र | सामान्य प्रवाह में लाइन पर |
| जिधर | ज + ध + र | ‘ज’ का गहरा स्टॉक + ध + र |
| तिधर | त + ध + र | ‘त’ का हल्का स्टॉक + ध + र |
दैनिक अभ्यास चार्ट (Daily Practice Chart)
इस चार्ट को अपनी स्टेनो नोटबुक में उतारें और प्रत्येक शब्द के कम से कम 10 पृष्ठ (Pages) अभ्यास करें।
| शब्द | स्थिति | प्रमुख बनावट विवरण |
| अर्थात् | ऊपर | हवा में ‘र’ रेखा |
| अतिरिक्त | लाइन पर | लाइन स्पर्श करती ‘र’ रेखा |
| उदाहरण | काटकर | लाइन काटती ‘र’ रेखा |
| खाना | ऊपर | ख + न (खुला आंकड़ा) |
| मदद | लाइन पर | न (अंत में कटा हुआ) |
| मुद्दे | लाइन पर | न (कटा हुआ) + मध्य बिंदी |
| जवाब | लाइन पर | ब + ब (डबल ‘ब’ संकेत) |
| महोदय | ऊपर | म + ह (बड़ा वृत्त) |
| अखबार | लाइन पर | ख + ब (अंतिम आंकड़ा) |
| विरुद्ध | काटकर | व + र + ध (कटा हुआ) |
| विद्यार्थी | लाइन पर | व + ध + ई (अंतिम टिक) |
| मजबूर | लाइन पर | म + ज + ब (आधा) |
| तमाम | लाइन पर | त + छोटी घुंडी |
| प्रतिकूल | काटकर | प्रति + क-ल |
| बाहर | लाइन पर | र + बड़ी अंतिम घुंडी |
| मुश्किल | लाइन पर | म-स-क-ल संयुक्त |
| बिल्कुल | लाइन पर | ब-ल (बल) संकेत |
| हफ्ता | लाइन पर | ह (बड़ा वृत्त) |
| पेशतर | लाइन पर | प-स (दोगुनी लंबाई) |
| अंतर | लाइन पर | न (दोगुनी लंबाई) |
निष्कर्ष और सुझाव (Conclusion and Tips)
छात्रों, आज की कक्षा (Day 26) सामग्री के मामले में बहुत सघन थी। हमने करीब 70-80 महत्वपूर्ण शब्द चिन्हों को उनके निर्माण की वैज्ञानिक विधि के साथ समझा है। स्टेनोग्राफी में सफलता का मार्ग केवल और केवल “अभ्यास” से होकर गुजरता है।
मेरे व्यक्तिगत सुझाव:
- पेंसिल का दबाव: ‘प’ (हल्का) और ‘ब’ (गहरा) के बीच के अंतर को बनाए रखें। स्टेनोग्राफी में दबाव का बहुत महत्व है।
- मात्राओं का प्रयोग: शुरुआत में घबराएं नहीं, जहाँ भ्रम हो वहाँ छोटी बिंदी या डैश का प्रयोग अवश्य करें, जैसा कि ‘मुद्दे’ या ‘केवल’ में बताया गया है।
- समूह में याद करें: ‘तमाम-ताज्जुब-तुरंत-तले’ जैसे समूहों को एक लय में याद करने से डिक्टेशन के समय सोचने का समय बचता है।
- प्रतिदिन पुनरावृत्ति: आज के शब्द चिन्हों को कल की कक्षा से पहले कम से कम 20 बार दोहराएं।
(FAQs)
प्रश्न 1: ‘खूब’, ‘खुद’ और ‘अखबार’ का एक ही संकेत होने पर अनुवाद में गलती कैसे बचें?
उत्तर: यह वाक्य के व्याकरण पर निर्भर करता है। “वह खूब पढ़ता है” में ‘अखबार’ फिट नहीं बैठ सकता। अभ्यास के साथ आपका मस्तिष्क स्वतः ही सही शब्द का चयन करने लगेगा।
प्रश्न 2: ‘मदद’ के लिए ‘न’ को काटना क्यों जरूरी है?
उत्तर: स्टेनोग्राफी के मानक नियम के अनुसार, जब हम ‘न’ को काटते हैं, तो वह ‘म’ की ध्वनि देता है। चूँकि ‘मदद’ में ‘म’ और ‘द’ का मुख्य स्वर है, इसलिए यह तकनीक सबसे तेज है।
प्रश्न 3: ‘बनावट’ में पेंसिल उठाना कब मना है?
उत्तर: जब तक एक शब्द का संकेत पूरा न हो जाए, पेंसिल नहीं उठानी चाहिए। जैसे ‘पछताना’ या ‘मुश्किल’ लिखते समय एक ही स्ट्रोक में शब्द पूरा करें।
प्रश्न 4: ‘इधर’ और ‘उधर’ के ‘कट’ की स्थिति क्या याद दिलाती है?
उत्तर: यह स्वरों की स्थिति का नियम है। ‘इ’ स्वर पहले आता है, इसलिए ‘इधर’ में कट शुरू में है। ‘उ’ का स्वर बाद का आभास देता है, इसलिए ‘उधर’ में कट अंत में लगाया जाता है।
प्रश्न 5: क्या इन सभी शब्द चिन्हों को एक ही दिन में याद करना संभव है?
उत्तर: यह आपकी मेहनत पर निर्भर है। सलाह यह है कि इन्हें 3-3 के समूहों में बाँटें और हर समूह को 15 मिनट तक बार-बार लिखें।
Day 27 – शब्द चिन्हों को याद करने की आसान विधि (संपूर्ण गाइड)
हिंदी आशुलिपि (Stenography) केवल एक शॉर्टकट विधि नहीं है, बल्कि यह ध्वनि को तीव्र गति से कागज पर उकेरने का एक तकनीकी कौशल है। जब आप एक व्यावसायिक स्टेनोग्राफर बनने की दिशा में कदम बढ़ाते हैं, तो आपकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आप कम से कम स्ट्रोक्स में अधिक से अधिक अर्थ कैसे स्पष्ट कर पाते हैं। हमारे इस 85 दिनों के विशेष पाठ्यक्रम में आज हम Day 27 पर पहुँच चुके हैं।
पिछली कक्षा में हमने जो आधार तैयार किया था, वह Day 26 के अभ्यास के बिना अधूरा है। आज का पाठ ‘शब्द चिन्हों’ (Logograms/Word-signs) को समर्पित है। शब्द चिन्ह स्टेनोग्राफी की आत्मा हैं। ऋषि प्रणाली (Rishi System) में कई शब्द चिन्ह ऐसे हैं जो छात्रों को भ्रमित करते हैं क्योंकि वे एक जैसे दिखते हैं। एक वरिष्ठ प्रशिक्षक के रूप में, मैंने अपने वर्षों के अनुभव से इन चिन्हों में कुछ सूक्ष्म सुधार किए हैं जैसे मात्राओं का सटीक प्रयोग और स्ट्रोक की लंबाई में परिवर्तन ताकि आप 80-100 शब्द प्रति मिनट की गति पर भी अनुवाद (Transcription) करते समय गलती न करें। आज हम धार्मिक, सामाजिक, और प्रशासनिक शब्दावली के साथ-साथ ‘स्व’ और ‘स्त’ जैसे कठिन आंकड़ों के प्रयोग को विस्तार से समझेंगे।
1. शब्द चिन्ह: धार्मिक और राष्ट्रीय शब्दावली (Religious and National Terms)
राष्ट्रीय और धार्मिक विषयों के डिक्टेशन में कुछ शब्द अत्यंत सामान्य हैं। इन्हें रटने के बजाय इनकी ‘लाइन पोजीशन’ और ध्वनि के आधार पर समझना आवश्यक है।
- हिंदू (Hindu): ‘हिंदू’ शब्द में ‘ऊ’ की प्रधान ध्वनि है। नियमानुसार, तीसरे स्थान के स्वर के लिए स्ट्रोक को लाइन काटकर बनाया जाता है। यहाँ ‘ह’ व्यंजन को ऊपर से नीचे की ओर लाते हुए लाइन को बीच से काट दें। यह स्वतः ‘हिंदू’ का बोध कराता है।
- हिंदी (Hindi): ‘हिंदी’ और ‘हिंदू’ में अक्सर छात्र भ्रमित होते हैं। इसे स्पष्ट करने के लिए, ‘ह’ व्यंजन को लाइन पर रखें और अंत में ‘ई’ की ध्वनि के लिए एक छोटी सी बिंदी (Dot) लगा दें। यदि आप बिंदी नहीं लगाना चाहते, तो स्ट्रोक के अंत में बाहर की ओर एक हल्का सा टिक (Tick) निकाल दें। यह छोटी सी पहचान परीक्षा में आपके अंक बचा सकती है।
- हिंदुस्तान (Hindustan): इसमें ‘ह’ व्यंजन के साथ अंत में ‘न’ का आंकड़ा (Hook) जोड़ा जाता है। इसे लाइन पर ही बनाया जाता है। ‘ह’ और ‘न’ का यह संयोग ‘हिंदुस्तान’ के लिए एक विशिष्ट पहचान बनाता है।
अभ्यास वाक्य: हिंदुस्तान में रहने वाला हर हिंदू हिंदी भाषा का सम्मान करता है। (इन शब्दों को एक साथ लिखने का प्रयास करें)।
2. कार्यक्षेत्र और संख्यात्मक शब्द चिन्ह (Professional and Numeric Symbols)
कार्यक्षेत्र (Workplace) और सांख्यिकीय रिपोर्टों में ‘मेंबर’ और ‘नंबर’ जैसे शब्दों का बाहुल्य होता है। ऋषि प्रणाली की मूल पद्धति में इनमें अंतर करना कठिन होता है, लेकिन हम इसे सरल बनाएंगे।
| शब्द | स्ट्रोक की बनावट और तकनीकी विशेषता | लाइन की स्थिति |
| मेंबर (Member) | ‘म’ व्यंजन बनाकर उसके साथ ‘बर’ (ब+र) का हुक जोड़ें। | लाइन पर |
| नंबर (Number) | ‘न’ व्यंजन बनाकर उसके साथ ‘बर’ का हुक जोड़ें। | लाइन पर |
| बारे (Bare) | ‘व’ और ‘र’ (वर) का संयुक्त स्ट्रोक + ‘ए’ की मात्रा (बिंदी)। | लाइन के ऊपर |
| बार (Bar) | ‘व’ और ‘र’ (वर) का संयुक्त स्ट्रोक + ‘आ’ की मात्रा (डैश)। | लाइन के ऊपर |
विशेष टिप: ‘मेंबर’ में ‘म’ की प्रधानता है और ‘नंबर’ में ‘न’ की। स्ट्रोक बनाते समय हाथ को हल्का रखें ताकि ‘बर’ का हुक स्पष्ट दिखाई दे।
ये शब्द बहुत कम अंतराल वाले ध्वनि समूहों से बने हैं, इसलिए इनके लिए हाथ की गति और स्थान का बहुत महत्व है।
- जल (Jal): ‘ज’ व्यंजन और ‘ल’ के आंकड़े को मिलाकर लाइन पर एक प्रवाह में बनाएं।
- जलसा (Jalsa): ‘जल’ के स्ट्रोक के अंत में एक छोटा सा ‘स’ का वृत्त (Circle) जोड़ दें। ध्यान रहे कि वृत्त बाहर की ओर होना चाहिए।
- जेल (Jail): ‘जल’ की ही आकृति बनाएं लेकिन ‘ए’ की मात्रा का स्पष्ट संकेत (बीच में बिंदी) दें।
- जल्दी (Jaldi): जब हम ‘जल’ के स्ट्रोक को लाइन काटकर (तीसरे स्थान पर) बनाते हैं, तो वह ‘जल्दी’ पढ़ा जाता है। यह ‘ई’ की मात्रा का आभास देता है।
- बिजली (Bijli): ‘जल्दी’ और ‘बिजली’ का स्ट्रोक एक जैसा होता है। अंतर करने के लिए, ‘बिजली’ के स्ट्रोक के अंत में एक अतिरिक्त बिंदी लगा दें।
4. ‘स’ वृत्त और मात्राओं का विशेष प्रयोग: ऋषि प्रणाली में सुधार
ऋषि प्रणाली की पाठ्यपुस्तकों में एक ही आकृति को ‘सारा, सवेरा, सर्व, सिर्फ, शुरू’ के लिए निर्धारित किया गया है। एक सीनियर इंस्ट्रक्टर के तौर पर मैं इस पद्धति में सुधार की सलाह देता हूँ ताकि अनुवाद के समय सिरदर्द न हो।
- सारा (Sara): ‘स’ का वृत्त और ‘र’ का स्ट्रोक लाइन के ऊपर बनाएं और अंत में ‘आ’ का डैश लगाएं।
- सवेरा (Savera): इसी आकृति को लाइन पर रखें और ‘ए’ की बिंदी का प्रयोग करें। यदि बिना मात्रा के छोड़ना है, तो इसे लाइन पर रखें।
- सर्व (Sarv): इसे लाइन पर बिना किसी मात्रा के छोड़ दें, यह संदर्भ से ‘सर्व’ पढ़ा जाएगा।
- सिर्फ (Sirf): मूल आकृति को लाइन पर बनाकर उसके पहले स्थान पर ‘ई’ की मात्रा (बिंदी) लगा दें।
- शुरू (Shuru): ‘र’ के अंत में ‘ऊ’ की मात्रा का छोटा सा टिक लगाएं।
तकनीकी तर्क: यदि आप बिना मात्रा के ये पाँचों शब्द लिखेंगे, तो “वह सर्व काम शुरू करेगा” और “वह सिर्फ काम शुरू करेगा” में अंतर करना असंभव हो जाएगा। मात्राएं ही आपकी शुद्धता की कुंजी हैं।
5. ‘स्व’ (Sw) और ‘स्त’ (St) आंकड़े के उन्नत शब्द
‘स्व’ का आंकड़ा एक बड़ा वृत्त होता है। इसे व्यंजनों के साथ जोड़ने की कला ही आपको तेज बनाती है।
- स्वराज्य: ‘स्व’ के बड़े वृत्त को ‘ज’ व्यंजन से काटकर बनाया जाता है।
- स्वास्थ्य: ‘स्व’ के वृत्त के भीतर से ही एक छोटा ‘य’ का हुक निकालें। इसे बिना पेन उठाए एक बार में बनाएं।
- स्वयं: ‘स्व’ का वृत्त बनाएं और इसे ‘म’ के शब्द चिन्ह से काट दें।
- स्वतंत्र: ‘स्व’ के आंकड़े को ‘त’ व्यंजन से ऊपर की ओर काटें।
- स्वतंत्रता: इसी ‘स्व’ को ‘त’ से नीचे की ओर काटें। यह ऊपर-नीचे का अंतर ही ‘स्वतंत्र’ और ‘स्वतंत्रता’ को अलग करता है।
- स्वरूप: ‘स्व’ के वृत्त को ‘प’ व्यंजन से तिरछा काटें।
- स्वीकार: ‘स्व’ का आंकड़ा ‘क’ और ‘र’ के साथ विपरीत दिशा में घुमाकर बनाया जाता है।
‘स्त’ (St) आंकड़े वाले शब्द:
- प्रस्ताव: ‘र’ व्यंजन में ‘स्त’ का चाप (Loop) लगाएं और इसे लाइन के ऊपर रखें।
- रास्ते: ‘प्रस्ताव’ जैसी ही आकृति, बस लाइन पर और अंत में ‘ए’ की बिंदी।
- तंदुरुस्त: ‘उ’ ध्वनि के कारण इसे लाइन काटकर बनाएं।
- सर्वत्र: ‘सर्व’ के चिन्ह में ‘त्र’ का बड़ा चाप जोड़ दें।
- प्रस्थान: ‘प-र’ का हुक, फिर ‘स’ और ‘थान’ का पूरा स्ट्रोक।
सामाजिक डिक्टेशन के लिए ये शब्द अनिवार्य हैं। यहाँ ‘आकार’ (Size) का सिद्धांत बहुत महत्वपूर्ण है।
- सहायता: ‘स’ और ‘ह’ के आंकड़े को ‘त’ के साथ जोड़कर लाइन के ऊपर बनाएं। इसे ‘स-ह-ता’ के प्रवाह में लिखा जाता है।
- समेत: ‘स’ वृत्त, ‘म’ व्यंजन और ‘त’ का आंकड़ा, साथ में ‘ए’ की मात्रा।
- सहित: ‘समेत’ जैसी ही आकृति लेकिन लाइन काटकर (ई की मात्रा के कारण)।
- सम्मति: ‘स’ वृत्त के साथ ‘म’ को छोटा करके ‘ति’ जोड़ें।
- अचंभा: ‘अ’ का डैश, ‘च’ और ‘म’ को थोड़ा बड़ा (Double Length) कर दें। ‘म’ को बड़ा करना उसमें ‘भ’ की ध्वनि जोड़ देता है।
- बारंबार: ‘व-र’ के स्ट्रोक को दो बार पास-पास बनाएं या ‘व’ को लंबा खींच दें।
- परमात्मा: ‘प-र’ का हुक, फिर ‘म’ को बड़ा करें और अंत में ‘त’ का आंकड़ा लगाएं। ‘म’ को बड़ा करना उसमें ‘त-म’ का बोध कराता है।
- समाप्त: ‘स’ के वृत्त के साथ ‘म’ और ‘प-त’ का संयुक्त स्ट्रोक।
- महाशय: ‘म’, ‘ह’, ‘स’ और अंत में ‘य’ का हुक।
- मुसलमान: ‘म’ व्यंजन, ‘स’ वृत्त और ‘न’ का आंकड़ा।
- महोदय: ‘मुसलमान’ की आकृति को ही आकार में बड़ा (Larger Scale) कर देने से वह ‘महोदय’ बन जाता है।
- मुसीबत और मुस्लिम: ‘मुसलमान’ की मूल आकृति में बिंदी का प्रयोग करें। स्ट्रोक के बीच में बिंदी ‘मुसीबत’ और अंत में ‘मुस्लिम’ के लिए संकेत का काम करती है।
7. सहायक क्रियाएं, सर्वनाम और अव्यय (Comprehensive Grammar List)
यह खंड सबसे व्यापक है। यहाँ प्रत्येक शब्द का अपना एक लॉजिक है।
- अगर, बगैर, मगर: ऋषि प्रणाली में तीनों के लिए एक ही चिन्ह (ग-र) है। मैं सुझाव देता हूँ कि ‘बगैर’ में ‘ब’ का छोटा टिक और ‘मगर’ में ‘म’ का छोटा टिक ‘ग-र’ से पहले लगाएं।
- सबक और सबब: ‘स’ वृत्त के साथ ‘ब-क’ (सबक) और ‘स’ वृत्त के साथ दो ‘ब’ (सबब)।
- समान, समाना, सामने: ‘स’ और ‘म-न’ का आंकड़ा। ‘समाना’ में अंत में ‘आ’ की मात्रा और ‘सामने’ में ‘ए’ की बिंदी लगाएं।
- संबंध: ‘स’ और ‘म’ के स्ट्रोक को लाइन पर बनाकर छोड़ दें। यह बहुत महत्वपूर्ण शब्द है।
- द्वारा: लाइन के ऊपर एक छोटा ‘र’ बनाना ‘द्वारा’ का प्रतीक है।
- और: इसी ‘र’ को यदि लाइन काटकर बनाया जाए, तो यह ‘और’ (And/Direction) बन जाता है।
- रुपया, रुपये, रुपयों: ‘र’ व्यंजन को लाइन पर बनाना ‘रुपया’ है। ‘ए’ की मात्रा से ‘रुपये’ और अंत में बहुवचन की बिंदी से ‘रुपयों’ बनता है।
- औरत और रात: ‘र’ व्यंजन में ‘त’ का आंकड़ा। लाइन के ऊपर ‘रात’ और लाइन पर ‘औरत’।
- चाहा, चाहते, चाहिए: ‘च’ व्यंजन के साथ एक चपटा हुक। ‘चाहा’ में ‘आ’, ‘चाहते’ में ‘ए’ और ‘चाहिए’ को खाली छोड़ें।
- छोटा और अच्छा: दोनों के लिए एक ही चपटा स्ट्रोक है। वाक्य तय करेगा कि “यह छोटा बच्चा है” या “यह अच्छा बच्चा है”।
- जिस और जिन: ‘ज’ में ‘स’ का वृत्त (जिस) और ‘ज’ में ‘न’ का आंकड़ा (जिन)।
- मध्य, मालूम, मतलब: तीनों के लिए ‘म’ व्यंजन का प्रयोग होता है। अंतर के लिए ‘मालूम’ में ‘ल’ का छोटा हुक जोड़ सकते हैं।
- मन, माना, माने, मानो: ‘म’ और ‘न’ का आंकड़ा। मात्राओं के अनुसार बिंदी का स्थान बदलें।
- आज और जाय: ‘आज’ में ‘अ’ का डैश + ‘ज’ है। ‘जाय’ में ‘ज’ के साथ ‘य’ का हुक जोड़ना अनिवार्य है।
- जरूर, जरूरी, जरूरत: ‘ज’ व्यंजन को लाइन काटकर बनाएं। केवल ‘ज’ = जरूर; ‘ज’ + बिंदी = जरूरी; ‘ज’ + ‘त’ का आंकड़ा = जरूरत।
- जीवन और जीविका: ‘ज’ का आंकड़ा, ‘व’ और ‘न’ (जीवन)। ‘जीविका’ के लिए ‘न’ का आंकड़ा हटाकर ‘क’ जोड़ दें।
- लाला और लंबा: दो ‘ल’ (लाला)। एक ‘ल’ को अधिक लंबा (Extended) खींचना = लंबा।
- लेकिन, लिए, लाये: लाइन पर ‘ल’ = लेकिन। ‘ल’ + ‘य’ का हुक = लिए। ‘ल’ + ‘य’ + ‘आ’ की मात्रा = लाये।
8. शब्द चिन्ह तुलनात्मक तालिका (The Master Key)
नीचे दी गई तालिका आपकी त्वरित समीक्षा के लिए है। इसे अपनी अभ्यास पुस्तिका के पहले पृष्ठ पर चिपका लें।
| शब्द | मुख्य व्यंजन/आंकड़ा | लाइन की स्थिति | विशेष पहचान |
| हिंदू | ह | लाइन काटकर | उ की ध्वनि |
| हिंदी | ह | लाइन पर | बिंदी या टिक |
| हिंदुस्तान | ह + न आंकड़ा | लाइन पर | संयुक्त रूप |
| नंबर | न + बर | लाइन पर | – |
| मेंब | म + बर | लाइन पर | – |
| जल्दी | ज + ल | लाइन काटकर | स्थान परिवर्तन |
| बिजली | ज + ल | लाइन काटकर | अतिरिक्त बिंदी |
| तंदुरुस्त | त + स्त | लाइन काटकर | तीसरे स्थान पर |
| स्वतंत्र | स्व + त (ऊपर) | लाइन के ऊपर | दिशा: ऊपर |
| स्वतंत्रता | स्व + त (नीचे) | लाइन के ऊपर | दिशा: नीचे |
| महोदय | म + स + न | लाइन पर | सामान्य से बड़ा आकार |
| परमात्मा | प + र + म (बड़ा) + त | लाइन पर | म की लंबाई दोगुनी |
| जरूर | ज | लाइन काटकर | – |
| जरूरत | ज + त आंकड़ा | लाइन काटकर | त का हुक |
| लंबा | ल (लंबा स्ट्रोक) | लाइन पर | दोगुनी लंबाई |
9. अभ्यास विधि और सफलता के सूत्र
एक पेशेवर प्रशिक्षक के रूप में, मैं आपको चेतावनी देता हूँ कि केवल इन चिन्हों को पढ़ लेने से आपकी गति नहीं बढ़ेगी। आशुलिपि ‘हाथ की मांसपेशियों की स्मृति’ (Muscle Memory) का खेल है।
अभ्यास के चरण:
- प्रत्येक शब्द का दो-पेज अभ्यास: ‘हिंदुस्तान’ जैसे शब्दों को तब तक लिखें जब तक कि आपका हाथ बिना सोचे उसे न बना दे।
- श्रुतलेख (Dictation) अभ्यास: नीचे दिए गए वाक्यों को किसी मित्र से बुलवाएं और उन्हें शब्द चिन्हों का उपयोग करते हुए लिखें।
अभ्यास वाक्य समूह 1: “हिंदुस्तान के प्रत्येक मेंबर को स्वतंत्र रहने का अधिकार है। महोदय ने कहा कि यदि हम जल्दी काम समाप्त नहीं करेंगे, तो मुसीबत बढ़ जाएगी। बिजली की सहायता से हम अंधेरे को दूर कर सकते हैं।”
अभ्यास वाक्य समूह 2: “परमात्मा की कृपा से स्वास्थ्य तंदुरुस्त रहता है। समाज में सिर्फ वही व्यक्ति आदर पाता है जिसका चरित्र अच्छा और छोटा नहीं होता। हमें अपनी जीविका के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत है।”
गति बढ़ाने का रहस्य:
जब आप ‘महोदय’ या ‘स्वतंत्रता’ जैसे शब्द लिखें, तो पेन को कागज पर अधिक दबाव न दें। हल्का हाथ रखने से स्ट्रोक के बीच का जोड़ (Joining) साफ सुथरा बनता है, जिससे अनुवाद करते समय आप उसे आसानी से पढ़ पाते हैं।
हिंदी स्टेनोग्राफी (Day 28): शब्द चिन्हों (Logograms) का संपूर्ण ज्ञान और अभ्यास गाइड
शब्द चिन्हों का महत्व इस तथ्य में निहित है कि हिंदी भाषा में लगभग 60% से 70% शब्द बार-बार दोहराए जाते हैं। यदि हम इन पुनरावृत्ति वाले शब्दों के लिए पूर्ण रेखाचित्र (Outlines) बनाने बैठें, तो हम कभी भी वक्ता की गति के साथ तालमेल नहीं बिठा पाएंगे। इसीलिए, ‘Day 28’ के इस सत्र में हम उन उन्नत शब्द चिन्हों का विश्लेषण करेंगे जो आपकी डिक्टेशन लिखने की समय-सीमा को 70% तक घटा देंगे। आज के सत्र में हम न केवल सर्वनामों के रूपांतरणों को देखेंगे, बल्कि समय, स्थान, परिमाण और क्रिया विशेषणों के उन सूक्ष्म भेदों को भी समझेंगे जो एक नवागंतुक छात्र के लिए अक्सर चुनौतीपूर्ण होते हैं।
आशुलिपि केवल हाथ का कौशल नहीं है, बल्कि यह ध्वन्यात्मक तर्क (Phonetic Logic) और ज्यामितीय सटीकता का एक उत्कृष्ट संगम है। आज हम स्वत:, इसलिए, ईश्वर, और सर्वनामों की ‘किन’ व ‘जिन’ श्रृंखला जैसे उच्च-मूल्य वाले शब्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इस गाइड का प्रत्येक खंड आपको न केवल “क्या लिखना है” यह बताएगा, बल्कि “क्यों और कैसे लिखना है” इसके पीछे के वैज्ञानिक हस्त-संचालन (Hand Movement) के सिद्धांतों को भी स्पष्ट करेगा।
1. प्रारंभिक महत्वपूर्ण शब्द चिन्ह (Initial Crucial Logograms)
कक्षा की शुरुआत में हम उन तीन महत्वपूर्ण चिन्हों से करेंगे जो देखने में समान लग सकते हैं, लेकिन अपनी स्थिति और बिंदुओं के कारण भिन्न अर्थ प्रदान करते हैं।
| शब्द | बनावट का विवरण | लाइन की स्थिति |
| स्वत: | ‘आशा’ और ‘ऐसा’ की तरह का वक्र, लेकिन अंत में दो विसर्ग बिंदियाँ | लाइन के ऊपर |
| इसलिए | ‘स’ का वृत्त या वक्र संकेत | लाइन को काटकर (Through the line) |
| ईश्वर | ‘इसलिए’ के समान संकेत, संदर्भ के अनुसार पहचान | लाइन को काटकर (Through the line) |
व्याकरणिक महत्व और हस्त-संचालन: ‘स्वत:’ शब्द अक्सर आधिकारिक पत्राचार में उपयोग किया जाता है। इसकी बनावट ‘आशा’ के समान होती है, परंतु इसमें दो बिंदियाँ (:) लगाना अनिवार्य है ताकि इसे सामान्य शब्दों से अलग किया जा सके। ‘इसलिए’ और ‘ईश्वर’ दोनों को लाइन काटकर बनाया जाता है क्योंकि इनमें ‘इ’ और ‘ई’ की मात्रा का प्रभुत्व है। लिखते समय हाथ का दबाव हल्का रखें और स्ट्रोक को लाइन के नीचे ले जाएं।
अभ्यास के लिए उदाहरण वाक्य:
- मनुष्य को स्वत: अपनी गलतियों का एहसास होना चाहिए।
- वह बीमार था, इसलिए आज दफ्तर नहीं आ सका।
- ईश्वर पर विश्वास रखने वाले कभी निराश नहीं होते।
- यह कार्य स्वत: पूर्ण हो जाएगा, आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
2. समय और स्थान सूचक शब्द चिन्ह (Time and Place Indicators)
समय और स्थान के शब्दों को ‘ब’ (B) हुक और लाइन की स्थिति (Above, On, Through the line) के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।
| शब्द | बनावट का विवरण | लाइन की स्थिति |
| अब | ‘अ’ की हल्की टिक के साथ ‘ब’ का स्ट्रोक | लाइन के ऊपर (Above the line) |
| कब | ‘ब’ संकेत के अंत में हल्का कट (थ के विपरीत) | लाइन के ऊपर (Above the line) |
| जब | ‘ब’ संकेत का सामान्य रूप | लाइन पर (On the line) |
| तब | ‘ब’ संकेत का सामान्य रूप | लाइन को काटकर (Through the line) |
हस्त-संचालन और तकनीकी बारीकी: ‘अब’ में ‘अ’ की टिक को ‘ब’ के प्रारंभ में बहुत सूक्ष्मता से जोड़ें। ‘कब’ लिखते समय ध्यान दें कि कट अंत में होना चाहिए। ‘जब’ और ‘तब’ के बीच का अंतर केवल लाइन की स्थिति का है। यदि आप लाइन का सही पालन नहीं करेंगे, तो ‘जब’ को ‘तब’ पढ़ा जा सकता है, जो पूरे वाक्य का अर्थ बदल सकता है।
अभ्यास वाक्य:
- अब हमें अपनी योजना में बदलाव करना होगा।
- आप दिल्ली से कब वापस आ रहे हैं?
- जब तक सूर्य नहीं निकलता, तब तक अंधेरा रहता है।
- जब आप बुलाएंगे, तब मैं आ जाऊंगा।
- अब और देरी करना उचित नहीं होगा।
- कब आपने यह निश्चय किया कि आप स्टेनोग्राफर बनेंगे?
- जब वर्षा होती है, तब मोर नाचते हैं।
- अब से हम प्रतिदिन 3000 शब्दों का अभ्यास करेंगे।
- कब तक आप इस कार्य को लंबित रखेंगे?
- जब भी अवसर मिले, सेवा अवश्य करें।
- तब मुझे समझ आया कि समय की कीमत क्या है।
- अब और तब की स्थिति में बहुत अंतर है।
- जब वह आएगा, तब तुम जाना।
- अब मुझे अपनी typing speed पर ध्यान देना है।
- कब तक यह सिलसिला चलता रहेगा?
3. शक्ति, सामर्थ्य और सामाजिक शब्द चिन्ह
इस खंड में हम उन शब्दों को देखेंगे जो सामाजिक और प्रशासनिक संवाद में बहुत अधिक उपयोग किए जाते हैं, जैसे ‘किताब’, ‘ताकत’, और ‘वास्तव’।
- ताकत (Takat): ‘क’ व्यंजन में ‘त’ का आँकड़ा (Hook) लगाकर इसे बनाया जाता है। पेंसिल को हल्का दबाते हुए ‘क’ को सीधा ले जाएं और अंत में ‘त’ का छोटा हुक मोड़ दें।
- किताब (Kitab): इसकी बनावट ‘ताकत’ के समान ही होती है। संदर्भ (Context) ही इसकी पहचान का मुख्य आधार है। (उदा: “वह ताकत पढ़ रहा है” – यह गलत है, यहाँ ‘किताब’ सही होगा)।
- कहता/कहते/कहती/कहना: ‘क’ में ‘ह’ का बड़ा वृत्त और ‘ता’ का हुक। ‘कहते’ के लिए अंत में एक बिंदु और ‘कहती’ के लिए ई की टिक। ‘कहना’ के लिए ‘न’ का आँकड़ा लगाया जाता है।
- वास्तव (Vastav): ‘व’ व्यंजन को लाइन पर सामान्य रूप से बनाएं।
- अथवा (Athwa): ‘वास्तव’ की तरह ‘व’ को लाइन पर बनाएं, लेकिन इसे बीच में से काट दें। चूंकि ‘थ’ व्यंजन को काट कर बनाया जाता है, इसलिए ‘व’ को काटना ‘अथवा’ (थ की ध्वनि) का प्रतीक बन जाता है।
- वास्ते (Vaaste): ‘व’ के ऊपर एक बिंदु लगाकर इसे ‘वास्ते’ का चिन्ह माना जाता है।
- सर्वथा (Sarvatha): ‘वास्ते’ के संकेत को जब लाइन से काटकर बनाया जाता है, तो यह ‘सर्वथा’ कहलाता है।
सामान्य गलतियाँ: छात्र अक्सर ‘वास्तव’ और ‘अथवा’ में भ्रमित हो जाते हैं। याद रखें, ‘अथवा’ में ‘थ’ की ध्वनि है, इसलिए ‘कट’ लगाना अनिवार्य है। हस्त-संचालन में तेजी लाने के लिए कट को स्ट्रोक पूरा होने के तुरंत बाद लगाएं।
4. सर्वनाम और उनके रूपांतरण: ‘किन’ और ‘जिन’ की श्रृंखला
यह इस लेक्चर का सबसे तकनीकी भाग है। ‘किन’ और ‘जिन’ के साथ जब कारक चिन्ह (Case Markers) जुड़ते हैं, तो उनकी आउटलाइन बदल जाती है।
किन की श्रृंखला (Kin Series)
आधार: ‘क’ व्यंजन में ‘न’ का आँकड़ा।
- किनसे: ‘किन’ के अंत में ‘स’ का वृत्त।
- किनने: ‘किन’ के साथ ‘ने’ की छोटी टिक।
- किन्हें: ‘किन’ के साथ ‘ह’ का संकेत और एक बिंदु। ध्यान दें, ‘ह’ की टिक यहाँ ऊपर/सीधी लगती है।
- किनका: ‘किन’ के अंत में ‘का’ की दिशा में छोटी टिक।
- किनको: ‘किन’ के साथ नीचे की ओर ‘को’ की टिक।
- किनमें: ‘किन’ के साथ ‘म’ का संक्षिप्त रूप (उल्टा वक्र)।
- किनपर: ‘किन’ के साथ ‘पर’ का संकेत जोड़कर (प और र का संयुक्त रूप)।
जिन की श्रृंखला (Jin Series)
आधार: ‘ज’ व्यंजन में ‘न’ का आँकड़ा।
- जिनसे: ‘जिन’ के साथ ‘स’ का छोटा वृत्त।
- जिन्हें: स्रोत के अनुसार, ‘जिन’ के बाद ‘ह’ का संकेत बिल्कुल सीधा (Upward/Straight) लगाया जाता है।
- जिनका: ‘जिन’ के अंत में ‘का’ की टिक।
- जिनको: ‘जिन’ के अंत में ‘को’ की टिक (नीचे की ओर)।
- जिनमें: ‘जिन’ के साथ ‘म’ का संक्षिप्त संकेत।
- जिनपर: ‘जिन’ के साथ ‘पर’ का जोड़।
- जिन्होंने: ‘जिनने’ के स्थान पर ‘जिन्होंने’ का प्रयोग होता है, इसे ‘जिन’ और ‘ने’ की टिक से दर्शाते हैं।
अपना/अपनी/अपने श्रृंखला
- अपना: ‘प’ व्यंजन में ‘न’ का आँकड़ा।
- अपनी: ‘अपना’ के चिन्ह में अंत में ‘ई’ की बिंदी या टिक।
- अपने: ‘अपना’ के चिन्ह में ‘ए’ की मात्रा का संकेत (बिंदु)।
व्याकरणिक गहराई: ‘किन’ एक प्रश्नवाचक सर्वनाम है जबकि ‘जिन’ एक संबंधवाचक सर्वनाम है। आशुलिपि में ‘क’ और ‘ज’ का अंतर ही इन दोनों श्रेणियों को विभाजित करता है। अभ्यास करते समय ‘ज’ के स्ट्रोक को ‘क’ से अधिक गहरा (Dark) बनाने का प्रयास करें।
5. मात्रा और परिमाण बोधक: इतना और उतना
इन शब्दों के लिए ‘न’ व्यंजन को सामान्य से थोड़ा “बड़ा” (Large) बनाया जाता है। यह आकार का अंतर ही इन्हें सामान्य ‘न’ से अलग करता है।
| शब्द | बनावट की विशेषता | कट की स्थिति |
| इतना | ‘न’ (बड़ा आकार) | प्रारंभ में हल्का कट/घुंडी (ई के लिए) |
| उतना | ‘न’ (बड़ा आकार) | अंत में हल्का कट (उ के लिए) |
| जितना | ‘ज’ और ‘न’ का मेल | लाइन पर |
| ज्यादा | ‘ज’ का आँकड़ा और ‘द’ का संक्षिप्त रूप | लाइन के ऊपर |
हस्त-संचालन टिप: ‘इतना’ लिखते समय पेंसिल को पहले थोड़ा पीछे घुमाकर फिर आगे ले जाएं (यह प्रारंभ का कट है)। ‘उतना’ में सामान्य बड़ा ‘न’ बनाकर अंत में झटके से छोटा कट दें।
6. क्रिया विशेषण और अतिरिक्त शब्द (Adverbs & Miscellaneous)
यहाँ हम उन शब्दों को शामिल करेंगे जो स्रोत में अतिरिक्त रूप से दिए गए हैं और डिक्टेशन की गति बढ़ाने में सहायक हैं।
- चीज (Cheez): ‘च’ व्यंजन को लाइन काटकर बनाएं और उसमें ‘ज’ का आँकड़ा जोड़ें।
- एकदम/इकट्ठा: ‘क’ व्यंजन को अंत में हल्का काटकर ‘एकदम’ और ‘इकट्ठा’ के लिए उपयोग किया जाता है। इन्हें रटना आवश्यक है।
- तक (Tak): ‘त’ और ‘क’ का छोटा जोड़।
- नाई (Nai): ‘न’ में ‘आई’ का स्वर चिन्ह।
- तो/तथा: ‘तथा’ के लिए एक विशिष्ट दिशा निर्धारित है (दिया के विपरीत)। ‘तो’ के लिए ‘त’ लाइन के ऊपर।
- तथापि: जब ‘तथा’ के संकेत को लाइन से काट दिया जाता है, तो वह ‘तथापि’ बन जाता है।
- अन्य: ‘अ’ का स्वर और ‘न’ के साथ ‘य’ का आँकड़ा।
- नया/नीचे/नित्य/निरा: ‘नया’ में ‘य’ का हुक, ‘नीचे’ लाइन काटकर, ‘नित्य’ में ‘त’ और ‘य’ का मेल, ‘निरा’ में ‘र’ का आँकड़ा।
- सकते/सके: ‘स’ का वृत्त और ‘क’ व्यंजन।
7. ‘न’ आँकड़े की विशेष श्रृंखला (The ‘N’ Hook Series)
यह श्रृंखला ‘ज’, ‘क’, ‘त’ और ‘य’ में ‘न’ का आँकड़ा लगाकर बनाई जाती है।
- जोन (Jon): ‘ज’ में ‘न’ का आँकड़ा और ‘ओ’ की मात्रा।
- ज्यों (Jyo): ‘ज’ में ‘न’ का आँकड़ा और ‘यों’ का संकेत।
- क्यों (Kyo): ‘क’ में ‘न’ का आँकड़ा और ‘यों’ का संकेत।
- त्यों (Tyo): ‘त’ में ‘न’ का आँकड़ा और ‘यों’ का संकेत।
- यों (Yo): ‘य’ में ‘न’ का आँकड़ा।
8. विशेष प्रत्यय: ‘ही’ और ‘भी’ का प्रयोग
‘ही’ और ‘भी’ किसी शब्द पर बल देने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
- ही (Hi): लाइन के ऊपर एक छोटा सा वृत्त या बिंदु।
- यही: ‘यह’ के संकेत के साथ ‘ही’ का वृत्त।
- वही: ‘वह’ के संकेत के साथ ‘ही’ का वृत्त।
- भी (Bhi): एक छोटा ‘स’ जैसा वक्र (Hook)।
- कभी: ‘क’ व्यंजन + ‘भी’ का हुक।
- अभी: ‘अ’ की मात्रा + ‘भी’ का हुक।
- तभी: ‘त’ व्यंजन + ‘भी’ का हुक।
9. संख्यात्मक और तुलनात्मक शब्द
- दुगुना/तिगुना: संख्या 2 या 3 लिखकर उसके नीचे ‘न’ का आँकड़ा लगाएं।
- पहला/पिछला: ‘प’, ‘ह’ और ‘ल’ का मेल ‘पहला’ के लिए। ‘पिछला’ के लिए ‘प’ को बड़ा करके काट दिया जाता है।
- जैसा/वैसा: ‘ज’ में ‘स’ का वृत्त (जैसा) और ‘व’ में ‘स’ का वृत्त (वैसा)।
- कौन सा: ‘कौन’ के शब्द चिन्ह के साथ ‘सा’ का वृत्त।
- थोड़ा सा: ‘थोड़ा’ के चिन्ह के साथ ‘सा’ का वृत्त।
- संख्या लेखन: 500 लिखने के लिए 5 के नीचे दो शून्य या ‘सौ’ का संकेत, 200 के लिए 2 के नीचे संकेत।
सेट 1: सर्वनाम (किन/जिन/अपना)
- किनसे पूछकर आपने यह फाइल खोली?
- जिन्हें सहायता की आवश्यकता थी, वे चले गए।
- यह अपना ही घर समझिए।
- किनका सामान बस स्टैंड पर छूटा है?
- जिनमें धैर्य होता है, वे सफलता पाते हैं।
- अपनी आदतों में सुधार करना आवश्यक है।
- किनको यह पाठ समझ में नहीं आया?
- जिनसे हमने वादा किया था, उन्हें निभाना होगा।
- अपने कर्तव्यों का पालन करना ही ईश्वर की सेवा है।
- किनपर भरोसा किया जाए, यह बड़ा प्रश्न है।
- जिन्हें पुरस्कार मिला, वे अत्यंत भाग्यशाली थे।
- अपना काम समय पर पूरा करना चाहिए।
- किनने यह खिड़की तोड़ी है?
- जिनसे मिलना था, वे आज नहीं आए।
- अपनी तैयारी को अंतिम रूप दें।
सेट 2: समय और स्थान (अब/कब/जब/तब/इसलिए)
- अब हमें अपनी रणनीति बदलनी होगी।
- जब वह आया, तब मैं सो रहा था।
- इसलिए मैंने उसे मना कर दिया क्योंकि वह गलत था।
- कब तक आप इस सत्य को छुपाएंगे?
- जब-जब धर्म की हानि होती है, ईश्वर अवतार लेते हैं।
- अब और इंतज़ार करना संभव नहीं है।
- कब आपने यह निर्णय लिया?
- इसलिए यहाँ भीड़ है क्योंकि मेला लगा है।
- जब बारिश होगी, तब फसल अच्छी होगी।
- अब मुझे स्टेनोग्राफी का महत्व समझ आया है।
- कब आप दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे?
- जब तक साँस है, तब तक आशा है।
- अब यह कार्य स्वतः पूर्ण हो जाएगा।
- इसलिए वह रो रहा था क्योंकि उसे चोट लगी थी।
- कब से आप इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं?
सेट 3: मात्रा और क्रिया विशेषण (इतना/उतना/ज्यादा/आवश्यक)
- इतना बड़ा संकट मैंने पहले कभी नहीं देखा।
- उतना ही बोलो जितना जरूरी हो।
- ज्यादा काम करने से थकान होती है।
- आवश्यक कार्य के लिए मुझे बाहर जाना है।
- आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है।
- इतना सुंदर दृश्य देखकर मन प्रसन्न हो गया।
- उतना वजन उठाओ जितना संभव हो।
- ज्यादा बातें करना समय की बर्बादी है।
- आवश्यक दस्तावेजों को संभाल कर रखें।
- शिकायत करने के बजाय समाधान ढूंढें।
- इतना धन पाकर वह घमंडी हो गया।
- उतना ही खाओ जितना पच सके।
- ज्यादा सोचने से तनाव बढ़ता है।
- आवश्यकता पड़ने पर मुझे फोन करें।
- शिकायत का कोई मौका न दें।
सेट 4: विविध और तुलनात्मक (जैसा/वैसा/पहला/पिछला)
- जैसा बोओगे, वैसा ही काटोगे।
- पहला अवसर हमेशा महत्वपूर्ण होता है।
- पिछला साल हमारे लिए बहुत चुनौतीपूर्ण था।
- ज्यों ही उसने शोर सुना, वह भाग गया।
- क्यों आपने उसे सच नहीं बताया?
- जैसा देश, वैसा भेष।
- पहला अध्याय बहुत सरल था।
- पिछला रिकॉर्ड तोड़ना आसान नहीं है।
- त्यों ही पुलिस आई, चोर भाग खड़े हुए।
- कौन सा रास्ता स्टेशन की ओर जाता है?
- थोड़ा सा प्रयास आपकी किस्मत बदल सकता है।
- जैसा आपने कहा, मैंने वैसा ही किया।
- पहला कदम उठाना ही सबसे कठिन है।
- पिछला अनुभव काम आएगा।
- कौन सा रंग आपको सबसे ज्यादा पसंद है?
11. प्रो-प्रैक्टिस प्लान और सफलता के मंत्र
“स्टेनोग्राफी का इतिहास” (स्टेनोग्राफी का इतिहास) साक्षी है कि केवल तकनीक जानने से कोई कुशल आशुलिपिक नहीं बनता, बल्कि उसे साधना (Practice) पड़ता है।
- डेडीकेटेड रजिस्टर: शब्द चिन्हों के लिए एक अलग रजिस्टर बनाएं। Day 28 के प्रत्येक चिन्ह को कम से कम 100 बार लिखें।
- समय प्रबंधन: नए शिक्षार्थियों को 1.5 से 2 घंटे केवल इन चिन्हों के हस्त-संचालन पर देने चाहिए।
- रिवीजन तकनीक: जब आप इन्हें अच्छे से याद कर लें, तो प्रतिदिन डिक्टेशन शुरू करने से पहले 10 मिनट इनका त्वरित अभ्यास (Quick Revision) करें।
- स्व-मूल्यांकन: सप्ताह में एक बार अपना खुद का टेस्ट लें। 50 शब्द चिन्हों को रैंडम बोलें और उनकी आउटलाइन बनाएं।
12. सामान्य गलतियाँ और समाधान (Common Mistakes & Solutions)
- बनावट का भ्रम: ‘इतना’ और ‘उतना’ के कट में गलती।
- समाधान: याद रखें, ‘इ’ स्वर प्रारंभ में आता है, इसलिए कट शुरू में लगेगा। ‘उ’ के लिए कट अंत में।
- लाइन की उपेक्षा: ‘जब’ और ‘तब’ को एक ही स्थिति में लिखना।
- समाधान: लाइन के महत्व को समझें। ‘तब’ हमेशा लाइन को काटकर ही बनेगा।
- वृत्त और हुक का अंतर: ‘ही’ का वृत्त और ‘भी’ का हुक।
- समाधान: ‘ही’ एक पूर्ण गोला (Circle) है, जबकि ‘भी’ एक खुला हुआ वक्र (Curve) है।
13. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: क्या शब्द चिन्हों को रटना ही एकमात्र विकल्प है? उत्तर: प्रारंभ में रटना पड़ता है, लेकिन जैसे-जैसे आप इनके पीछे के ध्वन्यात्मक तर्क (जैसे ‘ब’ हुक या ‘न’ आँकड़ा) को समझते हैं, ये आपके अवचेतन मन में बैठ जाते हैं।
प्रश्न 2: ‘किताब’ और ‘ताकत’ में अंतर कैसे करें यदि दोनों की आउटलाइन समान है? उत्तर: वाक्य का संदर्भ सबसे बड़ा गुरु है। “मैंने ताकत पढ़ी” गलत है, यहाँ ‘किताब’ ही होगा। अभ्यास से यह पहचान स्वतः होने लगती है।
प्रश्न 3: 500 और 200 जैसे अंकों को कैसे लिखें? उत्तर: अंक 5 लिखें और उसके नीचे ‘सौ’ का शब्द चिन्ह या दो छोटे टिक लगाएं।
प्रश्न 4: ‘जिन्हें’ और ‘किन्हें’ में ‘ह’ की दिशा क्या होगी? उत्तर: स्रोत के अनुसार, इन्हें स्पष्ट करने के लिए ‘ह’ की टिक को सीधा (Upward) लगाया जाता है।

Day 29 – शब्द चिन्हों का महा-अभ्यास (LEC 29)
स्टेनोग्राफी की यात्रा में Day 29 का महत्व मनोवैज्ञानिक और तकनीकी, दोनों दृष्टिकोणों से है। अब तक आपने वर्णमाला, मात्राओं और चुनिंदा शब्द चिन्हों (Word Signs) को अलग-अलग सीखा है। लेकिन, वास्तविक दुनिया में डिक्टेशन लेते समय आपको शब्द नहीं, बल्कि ‘विचार’ और ‘वाक्य’ लिखने होते हैं। आज की क्लास इसी संक्रमण (Transition) की क्लास है। यहाँ हम एकल शब्द चिन्हों को जटिल वाक्यों में पिरोना सीखेंगे। कई बार छात्र जब वाक्यों पर आते हैं, तो उनके हाथ कांपने लगते हैं या वे सोचने में समय बर्बाद कर देते हैं (Reading Errors)। आज का अभ्यास आपके हाथ और मस्तिष्क के बीच उसी तालमेल को बिठाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हम सभी महत्वपूर्ण चिन्हों को समाहित करते हुए 60 से अधिक अभ्यासों का गहन विश्लेषण करेंगे। याद रखें, आज का दिन वह आधारशिला है जिस पर आपकी 80 से 100 शब्द प्रति मिनट की गति की इमारत खड़ी होगी।
शब्द चिन्हों का महत्व (Importance of Word Signs)
हिंदी आशुलिपि (Shorthand) में शब्द चिन्हों को “गति का ईंधन” माना जाता है। यदि आप एक-एक अक्षर को पूरा लिखने बैठेंगे, तो आप कभी भी वक्ता की गति को नहीं पकड़ पाएंगे।
- बैकबोन ऑफ स्पीड (The Backbone): जैसा कि आपके स्रोत संदर्भ में स्पष्ट है, शब्द चिन्ह बड़े और अक्सर उपयोग होने वाले शब्दों को एक छोटे से स्ट्रोक में संकुचित कर देते हैं। उदाहरण के लिए, ‘प्रतिकूल’ या ‘खूबसूरत’ जैसे शब्दों को पूरा लिखने में जितना समय लगेगा, उसमें आप चार शब्द चिन्ह बना सकते हैं।
- मांसपेशियों की स्मृति (Muscle Memory): इस पाठ का सबसे महत्वपूर्ण नियम “2-3 बार दोहराव” का नियम है। जब आप एक वाक्य को बार-बार लिखते हैं, तो आपके हाथ की मांसपेशियों को वह आकार याद हो जाता है। परीक्षा के दबाव में आपका चेतन मन भूल सकता है, लेकिन आपका हाथ (Muscle Memory) कभी धोखा नहीं देगा।
- लाइन प्लेसमेंट का विज्ञान (The Science of Line Placement): चिन्ह का स्थान ही उसकी पहचान है।
- लाइन के ऊपर (Above the line): प्रथम स्वर (जैसे ‘ऊपर’, ‘कौन’, ‘बाहर’)।
- लाइन पर (On the line): द्वितीय स्वर (जैसे ‘उसने’, ‘रुपया’, ‘बड़ा’)।
- लाइन काटकर (Through the line): तृतीय स्वर (जैसे ‘बहुत’, ‘ईश्वर’, ‘बिल्कुल’)। आज के अभ्यास में हम देखेंगे कि कैसे एक छोटा सा स्थान परिवर्तन शब्द का अर्थ पूरी तरह बदल देता है।
नीचे दिए गए प्रत्येक वाक्य का अभ्यास आपको अपनी शॉर्टहैंड नोटबुक में कम से कम 5-5 लाइनों में करना है। प्रत्येक वाक्य के नीचे दिया गया “स्टेनो नोट” उस वाक्य की तकनीकी बारीकियों को समझाता है।
- ऊपर कौन है? (स्टेनो नोट: ‘ऊपर’ को लाइन के ऊपर हल्के ‘प’ स्ट्रोक से और ‘कौन’ को लाइन के ऊपर एक छोटी गुंडी के साथ बनाएं।)
- उसने उसको एक रुपया दिया। (स्टेनो नोट: ‘उसने’ और ‘उसको’ सर्वनाम के चिन्ह हैं जिन्हें लाइन पर रखना है। ‘रुपया’ के लिए ‘र’ का प्रयोग लाइन पर करें और ‘दिया’ के लिए ‘द’ का संक्षिप्त रूप।)
- तुम कौन होते हो? (स्टेनो नोट: ‘होते’ में ‘हो’ के चिन्ह के साथ ‘ए’ की मात्रा (बिंदी) लगाएं। ‘हो’ की गुंडी को अंत में ऊपर की ओर रखें।)
- गाय का दान दो। (स्टेनो नोट: ‘गाय’ के लिए ‘ग’ और ‘य’ का छोटा रूप लाइन पर रखें। ‘दान’ के लिए ‘द’ और ‘न’ का हुक प्रयोग करें।)
- उसने बहुत सारा पैसा मुझको दिया। (स्टेनो नोट: ‘बहुत’ को लाइन काटकर लिखें ताकि यह ‘बड़ा’ से अलग दिखे। ‘मुझको’ में ‘म’ और ‘को’ के चिन्ह का मेल है।)
- तुम्हारा पैसा क्या है? (स्टेनो नोट: ‘तुम्हारा’ लाइन पर बनने वाला एक विशिष्ट शब्द चिन्ह है। ‘पैसा’ में ‘प’ और ‘स’ का वृत्त बनाएं।)
- मेरे साथ बहुत बड़ा है। (स्टेनो नोट: ‘मेरे’ को लाइन के ऊपर लिखें और अंत में एक बिंदी लगाएं। ‘साथ’ के लिए ‘स’ के वृत्त के साथ ‘थ’ का स्ट्रोक जोड़ें।)
- बड़े-बड़े साथी हैं। (स्टेनो नोट: जब कोई शब्द रिपीट हो (जैसे बड़े-बड़े), तो शब्द चिन्ह के ठीक बगल में एक छोटा ‘S’ आकार बना दें।)
- इसका कारण क्या है? (स्टेनो नोट: ‘कारण’ के लिए ‘क’ के साथ ‘र’ का हुक और ‘न’ का स्ट्रोक लाइन पर बनाएं।)
- अधिकतर लोग छोटा होते हैं। (स्टेनो नोट: ‘अधिकतर’ के लिए ‘क’ को दोगुना कर दें (तर-दर का नियम)। ‘लोग’ के लिए ‘ल’ और ‘ग’ का संक्षिप्त रूप।)
- मुझको तुमसे इस बात की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए थी। (स्टेनो नोट: ‘अपेक्षा’ एक विशेष शब्द चिन्ह है। ‘चाहिए’ के लिए एक बड़ा चाप लगाएं और ‘थी’ के लिए अंत में एक बिंदी (Dot) दें।)
- इसका प्रतिकूल उदाहरण दो। (स्टेनो नोट: ‘प्रतिकूल’ को लाइन पर ‘प-र-त’ के मेल से दर्शाया जाता है। यह एक उच्च आवृत्ति वाला शब्द है।)
- तुम इसके काबिल हो। (स्टेनो नोट: ‘काबिल’ में ‘क’ और ‘ब-ल’ के हुक का प्रयोग लाइन पर किया जाता है।)
- बिल्कुल नहीं करना चाहिए। (स्टेनो नोट: ‘बिल्कुल’ का शब्द चिन्ह ‘ब’ और ‘ल’ को लाइन काटकर बनाने से प्राप्त होता है।)
- तुम बाहर खाना नहीं खाना। (स्टेनो नोट: ‘बाहर’ को लाइन के ऊपर (First Place) बनाया जाता है क्योंकि इसमें ‘आ’ का स्वर है।)
- देखते-देखते यह अखबार खूब मशहूर हो गया। (स्टेनो नोट: ‘अखबार’ और ‘खूब’ के चिन्ह मिलते-जुलते हैं, इन्हें संदर्भ से पहचानें। ‘मशहूर’ के लिए ‘म-श-ह-र’ का संयुक्त रूप।)
- तुम बहुत मजबूत हो। (स्टेनो नोट: ‘मजबूत’ में ‘म’ और ‘ज-ब’ के स्ट्रोक का प्रयोग होता है। ‘बहुत’ लाइन काटकर बनेगा।)
- यह बहुत ताज्जुब की बात है। (स्टेनो नोट: ‘ताज्जुब’ का चिन्ह ‘त’ और ‘ज’ के गहरे स्ट्रोक से लाइन पर बनता है।)
- तुम तुरंत बाहर देखो। (स्टेनो नोट: ‘तुरंत’ के लिए ‘त’ और ‘र’ के साथ ‘न’ का हुक प्रयोग किया जाता है। ‘देखो’ में ‘द’ और ‘ख’ का प्रयोग।)
- मैं पिछले हफ्ते वापस नहीं पहुंचा। (स्टेनो नोट: ‘पहुंचा’ में ‘प’ और ‘ह’ के साथ ‘च’ जोड़ें। ‘पहुंचे’ लिखने के लिए अंत में बिंदी लगाएं।)
- जीवन बहुत खूबसूरत है। (स्टेनो नोट: ‘खूबसूरत’ के लिए ‘श’ (Sha) के स्ट्रोक को लाइन काटकर बनाया जाता है। यह एक विशिष्ट तकनीकी चिन्ह है।)
- अब तुम्हारा स्वास्थ्य कैसा है? (स्टेनो नोट: ‘स्वास्थ्य’ के लिए ‘स’ के बड़े वृत्त का प्रयोग लाइन के ऊपर करें।)
- सवेरा हो गया। (स्टेनो नोट: ‘सवेरा’ के लिए ‘स-व-र’ का संक्षिप्त रूप लाइन पर बनाएं।)
- अधिकतर लोग बाहर भोजन खाते हैं। (स्टेनो नोट: ‘भोजन’ के लिए ‘भ’ और ‘ज-न’ का हुक। ‘खाते’ में ‘ख’ के साथ ‘त’ का संक्षिप्त प्रयोग।)
- मेरी ऐसी आशा है। (स्टेनो नोट: ‘आशा’ और ‘ऐसी’ का चिन्ह समान होता है, इन्हें लाइन के ऊपर स्थान दें। ‘मेरी’ के लिए ‘मेरा’ चिन्ह में बिंदी लगाएं।)
- किसी से जरूरत से ज्यादा मतलब नहीं होना चाहिए। (स्टेनो नोट: ‘जरूरत’ को लाइन काटकर लिखें। ‘मतलब’ के लिए ‘म-ल-ब’ का संक्षिप्त रूप।)
- समाज के अधिकतर लोग इस बात को स्वीकार नहीं करते हैं। (स्टेनो नोट: ‘स्वीकार’ में ‘स-व’ के बड़े वृत्त को ‘क-र’ के साथ जोड़कर स्पष्ट बनाएं।)
- ईश्वर बहुत महान है। (स्टेनो नोट: ‘ईश्वर’ के लिए ‘श-र’ के स्ट्रोक को लाइन काटकर बनाया जाता है। ‘महान’ लाइन पर ‘म’ और ‘न’ से बनता है।)
- तुम मुझको इसका दुगना पैसा दो। (स्टेनो नोट: ‘दुगना’ के लिए ‘द’ के स्ट्रोक को ‘ग’ से काटें या पास लिखें। ‘पैसा’ लाइन पर।)
- आप में और मुझमें क्या अंतर है? (स्टेनो नोट: ‘अंतर’ के लिए ‘न’ के स्ट्रोक को दोगुना कर दिया जाता है (तर-दर का नियम)।)
- केवल मेरी बात मानो। (स्टेनो नोट: ‘मानना’ क्रिया के मूल रूप में ‘ओ’ की मात्रा लगाकर ‘मानो’ बनाएं।)
- मुश्किल से मैंने यह किताब उसको दी। (स्टेनो नोट: ‘मुश्किल’ के लिए ‘म’ और ‘श’ का प्रयोग लाइन काटकर करें। ‘दी’ के लिए ‘द’ पर ‘ई’ की मात्रा।)
- मेरा इसमें कितना हिस्सा है? (स्टेनो नोट: ‘हिस्सा’ के लिए ‘ह’ और ‘स’ का वृत्त लाइन पर बनाएं।)
- आज काम शुरू हो गया है। (स्टेनो नोट: ‘शुरू’ का चिन्ह ‘श’ और ‘र’ के मेल से लाइन काटकर बनता है।)
- तुम बहुत ऊंचे-ऊंचे पर हो। (स्टेनो नोट: ‘ऊंचे’ शब्द को लाइन के ऊपर प्रथम स्थान पर लिखें और पुनरावृत्ति के लिए ‘S’ चिन्ह का प्रयोग करें।)
- काबिल लोगों के लिए पैसा कुछ नहीं होता। (स्टेनो नोट: ‘लोगों’ में बहुवचन का नियम लगाएं, शब्द के अंत में एक छोटी बिंदी जोड़ें। ‘होता’ के लिए ‘ह’ का वृत्त।)
- यह बहुत बड़ी बात है। (स्टेनो नोट: ‘बड़ी’ के लिए ‘बड़ा’ के चिन्ह में ‘ई’ की मात्रा (बिंदी) का प्रयोग करें।)
- संपूर्ण काम पूर्ण हो गया है। (स्टेनो नोट: ‘संपूर्ण’ के लिए ‘स-म-प’ का विशिष्ट संक्षिप्त रूप लाइन के ऊपर प्रयोग करें।)
- बात बहुत बुरी है। (स्टेनो नोट: ‘बुरी’ और ‘बुरा’ दोनों लाइन काटकर बनते हैं, ‘ई’ की मात्रा से अंतर स्पष्ट करें।)
- किताबों के अतिरिक्त अखबार भी देखो। (स्टेनो नोट: ‘किताब’ के चिन्ह को अंत में बिंदी लगाकर ‘किताबों’ (बहुवचन) बनाएं। ‘अतिरिक्त’ एक अव्यय चिन्ह है।)
- यहाँ से दफा हो जाओ। (स्टेनो नोट: ‘जाओ’ के लिए ‘ज’ स्ट्रोक के साथ ‘ओ’ की मात्रा का स्पष्ट प्रयोग करें।)
- तुम इधर-उधर क्या देखते हो? (स्टेनो नोट: ‘इधर’ और ‘उधर’ के दिशात्मक शब्द चिन्हों का प्रयोग करें; ‘उधर’ लाइन काटकर बनता है।)
- यह तरकीब बिल्कुल सही है। (स्टेनो नोट: ‘तरकीब’ को पूरा लिखें (त-र-क-ब), क्योंकि इसका विशिष्ट शब्द चिन्ह नहीं होता। ‘सही’ के लिए ‘स-ह’ का प्रयोग करें।)
- तुम इस हफ्ते कहाँ हो? (स्टेनो नोट: ‘हफ्ता’ के लिए ‘ह-फ’ का प्रयोग करें और ‘हफ्ते’ के लिए बिंदी लगाएं।)
- इससे कुछ सबब सीखो। (स्टेनो नोट: ‘सबब’ का अर्थ शिक्षा होता है, इसे ‘स-ब-ब’ के संक्षिप्त रूप से दर्शाएं।)
- तुम इस बात को स्वीकार करो। (स्टेनो नोट: ‘करो’ के लिए ‘क-र’ के संक्षिप्त रूप पर ‘ओ’ की मात्रा लगाएं।)
- तुमको इस बात से क्या मतलब या मालूम है? (स्टेनो नोट: ‘मतलब’, ‘मध्य’ और ‘मालूम’ तीनों के लिए ‘म’ स्ट्रोक का प्रयोग लाइन पर किया जाता है।)
- उसका जीवन बहुत अच्छा है। (स्टेनो नोट: ‘अच्छा’ के लिए ‘च’ के स्ट्रोक को लाइन काटकर बनाया जाता है।)
- हम तुम्हारे वास्ते क्या करें? (स्टेनो नोट: ‘तुम्हारे’ (सर्वनाम) और ‘वास्ते’ (के लिए) के चिन्हों का मेल करें।)
- अपना काम स्वतः करो। (स्टेनो नोट: ‘स्वतः’ के लिए ‘स-व’ के वृत्त के साथ विसर्ग के समान दो बिंदियां या एक विशिष्ट छोटा वृत्त प्रयोग करें।)
- यह परमात्मा की इच्छा थी। (स्टेनो नोट: ‘इच्छा’ के लिए ‘च’ लिखकर अंत में ‘छ’ काटकर जोड़ें।)
- सब लोग इकट्ठा खाना खाते हैं। (स्टेनो नोट: ‘इकट्ठा’ के लिए ‘इ-क-ठ’ का संयुक्त प्रयोग लाइन पर करें।)
- इतनी जल्दी कैसे हो गया? (स्टेनो नोट: ‘जल्दी’ का शब्द चिन्ह ‘ज-ल’ को लाइन काटकर बनाने से बनता है।)
- जीवन चलाने के लिए भोजन जरूरी है। (स्टेनो नोट: ‘जरूरी’ का चिन्ह ‘ज-र’ को लाइन काटकर बनाने से प्राप्त होता है।)
- उसकी सहायता करो। (स्टेनो नोट: ‘सहायता’ को लाइन के ऊपर (Above the line) बनाया जाता है।)
- सारा काम हिंदी में करो। (स्टेनो नोट: ‘हिंदी’ के लिए ‘ह-न-द’ का प्रयोग लाइन पर करें।)
- हम हिंदुस्तानी हैं। (स्टेनो नोट: ‘हिंदुस्तान’ के चिन्ह में अंत में एक बिंदी लगाने से वह ‘हिंदुस्तानी’ बन जाता है।)
- हिंदू और मुसलमान सब एक हैं। (स्टेनो नोट: ‘मुसलमान’ के लिए ‘म-स-ल-म-न’ का संक्षिप्त रूप प्रयोग करें। ‘हिंदू’ को लाइन पर रखें।)
- यह सब किसके द्वारा किया गया है? (स्टेनो नोट: ‘किसका’ में बिंदी लगाकर ‘किसके’ बनाएं। ‘द्वारा’ का चिन्ह लाइन के ऊपर ‘द-र’ होता है।)
- मेरी चाह है कि यह सब तन्दुरुस्त हैं। (स्टेनो नोट: ‘तन्दुरुस्त’ में ‘र’ को लाइन काटकर बनाया जाता है। ‘चाह’ के लिए ‘च’ का प्रयोग लाइन के ऊपर करें।)
- मुझे अभी भोजन की जरूरत नहीं है। (स्टेनो नोट: ‘जरूरत’ को लाइन काटकर ‘ज-र-त’ के रूप में लिखें।)
- काबिल विद्यार्थी इस विषय पर ज्यादा काम करें। (स्टेनो नोट: ‘विद्यार्थी’ के लिए ‘व-द-य’ का संयुक्त रूप प्रयोग करें।)
शब्द चिन्ह विश्लेषण तालिका (Detailed Word Sign Analysis Table)
| शब्द (Word) | लाइन पर स्थान (Placement) | स्ट्रोक की प्रकृति (Stroke Nature) | संदर्भ/उपयोग (Context) |
| ऊपर | लाइन के ऊपर | हल्का (Light) | स्थान या दिशा दर्शाने हेतु |
| कौन | लाइन के ऊपर | हल्का (Small Hook) | प्रश्नवाचक वाक्यों में प्रयोग |
| उसने | लाइन पर | हल्का (Stroke) | सर्वनाम, कर्ता के रूप में |
| रुपया | लाइन पर | हल्का (Downwards R) | मुद्रा या धन के संदर्भ में |
| बहुत | लाइन काटकर | गहरा (Dark – B) | परिमाण या तीव्रता हेतु |
| बड़ा/बड़े | लाइन पर | गहरा (Dark – B) | आकार या महत्व बताने के लिए |
| प्रतिकूल | लाइन पर | हल्का (P-R Hook) | विपरीत परिस्थितियों के लिए |
| काबिल | लाइन पर | हल्का (K-L Hook) | योग्यता या सक्षमता हेतु |
| बिल्कुल | लाइन काटकर | गहरा (B-L Hook) | पूर्णता या निश्चितता हेतु |
| अखबार | लाइन पर | हल्का (K-B-R) | समाचार पत्र के संदर्भ में |
| मशहूर | विशिष्ट चिन्ह | हल्का (M-Sh-H-R) | प्रसिद्धि या ख्याति के लिए |
| ताज्जुब | लाइन पर | गहरा (T-J Dark) | आश्चर्य प्रकट करने के लिए |
| खूबसूरत | लाइन काटकर | हल्का (Sha Cut) | सौंदर्य वर्णन हेतु |
| स्वास्थ्य | लाइन के ऊपर | हल्का (Big Circle) | सेहत के संदर्भ में |
| सवेरा | लाइन पर | हल्का (S-V-R) | समय (प्रातः काल) के लिए |
| ईश्वर | लाइन काटकर | हल्का (Sh-R Cut) | परमात्मा या भगवान हेतु |
| महान | लाइन पर | हल्का (M-N) | श्रेष्ठता या बड़प्पन हेतु |
| मुश्किल | लाइन काटकर | हल्का (M-Sh) | कठिन कार्य या बाधा हेतु |
| तन्दुरुस्त | लाइन काटकर | हल्का (R Through Line) | शारीरिक स्वास्थ्य की स्थिति |
| सहायता | लाइन के ऊपर | हल्का (S-H Hook) | मदद या सहयोग के संदर्भ में |
| मुसलमान | लाइन पर | हल्का (M-S-L) | धार्मिक संदर्भ या समुदाय हेतु |
| संबंध | लाइन पर | गहरा (S-M-B-N-Dh) | रिश्तों या जुड़ाव के लिए |
इस डिक्टेशन में कुछ ऐसे शब्द आए हैं जो आपकी गति को धीमा कर सकते हैं यदि उनकी बनावट स्पष्ट न हो। प्रशिक्षक के विशेष निर्देशों के अनुसार यहाँ उनका विश्लेषण दिया गया है:
- खूबसूरत (Khoobsurat): इस शब्द को लिखने के लिए ‘श’ (Sha) के स्ट्रोक को लाइन काटकर बनाया जाता है। ‘ख’ या ‘ब’ को पूरा बनाने के बजाय केवल ‘श’ को लाइन काटकर बनाना ही इस शब्द का मानक चिन्ह है।
- पहुंचा/पहुंचे/पहुंची (Pahuncha/e/i): यहाँ “क्रिया विभक्ति” का नियम लागू होता है। मूल स्ट्रोक ‘प-ह-च’ है। यदि अंत में ‘आ’ है तो सामान्य रहने दें। यदि ‘पहुंचे’ लिखना है, तो अंत में एक बिंदी लगाएं और ‘पहुंची’ के लिए एक छोटा डैश।
- इच्छा (Ichha): इसे बनाने के लिए ‘च’ (Cha) के साथ ‘छ’ (Chha) को जोड़कर अंत में काटा जाता है। ‘इ’ के स्वर के कारण इसे लाइन काटकर या लाइन के करीब बनाया जाता है।
- बहुवचन नियम (Plurals): स्टेनोग्राफी में ‘लोग’, ‘विद्यार्थी’, ‘किताब’ जैसे शब्दों को बहुवचन बनाने के लिए अलग चिन्ह नहीं बनाया जाता। नियम यह है कि मूल शब्द चिन्ह के अंत में एक छोटी बिंदी (Dot) लगा दी जाती है। जैसे, ‘लोग’ + बिंदी = ‘लोगो’, ‘काबिल’ + बिंदी = ‘काबिलो’।
- हिंदुस्तान बनाम हिंदुस्तानी: ‘हिंदुस्तान’ एक संज्ञा है जिसे लाइन पर बनाया जाता है। जब इसमें ‘ई’ का प्रत्यय जुड़कर यह विशेषण ‘हिंदुस्तानी’ बनता है, तो शब्द के अंत में एक बिंदी लगा दी जाती है। यही नियम ‘हिंदू’ और ‘हिंदी’ के बीच सूक्ष्म अंतर पैदा करने के लिए भी उपयोग किया जा सकता है।
अभ्यास की रणनीति और टिप्स (Practice Strategy & Tips)
एक वरिष्ठ प्रशिक्षक के नाते, मैं जानता हूँ कि Day 29 पर अक्सर छात्र बोरियत महसूस करने लगते हैं। इससे बचने और महारत हासिल करने के लिए इन युक्तियों का पालन करें:
- अंतराल दोहराव (Spaced Repetition): इस अभ्यास को आज 3 बार करें। फिर 2 दिन का अंतराल दें और दोबारा करें। यह आपके अवचेतन मन में शब्द चिन्हों को पक्का कर देगा।
- पेन की पकड़ और शारीरिक मुद्रा (Posture): स्टेनोग्राफी लिखते समय आपकी पीठ सीधी होनी चाहिए। पेन को बहुत कसकर न पकड़ें। यदि आपकी कलाई में दर्द हो रहा है, तो इसका मतलब है कि आप बहुत अधिक दबाव (Pressure) डाल रहे हैं। कलाई को हवा में तैरने दें।
- ध्वनि और लेखन का तालमेल: जब आप अभ्यास करें, तो शब्दों को धीरे-धीरे बोलें। जैसे ही आपके कान ‘ईश्वर’ सुनें, आपका हाथ बिना सोचे लाइन काटकर ‘श-र’ बना देना चाहिए।
विस्तृत शब्दकोश और व्याख्या (Expanded Glossary for Students)
यहाँ प्रत्येक शब्द चिन्ह की विस्तृत व्याख्या दी गई है ताकि आप उनके पीछे के तर्क को समझ सकें:
- ऊपर (Above the Line): यह शब्द ‘प’ वर्ग के संकेत से प्रेरित है। इसे लाइन के ऊपर हवा में बनाया जाता है ताकि ‘पर’ (जो लाइन पर बनता है) से अलग पहचाना जा सके। इसका स्ट्रोक हल्का होता है।
- महान (On the Line): इसमें ‘म’ और ‘न’ के व्यंजनों का संक्षिप्त मेल है। चूँकि इसमें ‘अ’ का स्वर प्रधान है, इसलिए इसे लाइन पर रखा जाता है। यह श्रेष्ठता को दर्शाने वाला एक सकारात्मक चिन्ह है।
- बिल्कुल (Through the Line): ‘ब’ और ‘ल’ के हुक को जब लाइन काटकर बनाया जाता है, तो यह ‘बिल्कुल’ का अर्थ देता है। लाइन काटना यहाँ ‘ई/उ’ की प्रधानता या विशिष्ट पहचान को दर्शाता है।
- ताज्जुब (On the Line): यह ‘त’ और ‘ज’ के मेल से बनता है। ‘ज’ का स्ट्रोक यहाँ गहरा (Dark) रखा जाता है। यह आश्चर्य की भावना को प्रकट करने वाला एक महत्वपूर्ण शब्द है।
- अतिरिक्त (Contextual): ‘अतिरिक्त’ को अक्सर शब्द के ठीक नीचे या पास एक छोटा सा चिन्ह बनाकर दर्शाया जाता है। यह समय बचाने के लिए एक ‘प्रीफिक्स/सफिक्स’ की तरह कार्य करता है।
- स्वीकार (Circle Rule): इसमें ‘स-व’ के बड़े वृत्त (Large Circle) का प्रयोग होता है। जब इस वृत्त को ‘क’ के साथ जोड़ा जाता है, तो यह ‘स्वीकार’ बन जाता है। इसे हमेशा लाइन पर बनाया जाता है।
- मुश्किल (Through the Line): ‘म’ स्ट्रोक के साथ ‘श’ का चाप लगाकर इसे लाइन काटकर लिखा जाता है। लाइन काटकर लिखना इसकी ‘कठिनाई’ या ‘बाधा’ के अर्थ को बल देता है।
- कौन (Above the Line): यह एक छोटा हुक है जो लाइन के ऊपर स्थित होता है। यह प्रश्नवाचक सर्वनामों की श्रेणी में आता है।
- उसने (On the Line): सर्वनामों की श्रृंखला में ‘उस’ के साथ ‘ने’ का छोटा डैश जोड़कर इसे बनाया जाता है। यह हमेशा लाइन को स्पर्श करता है।
- रुपया (On the Line): ‘र’ व्यंजन को जब अकेला लाइन पर छोड़ दिया जाता है, तो वित्तीय संदर्भों में इसे ‘रुपया’ पढ़ा जाता है।
- बहुत (Through the Line): ‘ब’ के गहरे स्ट्रोक को लाइन काटकर बनाया जाता है। यह ‘बड़ा’ (जो लाइन पर है) और ‘बाहर’ (जो लाइन के ऊपर है) से अलग दिखने के लिए अनिवार्य है।
- प्रतिकूल (On the Line): ‘प’ में ‘र’ का हुक लगाकर ‘त’ के साथ जोड़ने पर यह चिन्ह बनता है। यह एक तकनीकी शब्द है जो कानूनी और आधिकारिक डिक्टेशन में बहुत आता है।
- काबिल (On the Line): ‘क’ के साथ ‘ब-ल’ का हुक। इसे लाइन पर ही रखें। यदि ‘काबिलों’ लिखना हो तो अंत में बिंदी लगा दें।
- मशहूर (On the Line): ‘म’ के बाद ‘श’ का वृत्त और ‘ह’ की गुंडी को ‘र’ के साथ जोड़ना थोड़ा कठिन हो सकता है, इसलिए इसका निरंतर अभ्यास करें।
- स्वास्थ्य (Above the Line): ‘स’ का सबसे बड़ा वृत्त जब लाइन के ऊपर अकेले बनाया जाता है, तो वह ‘स्वास्थ्य’ या ‘स्वयं’ पढ़ा जाता है।
- सवेरा (On the Line): ‘स’ वृत्त, ‘व’ का स्ट्रोक और ‘र’। इसे प्रवाह में लिखें ताकि हाथ न रुके।
- ईश्वर (Through the Line): ‘श’ और ‘र’ का संयुक्त रूप। इसे हमेशा लाइन काटकर ही बनाएं, अन्यथा यह ‘शहर’ या ‘शेर’ पढ़ा जा सकता है।
- तन्दुरुस्त (Through the Line): ‘त-न-द-र-स-त’ इतना बड़ा शब्द लिखने के बजाय केवल ‘र’ को लाइन काटकर बनाना ही इसकी पहचान है।
- सहायता (Above the Line): ‘स’ और ‘ह’ का संयुक्त हुक। इसे लाइन के ऊपर रखने से यह ‘सहित’ (जो लाइन पर है) से भिन्न हो जाता है।
- मुसलमान (On the Line): ‘म’ और ‘स’ के मेल को जब ‘ल’ के साथ जोड़ा जाता है। यह सामाजिक डिक्टेशन के लिए अनिवार्य शब्द है।
- संबंध (On the Line): ‘स’ और ‘म’ के ऊपर ‘ब’ का स्ट्रोक। इसे गहरा बनाया जाता है।
- किसका (Above the Line): ‘क’ और ‘स’ के साथ ‘का’ का डैश। ‘किसके’ के लिए बिंदी का प्रयोग करें।
- द्वारा (Above the Line): ‘द’ के साथ ‘र’ का हुक। इसे हमेशा लाइन के ऊपर रखें।
- जरूरत (Through the Line): ‘ज’ और ‘र’ का मेल। लाइन काटकर लिखना ‘ऊ’ की मात्रा को इंगित करता है।
- भोजन (On the Line): ‘भ’ को काटकर ‘ज’ और ‘न’ का हुक जोड़ें।
- इधर (On the Line): ‘द’ और ‘र’ का हुक, एक विशिष्ट कोण पर।
- उधर (Through the Line): ‘इधर’ के समान चिन्ह लेकिन लाइन काटकर।
- अधिकतर (On the Line): ‘क’ स्ट्रोक को दोगुना लंबा करने से ‘तर’ जुड़ जाता है।
- छोटा (On the Line): ‘छ’ के स्ट्रोक को लाइन पर छोटा बनाने से यह ‘छोटा’ पढ़ा जाता है।
- अपेक्षा (Above the Line): ‘प’ और ‘क्ष’ का मेल। यह तुलनात्मक वाक्यों में प्रयुक्त होता है।
- चाहिए (Suffix): यह शब्द के अंत में लगने वाला एक बड़ा चाप (Hook) है।
- बिल्कुल (Through the Line): पूर्णता का सूचक। ‘ब’ और ‘ल’ का हुक अनिवार्य है।
- बाहर (Above the Line): ‘ब’ के स्ट्रोक को लाइन के ऊपर रखें।
- ताज्जुब (On the Line): ‘त’ के साथ ‘ज’ का गहरा स्ट्रोक।
- तुरंत (On the Line): ‘त’ और ‘र’ के साथ ‘न’ का संक्षिप्त संकेत।
- पिछला (Through the Line): ‘प’ और ‘छ’ का मेल। ‘पिछले’ के लिए बिंदी।
- आशा (Above the Line): ‘श’ का स्ट्रोक प्रथम स्थान पर।
- ऐसी (Above the Line): ‘आशा’ के समान, लेकिन संदर्भ से पहचानी जाती है।
- मतलब (On the Line): ‘म’ व्यंजन का संक्षिप्त उपयोग।
- दुगना (On the Line): ‘द’ को ‘ग’ से काटना।
- अंतर (On the Line): ‘न’ को दोगुना करना।
- हिस्सा (On the Line): ‘ह’ और ‘स’ का वृत्त।
- शुरू (Through the Line): ‘श’ और ‘र’ का संयुक्त स्ट्रोक।
- संपूर्ण (Above the Line): ‘स’ और ‘म’ का मेल।
- बुरा (Through the Line): ‘ब’ का गहरा स्ट्रोक।
- तरकीब (On the Line): ‘त-र-क-ब’ का प्रवाहपूर्ण लेखन।
- हफ्ता (On the Line): ‘ह’ और ‘फ’ का संक्षिप्त मेल।
- वास्ते (On the Line): ‘व’ और ‘स-त’ का मेल।
- स्वतः (On the Line): ‘स-व’ का बड़ा वृत्त।
- इकट्ठा (On the Line): ‘क’ और ‘ठ’ का मेल।
- इतनी (Through the Line): ‘त’ और ‘न’ का मेल।
- जल्दी (Through the Line): ‘ज’ और ‘ल’ का हुक।
- विद्यार्थी (On the Line): ‘व’ और ‘द’ का विशिष्ट चिन्ह।
Day 30 (LEC 30) – शब्दों को जोड़ना और वाक्यों का अभ्यास
इस 85 दिनों के विशेष क्रांतिकारी पाठ्यक्रम के 30वें दिन में आपका हार्दिक स्वागत करता हूँ। यदि आप यहाँ तक पहुँचे हैं, तो इसका अर्थ है कि आपके भीतर एक कुशल स्टेनोग्राफर बनने का जुनून और धैर्य दोनों है। आज का दिन हमारी इस यात्रा का एक ‘टर्निंग पॉइंट’ है।
1. स्टेनो सीखने का सफर और 30वें दिन का महत्व
हिंदी Stenography सीखने की प्रक्रिया में शुरुआती 29 दिन नींव तैयार करने के थे। आपने व्यंजन, स्वर, मात्राएँ और छोटे-छोटे आँकड़े (Hooks) सीखे। आज 30वें दिन (Day 30) हम उस दहलीज पर खड़े हैं जहाँ से ‘थ्योरी’ समाप्त होती है और ‘प्रैक्टिकल’ अनुप्रयोग शुरू होता है।
अब तक आपने टुकड़ों में अभ्यास किया है, लेकिन आज हम उन टुकड़ों को जोड़कर पूरी इमारत खड़ी करेंगे। Hindi Shorthand में महारत हासिल करने का अर्थ केवल संकेतों को जानना नहीं, बल्कि उन्हें बिना रुके वाक्यों में पिरोना है। आज हम सीखेंगे कि कैसे प्रशासनिक, सामाजिक और आर्थिक शब्दावली को एक प्रवाह में लिखा जाता है। याद रखें, आज का अभ्यास आपकी उस गति (Speed) का आधार बनेगा जो भविष्य में आपको 80 से 100 शब्द प्रति मिनट तक ले जाएगी।
2. बेसिक से एडवांस की ओर: आज के पाठ का मुख्य उद्देश्य
आज के लेक्चर (LEC 30) का मूल मंत्र है, “शुद्धता पहले, गति बाद में।” एक विशेषज्ञ के रूप में मेरा सुझाव है कि अभी आप शब्दों को बहुत अधिक ‘शॉर्ट’ करने के चक्कर में न पड़ें।
- नियमों का पूर्ण उपयोग: हम केवल उन्हीं नियमों (Rules) का उपयोग करेंगे जो हमने डे 1 से डे 29 तक पढ़े हैं। इससे आपके पुराने सभी नियमों का रिवीजन हो जाएगा।
- आंकड़ों की स्पष्टता: ‘स’, ‘न’, ‘त’, ‘र’ और ‘ल’ के आँकड़ों को जोड़ते समय यह सुनिश्चित करें कि उनकी दिशा और आकार (Size) सही हो।
- पूर्ण रूप बनाम शॉर्टकट: स्रोत संदर्भ के अनुसार, अभी हम ‘वाक्यांशों’ (Phrases) को एक साथ नहीं जोड़ रहे हैं। अभी हम हर शब्द को अलग लेकिन पूर्णता के साथ लिख रहे हैं। यह आपके हाथ की मांसपेशियों के ‘मसल मेमोरी’ को विकसित करने के लिए निहायत जरूरी है।
- डिजिटल लर्निंग टिप: अभ्यास के दौरान अपने द्वारा लिखी गई आउटलाइन्स को अपने स्मार्टफोन से रिकॉर्ड करें और उसे सुनकर पुनः लिखें। यह तकनीक आपके सुनने और लिखने के बीच के ‘लैग’ को कम करती है।
3. महत्वपूर्ण शब्द और उनके स्टेनो संकेत (Vocabulary & Steno Outlines)
नीचे दी गई तालिका में आज के महत्वपूर्ण शब्दों की ‘शॉर्ट लॉजिक’ के साथ विस्तृत व्याख्या की गई है। इसे ध्यान से समझें:
| क्रम | शब्द | स्टेनो लेखन विधि (Deep Logic) |
| 1 | देश | व्यंजन ‘द’ को रेखा पर (On the line) लिखें और अंत में ‘स’ का वृत्त (Circle) दाएँ से बाएँ की ओर घुमाते हुए जोड़ें। द्वितीय स्थान पर भारी बिंदु (Heavy Dot) ‘ए’ की मात्रा दर्शाएगा। |
| 2 | बुनियाद | ‘ब’ के छोटे प्रारंभिक आँकड़े को ‘न’ व्यंजन के साथ जोड़ें। ‘न’ के बाद ‘य’ और अंत में ‘द’ जोड़ें। ‘ब’ पर तीसरे स्थान की ‘उ’ की मात्रा लगायें। |
| 3 | शिक्षित | यह एक महत्वपूर्ण आउटलाइन है। ‘स’ का वृत्त, फिर ‘क’ व्यंजन, पुनः ‘स’ का वृत्त और अंत में ‘त’ का छोटा आँकड़ा। इसे “S-K-S-T” के रूप में कंठस्थ कर लें। |
| 4 | सक्रिय | ‘क’ व्यंजन लिखें, लेकिन इसमें ‘स’ का आँकड़ा उल्टा (विपरीत दिशा) लगायें। जब ‘स’ का आँकड़ा उल्टा लगता है, तो वह ‘र’ को भी समाहित कर लेता है (S+R)। अंत में ‘य’ जोड़ें। |
| 5 | सिद्धांत | ‘स’ का वृत्त ‘ध’ व्यंजन के प्रारंभ में लगायें। ‘ध’ को काटकर ‘न’ का आँकड़ा और ‘त’ का आँकड़ा एक साथ अंत में जोड़ें। ‘इ’ की मात्रा प्रथम व्यंजन के तीसरे स्थान पर लगेगी। |
| 6 | प्राथमिक | ‘प’ में ‘र’ का प्रारंभिक आँकड़ा लगायें। इसके बाद ‘थ’ व्यंजन (काटकर), फिर ‘म’ और अंत में ‘क’ जोड़ें। ‘थ’ पर ‘इ’ की मात्रा का लोप किया जा सकता है। |
| 7 | व्यवस्था | ‘व’ व्यंजन के साथ ‘य’ जोड़ें, फिर पुनः ‘व’ लिखें, इसके बाद ‘स’ का वृत्त और अंत में ‘थ’ व्यंजन को ऊपर की ओर ले जाएँ। |
| 8 | प्रबंध | ‘प’ में ‘र’ का आँकड़ा लगायें, फिर ‘व’ और अंत में ‘ध’ व्यंजन। ‘प्र’ और ‘व’ के बीच अनुनासिक ‘अं’ के लिए एक छोटी ‘आँख’ (Eye Symbol) का प्रयोग करें। |
| 9 | दृष्टिकोण | ‘द’ में ‘र’ का आँकड़ा (नीचे की ओर), फिर ‘स’ का वृत्त ‘ट’ व्यंजन के साथ और अंत में ‘क’ के साथ ‘ण’ का आँकड़ा जोड़ें। |
| 10 | मूल्य-वृद्धि | ‘म’ के साथ ‘ल’ का आँकड़ा और ‘य’ (मूल्य के लिए), फिर ‘व’ में ‘र’ का आँकड़ा और ‘ध’ व्यंजन जोड़ें। ‘ध’ पर ‘इ’ की मात्रा लगायें। |
4. विशेष नियम: बहुवचन, वाक्यांश और “आँख” का जादू
आज के पाठ में कुछ ऐसे नियम हैं जो आपकी स्टेनो को पेशेवर (Professional) स्तर पर ले जाएंगे:
- बहुवचन (Plurals) का नियम: जब भी आपको किसी शब्द को बहुवचन में बदलना हो (जैसे: राज्यों, सदस्यों, मतभेदों), तो आउटलाइन के बिल्कुल अंत में एक छोटी ‘बिंदी’ (Dot) लगा दें। यह बिंदी ‘ओ’ की मात्रा और बहुवचन दोनों का संकेत देती है।
- “आँख” (Eye/Ank) का प्रयोग: स्रोत के अनुसार, जब किसी शब्द में ‘अं’ की बिंदी आती है (जैसे: प्रबंध, चिंता, संबंध), तो वहां एक छोटा सा शून्य जैसा वृत्त (जिसे हम आँख कहते हैं) बनाया जाता है। ‘चिंता’ लिखते समय ‘च’ और ‘त’ के बीच इसका प्रयोग करें।
- “रूप से” का शॉर्टकट: यह वाक्यांश बार-बार आता है। वर्तमान में हम इसे ‘र’ व्यंजन, ‘प’ व्यंजन और ‘स’ का वृत्त जोड़कर लिख रहे हैं। इसे एक इकाई की तरह लिखने का अभ्यास करें।
- दुगनीकरण का नियम (Doubling Rule): आज के अभ्यास में “दिसंबर” शब्द आया है। यहाँ ‘म’ व्यंजन की लंबाई को दोगुना कर दिया जाता है। स्टेनो का नियम है कि व्यंजन को दोगुना करने पर उसमें ‘टर’, ‘डर’, ‘तर’ या ‘बर’ जुड़ जाता है। इसलिए ‘द-स’ और ‘म’ (दोगुना) = दिसंबर।
5. अभ्यास अनुच्छेद (Practice Paragraph): विस्तृत विश्लेषण
आइए, स्रोत में दिए गए अनुच्छेद को खंडों में विभाजित कर गहराई से समझते हैं:
क. सामाजिक एवं शैक्षिक ढांचा
वाक्य: “देश की बुनियाद मजबूत करने के लिए यह आवश्यक है कि देश के लोग शिक्षित हों।”
- विशेष निर्देश: ‘देश’ की आउटलाइन को लाइन पर रखें। ‘मजबूत’ और ‘आवश्यक’ के लिए शब्द-चिन्हों (Word Signs) का प्रयोग करें। ‘शिक्षित’ शब्द को जैसा ऊपर सारणी में बताया गया है (S-K-S-T), वैसा ही लिखें। ‘हों’ के लिए ‘ह’ के साथ बहुवचन की बिंदी लगायें।
ख. प्रशासनिक एवं सरकारी कार्यप्रणाली
वाक्य: “राज्य को इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए राज्यों का सहयोग लेना चाहिए।”
- विशेष निर्देश: ‘राज्य’ (R-J-Y) और ‘राज्यों’ में अंतर स्पष्ट करने के लिए ‘राज्यों’ के अंत में बिंदी लगायें। ‘उद्देश्य’ लिखते समय ‘द’ व्यंजन को लाइन काटकर लिखें (उ की मात्रा के लिए) और ‘स’ का वृत्त ‘य’ के साथ जोड़ें। ‘सहयोग’ के लिए ‘स-ह’ का बड़ा वृत्त और ‘ग’ व्यंजन का प्रयोग करें।
ग. आर्थिक मुद्दे और वर्तमान चुनौतियां
वाक्य: “सारे देश में मूल्य वृद्धि पर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है।”
- विशेष निर्देश: ‘मूल्य’ और ‘वृद्धि’ को जोड़कर लिखें। ‘चिंता’ में ‘च’ व्यंजन के साथ ‘आँख’ संकेत का प्रयोग करें। ‘आर्थिक’ के लिए एक विशिष्ट नियम याद कर लें, ‘र’ और ‘थ’ का मेल ही भविष्य में आपका मानक संकेत होगा। इसे अभी से “रट” लें।
6. शब्दावली विस्तार तालिका (Comprehensive Word List)
यह तालिका आज के लेक्चर का सार है। इसमें 45 से अधिक शब्द दिए गए हैं जिन्हें आपको अपनी प्रैक्टिस डायरी में कम से कम 10-10 बार लिखना है:
| शब्द | लिखने की विस्तृत विधि (Expert Logic) | शब्द | लिखने की विस्तृत विधि (Expert Logic) |
| शिक्षित | स-वृत्त + क + स-वृत्त + त-आँकड़ा | सक्रिय | क में उल्टा स-आँकड़ा (S-R) + य |
| सिद्धांत | स-वृत्त + ध + न-आँकड़ा + त-आँकड़ा | स्वीकार | स्व-आँकड़ा + क-व्यंजन + र-आँकड़ा |
| प्राथमिक | प-र आँकड़ा + थ + म + क | व्यवस्था | व + य + व + स-वृत्त + थ |
| प्रबंध | प-र आँकड़ा + आँख + व + ध | उद्देश्य | द + स-वृत्त + य (लाइन काटकर) |
| सहयोग | स-ह का बड़ा वृत्त + य + ग | आयोग | अ (स्वर) + य + ग (लाइन के ऊपर) |
| व्यापक | व + प + क (व का बड़ा रूप) | अध्ययन | अ + ध + य + न-आँकड़ा |
| रिपोर्ट | र + प-र आँकड़ा + ट | प्रकाशित | प-र आँकड़ा + क + स-वृत्त + त |
| पहलुओं | प + ह-आँकड़ा + ल + ओ (बिंदी) | प्रस्ताव | प-र आँकड़ा + स-वृत्त + त + व |
| सिफारिश | स-वृत्त + फ + र + स-वृत्त | सदस्यों | स-वृत्त + द + स-वृत्त + य + बिंदी |
| मतभेद | म + त-आँकड़ा + भ + द | राष्ट्र | र + स-वृत्त + ट-र आँकड़ा |
| संयुक्त | स + न + य + क + त (पूर्ण रूप) | कर्तव्य | क-र आँकड़ा + त + व + य |
| प्रत्यक्ष | प-र आँकड़ा + त + क + स-वृत्त | समक्ष | स + म + क + स-वृत्त |
| निहायत | न + ह-आँकड़ा + य + त | दिसंबर | द + स + म (दोगुनी लंबाई – बर के लिए) |
| निष्कर्ष | न + स-वृत्त + क + र + स-वृत्त | समस्याएं | स + म + स + य + बिंदी (बहुवचन) |
| शांति | श + न + त (आँख संकेत के साथ) | निरंतर | न-र को दोगुना करें (तर के लिए) |
| प्रयास | प-र आँकड़ा + य + स-वृत्त | आर्थिक | र + थ (विशेष मानक आउटलाइन) |
| उपाय | उ (स्वर) + प + य | सम्मिलित | स + म + म + ल + त |
7. छात्र सफलता के टिप्स
एक अनुभवी प्रशिक्षक के रूप में, मैं जानता हूँ कि 30वें दिन छात्र अक्सर “प्लेटो” (सीखने की स्थिरता) पर पहुँच जाते हैं। यहाँ से आगे बढ़ने के लिए इन सुझावों का पालन करें:
- दोहराव का सिद्धांत: आज के पैराग्राफ को कम से कम 5 बार लिखें। पहली बार शुद्धता के लिए, अगली 4 बार गति बढ़ाने के लिए।
- शब्द-चिन्हों की पूजा: ‘आवश्यक’, ‘प्रत्येक’, ‘मजबूत’ जैसे शब्द-चिन्हों को इतनी बार लिखें कि उन्हें सोचने के लिए दिमाग पर जोर न देना पड़े।
- पेंसिल और ग्रिप: स्टेनो पेंसिल का प्रयोग करें। पेंसिल को बहुत कसकर न पकड़ें, इससे हाथ जल्दी थक जाता है और ‘फ्लो’ टूट जाता है।
- बहुवचन की बिंदी: इसे कभी न भूलें। डिक्टेशन पढ़ते समय ‘राज्य’ और ‘राज्यों’ के बीच का अंतर यही छोटी बिंदी तय करती है।
- डिजिटल पीडीएफ का लाभ: हमारी वेबसाइट और टेलीग्राम पर उपलब्ध पीडीएफ नोट्स से अपनी आउटलाइन्स का मिलान अवश्य करें।
8. निष्कर्ष (Conclusion)
आज के लेक्चर (Day 30) ने आपको ‘बेसिक रूल्स’ से ‘रियल-वर्ल्ड एप्लीकेशन’ की ओर धकेल दिया है। आपने सीखा कि कैसे ‘दिसंबर’ में दुगनीकरण का नियम लगता है और कैसे ‘शिक्षा’ तथा ‘आर्थिक’ जैसे शब्दों को भविष्य के लिए फिक्स किया जाता है। याद रखें, आज आप भले ही शब्दों को थोड़ा विस्तार से लिख रहे हैं, लेकिन यह विस्तार ही कल आपके शॉर्टकट्स को मजबूती देगा। अगले पाठ में हम ‘वाक्यांश’ (Phrases) की दुनिया में प्रवेश करेंगे, जहाँ हम 3-4 शब्दों को एक साथ एक ही स्ट्रोक में लिखना सीखेंगे। अपनी स्टेनो नोटबुक तैयार रखें।


