Scribe vs Normal Candidate in Typing Exams

Scribe vs Normal Candidate in Typing Exams

यह एक विस्तृत गाइड है जिसमें स्क्राइब (लेखक) और अतिरिक्त समय (कम्पेंसेटरी टाइम) Scribe vs Normal Candidate in Typing Exams से जुड़े 2025-2026 के नए नियमों, टाइपिंग टेस्ट के लिए आवेदन प्रक्रिया और सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए ज़रूरतों में क्या अंतर है, इन सभी बातों की जानकारी दी गई है। इस article में हम ‘Scribe’ सुविधा की बात करेंगे, जो दिव्यांग (Persons with Disabilities) candidates को सरकारी परीक्षाओं में उपलब्ध कराई जाती है। Typing और Skill Tests में scribe और compensatory time का इस्तेमाल सामान्य लिखित परीक्षाओं से काफी अलग तरीके से होता है, और हाल ही में सितंबर 2025 में इसके नियमों में बड़े बदलाव भी हुए हैं। इस article में हम scribe facility को समझेंगे, यह typing exams में सामान्य (normal) candidates के मुकाबले कैसे काम करती है, और इससे जुड़े नवीनतम नियम क्या हैं।

टाइपिंग परीक्षाओं में, ‘स्क्राइब’ (लेखक या टाइपिस्ट) की सुविधा उन उम्मीदवारों को दी जाती है जिन्हें कुछ खास तरह की विकलांगता होती है (सरकारी नियमों के अनुसार, आमतौर पर ऐसी विकलांगता जो हाथ के काम, देखने की क्षमता या मोटर स्किल्स को प्रभावित करती है) और जो खुद टाइप नहीं कर सकते। स्क्राइब, परीक्षा लेने वाली संस्था द्वारा तय किए गए सख्त पात्रता और डॉक्यूमेंटेशन नियमों का पालन करते हुए, उम्मीदवार के बताए अनुसार उनकी तरफ से टाइप करता है। इसके उलट, एक सामान्य उम्मीदवार को उसी समय सीमा के भीतर खुद ही पैसेज टाइप करना होता है, और उनकी गति और सटीकता का आकलन सीधे उनके की-स्ट्रोक के आधार पर किया जाता है। स्क्राइब की मदद लेने वाले उम्मीदवारों को आमतौर पर अतिरिक्त समय (आमतौर पर 20-25% ज़्यादा, जो परीक्षा की सूचना पर निर्भर करता है) दिया जाता है ताकि उम्मीदवार और स्क्राइब के बीच बातचीत की प्रक्रिया के लिए समय मिल सके। स्क्राइब की योग्यता, व्यवहार और आवेदन प्रक्रिया के लिए खास गाइडलाइंस होती हैं, जो SSC, UPSC या राज्य आयोगों जैसी परीक्षा लेने वाली संस्थाओं के हिसाब से अलग-अलग हो सकती हैं। उम्मीदवारों के लिए यह ज़रूरी है कि वे अपनी परीक्षा की सूचना में स्क्राइब से जुड़ी सही पॉलिसी देख लें, क्योंकि पात्रता, अतिरिक्त समय और स्क्राइब के व्यवहार से जुड़े नियम SSC CGL, CHSL और अलग-अलग राज्य-स्तरीय टाइपिंग परीक्षाओं में अलग-अलग होते हैं। जो उम्मीदवार खुद टाइप करते हैं, उनके लिए किसी प्लेटफॉर्म पर लगातार अभ्यास करना ही सबसे सीधा तरीका है जिससे वे तय समय सीमा के भीतर इन परीक्षाओं को पास करने के लिए ज़रूरी गति और सटीकता हासिल कर सकते हैं।

Scribe क्या है?

Scribe एक ऐसा registered व्यक्ति होता है, जो किसी ऐसे candidate की तरफ से परीक्षा में लिखता या टाइप करता है, जिसकी कोई शारीरिक अक्षमता (disability) उसे स्वतंत्र रूप से लिखने या टाइप करने से रोकती है, जैसे दृष्टिबाधिता (blindness), cerebral palsy, या दोनों हाथों को प्रभावित करने वाली कोई अक्षमता। यह सुविधा Rights of Persons with Disabilities (RPwD) Act, 2016 के तहत दी जाती है, ताकि दिव्यांग candidates को बाकी candidates के बराबर अवसर मिल सके।

कौन Scribe Facility का इस्तेमाल कर सकता है

पहले यह सुविधा मुख्य रूप से Benchmark Disability (यानी 40% या उससे ज़्यादा disability) वाले candidates तक सीमित थी। हालांकि, फरवरी 2025 में Supreme Court ने एक अहम फैसला देते हुए कहा कि सभी दिव्यांग candidates, चाहे उनकी disability 40% के benchmark तक पहुंचे या ना पहुंचे, scribe इस्तेमाल कर सकते हैं, बशर्ते वे किसी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान से यह प्रमाणित करवाएं कि उनकी लिखने/टाइप करने की क्षमता सीमित है।

Supreme Court के इस फैसले की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें.

सितंबर 2025 के नए, महत्वपूर्ण नियम

Ministry of Social Justice and Empowerment ने 3 सितंबर 2025 को scribe से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया। सबसे अहम बदलाव यह है कि ‘Own Scribe’ यानी candidate द्वारा खुद अपना scribe लाने की व्यवस्था को अगले दो सालों में पूरी तरह खत्म किया जा रहा है, क्योंकि इसमें गड़बड़ी (malpractice) की शिकायतें मिली थीं। अब SSC, UPSC, NTA जैसी सभी प्रमुख परीक्षा संस्थाओं को अपनी खुद की, प्रशिक्षित और सत्यापित scribes की एक पूल (pool) तैयार करनी होगी। जब तक यह पूल पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, own scribe सिर्फ अंतिम विकल्प के तौर पर, सीमित मामलों में ही अनुमति दी जाएगी।

Scribe की योग्यता को लेकर भी नियम सख्त किए गए हैं, scribe की शैक्षणिक योग्यता, exam के लिए ज़रूरी न्यूनतम योग्यता से 2 से 3 शैक्षणिक वर्ष कम होनी चाहिए, ताकि scribe खुद उस exam के लिए ओवर-क्वालिफाइड ना हो। साथ ही, scribe उसी exam का candidate नहीं हो सकता, और उसका candidate के साथ कोई हितों का टकराव (conflict of interest) नहीं होना चाहिए।

सितंबर 2025 के नए scribe नियमों की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें.

Typing Test में Scribe कैसे अलग तरीके से Apply होता है

यह समझना बेहद ज़रूरी है कि typing या skill test की प्रकृति सामान्य लिखित परीक्षा से अलग होती है, क्योंकि इसका पूरा उद्देश्य ही candidate की अपनी typing क्षमता को मापना है। इसलिए typing tests, जैसे SSC CGL का Data Entry Skill Test (DEST), में मुख्य सुविधा किसी और से टाइप करवाने की नहीं, बल्कि अतिरिक्त, compensatory समय देने की होती है। उदाहरण के लिए, SSC CGL के DEST में PwBD candidates, जो scribe के लिए पात्र हैं, उन्हें अतिरिक्त 5 मिनट का compensatory time दिया जाता है। यह typing test की तय अवधि के अनुपात में तय किया गया समय है, ना कि किसी और के द्वारा टाइप करने की अनुमति।

SSC CGL Typing Test (DEST) में Compensatory Time के प्रावधान की जानकारी यहाँ देखें.

Compensatory Time के सामान्य नियम

ज़्यादातर बड़ी सरकारी परीक्षाओं (SSC, IBPS, UPSC सहित) में सामान्य नियम यह है कि जिन candidates को scribe इस्तेमाल करने की अनुमति है, उन्हें परीक्षा के हर घंटे के लिए कम से कम 20 मिनट का compensatory time मिलता है। दिलचस्प बात यह है कि यह समय सिर्फ उन्हें नहीं मिलता जो असल में scribe इस्तेमाल करते हैं, बल्कि उन candidates को भी मिलता है जो scribe के लिए पात्र हैं लेकिन उसका इस्तेमाल नहीं करना चाहते। दृष्टिबाधित (Blind/Low Vision) candidates और वे candidates जिनकी लिखने की गति किसी स्थायी कारण से प्रभावित है, उन्हें भी यही compensatory time मिलता है, चाहे वे scribe लें या ना लें।

ज़रूरी Documentation, बिना सबूत के सुविधा नहीं मिलेगी

जुलाई 2025 से SSC ने यह भी अनिवार्य कर दिया है कि compensatory time या scribe facility का लाभ लेने के लिए candidates को अपने original disability प्रमाण पत्र exam केंद्र पर साथ लाने होंगे, सिर्फ online अपलोड किए गए दस्तावेज़ काफी नहीं होंगे। अगर सही दस्तावेज़ मौजूद नहीं हैं, तो candidate को यह सुविधा नहीं दी जाएगी, भले ही उसने application में scribe या compensatory time का विकल्प चुना हो।

Scribe vs Normal Candidate in Typing Exams
Scribe vs Normal Candidate in Typing Exams

Fact Table, Scribe और Compensatory Time के नियम एक नज़र में

PointDetail
Eligibility (फरवरी 2025 Supreme Court निर्णय के बाद)सभी दिव्यांग candidates, चाहे Benchmark Disability (40%+) हो या ना हो, उचित medical प्रमाण पत्र सहित
Own Scribe व्यवस्थाअगले 2 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से समाप्त की जा रही है
Scribe कौन दे सकता हैअब मुख्यतः exam conducting body (जैसे SSC) की अपनी प्रशिक्षित pool से
Scribe की योग्यता सीमाexam की ज़रूरी योग्यता से 2 से 3 शैक्षणिक वर्ष कम
सामान्य लिखित परीक्षा में Compensatory Timeकम से कम 20 मिनट प्रति घंटा
SSC CGL Typing Test (DEST) में Compensatory Timeअतिरिक्त 5 मिनट (उदाहरण के अनुसार)
ज़रूरी DocumentationOriginal disability प्रमाण पत्र exam केंद्र पर अनिवार्य

Example, Scribe/Compensatory Time वाले Candidate बनाम Normal Candidate

PointNormal CandidateScribe/Compensatory Time वाला Candidate
परीक्षा कौन देता हैcandidate खुद, बिना किसी सहायता केcandidate खुद टाइप करता है (typing test में), या scribe लिखित परीक्षा में सहायता करता है
मिलने वाला समयतय, सामान्य समयतय समय + अतिरिक्त compensatory time
Documentation की ज़रूरतसामान्य पहचान पत्रOriginal disability प्रमाण पत्र भी अनिवार्य
Typing Test में असली अंतरकोई अतिरिक्त सुविधा नहींअतिरिक्त समय, लेकिन typing खुद candidate को ही करनी होती है

पात्र Candidates के लिए Tips

  • Exam की notification में scribe और compensatory time से जुड़े नियम बहुत ध्यान से पढ़ें, क्योंकि ये समय के साथ बदलते रहते हैं।
  • अपने disability प्रमाण पत्र को हमेशा अपडेट रखें, और exam के दिन उसकी original copy साथ ज़रूर ले जाएं।
  • Application form भरते समय समय पर सही तरीके से scribe या compensatory time का विकल्प चुनें और ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करें।
  • अगर own scribe की सुविधा उपलब्ध है, तो यह पक्का करें कि scribe सभी पात्रता शर्तें (योग्यता, कोई हितों का टकराव ना होना) पूरी करता हो।
  • Typing test के लिए मिलने वाला अतिरिक्त समय सीमित होता है, इसलिए फिर भी नियमित typing practice करना उतना ही ज़रूरी है।

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(FAQs)

क्या Typing Test में scribe किसी और की तरफ से टाइप कर सकता है?

आमतौर पर नहीं, क्योंकि typing/skill test का उद्देश्य ही candidate की अपनी typing क्षमता मापना है। इसकी जगह पात्र candidates को अतिरिक्त compensatory time दिया जाता है।

क्या अब कोई भी दिव्यांग candidate scribe इस्तेमाल कर सकता है?

फरवरी 2025 के Supreme Court के फैसले के बाद, हां, अब सिर्फ Benchmark Disability (40%+) वाले ही नहीं, बल्कि सभी दिव्यांग candidates, उचित medical प्रमाण पत्र के साथ, scribe इस्तेमाल कर सकते हैं।

क्या ‘Own Scribe’ की सुविधा अब भी उपलब्ध है?

यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से समाप्त की जा रही है, अगले दो सालों के भीतर। तब तक, यह सीमित मामलों में, अंतिम विकल्प के तौर पर ही उपलब्ध रहेगी।

Compensatory Time कितना मिलता है?

सामान्य लिखित परीक्षाओं में यह आमतौर पर 20 मिनट प्रति घंटा होता है, जबकि SSC CGL के Typing Test (DEST) जैसी छोटी अवधि की skill tests में यह उदाहरण के अनुसार 5 मिनट जैसा एक निश्चित, छोटा अतिरिक्त समय हो सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

Scribe और Compensatory Time की सुविधा दिव्यांग candidates को बाकी candidates के बराबर अवसर देने के लिए बनाई गई है, और सितंबर 2025 के नए नियमों के साथ इसे और ज़्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जा रहा है। Typing tests में यह सुविधा सामान्य लिखित परीक्षाओं से अलग तरीके से काम करती है, क्योंकि वहां असली typing candidate को खुद ही करनी होती है, सिर्फ अतिरिक्त समय दिया जाता है। अगर आप या आपके किसी परिचित इस सुविधा के पात्र हैं, तो हमेशा नवीनतम, official notification को ध्यान से पढ़ें, ताकि सही जानकारी और सही दस्तावेज़ों के साथ परीक्षा में शामिल हुआ जा सके।

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