आज की कक्षा आपके स्टेनोग्राफी करियर का एक ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित होने वाली है। The Ra Hook (‘र’ आंकड़े) का संपूर्ण ज्ञान और अभ्यास, आज हम ‘र’ के आंकड़े (Ra Hook) के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे। स्टेनोग्राफी की दुनिया में ‘र’ एक ऐसा व्यंजन है जो बार-बार आता है, और इसे हर बार पूरा लिखना आपकी गति (Speed) को धीमा कर सकता है। आज आप वह तकनीक सीखेंगे जिससे आप अपनी लिखने की गति को 40 शब्द प्रति मिनट से सीधे 80 शब्द प्रति मिनट की ओर ले जा सकते हैं। चलिए, पेंसिल और नोटबुक उठा लीजिए और इस मास्टरक्लास को शुरू करते हैं।
85 दिनों के फ्री हिंदी स्टेनोग्राफी कोर्स के आज के 12वें दिन में आपका हार्दिक स्वागत है। मुझे यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि आप पूरी निष्ठा के साथ इस यात्रा में मेरे साथ बने हुए हैं। पिछले 11 दिनों में हमने व्यंजनों, स्वरों और कुछ महत्वपूर्ण आंकड़ों (न और त) को समझा है। यदि आपने उनका ईमानदारी से अभ्यास किया है, तो आपकी नींव मजबूत हो चुकी है।
‘र’ का आंकड़ा क्या है? (What is ‘Ra’ Hook?)
स्टेनोग्राफी में ‘र’ का आंकड़ा एक छोटा सा ‘घुमाव’ या ‘हुक’ (Hook) है जिसे हम व्यंजन के प्रारंभ में जोड़ते हैं। यह एक प्रकार का शॉर्टकट है जो ‘र’ की ध्वनि को बिना पूरा व्यंजन लिखे प्रकट कर देता है।
यहाँ इसके कुछ अपरिवर्तनीय नियम दिए गए हैं जिन्हें आपको आत्मसात करना होगा:
नियम 1 (स्थान और ध्वनि – Location and Sound): छात्रों, यह ‘र’ आंकड़े का सबसे महत्वपूर्ण और थोड़ा भ्रमित करने वाला नियम है। यह आंकड़ा व्यंजन के प्रारंभ (शुरू) में लगाया जाता है, लेकिन इसकी ध्वनि (Sound) उस व्यंजन के बाद पढ़ी जाती है। विशेष उदाहरण: यदि आप ‘क’ व्यंजन के शुरू में यह हुक लगाते हैं, तो इसे ‘रक’ नहीं, बल्कि ‘कर’ पढ़ा जाएगा। यह ठीक वैसा ही है जैसे हम घर की चाबी पहले लगाते हैं लेकिन घर के अंदर बाद में प्रवेश करते हैं।
नियम 2 (दिशा – Direction): सरल रेखा वाले व्यंजनों (Straight Strokes) में ‘र’ का आंकड़ा हमेशा घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में घुमाकर लगाया जाता है। इसे दाएं से बाएं की ओर घुमाते हुए व्यंजन के साथ जोड़ा जाता है।
छात्रों के लिए एक विशेषज्ञ सलाह: अक्सर छात्र ‘न’ और ‘त’ के आंकड़ों के साथ भ्रमित हो जाते हैं क्योंकि वे व्यंजन के अंत में लगते थे। याद रखें, ‘र’ का नायक हमेशा शुरुआत में ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराता है।
सरल रेखा वाले व्यंजनों में ‘र’ का प्रयोग (Usage in Straight Consonants)
सरल रेखा वाले व्यंजन जैसे क-वर्ग, प-वर्ग, च-वर्ग और ट-वर्ग में ‘र’ का आंकड़ा लगाना एक कला है। इसमें पेंसिल का बहाव (Flow) बहुत मायने रखता है। आपको व्यंजन लिखने से पहले ही उस छोटे हुक की कल्पना करनी होगी।
नीचे दी गई विस्तृत तालिका में देखें कि कैसे पेंसिल की एक छोटी सी हरकत शब्द का स्वरूप बदल देती है:
विस्तृत अभ्यास तालिका: सरल व्यंजन + ‘र’ आंकड़ा
| शब्द | संयोजन | पेंसिल का बहाव और तकनीक (Step-by-Step Technique) |
| कर | क + र | रेखा के प्रारंभ में नीचे की ओर एक छोटा सूक्ष्म हुक बनाएं और बिना रुके क्षैतिज रेखा (क) खींचें। हुक का आकार व्यंजन की कुल लंबाई का 1/5 हिस्सा होना चाहिए। |
| पर | प + र | पेंसिल को 120 डिग्री के कोण पर रखें। शुरू में दाईं ओर घड़ी की दिशा में एक छोटा लूप/हुक घुमाएं और सीधे नीचे की ओर ‘प’ की रेखा ले आएं। |
| गर | ग + र | ‘क’ की तरह ही, लेकिन रेखा को गहरा (Dark) रखें। हुक को घड़ी की दिशा में घुमाते समय पेंसिल पर दबाव स्थिर रखें। |
| खर | ख + र | ‘कर’ की तरह ही हुक लगाएं, लेकिन अंत में या बीच में एक छोटा सा कट लगाएं ताकि वह ‘ख’ की पहचान दे सके। |
| चर | च + र | ऊपर से नीचे की ओर 60 डिग्री पर आते समय प्रारंभ में दाईं ओर हुक बनाएं। हाथ का मोशन बिल्कुल वैसा ही होगा जैसे घड़ी की सुई टिक-टिक करती है। |
| डर | ड + र | 90 डिग्री की सीधी खड़ी रेखा (गहरी)। प्रारंभ में दाईं ओर हुक। यह हुक स्पष्ट होना चाहिए ताकि यह ‘ल’ जैसा न लगे। |
| टर | ट + र | 90 डिग्री की सीधी खड़ी रेखा (हल्की)। प्रारंभ में घड़ी की दिशा में छोटा घुमाव। |
| सजर | स + ज + र | यहाँ ‘स’ का वृत्त बनाकर ‘ज’ की रेखा शुरू करें और ‘ज’ में ‘र’ का हुक लगाकर शब्द पूरा करें। यह तीन व्यंजनों का एक सुंदर संगम है। |
| सगर | स + ग + र | ‘स’ का वृत्त, फिर ‘ग’ की क्षैतिज रेखा और उसी के प्रारंभ में ‘र’ का हुक। ध्यान दें कि ‘स’ और ‘र’ एक दूसरे में मिल न जाएं। |
| बचर | ब + च + र | ‘ब’ (गहरी रेखा) को नीचे लाएं, फिर ‘च’ में ‘र’ का हुक लगाते हुए उसे तिरछा नीचे की ओर ले जाएं। यहाँ ‘च’ में हुक घड़ी की दिशा में होगा। |
सामान्य गलती (Student Pitfalls): नए छात्र अक्सर हुक को बहुत बड़ा बना देते हैं, जिससे वह ‘ल’ के आंकड़े (जो आप आगे पढ़ेंगे) जैसा लगने लगता है। हुक को हमेशा छोटा और “Crisp” रखें।

वक्र व्यंजनों में ‘र’ का आंकड़ा (Ra Hook in Curved Consonants)
वक्र व्यंजन (Curved strokes) जैसे त, स, थ, म, न, ल आदि के साथ ‘र’ का आंकड़ा जोड़ना बहुत ही सहज है क्योंकि ये पहले से ही मुड़े हुए होते हैं।
सुनहरा नियम (The Golden Rule): वक्र व्यंजनों में ‘र’ का आंकड़ा हमेशा “अंदर की ओर” (Inside the curve) लगता है। वक्र व्यंजनों का स्वभाव ही ऐसा है कि वे अपने भीतर आंकड़ों को समेट लेते हैं।
वक्र व्यंजन अभ्यास चार्ट और विवरण:
- दर (द + र): ‘द’ के ऊपरी मुंह पर अंदर की तरफ एक छोटा सा हुक बनाएं। पेंसिल को ऊपर से नीचे लाते समय वह घुमाव एक मछली के कांटे (Fishhook) जैसा दिखना चाहिए।
- सर (स + र): ‘स’ के घुमावदार हिस्से के बिल्कुल प्रारंभ में अंदर की ओर एक छोटा लूप लगाएं। चूंकि ‘स’ दो तरह से बनता है (बायां और दायां), दोनों में हुक अंदर की तरफ ही रहेगा।
- थर (थ + र): ‘थ’ के अंदर हुक लगाएं और रेखा को बीच से काट दें। हुक और कट दोनों स्पष्ट होने चाहिए।
- मर (म + र): ‘म’ के प्रारंभ में एक छोटा सा आंतरिक हुक। इसे बनाते समय ध्यान रखें कि ‘म’ की चौड़ाई न बढ़ जाए।
- तर (त + र): ‘त’ की वक्र रेखा के शुरू में अंदर की ओर हुक। इसे हल्का रखें।
- लर (ल + र): ‘ल’ नीचे से ऊपर जाता है, इसलिए हुक नीचे की ओर अंदर की तरफ बनेगा।
- नर (न + र): ‘न’ के प्रारंभ में अंदर की तरफ एक छोटा हुक। यह बिल्कुल ‘म’ के विपरीत दिशा में होगा।
विशेष टिप: वक्र रेखाओं में हुक लगाते समय पेंसिल पर दबाव बहुत हल्का रखें। यदि आप दबाव ज्यादा देंगे, तो वक्र की गोलाई बिगड़ जाएगी और शब्द पढ़ने में नहीं आएगा।
दो व्यंजनों के बीच ‘र’ का आंकड़ा (Ra Hook Between Two Consonants)
यह वह खंड है जहाँ आपकी ‘रिदम’ (Rhythm) की परीक्षा होती है। जब ‘र’ का आंकड़ा दो व्यंजनों के बीच आता है, तो पेंसिल रुकनी नहीं चाहिए। यहाँ हुक एक ‘जॉइंट’ (Joint) की तरह काम करता है।
तकनीकी निर्देश:
- गकर: पहले ‘ग’ की क्षैतिज रेखा बनाएं, फिर ‘क’ शुरू करने के लिए पेंसिल को थोड़ा सा पीछे की ओर घुमाकर हुक लें और ‘क’ बना दें।
- पचर: ‘प’ को नीचे लाएं, फिर ‘च’ की दिशा में मुड़ते समय घड़ी की दिशा में हुक घुमाकर ‘च’ पूरा करें।
- जमकर: ‘ज’ (नीचे), फिर ‘म’ (क्षैतिज) और ‘म’ के अंत से ‘क’ के लिए हुक लेते हुए ‘कर’ जोड़ें। यहाँ हाथ का संतुलन बहुत आवश्यक है।
- दराज: ‘द’ (वक्र) के साथ ‘र’ का आंकड़ा लगाकर ‘दरा’ बनाएं और फिर ‘ज’ जोड़ें। इसमें ‘आ’ की मात्रा का भी ध्यान रखें।
- चक्र: ‘च’ बनाएं, फिर ‘क’ के प्रारंभ में ‘र’ का हुक लगाकर शब्द समाप्त करें। यह शब्द वैज्ञानिक और तकनीकी डिक्टेशन में बहुत आता है।
एक्सपर्ट इनसाइट: यदि दो व्यंजनों के बीच हुक लगाने से आकृति बहुत ज्यादा उलझ रही हो, तो वहां हुक के बजाय पूरा ‘र’ लिखना बेहतर होता है, लेकिन 90% मामलों में हुक ही सबसे तेज तरीका है।
विशेष अपवाद: कहाँ ‘र’ का आंकड़ा नहीं लगता? (Critical Exceptions)
एक कुशल आशुलिपिक वह नहीं जो सब कुछ शॉर्टकट में लिखे, बल्कि वह है जिसकी आउटलाइन स्पष्ट हो। आशुलिपि (Shorthand) के सिद्धांतों के अनुसार, ‘र’ का आंकड़ा कुछ व्यंजनों के साथ कभी नहीं जोड़ा जाता क्योंकि इससे “ज्यामितीय भ्रम” (Geometric Confusion) पैदा होता है।
इन 4 व्यंजनों को रट लें:
- य (Ya): ‘य’ के प्रारंभ में पहले से ही एक बड़ा हुक (Initial Hook) होता है। यदि हम ‘र’ का छोटा हुक इसमें जोड़ेंगे, तो यह ‘य’ की मूल पहचान को खत्म कर देगा।
- व (Va): ‘व’ में भी प्रारंभ में एक हुक जैसा आकार होता है। दो हुक एक साथ जोड़ना हाथ की गति के लिए भी खराब है और पढ़ने के लिए भी।
- र (Ra): यह सबसे दिलचस्प है! यदि हम ‘र’ के व्यंजन में ही ‘र’ का आंकड़ा जोड़ देंगे, तो बनने वाली आकृति ‘य’ जैसी दिखने लगेगी। इस भ्रम से बचने के लिए ‘र’ में ‘र’ का आंकड़ा कभी नहीं लगता।
- ह (Ha): ‘ह’ के प्रारंभ में एक छोटा वृत्त (Circle) होता है। वृत्त और हुक को एक ही स्थान पर जोड़ना नामुमकिन जैसा है, इससे पेंसिल अटक सकती है।
तर्क: इन व्यंजनों की अपनी बनावट (Structure) ऐसी है कि वे ‘र’ आंकड़े को स्वीकार नहीं करते। यहाँ आपको हमेशा पूरा ‘र’ व्यंजन ही प्रयोग करना होगा।
वाक्य अभ्यास और शब्दावली (Sentence Practice & Vocabulary)
सिद्धांतों को सीखने के बाद अब समय है उन्हें मैदान में उतारने का। नीचे दिए गए वाक्यों को अपनी नोटबुक में कम से कम 10-10 बार स्टेनोग्राफी में लिखें।
अभ्यास सेट (Practice Set):
- “पानी में मगर है।”
- विशेष निर्देश: ‘पानी’ लिखते समय ‘न’ का आंकड़ा अंत में लगाएं। ‘मगर’ के लिए ‘म’ के बाद ‘ग’ में ‘र’ का हुक लगाएं। ‘है’ के लिए लाइन के ऊपर एक छोटा सा चिन्ह।
- “नगर के लोग गरीब हैं।”
- विशेष निर्देश: ‘नगर’ में ‘न’ के बाद ‘ग’ में ‘र’ का हुक। ‘गरीब’ में ‘ग’ में ‘र’ का हुक और फिर नीचे की ओर ‘ब’ की गहरी रेखा।
- “कर्म अच्छे करो।”
- विशेष निर्देश: ‘कर्म’ में ‘क’ में ‘र’ का हुक और फिर ‘म’। ‘करो’ में ‘क+र’ हुक के साथ अंत में ओ की मात्रा का डैश लगाएं।
- “सब नोटबुक में दर्ज करो।”
- विशेष निर्देश: ‘दर्ज’ के लिए ‘द’ में ‘र’ का हुक अंदर की ओर और फिर ‘ज’। ‘नोटबुक’ लिखते समय स्वर के नियमों का पालन करें।
- “वह करीब-करीब पूरा हो गया है।”
- विशेष निर्देश: ‘करीब’ के लिए ‘क’ में ‘र’ का हुक और ‘ब’। ‘करीब-करीब’ जैसे पुनरावृत्ति वाले शब्दों के लिए शब्द के पास एक छोटा ‘s’ जैसा चिन्ह या डैश लगा दें, ताकि उसे दोबारा न लिखना पड़े।
- “धर्म ही सबसे बड़ा काम है।”
- विशेष निर्देश: ‘धर्म’ में ‘ध’ (काटकर) और उसमें ‘र’ का हुक अंदर की ओर जोड़ते हुए ‘म’ बनाएं।
[हिंदी टाइपिंग] में निपुणता के साथ-साथ इन आउटलाइन्स का मानसिक अभ्यास भी बहुत जरूरी है।
लेखन की तकनीक और टिप्स (Expert Writing Tips from a Senior Tutor)
छात्रों, केवल नियम जान लेना काफी नहीं है। आपको अपनी उंगलियों को प्रशिक्षित करना होगा। यहाँ कुछ ‘सीक्रेट टिप्स’ दिए जा रहे हैं:
- पेंसिल का दबाव (Pressure Control): जब आप ‘र’ का हुक बनाते हैं, तो वह एक ‘फ्लेक्सिबल’ मोशन होना चाहिए। हुक बनाते समय दबाव कम और व्यंजन की रेखा खींचते समय दबाव शब्द के अनुसार (हल्का या गहरा) रखें।
- मानसिक चित्रण (Visualization): रात को सोने से पहले आंखें बंद करें और हवा में ‘कर’, ‘पर’, ‘नगर’ के आउटलाइन बनाने का अभ्यास करें। यह आपके ‘मसल मेमोरी’ (Muscle Memory) को तेज करता है।
- 5-लाइन का स्वर्ण नियम: स्टेनोग्राफी में कोई भी नया शब्द सीखने पर उसकी कम से कम 5 फुल पेज लाइन प्रैक्टिस करें। इससे वह शब्द आपकी कलम में बस जाएगा।
- पेंसिल न उठाएं: हुक और व्यंजन के बीच पेंसिल कभी नहीं उठनी चाहिए। यह एक ही झटके में (Single Stroke) पूरा होना चाहिए। यदि आप पेंसिल उठाते हैं, तो हुक का अर्थ ही समाप्त हो जाता है।
also read: The ‘ta’ hook ‘त’ का आंकड़ा लगाने का नियम – Day 11
निष्कर्ष (Conclusion)
डे 12 की इस विस्तृत कक्षा में हमने ‘र’ आंकड़े के विज्ञान को समझा। आज के मुख्य बिंदु जिन्हें आपको याद रखना है:
- ‘र’ का आंकड़ा व्यंजन के प्रारंभ में एक छोटा हुक है।
- इसे हमेशा घड़ी की दिशा (Clockwise) में (सरल रेखाओं के लिए) लगाया जाता है।
- वक्र रेखाओं में यह हमेशा अंदर की ओर छिप जाता है।
- य, व, र और ह इसके कट्टर दुश्मन हैं, इनमें यह कभी नहीं लगता।
- इसकी ध्वनि हमेशा मुख्य व्यंजन के बाद आती है।
छात्रों, अभ्यास ही वह एकमात्र रास्ता है जो आपको एक साधारण छात्र से एक ‘स्पीड स्टार’ बना सकता है। ‘र’ का आंकड़ा आपकी गति की नींव है। कल हम डे 13 में ‘ल’ के आंकड़े के बारे में सीखेंगे, जो ‘र’ के आंकड़े का सगा भाई है लेकिन थोड़े अलग व्यवहार के साथ। तब तक के लिए, अपनी नोटबुक भरते रहिए।


