आज का यह दिन आपकी सीखने की यात्रा में एक मील का पत्थर है। Hindi Ashulipi Steno Course in Hindi (Day 36 – 40) हम उस पड़ाव पर खड़े हैं जहाँ से आपकी गति और शुद्धता (Accuracy) में एक क्रांतिकारी परिवर्तन आने वाला है।
पिछले अभ्यास (Day 35) में हमने जिन बारीकियों पर चर्चा की थी, मुझे विश्वास है कि आपने उनका कम से कम 20-20 बार अभ्यास किया होगा। याद रखिये, एक वरिष्ठ प्रशिक्षक के नाते मैं हमेशा कहता हूँ कि स्टेनोग्राफी केवल लिखने की कला नहीं, बल्कि हाथ और मस्तिष्क के बीच के अद्भुत तालमेल का नाम है। आज हम “अभ्यास 7” के माध्यम से उन जटिलताओं को सुलझाएंगे जो अक्सर डिक्टेशन के दौरान छात्रों के पसीने छुड़ा देती हैं।
संसदीय शब्दावली और वाक्यांशों का ऐतिहासिक एवं परीक्षात्मक महत्व
संसदीय डिक्टेशन की दुनिया में कुछ ऐसे शब्द हैं जिन्हें हम ‘ब्रह्मास्त्र’ कह सकते हैं। जब आप कर्मचारी चयन आयोग (SSC) या किसी भी राज्य स्तरीय आशुलिपि परीक्षा के लिए बैठते हैं, तो डिक्टेशन की शुरुआत अक्सर ‘अध्यक्ष महोदय’ से होती है।
मैंने अपने वर्षों के अनुभव में देखा है कि जो छात्र इन प्रारंभिक वाक्यांशों में हाथ की गति को नियंत्रित कर लेते हैं, उनका आत्मविश्वास पूरे डिक्टेशन के दौरान बना रहता है। ‘अध्यक्ष महोदय’ केवल एक संबोधन नहीं है, बल्कि यह आपकी गति का शुरुआती ‘गियर’ है। इसके साथ ही, आपको यह भी समझना होगा कि स्टेनो में महारत हासिल करने के साथ-साथ आपकी Hindi Typing की शुद्धता भी उतनी ही अनिवार्य है, क्योंकि अंततः आपकी आउटलाइन का अनुवाद ही आपको सरकारी पद दिलाएगा।
एक गुरु-मंत्र: ‘अध्यक्ष महोदय’ बनाम ‘सभापति महोदय’
अक्सर छात्र मुझसे पूछते हैं कि सर, इन दोनों में अंतर कैसे करें? ध्यान दीजिये:
- अध्यक्ष महोदय: इसके लिए हम ‘अद’ की आउटलाइन बनाते हैं और तुरंत बिना हाथ उठाए ‘महोदय’ (म) को उसमें जोड़ देते हैं। यहाँ ‘द’ की रेखा का झुकाव और ‘म’ का जुड़ाव एक प्राकृतिक प्रवाह में होना चाहिए।
- सभापति महोदय: यहाँ ‘स-भ’ की आकृति बनाकर ‘पति’ के लिए ‘प’ से काटते हैं या जोड़ते हैं और फिर ‘महोदय’ का संकेत देते हैं।
इन दोनों के बीच का सूक्ष्म अंतर ही एक कुशल स्टेनोग्राफर की पहचान है। यदि आपने ‘अध्यक्ष’ को ‘सभापति’ पढ़ लिया, तो आपकी पूरी डिक्टेशन का अर्थ बदल सकता है।
प्रमुख शब्द-चिह्न और वाक्यांश विश्लेषण (A Detailed Pedagogical Approach)
आशुलिपि में हर रेखा की लंबाई और उसका कोण एक कहानी कहता है। नीचे दी गई तालिका को केवल पढ़ें नहीं, बल्कि इसे एक तकनीकी मानचित्र की तरह समझें।
| क्रम संख्या | शब्द/वाक्यांश | बनाने की विधि और तकनीकी सूक्ष्मता (Outline Analysis) | अभ्यास हेतु विशेष निर्देश |
| 1 | अध्यक्ष महोदय | ‘अद’ की रेखा को हल्का सा तिरछा (Slanted) खींचें और बिना रुके ‘म’ (महोदय का प्रतीक) को इसमें विलीन कर दें। यह एक संयुक्त गति (Joint Motion) है। | कम से कम 100 बार लिखें ताकि हाथ का मसल मेमोरी (Muscle Memory) इसे पहचान ले। |
| 2 | विशेषकर | ‘व’ का छोटा हुक लगायें, फिर ‘स’ का वृत्त (Circle) और अंत में ‘कर’ (क+र) की सीधी रेखा। ‘व’ और ‘स’ के बीच का कोण 90 डिग्री के करीब होना चाहिए। | इसे ‘व-स-कर’ के प्रवाह में लिखें। हाथ उठना नहीं चाहिए। |
| 3 | रुपये | ‘रुपया’ का मानक शब्द-चिह्न (जो ‘र’ को काटकर या विशेष चिह्न से बनता है) बनायें और उसके अंत में या बीच में एक स्पष्ट बिंदी (Dot) लगायें। | बिंदी ‘रुपये’ (बहुवचन) और ‘रुपया’ (एकवचन) के बीच का एकमात्र अंतर है। |
| 4 | कर्ज | ‘क’ की रेखा के साथ ‘र’ का आंकड़ा जोड़ें और अंत में ‘ज’ को एक छोटे से हुक या पूरी रेखा से स्पष्ट करें। | ‘र’ के आंकड़े को छोटा रखें ताकि वह ‘ल’ न लगे। |
| 5 | निगम | ‘न’ की क्षैतिज रेखा, ‘ग’ का गहरा प्रवाह और ‘म’ का समापन। यह शब्द पूरी तरह से रेखा (Line) पर आधारित है। | रेखाओं की लंबाई एकसमान रखें, अन्यथा यह ‘नियम’ पढ़ा जा सकता है। |
| 6 | दिवालिया | ‘द’ को लाइन काटकर (तीसरे स्थान का स्वर), फिर ‘व’, ‘ल’ और ‘य’ का हुक। यह एक लंबा शब्द है जिसे संकुचित करना जरूरी है। | ‘ल’ और ‘य’ के बीच का जोड़ स्मूथ होना चाहिए। |
| 7 | मंजूर | ‘म’, ‘न’ का हुक, ‘ज’ की गहरी रेखा और ‘र’ का ऊपर जाने वाला आंकड़ा। | ‘न’ का हुक छोटा रखें। यदि हुक बड़ा हो गया तो ‘मंजूर’ की जगह ‘मजबूर’ पढ़ा जा सकता है। |
उन्नत संयोजन तकनीक: ‘आमतौर पर’ और ‘तर-धर-डर’ का जादुई नियम
स्टेनोग्राफी में गति का रहस्य ‘पेन को कागज पर कम से कम उठाना’ है। आज मैं आपको एक ऐसी तकनीक सिखाऊंगा जिसे ‘तर-धर-डर’ नियम (Doubling Principle) कहते हैं।
1. ‘आमतौर पर’ का गहरा विश्लेषण
जब हमें ‘आमतौर पर’ लिखना होता है, तो हम ‘आम’ (म) की रेखा को उसकी सामान्य लंबाई से दुगना कर देते हैं। आशुलिपि का नियम कहता है कि जब किसी व्यंजन रेखा को दुगना किया जाता है, तो उसमें ‘तर’, ‘धर’ या ‘डर’ का उच्चारण स्वतः जुड़ जाता है।
- प्रक्रिया: ‘म’ को लंबा खींचने से वह ‘म-तर’ (आम-तर) बन गया।
- जोड़: अब इसी लंबी रेखा के अंत में ‘पर’ (प+र) का संक्षिप्त संकेत जोड़ दें।
- परिणाम: एक ही स्ट्रोक में ‘आमतौर पर’ तैयार! यह तकनीक आपके लिखने की गति को 20 शब्द प्रति मिनट तक बढ़ा सकती है।
2. बहुवचन और बिंदी का सामरिक उपयोग
बहुवचन शब्दों जैसे ‘करोड़ों आदमियों’ या ‘हजारों रुपयों’ में बिंदी का स्थान ही जीवन और मृत्यु जैसा अंतर पैदा करता है।
- करोड़ों: ‘क-ल-ओ’ की आउटलाइन बनाएं। यहाँ ‘ल’ का उपयोग ‘रोड़’ के ध्वनि प्रभाव के लिए किया जाता है। अंत में एक गाढ़ी बिंदी लगाएं।
- आदमियों: ‘अद-म-य’ बनाएं। ‘य’ के साथ बिंदी लगाने से यह ‘आदमी’ (एकवचन) से ‘आदमियों’ (बहुवचन) बन जाता है।
- गुरु का सुझाव: बिंदी हमेशा आउटलाइन के अंत में या उस स्थान पर लगाएं जहाँ से वह आसानी से दिखाई दे। हड़बड़ी में बिंदी छोड़ना सबसे बड़ी गलती है।
ज्यामितीय विषमता: ‘निगम’ बनाम ‘कर्ज’ (Geometric Contrast)
इन दो शब्दों की बनावट को गहराई से समझें। ‘निगम’ (Nigam) एक क्षैतिज (Horizontal) और नीचे की ओर जाने वाली गति का शब्द है। इसमें हाथ का दबाव हल्का और स्थिर रहता है। ‘न-ग-म’ की गति एक सीधी धारा की तरह है।
इसके विपरीत, ‘कर्ज’ (Karj) में एक ‘क’ की क्षैतिज रेखा के बाद अचानक ‘र’ का ऊपर की ओर या ‘ज’ का नीचे की ओर तीव्र मोड़ आता है। ‘कर्ज’ में कोणीय गति (Angular Motion) अधिक है। एक प्रशिक्षक के रूप में, मैं आपको सलाह दूंगा कि ‘कर्ज’ लिखते समय अपनी कलाई को थोड़ा लचीला रखें, ताकि ‘र’ और ‘ज’ का जोड़ स्पष्ट रूप से उभरे।
संख्याओं का संक्षिप्तिकरण: ’30 लाख’ लिखने की तकनीक
डिक्टेशन में जब बड़े आँकड़े आते हैं, तो छात्र अक्सर अंकों को सामान्य तरीके से लिखने लगते हैं, जिससे गति टूट जाती है।
- नियम: संख्या ’30’ लिखें और उसके ठीक नीचे या बगल में ‘ल’ का संकेत बना दें। स्टेनोग्राफी में ‘ल’ को संख्या के नीचे लिखना ‘लाख’ का प्रतीक माना जाता है।
- उदाहरण: इसी प्रकार ‘करोड़’ के लिए ‘क’ का प्रयोग किया जाता है। इससे आपको ‘लाख’ या ‘करोड़’ शब्द के लिए अलग से आउटलाइन बनाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
आशुलिपि गति बढ़ाने के गुप्त मंत्र: ‘सेंस’ और ‘संदर्भ’
जब हम उच्च गति (100+ wpm) पर लिखते हैं, तो मात्राएं लगाना असंभव हो जाता है। यहाँ ‘सेंस’ (Contextual Reading) का खेल शुरू होता है।
‘महान’ बनाम ‘महीनों’ का उदाहरण
आशुलिपि में ‘महान’ और ‘महीनों’ की मूल आउटलाइन (म-ह-न) एक जैसी दिख सकती है। अब आप अंतर कैसे करेंगे?
- वाक्य 1: “गांधी जी एक महान व्यक्ति थे।” (यहाँ ‘महीनों व्यक्ति’ का कोई अर्थ नहीं निकलता)।
- वाक्य 2: “वह महीनों से चक्कर काट रहा है।” (यहाँ ‘महान से चक्कर’ तर्कहीन है)।
अभ्यास का तरीका:
- बिना मात्राओं के डिक्टेशन को पढ़ने का प्रयास करें।
- वाक्य के क्रिया (Verb) और संज्ञा (Noun) के तालमेल को समझें।
- शुरुआत में 70% मात्राएं हटा दें, फिर धीरे-धीरे 90% तक ले जाएं।
अभ्यास 7: डिक्टेशन और गहन शब्दावली अभ्यास
अब समय है उस सामग्री का जिसे आपको अपनी पेंसिल से कागज पर उतारना है। इस गद्यांश में आज सीखे गए सभी नियमों का संगम है।
“अध्यक्ष महोदय, मैं आपके सामने एक विशेष बात रखना चाहता हूँ। पिछले साल इस निगम ने चार करोड़ रुपये का कर्ज दिया। लेकिन यदि आप उसके कुल खर्च को देखें, तो आपको मालूम होगा कि उस पर 30 लाख रुपया सालाना खर्च हुआ है। आप सोचिए कि आपके साधनों के ऊपर काम करने वाला कोई निगम चार करोड़ रुपये कर्ज देने में यदि 30 लाख रुपये खर्च कर दे, तो उसके लिए दिवालिया होने के अलावा और कोई रास्ता नहीं रहता। इसलिए मैं अर्ज करना चाहता हूँ कि सरकार इस निगम के काम को किसी भी दृष्टि से देखे, लेकिन करोड़ों आदमियों का जमा किया हुआ पैसा बर्बाद नहीं होना चाहिए। इसका उचित उपयोग होना चाहिए। दूसरी ओर, इस निगम के पास जो कर्जदार आते हैं, वे महीनों और बरसों तक चक्कर काटते रहते हैं और भारी खर्च के बाद अपना कर्ज मंजूर करा पाते हैं। आमतौर पर महीनों तक उन्हें अपनी कर्ज की रकम नहीं मिल पाती।
Day 37 (LEC 37) – वाक्यांश और प्रशासनिक शब्दावली का गहन अभ्यास
हिंदी शॉर्टहैंड (Stenography) की इस गौरवशाली यात्रा में 37वां दिन आपके कौशल को निखारने का एक टर्निंग पॉइंट है। अब तक आपने वर्णमाला, मात्राओं और शुरुआती शब्द-चिह्नों पर अधिकार प्राप्त कर लिया है, लेकिन एक पेशेवर स्टेनोग्राफर बनने के लिए केवल शब्दों को लिखना पर्याप्त नहीं है। असली परीक्षा तब होती है जब आप 80 से 120 शब्द प्रति मिनट (WPM) की गति पर संसदीय कार्यवाही या प्रशासनिक डिक्टेशन लिखते हैं। Hindi Stenography Course Day 37 के इस विशिष्ट व्याख्यान (LEC 37) में, हमारा संपूर्ण ध्यान वाक्यांशों (Phrasing) और प्रशासनिक शब्दावली पर होगा।
स्टेनोग्राफी केवल ध्वनि को कागज पर उतारना नहीं है, बल्कि यह समय और गति के बीच का एक वैज्ञानिक संतुलन है। आज हम सीखेंगे कि कैसे बड़े-बड़े वाक्यांशों को एक छोटे से प्रतीक में समेटा जाता है और कैसे प्रशासनिक शब्दों की जटिल आउटलाइन को सरल बनाया जाता है। एसएससी (SSC), हाई कोर्ट और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए “Shorthand Learning” का यह स्तर पार करना अनिवार्य है। आज का पाठ न केवल आपकी गति को बढ़ाएगा, बल्कि आपकी सटीकता (Accuracy) को भी उस स्तर पर ले जाएगा जहाँ अनुवाद करते समय आपसे न्यूनतम गलतियां होंगी।
1. शब्दावली और शब्द-चिह्न विश्लेषण (Deep Analysis of Vocabulary & Word-Signs)
स्टेनोग्राफी में शब्द-चिह्न (Logograms) वे ईंटें हैं जिनसे आपकी गति की इमारत खड़ी होती है। जब हम प्रशासनिक डिक्टेशन की बात करते हैं, तो कुछ शब्द बार-बार दोहराए जाते हैं। ऋषि प्रणाली (Rishi System) के सिद्धांतों के अनुसार, इन शब्दों के लिए विशिष्ट आउटलाइन निर्धारित की गई हैं।
नीचे दी गई तालिका में आज के महत्वपूर्ण शब्दों और उनके निर्माण के विस्तृत नियमों का विवरण है:
| शब्द/वाक्यांश | शॉर्टहैंड में बनाने का नियम (Technical Rule) | विशेषज्ञ सुझाव और विश्लेषण |
| अध्यक्ष महोदय | ‘अद’ (अ-ध-य) की अर्ध-रेखा और ‘महोदय’ का शब्द-चिह्न जोड़कर। | ‘ध’ को आधा करके उसमें ‘य’ का लोप करें और सीधे ‘म’ के चाप में जोड़ें। |
| सदन | ‘स’ का वृत्त (S-vrit), ‘द’ की सरल रेखा और अंत में ‘न’ का हुक (N-hook)। | इसे लाइन पर लिखें। ‘न’ के आंकड़े को स्पष्ट रखें ताकि ‘सदस्य’ के साथ भ्रम न हो। |
| माननीय सदस्य | ‘म’, ‘न’ का आंकड़ा, पुनः ‘न’, ‘स’ का वृत्त, ‘द’ और ‘य’ का आंकड़ा। | यह एक संयुक्त आउटलाइन है। ‘माननीय’ और ‘सदस्य’ के बीच पेंसिल न उठाएं। |
| योजना आयोग | ‘योजना’ की मानक आउटलाइन बनाकर उसे ‘ग’ व्यंजन से काटें। | ‘ग’ से काटना ‘आयोग’ को इंगित करता है। यह एक वैश्विक नियम है। |
| पंचवर्षीय योजना | ‘प’, ‘च’, ‘स’ का वृत्त और ‘न’ का बड़ा आंकड़ा। | इसे एक विशिष्ट प्रतीक (Symbol) की तरह रट लें। ‘प’ और ‘च’ को एक साथ ‘स’ से जोड़ें। |
| कार्यान्वित | ‘क-र’ हुक, ‘य’, ‘न’ का आंकड़ा, ‘व’ और ‘त’ का आंकड़ा। | ‘व’ को ‘त’ के साथ जोड़ते समय पेंसिल का बहाव नीचे की ओर रखें। |
| कार्यान्वयन | ‘क-र’ हुक, ‘य’, ‘न’ का आंकड़ा और अंत में बड़ा ‘न’ हुक। | ‘कार्यान्वित’ और ‘कार्यान्वयन’ के बीच अंत के आंकड़े (त बनाम न) का सूक्ष्म अंतर है। |
| आर्थिक ढांचा | ‘आ’ का स्वर (प्रथम स्थान), ‘र-थ-क’ और ‘ढ’ के साथ ‘च’। | ‘ढांचा’ के लिए ‘ढ’ को काटकर ‘च’ के साथ संयुक्त करें। |
| रिपोर्ट | ‘र’ की अधोमुखी रेखा, ‘प’ और पुनः ‘र’ (र-प-र)। | महत्वपूर्ण: इसमें ‘ट’ बनाने की आवश्यकता नहीं है, ‘र-प-र’ ही रिपोर्ट पढ़ा जाता है। |
| निर्धारित | ‘न’ में ‘र’ का हुक, ‘ध’ और ‘र’ के साथ ‘त’ का हुक। | ‘ध’ को बीच से काटें और ‘त’ के आंकड़े को छोटा और स्पष्ट रखें। |
| कृषि उद्योग | ‘क’ में ‘र’ हुक, ‘ष’ का वृत्त और ‘उ’ का स्वर, ‘द’, ‘य’, ‘ग’। | ‘उद्योग’ के लिए ‘द’ और ‘ग’ के बीच ‘य’ का हल्का लोप किया जा सकता है। |
| समय-समय पर | ‘स’ वृत्त के साथ ‘म’ को दो बार लिखकर ‘पर’ के लिए ‘प-र’ हुक। | ‘समय’ लिखकर उसके पास ‘एस’ (S) जैसा चिन्ह बनाकर ‘पर’ जोड़ें। |
| जाएगा | शब्द के अंत में ‘ज’, ‘य’ का आंकड़ा और ‘ग’। | ‘ज’ को गहरा करें और ‘ग’ को उसके प्रवाह में आगे बढ़ाएं। |
तकनीकी विस्तार (Deep Dive into Rules)
1. ‘ग’ से काटने का नियम (The ‘G’ Intersection Rule): स्टेनोग्राफी में जब भी ‘आयोग’ शब्द किसी संस्था के नाम के बाद आता है, तो हम पूरे ‘आयोग’ शब्द को लिखने के बजाय पूर्ववर्ती शब्द को ‘ग’ व्यंजन से काट देते हैं। जैसे ‘योजना आयोग’ में ‘योजना’ लिखकर ‘ग’ से काटने पर वह स्वतः ‘आयोग’ पढ़ा जाएगा। यह नियम आपकी गति को 10-15 WPM तक बढ़ा सकता है।
2. अर्द्धीकरण का सिद्धांत (Halving Principle): ‘अध्यक्ष’ जैसे शब्दों में जब हम ‘ध’ को आधा करते हैं, तो उसमें ‘त’ या ‘द’ की ध्वनि स्वतः जुड़ जाती है। इससे आउटलाइन छोटी और प्रभावी बनती है।
3. ‘र-प-र’ नियम (The Report Shortcut): अक्सर छात्र ‘रिपोर्ट’ लिखने के लिए ‘ट’ के पीछे भागते हैं, जिससे पेंसिल का प्रवाह रुक जाता है। एक अनुभवी स्टेनोग्राफर जानता है कि ‘र’ और ‘प’ के साथ एक और ‘र’ का हल्का संकेत देने से वह शब्द ‘रिपोर्ट’ बन जाता है, क्योंकि प्रशासनिक संदर्भों में ‘रपर’ जैसा कोई अन्य शब्द प्रचलित नहीं है।
2. वाक्यांश निर्माण की तकनीक (Techniques for Phrase Building)
वाक्यांश (Phrasing) शॉर्टहैंड की आत्मा है। जब आप दो या तीन शब्दों को एक ही प्रवाह में लिखते हैं, तो आप न केवल समय बचाते हैं, बल्कि अपनी एकाग्रता को भी बनाए रखते हैं।
“मैं समझता हूं कि” का विश्लेषण
यह वाक्यांश हर दूसरे डिक्टेशन में आता है। इसे बनाने की विधि इस प्रकार है:
- म (Main): लाइन के ऊपर ‘म’ व्यंजन।
- स-म (Samajh): ‘स’ का छोटा वृत्त और ‘म’ को जोड़ें।
- झ-त (jh-ta): यहाँ ‘झ’ का लोप किया जाता है और ‘त’ का हुक लगाया जाता है।
- ह-कि (h-ki): ‘ह’ के छोटे वृत्त को ‘क’ की छोटी रेखा (कि) के साथ जोड़ दिया जाता है। यह पूरी आकृति एक लहर की तरह बनती है, जिसमें पेंसिल एक बार भी नहीं उठती।
“के बारे में” का विशिष्ट नियम
स्रोत सामग्री, यदि किसी शब्द के बाद ‘के बारे में’ आता है, तो उस शब्द के ठीक ऊपर या पास में ‘म’ व्यंजन लिख देने से उसे ‘के बारे में’ पढ़ा जाता है।
- उदाहरण: “कृषि उद्योग के बारे में” लिखने के लिए ‘कृषि उद्योग’ की आउटलाइन के ऊपर एक छोटा ‘म’ बना दें।
“जाएगा” का संयुक्त प्रयोग
जब भी क्रिया के अंत में ‘जाएगा’ आए, तो ‘ज’ व्यंजन को ‘य’ के आंकड़े और ‘ग’ के साथ जोड़ें। यदि इसे शब्द के साथ काट कर लिखा जाए, तो यह और भी तीव्र हो जाता है।
जटिल वाक्यांशों का सरलीकरण
- सहमति प्रदान की है: ‘सह’ का प्रतीक (बड़ा वृत्त), ‘म’, ‘त’ का हुक और ‘प्रदान’ के लिए ‘प-र’ हुक को जोड़ें। अंत में ‘है’ के लिए एक छोटा सा टिक (Tick) लगाएं।
- दृष्टि में रखते हुए: ‘द’ में ‘र’ हुक और ‘ष्ट’ का चाप (Loop) लगाकर ‘र’ (रखते) और ‘ह’ (हुए) को जोड़ें। ‘में’ का लोप किया जा सकता है क्योंकि वह संदर्भ से स्पष्ट हो जाता है।
3. प्रशासनिक एवं आर्थिक शब्दावली का महत्व
संसदीय डिक्टेशन में पंचवर्षीय योजना जैसे विषय अत्यंत सामान्य हैं। एक स्टेनोग्राफर के लिए केवल आउटलाइन रटना पर्याप्त नहीं है; उसे विषय की पृष्ठभूमि भी समझनी चाहिए।
प्रशासनिक शब्दावली का महत्व क्यों है?
- पुनरावृत्ति (Repetition): ‘आर्थिक ढांचे’, ‘निर्धारित राशि’ और ‘कार्यान्वयन’ जैसे शब्द तकनीकी शब्द हैं जो हर बजट सत्र या विकास संबंधी चर्चा में आते हैं।
- संदर्भ की समझ: यदि आप जानते हैं कि डिक्टेशन ‘कृषि’ पर आधारित है, तो आप ‘अनुमान’, ‘निर्धारित’ और ‘अधिकारी’ जैसे शब्दों की आउटलाइन को उनके संदर्भ के अनुसार तेजी से पहचान सकते हैं।
- शुद्ध वर्तनी: स्टेनोग्राफी में आउटलाइन लिखने के बाद उसका हिंदी अनुवाद (Transcription) सबसे चुनौतीपूर्ण होता है। प्रशासनिक शब्दों का निरंतर अभ्यास आपकी हिंदी वर्तनी (Spelling) को भी सुधारता है।
कार्यान्वयन का जमीनी पक्ष: डिक्टेशन में अक्सर अधिकारी और जनता के बीच के अंतर की चर्चा होती है। एक स्टेनोग्राफर के रूप में, जब आप ‘देहात’ या ‘किसान’ जैसे शब्दों को लिखते हैं, तो आपको यह समझना चाहिए कि ‘अधिकारियों’ द्वारा बनाई गई योजनाएं और ‘जमीन स्तर’ की वास्तविकता के बीच जो खाई है, वही इस डिक्टेशन का मुख्य भाव है। यह “Contextual Understanding” आपको डिक्टेशन के दौरान अगले शब्द का अनुमान लगाने में मदद करती है।
4. अभ्यास गद्यांश: डिक्टेशन हेतु सामग्री (Practice Passage)
नीचे दिए गए गद्यांश को पहले ध्यान से पढ़ें, फिर इसे 60, 80 और 100 WPM की गति पर लिखने का प्रयास करें।
गद्यांश: “अध्यक्ष महोदय, सदन में माननीय सदस्य ने जो प्रस्ताव रखा है, उसका मैं समर्थन करता हूं। योजना आयोग ने नई पंचवर्षीय योजना बनाई और संसद ने भी उसे अपनी सहमति प्रदान की है। इस पर आज की नई परिस्थिति में विचार होना जरूरी है। आप जानते हैं कि विदेशों में पिछले कुछ महीनों से सभी चीजों की कीमतें बढ़ रही हैं। इस पंचवर्षीय योजना के लिए जो राशि निर्धारित की गई है, वह पुरानी कीमतों और पुराने आर्थिक ढांचे पर आधारित है। यदि महंगाई इसी तरह से बढ़ती रही, तो इस योजना को कार्यान्वित करना बहुत ही कठिन हो जाएगा। इसलिए इस पर अभी और भी विचार करना बहुत जरूरी है। मैं समझता हूं कि यदि कीमतों का ध्यान रखा जाए, तो योजना का जो अनुमान लगाया गया है, वह बहुत कम पड़ेगा। पिछली चार योजनाएं बीत चुकी हैं। उनके बारे में मैं कुछ बातें आपके सामने रखना चाहता हूं ताकि अगली योजना में उन बातों को दृष्टि में रखते हुए उसे सफल बनाया जा सके। अधिकारी या नेता जब योजनाएं बनाएं, तो जनता के हितों का ध्यान अवश्य रखें। अक्सर देखा गया है कि वे अपने अनुसार ही योजनाएं बनाते हैं। योजना आयोग की रिपोर्ट में बहुत से दोष पाए गए हैं। मैंने सदन का ध्यान भी समय-समय पर इस ओर आकर्षित किया है। मैं देहात का रहने वाला हूं और किसान के घर पैदा हुआ हूं। मुझे कृषि उद्योग के बारे में काफी जानकारी है। योजनाओं को कार्यान्वयन करने का काम अधिकारियों पर छोड़ा जाता है। वे जैसा चाहते हैं वैसा करते हैं। उन्हें खेती का बहुत कम ज्ञान होता है। इस कारण सरकार किसानों की मदद करना चाहे तो भी नहीं कर पाती।”
अभ्यास निर्देश:
- इस गद्यांश को कम से कम 10 बार लिखें।
- प्रत्येक कठिन शब्द (जैसे: कार्यान्वयन, परिस्थिति, निर्धारित) की 5-5 लाइन अलग से प्रैक्टिस करें।
- लिखते समय शब्दों को मन में दोहराएं (Vocalizing while writing) ताकि हाथ और मस्तिष्क का समन्वय बना रहे।
5. स्टेनो सीखने के व्यावहारिक सुझाव (Practical Tips for Steno Students)
- आउटलाइन की बनावट: शॉर्टहैंड में ‘हल्की’ और ‘गहरी’ रेखाओं का बहुत महत्व है। ‘प’ हल्का होता है जबकि ‘ब’ गहरा। इसी प्रकार ‘क’ हल्का और ‘ग’ गहरा। पेंसिल पर दबाव का नियंत्रण ही आपकी लिखावट को पठनीय बनाता है।
- आंकड़ों (Hooks) का सही प्रयोग: ‘न’ और ‘त’ के आंकड़ों को कभी भी मिलाए नहीं। ‘त’ का आंकड़ा छोटा और अंत में मुड़ा हुआ होता है, जबकि ‘न’ का आंकड़ा थोड़ा अधिक गहरा और स्पष्ट होना चाहिए।
- बहुवचन के लिए बिंदी: ‘कीमतों’, ‘चीजों’ और ‘हितों’ जैसे शब्दों में अंत में एक छोटी बिंदी (Dot) लगाना न भूलें। यह बिंदी ‘ओ’ की मात्रा को दर्शाती है और अनुवाद के समय एकवचन-बहुवचन की गलती से बचाती है।
- संसाधनों का उपयोग: हमारे टेलीग्राम चैनल से इस लेक्चर की विस्तृत पीडीएफ डाउनलोड करें। उसमें प्रत्येक शब्द की हाथ से बनी आउटलाइन दी गई है, जो आपको पेंसिल के सही कोण (Angle) को समझने में मदद करेगी।
- ज्ञान और स्टेनो का संबंध: जैसा कि गद्यांश में कहा गया है, अधिकारियों को ‘खेती’ का ज्ञान नहीं होता। एक स्टेनोग्राफर के रूप में आपको हर विषय (कृषि, कानून, रक्षा, विज्ञान) का थोड़ा-बहुत ज्ञान होना चाहिए ताकि आप शब्दों को पहचान सकें।
नीचे दिए गए वाक्यों को शॉर्टहैंड में अनुवाद करें। यह आपकी परीक्षा के स्तर की तैयारी की जांच करेगा:
- योजना आयोग ने नई पंचवर्षीय योजना को स्वीकृति प्रदान की है।
- माननीय सदस्य ने सदन में रिपोर्ट पेश करने का सुझाव दिया।
- आर्थिक ढांचे में परिवर्तन के बिना महंगाई पर नियंत्रण असंभव है।
- मैं समझता हूं कि अधिकारियों को देहात की स्थिति का ज्ञान होना चाहिए।
- कृषि उद्योग के बारे में समय-समय पर विचार करना बहुत जरूरी है।
- इस निर्धारित राशि को कार्यान्वित करना कठिन हो जाएगा।
- पिछली योजनाओं में बहुत से दोष पाए गए थे।
- सरकार किसानों के हितों की रक्षा करना चाहती है।
- वह पुराने आर्थिक ढांचे पर आधारित एक विस्तृत रिपोर्ट है।
- योजना आयोग की रिपोर्ट में जो अनुमान लगाया गया है, वह वास्तविकता से दूर है।
चुनौती: इन 10 वाक्यों को बिना रुके 2 मिनट के भीतर लिखने का प्रयास करें।
Day 38 (LEC 38) – मंत्री पदों के शब्द चिन्ह और अभ्यास 9 का पूर्ण विश्लेषण
आज के इस व्यापक विश्लेषण में, हम न केवल संसदीय कार्यप्रणाली में उपयोग होने वाले महत्वपूर्ण मंत्री पदों के विशिष्ट संकेतों को समझेंगे, बल्कि अभ्यास 9 के माध्यम से बजट भाषण जैसे जटिल विषयों का डिक्टेशन अभ्यास भी करेंगे। एक मास्टर इंस्ट्रक्टर के नाते, मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि यदि आप आज बताए गए ‘वाक्यांशों’ (Vakyansh) और ‘मंत्री प्रत्यय’ के नियमों को समझ लेते हैं, तो आपकी लेखन गति में कम से कम 10-15 शब्द प्रति मिनट (WPM) की वृद्धि तत्काल होगी।
शॉर्टहैंड में सफलता का रहस्य केवल हाथ चलाने में नहीं, बल्कि मस्तिष्क में आउटलाइन की स्पष्ट छवि बनाने में है। नियमित अभ्यास और डिक्टेशन के लिए आप हमारे विशेषज्ञ संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं। अपनी टाइपिंग शुद्धता और गति की जांच के लिए Typing Master Pro पर लॉग इन करना न भूलें, जो आपकी तैयारी को पूर्णता प्रदान करेगा।
1. मंत्री पद और उनके विशिष्ट शब्द चिन्ह (Ministerial Designations & Shorthand Outlines)
जब हम SSC (Stenographer Grade C & D), विधानसभा या किसी भी सरकारी मंत्रालय की परीक्षा देते हैं, तो डिक्टेशन में “मंत्री” शब्द बार-बार आता है। यदि आप ‘मंत्री’ को सामान्य तरीके से (म + न + त + र + ई) लिखेंगे, तो आप कभी भी 80 या 100 WPM की गति प्राप्त नहीं कर पाएंगे। इसके लिए हमें ‘प्रत्यय’ (Suffix) के सिद्धांत का उपयोग करना होगा।
“मंत्री” प्रत्यय का नियम (The “Mantri” Suffix Rule)
ऋषि और मानक प्रणाली के अनुसार, ‘मंत्री’ शब्द के लिए एक विशिष्ट संक्षिप्त संकेत निर्धारित है। इसमें ‘म-र-ई’ (m-r-i) का एक छोटा लूप या संकेत उपयोग किया जाता है। इसकी बनावट ऐसी होती है कि यह पिछले शब्द के अंत में बिना पेंसिल उठाए जुड़ जाता है।
बनावट की विधि: पेंसिल को ‘म’ के वक्र (Curve) के साथ शुरू करें और अंत में एक छोटा ‘र’ का हुक देते हुए ऊपर की ओर ‘ई’ की मात्रा के लिए एक छोटी टिक निकाल दें। इसे ही हम ‘मंत्री’ का शब्द-चिन्ह कहते हैं।
प्रमुख मंत्री पदों की आउटलाइन का विस्तृत विश्लेषण
| पद का नाम | आउटलाइन बनाने की विधि (Technical Description) | मास्टर टिप (Expert Insight) |
| प्रधानमंत्री | ‘प’ के स्ट्रोक में ‘र’ का प्रारंभिक आंकड़ा लगाएं और बिना पेंसिल उठाए अंत में ‘म-र-ई’ का लूप जोड़ें। | ‘प-र’ को लाइन के ऊपर रखें क्योंकि इसमें ‘आ’ का स्वर है। |
| वित्त मंत्री | ‘व’ का प्रारंभिक आंकड़ा ‘त’ के साथ जोड़ें (Vitt) और फिर ‘म-र-ई’ का लूप लगाएं। | ‘व’ के आंकड़े को छोटा और स्पष्ट रखें ताकि वह ‘ब’ न लगे। |
| शिक्षा मंत्री | ‘श’ का वक्र और ‘क’ का स्ट्रोक लिखें, फिर नीचे की दिशा में ‘मंत्री’ जोड़ें। | ‘श’ को लाइन काटकर लिखें क्योंकि इसमें ‘इ’ की मात्रा है। |
| मुख्य मंत्री | ‘म’ के संकेत को थोड़ा लंबा खींचकर उसमें ‘मंत्री’ का संकेत संयोजित करें। | ‘म’ को लाइन पर रखें; यह ‘मुख्य’ का प्रतिनिधित्व करता है। |
| रक्षा मंत्री | ‘र’ (ऊपर जाने वाला) और ‘क्ष’ का मेल करें, फिर ‘मंत्री’ जोड़ें। | ‘क्ष’ को काटते हुए ‘मंत्री’ जोड़ने से गति और बढ़ती है। |
| गृह मंत्री | ‘ग-र’ का आंकड़ा, फिर ‘ह’ का एक मोटा और बड़ा वृत्त (Hook) + ‘मंत्री’। | ‘ह’ के वृत्त को सामान्य से बड़ा रखना अनिवार्य है ताकि यह ‘गर्म’ न पढ़ा जाए। |
विशेष शिक्षण बिंदु: ‘गृह मंत्री’ लिखते समय ध्यान दें कि ‘ह’ का गोला बड़ा और गहरा (Thick) होना चाहिए। यह सूक्ष्म अंतर ही एक औसत छात्र और एक एक्सपर्ट स्टेनोग्राफर के बीच का अंतर होता है। इसे बार-बार अभ्यास करें क्योंकि ‘गृह’ और ‘गृह मंत्री’ गृह मंत्रालय की डिक्टेशन में सबसे अधिक आने वाले शब्द हैं।
2. वाक्यांशों का संक्षिप्तीकरण (Mastering Phraseography/Vakyansh)
वाक्यांश लेखन (Phraseography) वह कला है जहाँ हम पेंसिल को बार-बार उठाए बिना शब्दों के समूह को एक प्रवाह में लिखते हैं। डिक्टेशन के दौरान पेंसिल उठाना समय की बर्बादी है। नीचे दिए गए वाक्यांशों को ध्यान से समझें:
1. ‘के लिए’ (For) का संयोजन
पुराने नियमों में ‘के’ और ‘लिए’ को अलग लिखा जाता था। लेकिन ‘के’ की दिशा (जो दाईं ओर जाती है) से ही ‘ल’ के आंकड़े को नीचे की ओर मोड़ दें।
- विधि: ‘क’ का छोटा संकेत + ‘ल’ का अधोमुखी (Downward) स्ट्रोक। यह ‘के लिए’ का एक मानक वाक्यांश है।
2. ‘है कि’ (That is) की टिक विधि
यह वाक्यांश हर दूसरी लाइन में आता है। इसके लिए ‘है’ का जो वृत्त (Circle) आप अंत में बनाते हैं, उसे बंद करने के बजाय एक छोटी टिक (Tick) के रूप में बाहर निकाल दें। यह छोटी टिक ‘कि’ का प्रतिनिधित्व करती है।
- सावधानी: टिक की लंबाई बहुत अधिक न हो, अन्यथा वह ‘है को’ पढ़ा जा सकता है।
3. ‘के संबंध में’ (In relation to) का प्लेसमेंट
यह एक ‘जॉइनिंग’ नहीं बल्कि ‘प्लेसमेंट’ नियम है। यदि आपको लिखना है “बजट के संबंध में”, तो पहले ‘बजट’ लिखें और उसके ठीक नीचे ‘स-म-ब-ध’ (संबंध) का शब्द-चिन्ह बना दें।
- तर्क: शब्द के नीचे ‘संबंध’ का होना स्वतः ही ‘के संबंध में’ का अर्थ देता है। इससे आपको ‘के’ और ‘में’ लिखने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
4. ‘वास्तव में’ (In reality) – ऊपर की टिक
‘वास्तव’ का शब्द-चिन्ह (व-स-त) लाइन के ऊपर बनता है। इसमें ‘में’ को जोड़ने के लिए आमतौर पर हम नीचे टिक लगाते हैं, लेकिन यहाँ गति बनाए रखने के लिए ‘में’ की टिक को ऊपर की ओर (Upward) लगाएं।
- लाभ: यह पेंसिल की दिशा को अगले शब्द के लिए तैयार रखता है।
3. महत्वपूर्ण शब्द और उनकी बारीकियां (Key Vocabulary & Nuances)
लेक्चर 38 के डिक्टेशन में कुछ ऐसे शब्द आए हैं जो आपकी परीक्षा के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं। आइए इनका पोस्टमार्टम करते हैं:
राजनीतिक क्लस्टर (The Political Cluster)
राजनीति से जुड़े शब्दों में अक्सर छात्र भ्रमित होते हैं। इसे सुलझाने का सबसे सरल तरीका “काटना” (Cutting method) है:
- राजनीति: ‘र’ और ‘ज’ लिखकर उसे ‘न’ के स्ट्रोक से काट दें।
- राजनीतिक: ‘राजनीति’ की आउटलाइन के अंत में एक छोटा ‘क’ जोड़ दें।
- राजनीतिक दल: ‘राजनीतिक’ लिखकर उसके पास या उसे ‘द-ल’ (दल) से काट दें।
- राजनीतिज्ञ: ‘राजनीति’ की आउटलाइन में ‘ज्ञ’ का चाप (Arc) जोड़ें।
बजट शब्द में ‘ब’ का आंकड़ा, ‘ज’ का स्ट्रोक और ‘त’ का आंकड़ा शामिल है। ‘ब’ का आंकड़ा छोटा और गहरा होना चाहिए। चूँकि इसमें ‘अ’ का स्वर है, इसलिए इसे लाइन के ऊपर (Above the line) बनाना चाहिए।
‘वेतन भोगी’ (Salaried) बनाम ‘वतन’
शॉर्टहैंड में ‘वेतन’ और ‘वतन’ की आउटलाइन लगभग समान होती है (व + त + न)। यहाँ वॉल प्लेसमेंट (Vowel Marker) का महत्व समझें। ‘वेतन’ में ‘ए’ की मात्रा के लिए दूसरे स्थान पर एक बिंदु लगाएं। यदि आप यह बिंदु नहीं लगाएंगे, तो अनुवाद करते समय आप “वेतन भोगी कर्मचारियों” को “वतन भोगी” पढ़ सकते हैं, जो अर्थहीन है।
बहुवचन की बिंदी (The Power of Dot)
SSC स्किल टेस्ट में सबसे अधिक गलतियाँ ‘नंबर’ (Number) में नहीं, बल्कि ‘वचन’ (Singular/Plural) में होती हैं।
- नियम: जब भी ‘सदस्यों’, ‘आशाओं’, ‘कर्मचारियों’ जैसे शब्द आएं, तो आउटलाइन के अंत में एक छोटी बिंदी अवश्य लगाएं।
- उदाहरण: ‘आशा’ के लिए ‘श’ का शब्द-चिन्ह लिखें, लेकिन ‘आशाओं’ के लिए उसके अंत में ‘ओ’ की ध्वनि दर्शाने वाली बिंदी लगाएं। यह बिंदी ही आपको फेल होने से बचाएगी।
4. अभ्यास 9: डिक्टेशन गद्यांश और विश्लेषण (Exercise 9: Dictation Text & Analysis)
भारत में आशुलिपि (Shorthand) का उपयोग ब्रिटिश काल से ही संसदीय बहसों को लिपिबद्ध करने के लिए किया जा रहा है। अभ्यास 9 का यह गद्यांश उसी परंपरा का हिस्सा है।
अभ्यास 9 का मूल पाठ (Practice Text):
“अध्यक्ष महोदय, माननीय वित्त मंत्री जी ने बजट में कर ढांचे में सुधार करने का पूरा प्रयास किया है। वेतन भोगी कर्मचारियों को कर राहत देने के लिए कुछ व्यवस्थाएं की हैं, परंतु यदि उन पर बारीकी से विचार किया जाए तो आप देखेंगे कि उसमें कर राहत के केवल सपने दिखाए गए हैं। कर्मचारियों को कर राहत मिलने की जो आशा थी, यह बजट उनकी आशाओं के अनुरूप नहीं दिखता है।”
“महोदय, अनेक सदस्यों ने इस बजट के संबंध में अपने विचार यहाँ रखे हैं। बजट पर बहस में भाग लेने वाले सदस्य सत्ता पक्ष के भी थे और विपक्ष के सदस्य भी थे। यदि इस सदन में बजट पर हुई अब तक की बहस पर ध्यान दिया जाए तो एक बात साफ है कि सदन में बहस का जो स्तर होना चाहिए, उसमें गिरावट देखी गई है।”
“देश का बजट उसके आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इस दस्तावेज पर राजनीतिक पार्टियों को आधार बनाकर राजनीति नहीं करनी चाहिए, बल्कि देश के लिए वास्तव में क्या अच्छा है और क्या बुरा है, इस पर विचार करते हुए सदस्यों को अपनी स्पष्ट राय व्यक्त करनी चाहिए।”
गद्यांश की कठिन आउटलाइन्स का विश्लेषण:
- ‘बढ़ा-चढ़ाकर’: इसमें ‘ब-ध’ लिखकर उसके तुरंत बाद ‘च-ड’ लिखें। दोनों शब्दों को करीब लिखने से ‘बढ़ा-चढ़ाकर’ पढ़ा जाता है।
- ‘सत्ता पक्ष’ और ‘विपक्ष’: ‘सत्ता’ लिखकर ‘प’ और ‘क्ष’ से काटें। ‘विपक्ष’ के लिए ‘व’ का आंकड़ा, ‘प’ और ‘क्ष’ का प्रयोग करें। यह बहुत तेज़ गति से बनने वाले शब्द हैं।
- ‘समाधान नहीं हो पाएगा’: यह एक एडवांस वाक्यांश है। ‘समाधान’ (स-म-ध-न) लिखें, फिर ‘नहीं’ जोड़ें और ‘प’ से काटकर ‘ग’ का स्ट्रोक लगा दें। पेंसिल को केवल एक बार उठाना पड़ेगा।
- ‘आर्थिक और सामाजिक’: ‘आर्थिक’ के लिए ‘र-थ’ का शब्द-चिन्ह लाइन के ऊपर। ‘सामाजिक’ के लिए ‘समाज’ का शब्द-चिन्ह लिखकर उसे ‘क’ से काट दें।
5. अभ्यास के नियम और सुधार (Rules for Practice and Improvement)
एक मास्टर इंस्ट्रक्टर के रूप में, मैंने देखा है कि छात्र आउटलाइन तो सही बना लेते हैं, लेकिन ‘लिप्यंतरण’ (Transcription) में पिछड़ जाते हैं। इसके लिए निम्नलिखित नियमों का पालन करें:
विराम चिह्नों का संकेत (Punctuation Signs)
- पूर्ण विराम (Full Stop): शॉर्टहैंड में कभी भी खड़ी पाई (।) का प्रयोग न करें, क्योंकि वह ‘ल’ या ‘र’ समझा जा सकता है। हमेशा एक छोटा ‘x’ बनाएं।
- कोमा (Comma): ‘महोदय’ या ‘अध्यक्ष महोदय’ के बाद हमेशा हल्का सा कोमा लगाएं। डिक्टेशन में वक्ता यहाँ थोड़ा रुकता है।
- पैराग्राफ: SSC और अन्य परीक्षाओं में जब वक्ता ‘महोदय’ बोले, तो समझ जाइए कि नया पैराग्राफ शुरू हो रहा है। अपनी कॉपी में बाएं हाथ से थोड़ी जगह छोड़कर लिखना शुरू करें।
संदर्भ-आधारित पठन (Contextual Reading)
कभी-कभी ‘उसका’ और ‘उसके’ की आउटलाइन एक जैसी बन जाती है। यहाँ अपनी बुद्धि का प्रयोग करें। “उसका आशाओं” गलत है, “उनकी आशाओं” सही है। वाक्य के व्याकरण (Sense) को समझना ही एक कुशल स्टेनोग्राफर की पहचान है।
6. छात्रों के लिए विशेष सुझाव (Special Tips for Aspiring Stenographers)
डे 38 पर आकर आपकी पेंसिल में वह आत्मविश्वास होना चाहिए कि आप किसी भी शब्द को देख कर उसकी आउटलाइन मन में बना सकें। यहाँ कुछ “Do’s and Don’ts” दिए गए हैं:
- पेंसिल का चुनाव: हमेशा स्टेनो वाली अप्सरा या अच्छी गुणवत्ता वाली पेंसिल का उपयोग करें। पेन का उपयोग तभी करें जब आपकी गति 80 WPM पार कर जाए। पेंसिल से हल्के और गहरे (Light/Dark) स्ट्रोक का अंतर स्पष्ट रहता है।
- पढ़ने का अभ्यास: जितना समय आप लिखने में बिताते हैं, उसका आधा समय अपनी ही लिखी शॉर्टहैंड को पढ़ने में बिताएं। यदि आप पढ़ नहीं पा रहे, तो लिखने का कोई लाभ नहीं।
- एकाग्रता: डिक्टेशन लिखते समय बाहरी दुनिया को भूल जाएं। आपका पूरा ध्यान केवल वक्ता की आवाज और पेंसिल की नोक पर होना चाहिए।

Day 39 – अभ्यास 10 और महत्वपूर्ण वाक्यांशों का गहन विश्लेषण (Lec 39)
इस कोर्स का निर्माण विशेष रूप से उन अभ्यर्थियों को ध्यान में रखकर किया गया है जो कर्मचारी चयन आयोग (SSC Steno Grade C & D), उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC), विभिन्न राज्यों के उच्च न्यायालयों (High Courts) और विधानसभा सचिवालयों की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। आज के सत्र का मुख्य उद्देश्य ‘बेसिक अभ्यास 10’ का सूक्ष्म विश्लेषण करना और हिंदी आशुलिपि के सबसे प्रभावशाली खंड, ‘वाक्यांशों’ (Phrases) की आधारशिला रखना है।
अक्सर छात्र बेसिक नियमों को तो सीख लेते हैं, लेकिन जब डिक्टेशन में ‘संसदीय शब्दावली’ आती है, तो उनकी गति रुक जाती है। आज हम उसी बाधा को दूर करेंगे। यह लेख न केवल आपको तकनीक सिखाएगा, बल्कि आपको यह भी बताएगा कि एक पेशेवर स्टेनोग्राफर की तरह शब्दों को सुनकर उन्हें मानसिक रूप से संकेतों में कैसे ढालना है।
1. हिंदी शॉर्टहैंड का विकास और महत्व (Historical Context & Importance)
आशुलिपि (Shorthand) का इतिहास उतना ही पुराना है जितना कि हमारी शासन व्यवस्था। स्टेनोग्राफी केवल एक लेखन कला नहीं है, बल्कि यह समय को संकुचित करने का एक वैज्ञानिक तरीका है। भारत में हिंदी स्टेनोग्राफी का विकास ‘ऋषि प्रणाली’, ‘मानक प्रणाली’ और ‘विशिष्ट प्रणाली’ जैसे विभिन्न माध्यमों से हुआ। आज के डिजिटल युग में भी, संसद और न्यायपालिका में आशुलिपि (Shorthand) का महत्व कम नहीं हुआ है। एक स्टेनोग्राफर वह सेतु है जो वक्ता के मुख से निकले शब्दों को इतिहास के पन्नों में दर्ज करता है।
करियर के लिहाज से देखें तो स्टेनोग्राफी एक “फास्ट ट्रैक” करियर है। जहाँ सामान्य स्नातक की डिग्री के बाद सरकारी नौकरी के लिए वर्षों तक कड़ी प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है, वहीं एक कुशल स्टेनोग्राफर, जिसके पास अच्छी Hindi Typing गति और सटीक शॉर्टहैंड ज्ञान है, वह बहुत कम समय में राजपत्रित (Gazetted) पदों तक पहुँच सकता है।
स्टेनोग्राफी सीखने के लिए धैर्य और निरंतरता की आवश्यकता होती है। जब हम ‘अभ्यास 10’ जैसे पाठों की बात करते हैं, तो हम वास्तव में प्रशासनिक शब्दावली के उस समुद्र में उतर रहे होते हैं, जहाँ ‘रेल मंत्रालय’, ‘भ्रष्टाचार’, और ‘उपाध्यक्ष महोदय’ जैसे शब्द बार-बार आएंगे। इन शब्दों पर पकड़ ही आपकी ‘स्पीड’ निर्धारित करती है।
2. LEC 39: अभ्यास 10 का गहन विश्लेषण (Thematic Analysis of Abhyas 10)
निर्देशित अभ्यास 10 केवल अक्षरों का समूह नहीं है, बल्कि यह एक जटिल डिक्टेशन का मॉडल है। इस अभ्यास की मुख्य थीम ‘रेलवे बजट’ और ‘जनहित’ है। एक प्रशिक्षक के रूप में, मैं आपको इस अभ्यास की गहराई समझने की सलाह देता हूँ।
मुख्य विषयगत बिंदु:
- संसदीय संबोधन: इसमें ‘उपाध्यक्ष महोदय’, ‘अध्यक्ष महोदय’ जैसे शब्दों का प्रयोग सिखाया गया है। संसदीय कार्यवाही में इन शब्दों का महत्व इसलिए है क्योंकि ये हर वाक्य की शुरुआत में आते हैं। यदि आपकी इनकी आउटलाइन पक्की नहीं है, तो आप मुख्य डिक्टेशन में पिछड़ जाएंगे।
- तुलनात्मक विश्लेषण: डिक्टेशन में पिछली सरकार की विफलताओं और वर्तमान सरकार के सुधारों की तुलना की गई है। यह छात्रों को विपरीतार्थक (Opposites) और तुलनात्मक वाक्यांशों को लिखने का अभ्यास कराता है।
- संकट प्रबंधन: सूखे के दौरान रेलवे की भूमिका और विशेष रूप से बिहार में पानी पहुँचाने का प्रसंग यह दर्शाता है कि कैसे ‘विशिष्ट संज्ञाओं’ (Proper Nouns) को तेजी से लिखा जाए।
- प्रशासनिक चुनौतियां: भ्रष्टाचार और मंत्रालयों के कामकाज पर चर्चा छात्रों को कठिन और संयुक्त व्यंजनों वाले शब्दों से परिचित कराती है।
3. महत्वपूर्ण शब्द और उनकी आउटलाइन (Key Words and Shorthand Outlines)
यहाँ हम अभ्यास 10 के सबसे महत्वपूर्ण शब्दों का विवरण दे रहे हैं। ये आउटलाइन्स विशिष्ट तकनीक पर आधारित हैं जो परीक्षा में गति बढ़ाने के लिए जादुई साबित होती हैं।
| शब्द | शॉर्टहैंड नियम/संकेत | लिखने का तरीका | सामान्य गलतियाँ (Common Errors) |
| उपाध्यक्ष महोदय | प-द + महोदय | ‘प’ और ‘द’ का संक्षिप्त रूप बनाकर अंत में ‘महोदय’ का शब्द चिन्ह जोड़ें। | छात्र अक्सर इसमें ‘उ’ का स्वर लगाने में समय बर्बाद करते हैं, जो जरूरी नहीं है। |
| अध्यक्ष महोदय | प-द + महोदय (Shortcut) | इसे ‘प’, ‘द’ और महोदय के हुक से ही पहचानें। | इसे ‘उपाध्यक्ष’ से भ्रमित करना। अभ्यास से दोनों का अंतर स्पष्ट रखें। |
| सभापति महोदय | स-भ-प-त + महोदय | ‘स’ का आंकड़ा, ‘भ’ की रेखा, ‘प’ और ‘त’ का हुक लगाकर ‘महोदय’ जोड़ें। | ‘स’ के गोले को बहुत बड़ा बना देना, जिससे वह ‘स्व’ जैसा लगने लगता है। |
| आभारी हूं | आ + भ + र + हूं | ‘आ’ का डैश, ‘भ’ में ‘र’ का आंकड़ा और अंत में ‘हूं’ का वृत्त। | ‘हूं’ को अलग से लिखना। इसे हमेशा मुख्य शब्द के साथ जोड़कर लिखें। |
| निवेदन करना चाहता हूं | न-व-द-न + वाक्यांश | ‘न’, ‘व’, ‘द’, ‘न’ के बाद ‘चाहता हूं’ के चाप को एक साथ प्रवाहित करें। | ‘निवेदन’ और ‘चाहता’ के बीच पेंसिल उठाना। यह एक प्रवाह में होना चाहिए। |
| रेल मंत्रालय | र-ल + म (दोगुना) | ‘रेल’ लिखकर ‘म’ व्यंजन को ‘तर/दर’ नियम के तहत दोगुना करें और ‘लय’ जोड़ें। | ‘मंत्रालय’ को पूरा लिखना। दोगुना करने का नियम यहाँ अनिवार्य है। |
| परिस्थितियां | प-र-स-थ-त + बिंदी | ‘परिस्थिति’ लिखकर अंत में बहुवचन के लिए बिंदी (Dot) लगाएं। | बिंदी न लगाना, जिससे अनुवाद में ‘परिस्थिति’ (एकवचन) पढ़ा जाता है। |
| भ्रष्टाचार | भ-र + स-ट + चार | ‘भ’ में ‘र’ का आंकड़ा, ‘स-ट’ का चाप और ‘चार’ का प्रत्यय। | ‘स-ट’ के चाप को स्पष्ट न बनाना, जिससे वह ‘स’ का आंकड़ा लगने लगता है। |
| धन्यवाद | ध-न + बाद | ‘ध’ और ‘न’ के साथ ‘बाद’ का प्रत्यय (Permanent Outline)। | ‘य’ का हुक लगाने की कोशिश करना, जो गति धीमी करता है। |
| स्वागत योग्य कदम | स्व + गत + य + कदम | ‘स्व’ का बड़ा गोला, ‘गत’, ‘योग्य’ का ‘य’ और ‘कदम’ को जोड़कर लिखें। | तीनों शब्दों को अलग-अलग लिखना। यह एक मानक वाक्यांश है। |
4. नियमों का स्पष्टीकरण: ‘तर/दर/धर’ का प्रयोग (Detailed Rule Explanation)
स्टेनोग्राफी में गति (Speed) बढ़ाने का सबसे बड़ा रहस्य है, व्यंजनों को दोगुना करने का नियम (Doubling Principle)। अभ्यास 10 में इसका बेहतरीन उदाहरण ‘मंत्रालय’ शब्द में मिलता है।
नियम क्या है? जब किसी व्यंजन रेखा को उसकी सामान्य लंबाई (जो लगभग 1/6 इंच होती है) से दोगुना कर दिया जाता है, तो उस व्यंजन के बाद स्वतः ही ‘तर’, ‘दर’, ‘धर’ या ‘टर’ का उच्चारण जुड़ जाता है।
- उदाहरण 1: मंत्रालय (Mantralaya) ‘म’ को सामान्य से बड़ा लिखने पर वह ‘मत्र’ (M+Tar) बन जाता है। इसमें ‘लय’ का आंकड़ा जोड़ने पर यह ‘मंत्रालय’ बन जाता है। यदि आप इसे पूरा लिखेंगे (म + न + त + र + ल + य), तो आपको 3 सेकंड लगेंगे, लेकिन दोगुना करने के नियम से यह मात्र 0.5 सेकंड में बन जाएगा।
- उदाहरण 2: भ्रष्टाचार (Bhrashtachar) यहाँ ‘भ’ में ‘र’ का आंकड़ा (भ्र) लगाने के बाद, ‘स-ट’ के चाप का प्रयोग होता है। ‘चार’ के लिए अंत में एक विशिष्ट गति का उपयोग किया जाता है। आगे के पाठों में आप सीखेंगे कि कैसे ‘चार’ को केवल एक कट से भी दर्शाया जा सकता है, लेकिन अभी आपको पूर्ण आउटलाइन का अभ्यास करना चाहिए।
- उदाहरण 3: निवेदन करना चाहता हूं कि यहाँ ‘न’ हुक का प्रयोग ‘निवेदन’ के लिए किया गया है। ‘चाहता हूं कि’ एक ऐसा वाक्यांश है जहाँ ‘ह’ के गोले के साथ ‘क’ की छोटी रेखा जोड़कर ‘कि’ को समाहित किया जाता है। यह तकनीक पेंसिल को कागज से उठाने की जरूरत को खत्म कर देती है।
छात्रों, ध्यान दें! दोगुना करने के नियम का अभ्यास करते समय इस बात का ध्यान रखें कि रेखा की लंबाई बहुत ज्यादा भी न हो जाए कि वह अगले शब्द की लाइन में घुस जाए। नियंत्रण ही सफलता की कुंजी है।
5. डिक्टेशन सारांश: रेलवे और जनहित (Contextual Dictation Summary)
अभ्यास 10 का डिक्टेशन एक अत्यंत भावनात्मक और प्रशासनिक भाषण है, जो रेलवे की महत्ता को रेखांकित करता है। इसका विस्तार से विश्लेषण नीचे दिया गया है (लगभग 550 शब्द):
भाषण का प्रारंभ वक्ता द्वारा ‘उपाध्यक्ष महोदय’ के प्रति आभार व्यक्त करने से होता है। वक्ता इस बात के लिए कृतज्ञ है कि उन्हें एक ऐसे विषय पर बोलने का अवसर मिला जो देश की धमनियों के समान है, भारतीय रेलवे। वक्ता सदन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हैं कि जब वर्तमान रेल मंत्री ने इस महत्वपूर्ण मंत्रालय का कार्यभार संभाला, तब विरासत में उन्हें केवल अव्यवस्था और बदहाली मिली थी। पिछली सरकार की नीतियों ने रेलवे को एक ऐसे चौराहे पर खड़ा कर दिया था जहाँ से आगे का रास्ता केवल घाटे और असुरक्षा की ओर जाता था। तत्कालीन परिस्थितियां इतनी विकट थीं कि रेलवे की साख आम जनता की नजरों में गिर चुकी थी।
वक्ता विस्तार से बताते हैं कि पिछली सरकार ने मंत्रालय के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया था। लेकिन, विपरीत धाराओं में तैरते हुए वर्तमान रेल मंत्री ने जिस साहस और सूझबूझ का परिचय दिया है, वह ऐतिहासिक है। उन्होंने न केवल रेलवे की व्यवस्था में आमूल-चूल सुधार किए, बल्कि प्रशासन में जवाबदेही भी तय की। इसके लिए वक्ता उन्हें सदन के माध्यम से बधाई देते हैं।
भाषण का सबसे महत्वपूर्ण और मार्मिक हिस्सा वह है जहाँ देश में आए भीषण सूखे का उल्लेख किया गया है। वक्ता कहते हैं कि जब देश का एक बड़ा हिस्सा पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा था और नागरिक अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब भारतीय रेलवे ने एक ‘देवदूत’ की भूमिका निभाई। विशेष रूप से बिहार के उन सुदूरवर्ती और पिछड़े क्षेत्रों का जिक्र किया गया है जहाँ पानी का भारी अभाव (Shortage) हो गया था। ऐसी विकट परिस्थिति में रेलवे ने ‘वाटर स्पेशल’ ट्रेनें चलाकर लाखों लोगों की प्यास बुझाई। यह केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं था, बल्कि मानवता की सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण था। जनता के मन में रेलवे के प्रति जो संतुष्टि और राहत का भाव उस समय पैदा हुआ, वह शब्दों में बयान करना कठिन है।
इसके बाद, वक्ता रेल बजट की सराहना करते हुए इसे ‘आम जनता का बजट’ करार देते हैं। वह तर्क देते हैं कि बढ़ती हुई महंगाई के इस दौर में, जहाँ हर वस्तु की कीमतें आसमान छू रही हैं, रेल मंत्री ने यात्रियों पर अतिरिक्त किराए का बोझ न डालकर एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। इस बजट की व्यवस्थाएं ऐसी हैं जो समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी राहत प्रदान करती हैं। यही कारण है कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक इस बजट का तहे दिल से स्वागत किया जा रहा है। वक्ता इसे एक ‘स्वागत योग्य कदम’ कहते हुए इस बात पर बल देते हैं कि रेलवे केवल माल ढोने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह करोड़ों भारतीयों की उम्मीदों का वाहक है। अंत में, भ्रष्टाचार के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की अपील के साथ यह भाषण समाप्त होता है, जो यह संदेश देता है कि सुधार की प्रक्रिया निरंतर जारी रहनी चाहिए।
6. भ्रष्टाचार उन्मूलन और सरकारी कार्यप्रणाली (Analysis on Corruption and Administration)
अभ्यास 10 का एक बड़ा और गंभीर हिस्सा ‘भ्रष्टाचार’ (Corruption) पर केंद्रित है। एक स्टेनोग्राफर के लिए केवल शब्द लिखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शब्द के पीछे के भाव को समझना भी जरूरी है।
भ्रष्टाचार शब्द की तकनीकी व्याख्या: स्टेनोग्राफी में ‘भ्रष्टाचार’ जैसे भारी शब्दों को अक्सर छात्र ‘हड़बड़ी’ में गलत लिख देते हैं।
- संकेत की स्पष्टता: ‘भ’ में ‘र’ का आंकड़ा स्पष्ट होना चाहिए ताकि वह ‘ब’ न पढ़ा जाए। ‘स-ट’ का चाप (Loop) इतना सटीक हो कि वह ‘स’ के गोले से अलग दिखे।
- भ्रष्टाचार एक बाधा के रूप में: डिक्टेशन में कहा गया है कि जब तक मंत्रालयों और विभागों से भ्रष्टाचार नहीं मिटेगा, देश का विकास संभव नहीं है। यहाँ ‘भ्रष्टाचार’ के साथ ‘मिटाने’, ‘समाप्त करने’ या ‘फैले हुए’ जैसे शब्द अक्सर जुड़कर आते हैं। छात्रों को इन वाक्यांशों को एक साथ लिखने का अभ्यास करना चाहिए।
- निर्णय लेने की गति: डिक्टेशन में ‘निर्णय लिया गया है’ वाक्यांश आता है। जब आप भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की बात लिखते हैं, तो आपकी पेंसिल की गति में एक दृढ़ता होनी चाहिए।
प्रशासनिक दृष्टिकोण से, एक स्टेनोग्राफर को यह समझना चाहिए कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की कार्यवाही को दर्ज करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। यदि आपने ‘समाप्त’ की जगह ‘सम्मत’ पढ़ लिया, तो पूरे सरकारी दस्तावेज का अर्थ बदल सकता है। इसलिए, शुद्धता (Accuracy) पर विशेष ध्यान दें।
7. अभ्यास की रणनीति और टिप्स (Practice Strategy & Tips)
अभ्यास 10 में दक्षता हासिल करने के लिए इन चरणों का पालन करें:
- कठिन शब्द सत्र (Hard Word Session): डिक्टेशन शुरू करने से पहले, ‘परिस्थितियां’, ‘मंत्रालय’, ‘भ्रष्टाचार’, ‘स्वागत योग्य’ और ‘अध्यक्ष महोदय’ जैसे शब्दों को कम से कम 10-10 बार लिखें।
- गति का क्रमिक विकास (Speed Progression):
- पहले इस अभ्यास को 40-50 शब्द प्रति मिनट (WPM) पर लिखें।
- जब आप 100% शुद्धता हासिल कर लें, तो इसे 60 WPM और फिर 80 WPM पर ले जाएं।
- ट्रांसक्रिप्शन (Transcription): शॉर्टहैंड में लिखने के बाद उसे अपनी मातृभाषा (हिंदी) में अनुवाद जरूर करें। अक्सर छात्र शॉर्टहैंड तो लिख लेते हैं, लेकिन उसे पढ़ नहीं पाते। असली परीक्षा पढ़ने (Reading) की ही है।
- पेंसिल और ग्रिप: अपनी पेंसिल को बहुत जोर से न पकड़ें। ‘भ्रष्टाचार’ और ‘मंत्रालय’ जैसे लंबे शब्दों के लिए हाथ का लचीला होना जरूरी है।
8. निष्कर्ष और आगामी पाठ (Conclusion & Future Outlook)
Day 39 (Lec 39) का यह सफर हमें बेसिक स्टेनोग्राफी से एडवांस लेवल की ओर ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। ‘अभ्यास 10’ के माध्यम से आपने न केवल शब्दों को जोड़ना सीखा, बल्कि आपने यह भी जाना कि कैसे एक जटिल सरकारी भाषण को गति और सटीकता के साथ कागज पर उतारा जाता है।
याद रखें, एक महान स्टेनोग्राफर रातों-रात नहीं बनता। यह आपकी उंगलियों और आपके मस्तिष्क के बीच के समन्वय का परिणाम है।
आगामी पाठ (Day 40): कल की क्लास और भी रोमांचक होने वाली है क्योंकि हम आधिकारिक तौर पर ‘वाक्यांश’ (Phrases) शुरू करेंगे। वाक्यांश वे ‘शॉर्टकट’ हैं जो आपकी मेहनत को आधा और आपकी गति को दोगुना कर देंगे। तैयार हो जाइए इस जादुई दुनिया में प्रवेश करने के लिए।
9. सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: ‘मंत्रालय’ शब्द में दोगुना करने का नियम कैसे काम करता है? उत्तर: जब हम ‘म’ व्यंजन को सामान्य लंबाई से दोगुना करते हैं, तो उसमें ‘तर’ जुड़ जाता है (म+तर = मंत्र)। इसके बाद ‘लय’ जोड़ने पर ‘मंत्रालय’ बनता है। यह ‘तर-दर-धर’ नियम का हिस्सा है।
प्रश्न 2: डिक्टेशन में बहुवचन (जैसे ‘क्षेत्रों’, ‘परिस्थितियों’) को कैसे पहचानें? उत्तर: किसी भी शब्द के अंत में एक छोटी बिंदी (Dot) लगाकर बहुवचन को दर्शाया जाता है। अभ्यास 10 में ‘परिस्थितियां’ और ‘कठिनाइयां’ जैसे शब्दों में यह नियम अनिवार्य रूप से लागू होता है।
प्रश्न 3: क्या ‘चाहता हूं कि’ को एक साथ लिखा जा सकता है? उत्तर: जी हाँ, बिल्कुल! ‘चाहता’ का शब्द चिन्ह, ‘हूं’ का वृत्त और ‘कि’ का छोटा डैश, इन तीनों को बिना पेंसिल उठाए एक साथ जोड़ा जा सकता है। इसे ‘वाक्यांश लेखन’ कहते हैं।
Day 40: हिंदी शॉर्टहैंड वाक्यांश (Phrases) – अपनी स्टेनोग्राफी की गति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं
हिंदी शॉर्टहैंड (आशुलिपि) सीखने की इस अत्यंत रोमांचक और चुनौतीपूर्ण यात्रा में आज हम 40वें दिन के एक ऐसे पड़ाव पर पहुँच चुके हैं, जिसे यदि आप पार कर लेते हैं, तो आपकी गति (Speed) में जादुई सुधार देखने को मिलेगा। आज का विषय है, वाक्यांश (Phrases)। यदि आप 80 से 100 शब्द प्रति मिनट की गति से डिक्टेशन लिखना चाहते हैं, तो वाक्यांशों पर पकड़ बनाना आपके लिए अनिवार्य है।
वाक्यांशों का महत्व और 85 दिनों का संकल्प
Day 40 का महत्व इसलिए अधिक है क्योंकि यहाँ से आपकी “पेंसिल उठाने की आवृत्ति” कम होने लगती है। जब हम वाक्यांश लिखते हैं, तो हम दो, तीन या चार शब्दों को मिलाकर एक ही रेखा (Stroke) में पिरो देते हैं। इससे समय की बचत होती है और हाथ का प्रवाह (Flow) बना रहता है। अगले 4-5 दिनों में हम वाक्यांशों के संपूर्ण सिद्धांतों को समाप्त कर लेंगे, जिसके बाद आपका मुख्य पाठ्यक्रम पूरा हो जाएगा और फिर केवल निरंतर अभ्यास का दौर चलेगा। याद रखें, वाक्यांशों का अभ्यास ही वह चाबी है जो आपकी स्टेनोग्राफी में निखार लाती है।
नियम 1: ‘त’ लोप और ‘है’ जोड़ने का विस्तृत सिद्धांत (The ‘Ta’ Omission Rule)
हिंदी आशुलिपि का सबसे क्रांतिकारी नियम ‘त’ व्यंजन का लोप (Omission) करना है। यह नियम विशेष रूप से वर्तमान अनिश्चित काल (Present Indefinite Tense) की क्रियाओं के लिए बनाया गया है।
सिद्धांत की गहराई (Logic)
जब भी किसी क्रिया के अंत में ‘ता’, ‘ते’ या ‘ती’ आता है (जैसे: खाता, पीता, जाता, सोता) और उसके तुरंत बाद ‘है’ या ‘हैं’ लगा हो, तो शॉर्टहैंड की गति बढ़ाने के लिए हम ‘त’ व्यंजन को नहीं लिखते। इसके बजाय, हम मुख्य क्रिया के व्यंजन के तुरंत बाद ‘है’ का आंकड़ा (Hook) या टिक जोड़ देते हैं। यहाँ ‘त’ को स्वतः ही पढ़ा हुआ मान लिया जाता है।
क्रियाओं के व्यक्तिगत केस स्टडी (Case Studies of Verbs)
आशुलिपि विशेषज्ञ के रूप में, आइए हम प्रत्येक क्रिया के स्ट्रोक को गहराई से समझें ताकि आपके मन में कोई संदेह न रहे:
- करता है (Karta Hai): यहाँ ‘कर’ व्यंजन (Rekha) को लाइन पर लिखें और बिना पेंसिल उठाए अंत में ‘है’ का टिक लगा दें। आपको ‘त’ बनाने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। इसे ‘करता है’ ही पढ़ा जाएगा।
- जाता है (Jata Hai): ‘ज’ व्यंजन को रेखा के ऊपर से शुरू करते हुए लाइन पर लाएं और अंत में ‘है’ जोड़ें। ‘त’ का लोप करने से यह आउटलाइन अत्यंत छोटी और तीव्र हो जाती है।
- रखता है (Rakhta Hai): ‘र’ को ऊपर से नीचे की ओर लाते हुए ‘ख’ जोड़ें और फिर सीधे ‘है’ का टिक लगाएं। ध्यान रहे कि ‘ख’ को बीच में से काटने की फुर्सत डिक्टेशन के समय नहीं मिलती, इसलिए प्रवाह पर ध्यान दें।
- चलता है (Chalta Hai): ‘च’ और ‘ल’ के प्रवाह के साथ ‘है’ जोड़ें। यहाँ ‘त’ को गायब करना आपके हाथ की गति को बाधित होने से बचाता है।
- बनता है (Banta Hai): ‘ब’ का आंकड़ा और ‘न’ व्यंजन के साथ सीधे ‘है’ जोड़ें। यह एक बहुत ही सुगम आउटलाइन बनती है।
- देखता है (Dekhta Hai): ‘द’ और ‘ख’ के मेल के बाद ‘है’ लगाएं। ‘त’ का लोप यहाँ समय की भारी बचत करता है।
- रोकता है (Rokta Hai): ‘र’ (ऊपर वाला) और ‘क’ के साथ ‘है’ का संयोजन करें। यदि आप चाहें तो स्पष्टता के लिए ‘ओ’ की मात्रा का संकेत दे सकते हैं, लेकिन अनुभवी स्टेनोग्राफर इसे बिना मात्रा के ही पढ़ लेते हैं।
- बोलता है (Bolta Hai): ‘ब’ के आंकड़े के साथ ‘ल’ और सीधे ‘है’ का टिक।
- होता है (Hota Hai): ‘ह’ के शब्द-चिह्न के साथ ‘है’ को जोड़ें। चूँकि ‘होना’ एक सामान्य क्रिया है, इसका अभ्यास बार-बार करें।
- पड़ता है (Padta Hai): ‘प’ और ‘ड़’ को लाइन पर लिखते हुए ‘है’ जोड़ें। यह वाक्यांश कानूनी और प्रशासनिक डिक्टेशन में बहुत आता है।
- तोड़ता है (Todta Hai): ‘त’ (शुरुआती) और ‘ड़’ के साथ ‘है’ का संयोजन। यहाँ पहले ‘त’ को लिखा जाएगा, लेकिन क्रिया वाला ‘ता’ लुप्त रहेगा।
- जानता है (Jaanta Hai): ‘ज’ और ‘न’ के साथ सीधे ‘है’ जोड़ें। इसे ‘जाना है’ से अलग रखने के लिए संदर्भ (Context) का ध्यान रखें।
- फेंकता है (Phenkta Hai): ‘फ’ और ‘क’ के साथ ‘है’ का संयोजन।
- देता है (Deta Hai): ‘द’ व्यंजन को लाइन पर बनाकर सीधे ‘है’ जोड़ें।
- खाता है (Khata Hai): ‘ख’ के साथ ‘है’ का टिक। इसमें ‘त’ का लोप इसे बहुत सरल बना देता है।
एकवचन, बहुवचन और स्त्रीलिंग का सूक्ष्म अंतर (Gender and Number Variations)
एक कुशल स्टेनोग्राफर वही है जो डिक्टेशन को अनुवाद करते समय व्याकरण की गलतियां न करे। इसके लिए निम्नलिखित संकेतों का उपयोग अनिवार्य है:
- स्त्रीलिंग (Feminine): यदि क्रिया ‘करती है’ या ‘जाती है’ है, तो वाक्यांश के अंत में एक बिंदी (Dot) अवश्य लगाएं। यह बिंदी ‘ई’ की मात्रा का बोध कराती है।
- बहुवचन (Plural): यदि क्रिया ‘करते हैं’ या ‘जाते हैं’ है, तो आउटलाइन के बीच में या ‘है’ के पास एक बिंदी लगाएं जो ‘हैं’ (अनुस्वार) को दर्शाती है।
- उत्तम पुरुष और ‘हूँ’ का प्रयोग: यदि वाक्यांश “करता हूँ” है, तो ‘हूँ’ के लिए एक छोटा टिक या ‘उ’ की मात्रा (U Matra) का संकेत नीचे की तरफ निकालें।
- ‘की’ का संयोजन: यदि वाक्यांश के अंत में ‘कि’ आता है (जैसे: कहता है कि), तो ‘है’ की घंडी को थोड़ा बाहर की ओर खींचकर एक छोटा टिक निकाल दें।
नियम 2: लंबाई दोगुनी करने का सिद्धांत – ‘र रहा है’ (The Doubling Principle)
स्टेनोग्राफी में दुगुनीकरण (Doubling) का नियम गति बढ़ाने का सबसे शक्तिशाली हथियार है।
नियम की व्याख्या: जब हम किसी क्रिया के व्यंजन (Vyanjan) की लंबाई को उसकी सामान्य लंबाई से दोगुना (Double length) कर देते हैं, तो उस व्यंजन में स्वतः ही ‘रहा है’, ‘रही है’ या ‘रहे हैं’ का अर्थ जुड़ जाता है।
विशेष प्रो-टिप (Hyper-Extension): स्रोत के अनुसार, दुगुनीकरण करते समय रेखा को इतना लंबा खींचें कि वह लगभग अगली लाइन के पास तक पहुँच जाए। यह “अति-विस्तार” (Hyper-extension) इसलिए आवश्यक है ताकि पढ़ते समय आप भ्रमित न हों कि यह सामान्य स्ट्रोक है या दोगुना।
उदाहरण और अभ्यास:
- कर रहा है: ‘कर’ की रेखा को सामान्य से दोगुना लंबा करें और अंत में ‘है’ जोड़ें।
- जा रहा है: ‘ज’ को दोगुना लंबा खींचें।
- बन रहा है: ‘ब’ और ‘न’ के संयुक्त स्ट्रोक को दोगुना करें।
- देख रहा है: ‘द’ और ‘ख’ को दोगुना लंबा करके ‘है’ जोड़ें।
- बोल रहा हूँ: ‘ब’ और ‘ल’ को दोगुना करके ‘हूँ’ का टिक लगाएं।
उन्नत वाक्यांश और ‘जा रहा है’ का मिश्रण (Advanced Phrases)
अक्सर डिक्टेशन में दो क्रियाएं एक साथ आती हैं, विशेषकर ‘पैसिव वॉइस’ (Passive Voice) में। यहाँ मुख्य क्रिया के साथ ‘जा रहा है’ को जोड़कर लिखा जाता है।
- देखा जा रहा है कि: ‘देखा’ का स्ट्रोक बनाकर ‘जा’ को दोगुना लंबा करें और अंत में ‘है कि’ का टिक लगाएं।
- किया जा रहा है कि: ‘किया’ के शब्द-चिह्न के साथ ‘जा’ को दोगुना करके ‘है कि’ जोड़ें।
- बनाया जा रहा है कि: ‘बनाया’ (पूरा लिखकर) ‘जा’ को लंबा करें।
- होता जा रहा है कि: ‘होता’ लिखकर ‘जा’ की लंबाई दोगुनी कर दें।
- बताया जा रहा है कि: ‘बताया’ लिखकर ‘जा’ को हाइपर-एक्सटेंड (लंबा) करें।
- दिया जा रहा है: ‘दिया’ के शब्द-चिह्न के साथ ‘जा रहा है’ जोड़ें।
भूतकाल के वाक्यांश: ‘रहा था/रही थी’ (Past Tense Logic)
भूतकाल के वाक्यांशों में ‘है’ के स्थान पर ‘था’ का प्रयोग होता है। यहाँ हाथ के प्रवाह (Hand Flow) का विशेष महत्व है।
- कर रहा था कि: आउटलाइन को दोगुना लंबा करें और ‘था’ को इस तरह जोड़ें कि आपकी पेंसिल की गति न रुके। स्रोत के अनुसार, ‘था’ को ऊपर या नीचे की ओर मोड़ा जा सकता है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि पिछला व्यंजन किस दिशा में समाप्त हुआ है।
- जा रहा था की: ‘जा’ को दोगुना करके ‘था’ और ‘की’ का टिक जोड़ें।
- देख रहा था की: ‘देख’ को दोगुना लंबा करें और अंत में ‘था’ जोड़ें।
विशेष खंड: ‘हो’, ‘कहा’ और ‘सकता’ के संयोजन
कुछ वाक्यांश हिंदी डिक्टेशन की रीढ़ होते हैं। इनका अभ्यास आपको अन्य छात्रों से बहुत आगे ले जाएगा।
1. ‘हो’ के साथ वाक्यांश (Ho Phrases)
‘हो’ का अपना एक विशिष्ट शब्द-चिह्न है।
- हो सकता है: ‘हो’ के साथ ‘सकता’ का ‘स’ आंकड़ा और ‘है’ जोड़ें। यहाँ भी ‘सकता’ के ‘त’ का लोप होता है।
- हो सकता था: इसमें अंत में ‘था’ का प्रयोग करें।
2. ‘कहा’ के साथ वाक्यांश (The ‘Mota Aakda’ Rule)
‘कहा’ शब्द को स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए स्रोत में एक विशेष तकनीक बताई गई है, “मोटा आंकड़ा” (Large/Thick Hook)। ‘क’ और ‘ह’ को जोड़ते समय घंडी को थोड़ा बड़ा और मोटा बनाएं ताकि यह सामान्य ‘ह’ से अलग दिखे।
- कहा है कि: ‘कहा’ का मोटा आंकड़ा + ‘है कि’ का टिक।
- कहा जा सकता है कि: कहा + जा + सकता है कि।
- कहा जाता है कि: कहा + जाता है (त का लोप) + की।
- कहा जा रहा है कि: इसमें ‘कहा’ के बाद ‘जा’ को दोगुना लंबा कर दिया जाता है।
3. ‘सकता’ और ‘सका’ का अंतर
- देखा जा सकता है कि: यहाँ ‘सकता’ में ‘स’ का आंकड़ा और ‘है’ का प्रयोग होता है।
- देखा जा सका: ‘सका’ के लिए ‘स’ के आंकड़े के साथ ‘क’ का पूरा प्रयोग किया जाता है, इसमें ‘है’ नहीं आता। यह भूतकाल की क्षमता को दर्शाता है।
विस्तृत अभ्यास मास्टर तालिका (Comprehensive Practice Table)
| वाक्यांश (Phrase) | नियम/तर्क (Logic) | प्रयोग का प्रकार |
| करता है की | ‘त’ लोप + ‘है’ टिक + ‘की’ टिक | वर्तमान काल |
| कर रहा है की | दुगुनीकरण (Doubling) + ‘है’ | निरंतरता |
| कर रहा था की | दुगुनीकरण + ‘था’ (फ्लो के अनुसार) | भूतकाल निरंतरता |
| कहा जा सकता है कि | मोटा आंकड़ा + जा + सकता | संभावना/कथन |
| किया जा रहा था | किया + जा (दोगुना) + था | भूतकाल पैसिव |
| देखा जा सका | देखा + जा + सका (पूर्ण रेखा) | भूतकाल क्षमता |
| होता जा रहा है | होता + जा (दोगुना) + है | अवस्था परिवर्तन |
| रहता है की | र + ह आंकड़ा + है | आदत/नियमितता |
| आ रहा है | आ (खड़ी मात्रा) + रहा है (दोगुना) | आगमन क्रिया |
| जान रहे हैं की | ज आंकड़ा + न (दोगुना) + बिंदी | बहुवचन निरंतरता |
अनुभवी आशुलिपिक के सुझाव और ई-ई-ए-टी (EEAT)
एक प्रोफेशनल स्टेनोग्राफर के रूप में, मैं आपको वे गुप्त सुझाव देना चाहता हूँ जो केवल वर्षों के अभ्यास से आते हैं:
- हाथ का प्रवाह (Natural Flow): किसी भी वाक्यांश को रटने के बजाय यह देखें कि क्या आपका हाथ उसे बनाते समय अटक रहा है? यदि ‘था’ का टिक नीचे लगाने में हाथ रुकता है, तो उसे ऊपर की दिशा में मोड़ दें। शॉर्टहैंड में “सुविधा ही गति है”।
- दोगुनी लंबाई की पहचान: अभ्यास करते समय अपनी कॉपी पर एक सामान्य रेखा और एक दोगुनी रेखा खींचकर तुलना करें। यदि अंतर स्पष्ट नहीं है, तो आप ट्रांसक्रिप्शन के समय गलती करेंगे।
- टाइपिंग और अनुवाद: केवल शॉर्टहैंड लिखना पर्याप्त नहीं है। अपनी लिखी हुई आउटलाइन को कंप्यूटर पर टाइप भी करें। अपनी टाइपिंग की गति और शुद्धता को सुधारने के लिए आप टाइपिंग मास्टर का नियमित उपयोग कर सकते हैं। यह आपको परीक्षा के माहौल के लिए तैयार करेगा।
- व्याकरण का ज्ञान: शॉर्टहैंड और हिंदी भाषा का गहरा संबंध है। यदि आपको पता है कि वाक्य में ‘रहे हैं’ आएगा, तो आप आउटलाइन में बिंदी न होने पर भी उसे सही पढ़ लेंगे।
सामान्य त्रुटियाँ और समाधान (Troubleshooting)
- त्रुटि: ‘जाता है’ और ‘जा रहा है’ में भ्रम होना।
- समाधान: ‘जा रहा है’ की लंबाई को अनिवार्य रूप से ‘जाता है’ से कम से कम ढाई गुना रखें।
- त्रुटि: ‘कहा’ और ‘हो’ में उलझना।
- समाधान: ‘कहा’ के लिए हमेशा उस “मोटे आंकड़े” (Large Hook) का प्रयोग करें जिसका उल्लेख हमने ऊपर किया है।
- त्रुटि: बिंदी (Dot) भूल जाना।
- समाधान: शुरू में सचेत होकर स्त्रीलिंग और बहुवचन के लिए बिंदी लगाएं, बाद में यह आपकी आदत बन जाएगी।
निष्कर्ष
Day 40 का यह अभ्यास आपके स्टेनोग्राफी करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ है। वाक्यांशों के इन नियमों, ‘त’ का लोप, दुगुनीकरण, और ‘जा रहा है’ का संयोजन, को आत्मसात करने के बाद आप स्वयं को एक सामान्य छात्र से एक कुशल आशुलिपिक की श्रेणी में पाएंगे।
अगले 45 दिनों का हमारा लक्ष्य केवल और केवल इन वाक्यांशों की गति को बढ़ाना और कठिन डिक्टेशन का सामना करना है। निरंतर अभ्यास ही वह एकमात्र मार्ग है जो आपको सरकारी परीक्षाओं में सफलता दिलाएगा। यदि आपको कोई संदेह हो, तो टेलीग्राम समूह में पूछें और जुड़े रहें। अभ्यास जारी रखें, क्योंकि आपकी पेंसिल की हर एक लकीर आपकी सफलता की कहानी लिख रही है।


